डूंगरपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: साइबर थाने के एएसआई व पूर्व पार्षद दलाल 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सीमलवाड़ा(डूंगरपुर) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को डूंगरपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाना में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक दलाल (पूर्व पार्षद) को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर इकाई द्वारा की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को एक परिवादी द्वारा शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि साइबर पुलिस थाना डूंगरपुर में कार्यरत एएसआई मदनलाल ने परिवादी को डराया-धमकाया और कहा कि उसके परिवार—विशेषकर बेटी और जमाई—को एक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोपी एएसआई ने कथित रूप से केस में राहत दिलाने और नाम हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की। दलाल के माध्यम से तय हुई डील शिकायत के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि एएसआई मदनलाल ने दलाल के रूप में पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को आगे किया। दलाल के माध्यम से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग तय की गई। इसके बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई की। ट्रैप में दोनों आरोपी गिरफ्तार उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी डूंगरपुर के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही दलाल डायालाल पाटीदार ने एएसआई के लिए रिश्वत की राशि ली, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। कड़ी कार्रवाई का संकेत एसीबी की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के मामलों में दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
डूंगरपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: साइबर थाने के एएसआई व पूर्व पार्षद दलाल 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सीमलवाड़ा(डूंगरपुर) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को डूंगरपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाना में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक दलाल (पूर्व पार्षद) को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर इकाई द्वारा की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को एक परिवादी द्वारा शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि साइबर पुलिस थाना डूंगरपुर में कार्यरत एएसआई मदनलाल ने परिवादी को डराया-धमकाया और कहा कि उसके परिवार—विशेषकर बेटी और जमाई—को एक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोपी एएसआई ने कथित रूप से केस में राहत दिलाने और नाम हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की। दलाल के माध्यम से तय हुई डील शिकायत के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि एएसआई मदनलाल ने दलाल के रूप में पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को आगे किया। दलाल
के माध्यम से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग तय की गई। इसके बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई की। ट्रैप में दोनों आरोपी गिरफ्तार उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी डूंगरपुर के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही दलाल डायालाल पाटीदार ने एएसआई के लिए रिश्वत की राशि ली, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। कड़ी कार्रवाई का संकेत एसीबी की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के मामलों में दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र स्थित संगरेश्वर पुल के पास मंगलवार को नदी में बड़ा हादसा हो गया, जब करीब 10 लोगों को लेकर जा रही एक देसी नाव अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाव में सवार 10 में से 8 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 2 व्यक्तियों के नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रेगर पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों, सिविल डिफेंस टीम और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अरथूना थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रहकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। देर शाम तक दोनों लापता व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं लग पाया था। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। प्रशासन द्वारा भी रेस्क्यू अभियान को तेज करते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि नाव देसी (स्थानीय स्तर पर बनाई गई) थी और उसमें सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। नाव में सवार सभी लोग घूमने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में आए थे। आशंका जताई जा रही है कि क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण यह हादसा हुआ। हालिया हादसे ने बढ़ाई चिंता गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का एक दर्दनाक नाव हादसा सामने आया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर बिना सुरक्षा इंतजामों के नाव संचालन जारी है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-तालाब जैसे जलाशयों में बिना सुरक्षा साधनों के नाव यात्रा करने से बचें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।4
- निठाऊवा थाना अंतर्गत सनसनीखेज वारदात भाई ने अपने ही भाई पर किया चाकू से हमला उतारा मौत के घाट डूंगरपुर जिले के निठाउवा थाना अंतर्गत एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसमें दो भाइयों की आपसी रंजिश खूनी वारदात में बदल गई पिता भगना मीणा डूंगलाई थाना निठाउआ ने जानकारी देकर बताया कि उसके बेटे कन्हैयालाल उम्र 40 वर्ष को उसके छोटे भाई सोहन मीना में चाकू से हमला कर दिया दोनों के बीच आपसी विवाद था जिसको लेकर यह हमला हुआ बीच बचाव करने आई कन्हैया लाल की पत्नी को भी चाकू से हमला किया गया जिसे वह भी घायल हुई है निठाउआ थाना अधिकारी के अनुसार दोनों भाइयों के बीच आपसी विवाद था और इस विवाद के चलते चाकू से हमला किया गया जिससे कन्हैया लाल की मौत हुई है अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया मोर्चरी में शव को मोर्चरी में खवाया गया है और अग्रिम अनुसंधान जारी है1
- #डूगरपूर से बड़ी खबर1
- परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर मांगी थी घूस, एसीबी के जाल में फंसे एएसआई मदनलाल और पूर्व पार्षद डायालाल संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मदनलाल और उनके लिए दलाली कर रहे पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एएसआई मदनलाल उसे और उसके परिवार को धोखाधड़ी के मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दे रहा था। आरोपी एएसआई का कहना था कि परिवादी, उसकी बेटी और दामाद ने लोगों के साथ धोखाधड़ी कर बैंक खातों में राशि जमा करवाई है। मुकदमे से नाम निकालने और मदद करने की एवज में एएसआई द्वारा भारी रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। सत्यापन के दौरान सामने आया कि एएसआई मदनलाल, दलाल डायालाल पाटीदार के माध्यम से एक लाख रुपये लेने पर सहमत हुआ है। इसके बाद एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी और दलाल पाटीदार को एएसआई के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। ब्यूरो ने इस मामले में एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ डूंगरपुर राजस्थान में तेज आंधी तूफान के साथ बारिश का कहर। डूंगरपुर से संवाददाता गीतेश पंड्या की रिपोर्ट डूंगरपुर में दिनभर गर्मी का मौसम बना रहा अचानक शाम 6 बजे काले बादलों के साथ करीब 7 बजे तेज आंधी तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई जिससे आमजन लोगो में भागदौड़ मच गई कल 6 तारीख की गनीमत बहुत सी शादियां है उसकी तैयारी में लगे टेंट हवा के साथ उखड़ गए अभी तक आंधी तूफान का कहर निरंतर चल रहा है जिससे जीवन लोगो अस्त व्यस्त हो गया है4
- उदयपुर कि छोरी1
- नयागांव/भारतीय जनता पार्टी के मंडल नयागांव द्वारा उप सरपंच पदम पटेल घाटी की और से भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल में भाजपा की जबरदस्त जीत और शानदार प्रदर्शन के बाद, आज शाम को 4 मई 2026 को नयागांव मण्डल के भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और युवा साथियों ने मंडल अध्यक्ष दुर्गा भगोरा के मौजूदगी मे कार्यकर्ताओं ने आसमान में रंग बिरंगे फटाखो की भव्य आतिशबाजी और एक दुसरे को मिठाई खिलाकर जोरदार जश्न मनाया, यह जश्न का कार्यक्रम अपना ढाबा परिसर में आयोजित किया गया, इस अवसर पर पटाखे और आतिशबाजी की गई कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर पटाखे फोड़कर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।मिठाई बांटकर खुशी: एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर जीत का जश्न मनाया गया, जिसमें 'मोदी जी के जयकारे तय भाजपा विजय भाजपा और विजय बंगाल के नारे लगाए गए,मिठाईयां बांटी गईं।जश्न में नयागांव मण्डल के स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं में पूर्व महामंत्री साकार चंद लबाना, शांतिलाल लबाना, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ललित रावल, नाथूलाल पटेल, राकेश पटेल, भरत तिरगर, राम प्रकाश शर्मा, निरंजन पटेल, कान सिंग, शक्ति सिंग, गौतम लाल पटेल, राम प्रसाद, जगदीश दरोगा, मनोहर सिंह, हीरालाल, महावीर, भगवती पटेल, समेत सैकड़ो कार्यक्रता उपस्थित हुवे और सक्रिय भागीदारी रही।2
- सीमलवाड़ा(डूंगरपुर) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को डूंगरपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाना में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक दलाल (पूर्व पार्षद) को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर इकाई द्वारा की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को एक परिवादी द्वारा शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि साइबर पुलिस थाना डूंगरपुर में कार्यरत एएसआई मदनलाल ने परिवादी को डराया-धमकाया और कहा कि उसके परिवार—विशेषकर बेटी और जमाई—को एक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोपी एएसआई ने कथित रूप से केस में राहत दिलाने और नाम हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की। दलाल के माध्यम से तय हुई डील शिकायत के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि एएसआई मदनलाल ने दलाल के रूप में पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को आगे किया। दलाल के माध्यम से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग तय की गई। इसके बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई की। ट्रैप में दोनों आरोपी गिरफ्तार उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी डूंगरपुर के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही दलाल डायालाल पाटीदार ने एएसआई के लिए रिश्वत की राशि ली, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। कड़ी कार्रवाई का संकेत एसीबी की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के मामलों में दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।2