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जंगली हाथी का आतंक: महुआ चुनने गए बुजुर्ग किसान पर हमला, हालत गंभीर चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सदान बुकमा गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 6:30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई। महुआ चुनने जंगल गए 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिपाल लोहरा पर जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
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जंगली हाथी का आतंक: महुआ चुनने गए बुजुर्ग किसान पर हमला, हालत गंभीर चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सदान बुकमा गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 6:30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई। महुआ चुनने जंगल गए 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिपाल लोहरा पर जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
- Birbal singhलापुंग, रांची, झारखंड💣45 min ago
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- चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सदान बुकमा गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 6:30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई। महुआ चुनने जंगल गए 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिपाल लोहरा पर जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- Post by राहुल कुमार3
- उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चैती छठ, डुमरी में गूंजा आस्था और भक्ति का स्वर लोक आस्था का पावन पर्व चैती छठ चार दिनों तक चले विधि-विधान और कठिन व्रत के बाद बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया। जानकारी देते हुए बुधवार की सुबह लगभग दस बजे बताया गया कि डुमरी के बासा नदी घाट पर व्रतियों ने भगवान सूर्य की आराधना कर अपने व्रत का विधिवत समापन किया। छठ महापर्व के चौथे दिन तड़के सुबह से ही व्रती घाटों पर जुटने लगे। व्रतियों ने नदी के जल में खड़े होकर उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की उन्नति तथा निरोग जीवन की कामना की। इस दौरान घाटों पर छठ गीत, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। चैती छठ, कार्तिक महीने में मनाए जाने वाले छठ पर्व की तरह ही महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह चैत्र मास में मनाया जाता है। इसे विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति और परिवार के सुख-शांति के लिए किया जाता है। इस व्रत में शुद्धता और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है, जहां व्रती चार दिनों तक निर्जला उपवास रखकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करते हैं। इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है, इसके बाद ‘खरना’ के दिन व्रती प्रसाद ग्रहण कर निर्जला व्रत शुरू करते हैं। तीसरे दिन डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। छठ पूजा में भगवान सूर्य के साथ उनकी शक्तियों उषा (प्रातःकालीन पहली किरण) और प्रत्यूषा (सायंकालीन अंतिम किरण) की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन के स्रोत हैं, इसलिए उनकी उपासना से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। चैती छठ महापर्व प्रकृति के प्रति श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। नदी, तालाब और जल स्रोतों के किनारे स्वच्छता के साथ पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है। चार दिनों तक चले इस कठिन और पवित्र व्रत के समापन पर व्रतियों ने छठी मैया से अगले वर्ष पुनः इस पर्व को मनाने की कामना की। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- सिसई पुलिस ने लोडेड पिस्टल के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने प्रेस वार्ता कर बताया कि एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि सिसई दुर्गा मंदिर के पास कुछ लोग अवैध हथियार के साथ किसी घटना को अंजाम देने की नीयत से घूम रहे हैं। तत्काल एक टीम का गठन किया गया और दो लोगों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी के क्रम में एक व्यक्ति के पास से लोडेड पिस्तौल और जिंदा गोली बरामद हुआ। गिरफ्तार अभियुक्तों में सिसई निवासी प्रदीप शर्मा और मो शमीउल्लाह अंसारी शामिल है। पुलिस ने मोबाइल सहित अन्य सामान भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार मो शमीउल्लाह का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है। बाइट, सुरेश प्रसाद यादव, एसडीपीओ, गुमला।3
- इस रैली में कई समुदाय के लोग शामिल हुए थे और साथ ही साथ अपना प्रदर्शन दिखाया इस रैली में शामिल होकर सभी लोगों में एक नई ऊर्जा प्राप्त किया1
- हमारे यहां हर तरह के टैटू बने एवं मिटाए जाते हैं एवं फेस के दाग धब्बे उच्च तकनीक लेजर मशीन द्वारा हटाए जाते हैं1
- रामप्रवेश गुप्ता लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। *छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब* इस पावन अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया। *भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण* चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से छटा देखते ही बन रही थी। *प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी* छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 4
- *अंतिम मंगलवारी पर उमड़ा जनसैलाब भव्य शोभायात्रा में दिखा अस्त्र-शस्त्र का कौशल और भक्ति का संगम* चैनपुर : चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर रामभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा में आस्था, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। लगभग 85 गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।दिन की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दुर्गा मंदिर से शुरू होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई। डीजे और ताशे की धुन पर रामभक्त पूरी तरह भक्ति में सराबोर नजर आए।शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने हैरतअंगेज अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के कौशल ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनकी सभी ने सराहना की।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। थाना परिसर के पास थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों और भक्तों को काफी राहत मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। समाज को एकजुट और संगठित रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता है।मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज इतना भव्य रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान तैनात थे।4