मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर प्रदेश के वास्तविक जनसरोकारों और जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और विभिन्न मामलों में घोटालों के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान यूसीसी, हिंदू-मुस्लिम विवाद और तथाकथित लव जिहाद जैसे विषयों पर केंद्रित है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और महंगाई जैसे मूल मुद्दे पीछे छूट गए हैं। सिंघार ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता के हितों के प्रति गंभीर है तो उसे किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन में खुलकर चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि वह जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगता रहेगा और आम जनता के अधिकारों व आवाज को सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाने का काम जारी रखेगा।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर प्रदेश के वास्तविक जनसरोकारों और जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और विभिन्न मामलों में घोटालों के आरोप सामने
आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान यूसीसी, हिंदू-मुस्लिम विवाद और तथाकथित लव जिहाद जैसे विषयों पर केंद्रित है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और महंगाई जैसे मूल मुद्दे पीछे छूट गए हैं। सिंघार ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता के हितों के प्रति गंभीर है तो उसे किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन में खुलकर चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि वह जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगता रहेगा और आम जनता के अधिकारों व आवाज को सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाने का काम जारी रखेगा।
- मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर प्रदेश के वास्तविक जनसरोकारों और जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और विभिन्न मामलों में घोटालों के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान यूसीसी, हिंदू-मुस्लिम विवाद और तथाकथित लव जिहाद जैसे विषयों पर केंद्रित है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और महंगाई जैसे मूल मुद्दे पीछे छूट गए हैं। सिंघार ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता के हितों के प्रति गंभीर है तो उसे किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन में खुलकर चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि वह जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगता रहेगा और आम जनता के अधिकारों व आवाज को सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाने का काम जारी रखेगा।2
- इटारसी के वार्ड नंबर 29 स्थित तालाब मोहल्ला, विपिन नगर और गुरुनानक कॉम्प्लेक्स के सामने सड़कों की हालत बदहाल हो चुकी है। सड़कों पर हुए जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आम जनता और राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाके में जलभराव के कारण स्थिति ऐसी बनी हुई है कि सड़क और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो गया है। इस बदहाली से परेशान होकर लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है और सवाल उठाया है कि आखिरकार उन्हें इस समस्या से कब मुक्ति मिलेगी।1
- मध्य प्रदेश के सोहागपुर स्थित गौतम वार्ड में मोहित किराना स्टोर के श्री रोहित साहू जी और श्री मोहित साहू जी ने अपने पूज्य पिताजी स्व. श्री चरणलाल जी साहू तथा बड़े पिताजी स्व. श्री जयराम जी साहू की 24वीं पुण्यतिथि पर मिसाल पेश की है। उन्होंने फोटो पर केवल माला पहनाने के बजाय भूखों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराकर अपने पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। राम रहीम रोटी बैंक में आयोजित इस कार्य के दौरान फुटपाथ पर रात गुजारने वाले और दो वक्त की रोटी का ठिकाना न रखने वाले लोगों की थाली भरकर उन्हें स्वादिष्ट भोजन कराया गया। साहू परिवार हर साल नाम कमाने के बजाय पुण्य कमाने के उद्देश्य से सेवा करने आता है। इस मौके पर राम रहीम रोटी बैंक समिति ने पूरे साहू परिवार को नमन करते हुए उनके दान की सराहना की और ईश्वर से स्व. चरणलाल जी तथा स्व. जयराम जी को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की विनम्र श्रद्धांजलि और प्रार्थना व्यक्त की।1
- नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में एसडीएम डॉ. बबीता राठौर ने शासकीय सांदीपनी स्कूल और पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं के उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया और वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए परिसर की नियमित साफ-सफाई व स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डॉ. राठौर ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनकी पढ़ाई तथा शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुशासित व स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए।1
- NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले ने देश भर के लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों को गहरी चोट पहुंचाई है, और इस घटना के बाद मानसिक तनाव के कारण 20 से अधिक छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की रिपोर्ट आई हैं। NTA जैसी संस्था की बार-बार की गड़बड़ियों और जिम्मेदारी तय न होने से पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संसद और बाहर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद सरकार इस पूरे मामले पर जवाब देने से बचती रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले एक महीने से छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार का कोई प्रतिनिधि छात्रों से बातचीत करने नहीं पहुंचा, बल्कि प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई। लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन और पिटाई के कारण कई छात्र गंभीर रूप से घायल होकर ICU में हैं, वहीं महिलाओं और नाबालिग छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।1
- मध्य प्रदेश में भाजपा भोपाल द्वारा कांग्रेस कमेटी भोपाल कार्यालय पर भारी जंगी प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों और हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान, महापौर मालती राय, किशन सूर्यवंशी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रियंका मिश्रा और कई महिला कार्यकर्ताओं समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- रायसेन जिले में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। क्षेत्र में हो रही इस बारिश से जुड़ी पल-पल की जानकारी और कवरेज सिर्फ दूरदर्शन मध्य प्रदेश (DD NEWS MP) पर देखी जा सकती है।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले सहित प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर मूंग की सत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने आंदोलन को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। आगामी 27 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के घेराव के निर्णय को सफल बनाने के लिए किसान संगठनों के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संपर्क साध रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भोपाल कूच करने का आह्वान कर रहे हैं। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री निवास घेराव की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से किसानों को आंदोलन की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर मूंग की पूरी खरीदी किसानों का अधिकार है और मांग स्वीकार होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता संतोष पटवारे ने कहा कि राज्य के मूंग उत्पादक किसान लंबे समय से अपनी उपज की सत-प्रतिशत खरीदी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस कदम न उठाए जाने के कारण घेराव का फैसला लिया गया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। मोर्चा ने सभी किसानों से 27 जुलाई को बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की है।4