एफएलएन प्राथमिक शिक्षा की रीढ़, शिक्षकों का प्रशिक्षण जरूरी - बीएसए बीआरसी गौरीबाजार में एफएलएन प्रशिक्षण के तीसरे बैच का बीएसए ने किया औचक निरीक्षण, 100 शिक्षक ले रहे प्रशिक्षण देवरिया। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) गौरीबाजार में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण के तीसरे बैच का मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तकनीकों और नई शिक्षा नीति की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस की शुरुआत नियमानुसार पंजीकरण एवं परिचय सत्र से हुई। तीसरे बैच में कुल 100 प्राथमिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि एफएलएन पूरी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ मजबूत किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से एफएलएन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि करना है, ताकि कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल का विकास सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से किया जा सके। प्रशिक्षण सत्रों में संदर्भदाताओं (एआरपी/प्रशिक्षकों) ने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों के आधार पर भाषा एवं गणित शिक्षण की नवीन विधियों की जानकारी दी। शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में टीएलएम, डिजिटल टूल्स और गतिविधि आधारित शिक्षण के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ मापन, आकार-आकृति एवं व्यावहारिक मूल्यांकन की तकनीकों से भी परिचित कराया गया। बीएसए ने कहा कि आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीकों से शिक्षकों का अद्यतन प्रशिक्षण बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकों को विद्यालयों की कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी गौरीबाजार विनयशील मिश्र, वरिष्ठ प्रशिक्षक नवीन कुमार गुप्ता, मारुति नंदन मिश्र, ज्ञानेश यादव, हीरालाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह और महेंद्र मिश्र सहित बीआरसी के अन्य कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
एफएलएन प्राथमिक शिक्षा की रीढ़, शिक्षकों का प्रशिक्षण जरूरी - बीएसए बीआरसी गौरीबाजार में एफएलएन प्रशिक्षण के तीसरे बैच का बीएसए ने किया औचक निरीक्षण, 100 शिक्षक ले रहे प्रशिक्षण देवरिया। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) गौरीबाजार में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण के तीसरे बैच का मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तकनीकों और नई शिक्षा नीति की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस की शुरुआत नियमानुसार पंजीकरण एवं परिचय सत्र से हुई। तीसरे बैच में कुल 100 प्राथमिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि एफएलएन पूरी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ मजबूत किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से एफएलएन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि करना है, ताकि कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल का विकास सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से किया जा सके। प्रशिक्षण सत्रों में संदर्भदाताओं (एआरपी/प्रशिक्षकों) ने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों के आधार पर भाषा एवं गणित शिक्षण की नवीन विधियों की जानकारी दी। शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में टीएलएम, डिजिटल टूल्स और गतिविधि आधारित शिक्षण के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ मापन, आकार-आकृति एवं व्यावहारिक मूल्यांकन की तकनीकों से भी परिचित कराया गया। बीएसए ने कहा कि आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीकों से शिक्षकों का अद्यतन प्रशिक्षण बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकों को विद्यालयों की कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी गौरीबाजार विनयशील मिश्र, वरिष्ठ प्रशिक्षक नवीन कुमार गुप्ता, मारुति नंदन मिश्र, ज्ञानेश यादव, हीरालाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह और महेंद्र मिश्र सहित बीआरसी के अन्य कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
- भदिला प्रथम में जलजमाव का एडीएम ने लिया जायजा, उग्रसेन पुल का मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश वाटर गेज पर 66.95 मीटर दर्ज हुआ जलस्तर, खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे; आमजन की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश बरहज, देवरिया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम शंकर ने बुधवार को बरहज तहसील क्षेत्र के भदिला प्रथम और कपरवार स्थित उग्रसेन पुल का निरीक्षण कर बाढ़ एवं राहत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भदिला प्रथम में जलजमाव की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रबंध तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने बताया कि भदिला प्रथम गांव के निकट राप्ती नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसके बाद अपर जिलाधिकारी बाइक से कपरवार स्थित उग्रसेन पुल पहुंचे और वहां चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मरम्मत कार्य में गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की समस्या न हो। अपर जिलाधिकारी ने बरहज के निकट स्थित वाटर गेज का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जलस्तर 66.95 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे है। उन्होंने जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बाढ़ एवं राहत कार्य से संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- नपा परिषद द्वारा अतिक्रमण हटवाने के ऐलान से व्यापारियों में हड़कंप अतिक्रमण हटवाने के ऐलान से व्यापारियों में हड़कंप देवरिया। राजकीय विद्यालय कोतवाली रोड पर खुलने वाले मोहन रोड के व्यापारियों के अतिक्रमण से आजिज आकर अंततः नगर पालिका परिषद देवरिया की नींद टूटी ही गई l मोहन रोड के समस्त व्यापारियों को आज अनाउंसमेंट के माध्यम से नगर पालिका के कर अधीक्षक बृजेश वर्मा द्वारा अवगत कराया गया है कि दिनांक 19 अगस्त दोपहर 12:00 बजे के बाद इस सड़क का अतिक्रमण नगर पालिका परिषद देवरिया द्वारा हटाया जाएगा l अनाउंसमेंट के माध्यम से वहां के स्थानीय व्यापारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि अतिक्रमण अभियान के दौरान, जिस किसी भी व्यापारी का सामान सड़क, फुटपाथ,नाली आदि पर पाया जाएगा उसे नगर पालिका द्वारा जब्त कर लिया जाएगा lजब्त सामान को भारी जुर्माना लेकर ही छोड़ा जाएगा l सड़क फुटपाथ एवं नाली के अलावा जिन व्यापारियों द्वारा छज्जा या पक्का चबूतरा बनवा लिया गया है उन्हें भी अपना-अपना अतिक्रमण खुद से हटाए लेने हेतु कहा गया है l मोहन रोड पर स्थित रानी लक्ष्मीबाई प्राथमिक स्कूल वाले चौराहे पर पनीर वाली दुकान एवं स्कूल की बाउंड्री से सटाकर लगाई गई 5,6 लोहे की स्थाई गुमटियों को विशेष रूप से चेतावनी दी गई है l क्योंकि इन्हीं गुमटियों की आड़ में लोग स्कूल की दीवार पर पेशाब भी करते हैं l जिसकी शिकायत नगर पालिका परिषद देवरिया से कई बार की जा चुकी है lआज की कार्यवाही का नेतृत्व नगर पालिका परिषद देवरिया के कर अधीक्षक बृजेश वर्मा द्वारा किया गया l उनके साथ नगरपालिका के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे l1
- कुशीनगर पहुंची संत रविदास जी की 650वीं जयंती की पावन कलश वंदन यात्रा, जयकारों से गूंजा पडरौना नगर1
- ताला लगाकर दूसरे घर गए, लौटे तो खुला मिला दरवाजा; जेवरात व 12 हजार रुपये चोरी सुकरौली, कुशीनगर। विकासखंड सुकरौली क्षेत्र के ग्राम सभा संखापार माफी के परसिया टोला में चोरों ने बंद घर को निशाना बना लिया। मंजित गौड़ पुत्र काशीनाथ घर में ताला लगाकर चाबी ऊपर टांगने के बाद दूसरे घर चले गए। करीब शाम पांच बजे वापस लौटे तो मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारी खुली पड़ी थी और सामान के डिब्बे बिखरे हुए थे। चोरी की आशंका पर उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। मंजित गौड़ ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरबी टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली और आगे की कार्रवाई के लिए थाने में तहरीर देने को कहा। पीड़ित के मुताबिक, घर से चांदी की पायल, अंगूठी, ओम, चांदी की दो चेन, दो जोड़ी कान के झुमके, मंगलसूत्र, नथुनी, चांदी का कंगन और करीब 12 हजार रुपये नकद गायब हैं। इसके अलावा कुछ अन्य सामान भी चोरी होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंजित गौड़ घर में ताला बंद कर दूसरे मकान पर चले गए थे। इसी दौरान चोरों ने मौका पाकर घर का दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया और अलमारी खंगालकर जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शाम को घर लौटने पर घटना की जानकारी हुई। घटना के बाद गांव में चोरी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की जांच कर चोरी का जल्द खुलासा करने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस की जांच और पीड़ित की तहरीर के बाद चोरी गए सामान और घटना में शामिल लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- गोरखपुर घरों में जलभराव, लोगो ने,सासंद रवि किशन पर क्या बोला ? गोरखपुर घरों में जलभराव, लोगो ने,सासंद रवि किशन पर क्या बोला ?1
- एफएलएन प्राथमिक शिक्षा की रीढ़, शिक्षकों का प्रशिक्षण जरूरी - बीएसए बीआरसी गौरीबाजार में एफएलएन प्रशिक्षण के तीसरे बैच का बीएसए ने किया औचक निरीक्षण, 100 शिक्षक ले रहे प्रशिक्षण देवरिया। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) गौरीबाजार में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण के तीसरे बैच का मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तकनीकों और नई शिक्षा नीति की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस की शुरुआत नियमानुसार पंजीकरण एवं परिचय सत्र से हुई। तीसरे बैच में कुल 100 प्राथमिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि एफएलएन पूरी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ मजबूत किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से एफएलएन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि करना है, ताकि कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल का विकास सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से किया जा सके। प्रशिक्षण सत्रों में संदर्भदाताओं (एआरपी/प्रशिक्षकों) ने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों के आधार पर भाषा एवं गणित शिक्षण की नवीन विधियों की जानकारी दी। शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में टीएलएम, डिजिटल टूल्स और गतिविधि आधारित शिक्षण के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ मापन, आकार-आकृति एवं व्यावहारिक मूल्यांकन की तकनीकों से भी परिचित कराया गया। बीएसए ने कहा कि आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीकों से शिक्षकों का अद्यतन प्रशिक्षण बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकों को विद्यालयों की कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी गौरीबाजार विनयशील मिश्र, वरिष्ठ प्रशिक्षक नवीन कुमार गुप्ता, मारुति नंदन मिश्र, ज्ञानेश यादव, हीरालाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह और महेंद्र मिश्र सहित बीआरसी के अन्य कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।1
- बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र (कोलवा/गुमान गांव) में बंजर जमीन पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद काफी गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ितों के पक्ष में उत्तरी भीम आर्मी इस घटना से जुड़े प्रमुख बिंदु और स्थिति इस प्रकार है: घटना की वजह: शमशेर अली (70 वर्ष) और दूसरे पक्ष के विक्रमाजीत सिंह के बीच घर के सामने स्थित बंजर जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि दूसरा पक्ष ट्रैक्टर से जमीन जोतकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। हिंसक झड़प व हत्या: विरोध करने पर दबंगों ने शमशेर अली पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए खूनी संघर्ष और लाठी-डंडों के हमले में महिलाओं समेत करीब 9 से 10 लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई व स्थिति: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहा है। जिला ब्यूरो चीफ रामानंद सागर1
- दरवाजे पर थोड़ी सी जमीन पर कब्जा के लिए दो पक्षों में जमकर मारपीट। झंगहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा में दरवाजे पर थोड़ी सी जमीन के लिए दो पक्षों के बीच चले लात घुसे 2 माह की गर्भवती महिला को इतना पीटा गया कि हो गया गर्भपात। पीड़ित महिला रो-रोकर बता रही है अपना दर्द, लेकिन प्रशासन लीपा पोती करने में है व्यस्त। आखिर पीड़ित किसके दरवाजे पर जाकर लगाए गुहार यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है?1