मध्य भारत न्यूज़: विशेष रिपोर्ट स्थान: सतना, मध्य प्रदेश | दिनांक: 07 अप्रैल, 2026 सतना में दिल दहला देने वाली घटना: खलिहान में लगी आग, 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की जिंदा जलकर मौत सतना (बरौंधा): सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत बकोट गांव में आज दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ अपने खेत की सफाई कर रहे एक 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में किसान की साल भर की मेहनत यानी अरहर की तैयार फसल भी जलकर पूरी तरह राख हो गई है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकोट गांव निवासी मुरलिया यादव (80 वर्ष) मंगलवार दोपहर लगभग 3:00 बजे अपने अरहर के खेत में बने खलिहान की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चूँकि हवा की रफ्तार तेज थी, इसलिए आग ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग मुरलिया यादव ने अपनी आँखों के सामने मेहनत की कमाई (फसल) को जलता देख उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर वे आग की लपटों से खुद को बचा नहीं सके और मौके पर ही उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। गांव में शोक की लहर, पुलिस जांच जारी खेत से धुंआ और लपटें उठती देख जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बरौंधा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: "शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण खलिहान की सफाई के दौरान निकली कोई चिंगारी या लापरवाही प्रतीत हो रही है, लेकिन असल कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।" प्रशासन से मुआवजे की मांग इस दुखद घटना के बाद पूरे बकोट गांव और आसपास के क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को फसल के नुकसान और किसान की मृत्यु पर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। रिपोर्टर: [आपका नाम/टीम मध्य भारत न्यूज़] मध्य भारत न्यूज़ - 'खबर वही जो सच दिखाए'
मध्य भारत न्यूज़: विशेष रिपोर्ट स्थान: सतना, मध्य प्रदेश | दिनांक: 07 अप्रैल, 2026 सतना में दिल दहला देने वाली घटना: खलिहान में लगी आग, 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की जिंदा जलकर मौत सतना (बरौंधा): सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत बकोट गांव में आज दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ अपने खेत की सफाई कर रहे एक 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में किसान की साल भर की मेहनत यानी अरहर की तैयार फसल भी जलकर पूरी तरह राख हो गई है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकोट गांव निवासी मुरलिया यादव (80 वर्ष) मंगलवार दोपहर लगभग 3:00 बजे अपने अरहर के खेत में बने खलिहान की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चूँकि हवा की रफ्तार तेज थी, इसलिए आग ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग मुरलिया यादव ने अपनी आँखों के सामने मेहनत की कमाई (फसल) को जलता देख उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर वे आग की लपटों से खुद को बचा नहीं सके और मौके पर ही उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। गांव में शोक की लहर, पुलिस जांच जारी खेत से धुंआ और लपटें उठती देख जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बरौंधा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: "शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण खलिहान की सफाई के दौरान निकली कोई चिंगारी या लापरवाही प्रतीत हो रही है, लेकिन असल कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।" प्रशासन से मुआवजे की मांग इस दुखद घटना के बाद पूरे बकोट गांव और आसपास के क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को फसल के नुकसान और किसान की मृत्यु पर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। रिपोर्टर: [आपका नाम/टीम मध्य भारत न्यूज़] मध्य भारत न्यूज़ - 'खबर वही जो सच दिखाए'
- सतना में दिल दहला देने वाली घटना: खलिहान में लगी आग, 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की जिंदा जलकर मौत सतना (बरौंधा): सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत बकोट गांव में आज दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ अपने खेत की सफाई कर रहे एक 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में किसान की साल भर की मेहनत यानी अरहर की तैयार फसल भी जलकर पूरी तरह राख हो गई है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकोट गांव निवासी मुरलिया यादव (80 वर्ष) मंगलवार दोपहर लगभग 3:00 बजे अपने अरहर के खेत में बने खलिहान की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चूँकि हवा की रफ्तार तेज थी, इसलिए आग ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग मुरलिया यादव ने अपनी आँखों के सामने मेहनत की कमाई (फसल) को जलता देख उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर वे आग की लपटों से खुद को बचा नहीं सके और मौके पर ही उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। गांव में शोक की लहर, पुलिस जांच जारी खेत से धुंआ और लपटें उठती देख जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बरौंधा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: "शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण खलिहान की सफाई के दौरान निकली कोई चिंगारी या लापरवाही प्रतीत हो रही है, लेकिन असल कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।" प्रशासन से मुआवजे की मांग इस दुखद घटना के बाद पूरे बकोट गांव और आसपास के क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को फसल के नुकसान और किसान की मृत्यु पर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। रिपोर्टर: [आपका नाम/टीम मध्य भारत न्यूज़] मध्य भारत न्यूज़ - 'खबर वही जो सच दिखाए'1
- कर्ज में डूबा गरीब मैहर 📍 #sntnewspinch1
- सतना जिला मध्य प्रदेश1
- *उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा व चालू करवाने किसानों ने की मांग।* उपमंडी उंचेहरा वर्ष 2010 में बन कर तैयार हो चुकी है,लेकिन यह अहम मंडी अभी तक चालू नही हो सकी है।जिस वजह से 70 ग्राम पंचायतों के किसानों का लगातार शोषण हो रहा है।भारतीय किसान यूनियन,व्यापारी संघ के द्वारा मंडी चालू करवाने की आवाज उठाई गई थी।तब कही कुछ माह के लिए मंडी चालू भी हुई,लेकिन बाद में बंद हो गई।जिस वजह से उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा नही मिला है और उंचेहरा परसमनिया क्षेत्र का किसान वर्षो से निरंतर व्यापारियों के साथ मंडी कर्मचारियों के हाथों लूटने को मजबूर है। *बनी खरीदी केंद्र* किंसानो की सुविधा का ख्याल रख करोड़ो रु की लागत से मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा उपमंडी का निर्माण कराया गया था।मंडी बन कर तैयार भी हुई और कर्मचारी भी नियुक्त किये गए।लेकिन मंडी सुचारू रूप से आज तक चालू नही हुई है।बल्कि इस परिषर को कभी धान तो कभी गेंहू खरीदी केंद्र बना दिया गया है।जिस वजह से यह मंडी अब खंडहर होने की कगार पर आ पहुची है।करोड़ो रु के राजस्व के बाद भी उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा वर्षो बाद भी नही मिला है।कुछ दलाल नुमा किसान मंडी कर्मचारी व जन प्रतिनिधियो की मिली भगत की वजह से उंचेहरा ब्लॉक के किंसानो का लगातार शोषण हो रहा है। *होगा उग्र आंदोलन।* भारतीय किसान यूनियन संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह,व्यापारी संघ के अध्यक्ष संदीप सरावगी, जिला उपाध्यक्ष रामकलेश सिंह के साथ क्षेत्रीय किसान लगातार मंडी को पूर्ण दर्जा दिलाने की आवाज उठा रहे है।जिसे लेकर पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक को आवेदन सौप चुके है।यदि जल्द किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो जल्द ही किसान व्यापारी व किसान संगठन के लोग संयुक्त रूप से बैठक बुला कर उग्र आंदोलन करेंगे। इनका कहना है। उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा दिलाने के साथ मंडी को यथा शीघ्र चालू कराया जाए।यदि ऐसा नही हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।......पूष्पेंद्र सिंह किसान पथरहटा। मंडी को खरीदी केंद्र बनाने से करोड़ो रु की लागत से बनी मंडी खंडहर होने की कगार पर है सारा दोष मध्य प्रदेश सरकार का है,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की नाकामी का यह परिणाम है।....आदित्य प्रताप सिंह रगला मंडी जल्द चालू नही हुई तो हम किसान भाइयो के साथ मिल कर मजबूरन आंदोलन की राह अख्तियार करेंगे।जिसका जिम्मेदार शासन और प्रशासन होगा।....... ठाकुर प्रसाद सिंह जिला अध्यक्ष भाकियु टिकैत।1
- Post by Neeraj Ravi1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान में एसडीएम को सौपा ज्ञापन पत्र सौप कर जात सूचक सोशल मीडिया में पोस्ट करने वाले को तत्काल गिरफ्तारी की मांग... प्रदर्शनकारियो ने कहां सरकार की गलत नीति और यूजीसी का असर, कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा प्रदर्शन1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय3
- या अनुदान के नाम पर काटा गया चालान? मैहर 📍 #sntnewspinch1