*उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा व चालू करवाने किसानों ने की मांग।* उपमंडी उंचेहरा वर्ष 2010 में बन कर तैयार हो चुकी है,लेकिन यह अहम मंडी अभी तक चालू नही हो सकी है।जिस वजह से 70 ग्राम पंचायतों के किसानों का लगातार शोषण हो रहा है।भारतीय किसान यूनियन,व्यापारी संघ के द्वारा मंडी चालू करवाने की आवाज उठाई गई थी।तब कही कुछ माह के लिए मंडी चालू भी हुई,लेकिन बाद में बंद हो गई।जिस वजह से उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा नही मिला है और उंचेहरा परसमनिया क्षेत्र का किसान वर्षो से निरंतर व्यापारियों के साथ मंडी कर्मचारियों के हाथों लूटने को मजबूर है। *बनी खरीदी केंद्र* किंसानो की सुविधा का ख्याल रख करोड़ो रु की लागत से मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा उपमंडी का निर्माण कराया गया था।मंडी बन कर तैयार भी हुई और कर्मचारी भी नियुक्त किये गए।लेकिन मंडी सुचारू रूप से आज तक चालू नही हुई है।बल्कि इस परिषर को कभी धान तो कभी गेंहू खरीदी केंद्र बना दिया गया है।जिस वजह से यह मंडी अब खंडहर होने की कगार पर आ पहुची है।करोड़ो रु के राजस्व के बाद भी उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा वर्षो बाद भी नही मिला है।कुछ दलाल नुमा किसान मंडी कर्मचारी व जन प्रतिनिधियो की मिली भगत की वजह से उंचेहरा ब्लॉक के किंसानो का लगातार शोषण हो रहा है। *होगा उग्र आंदोलन।* भारतीय किसान यूनियन संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह,व्यापारी संघ के अध्यक्ष संदीप सरावगी, जिला उपाध्यक्ष रामकलेश सिंह के साथ क्षेत्रीय किसान लगातार मंडी को पूर्ण दर्जा दिलाने की आवाज उठा रहे है।जिसे लेकर पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक को आवेदन सौप चुके है।यदि जल्द किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो जल्द ही किसान व्यापारी व किसान संगठन के लोग संयुक्त रूप से बैठक बुला कर उग्र आंदोलन करेंगे। इनका कहना है। उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा दिलाने के साथ मंडी को यथा शीघ्र चालू कराया जाए।यदि ऐसा नही हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।......पूष्पेंद्र सिंह किसान पथरहटा। मंडी को खरीदी केंद्र बनाने से करोड़ो रु की लागत से बनी मंडी खंडहर होने की कगार पर है सारा दोष मध्य प्रदेश सरकार का है,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की नाकामी का यह परिणाम है।....आदित्य प्रताप सिंह रगला मंडी जल्द चालू नही हुई तो हम किसान भाइयो के साथ मिल कर मजबूरन आंदोलन की राह अख्तियार करेंगे।जिसका जिम्मेदार शासन और प्रशासन होगा।....... ठाकुर प्रसाद सिंह जिला अध्यक्ष भाकियु टिकैत।
*उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा व चालू करवाने किसानों ने की मांग।* उपमंडी उंचेहरा वर्ष 2010 में बन कर तैयार हो चुकी है,लेकिन यह अहम मंडी अभी तक चालू नही हो सकी है।जिस वजह से 70 ग्राम पंचायतों के किसानों का लगातार शोषण हो रहा है।भारतीय किसान यूनियन,व्यापारी संघ के द्वारा मंडी चालू करवाने की आवाज उठाई गई थी।तब कही कुछ माह के लिए मंडी चालू भी हुई,लेकिन बाद में बंद हो गई।जिस वजह से उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा नही मिला है और उंचेहरा परसमनिया क्षेत्र का किसान वर्षो से निरंतर व्यापारियों के साथ मंडी कर्मचारियों के हाथों लूटने को मजबूर है। *बनी खरीदी केंद्र* किंसानो की सुविधा का ख्याल रख करोड़ो रु की लागत से मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा उपमंडी का निर्माण कराया गया था।मंडी बन कर तैयार भी हुई और कर्मचारी भी नियुक्त किये गए।लेकिन मंडी सुचारू रूप से आज तक चालू नही हुई है।बल्कि इस परिषर को कभी धान तो कभी गेंहू खरीदी केंद्र बना दिया गया है।जिस वजह से यह मंडी अब खंडहर होने की कगार पर आ पहुची है।करोड़ो रु के राजस्व के बाद भी उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा वर्षो बाद भी नही मिला है।कुछ दलाल नुमा किसान मंडी कर्मचारी व जन प्रतिनिधियो की मिली भगत की वजह से उंचेहरा ब्लॉक के किंसानो का लगातार शोषण हो रहा है। *होगा उग्र आंदोलन।* भारतीय किसान यूनियन संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह,व्यापारी संघ के अध्यक्ष संदीप सरावगी, जिला उपाध्यक्ष रामकलेश सिंह के साथ क्षेत्रीय किसान लगातार मंडी को पूर्ण दर्जा दिलाने की आवाज उठा रहे है।जिसे लेकर पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक को आवेदन सौप चुके है।यदि जल्द किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो जल्द ही किसान व्यापारी व किसान संगठन के लोग संयुक्त रूप से बैठक बुला कर उग्र आंदोलन करेंगे। इनका कहना है। उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा दिलाने के साथ मंडी को यथा शीघ्र चालू कराया जाए।यदि ऐसा नही हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।......पूष्पेंद्र सिंह किसान पथरहटा। मंडी को खरीदी केंद्र बनाने से करोड़ो रु की लागत से बनी मंडी खंडहर होने की कगार पर है सारा दोष मध्य प्रदेश सरकार का है,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की नाकामी का यह परिणाम है।....आदित्य प्रताप सिंह रगला मंडी जल्द चालू नही हुई तो हम किसान भाइयो के साथ मिल कर मजबूरन आंदोलन की राह अख्तियार करेंगे।जिसका जिम्मेदार शासन और प्रशासन होगा।....... ठाकुर प्रसाद सिंह जिला अध्यक्ष भाकियु टिकैत।
- *उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा व चालू करवाने किसानों ने की मांग।* उपमंडी उंचेहरा वर्ष 2010 में बन कर तैयार हो चुकी है,लेकिन यह अहम मंडी अभी तक चालू नही हो सकी है।जिस वजह से 70 ग्राम पंचायतों के किसानों का लगातार शोषण हो रहा है।भारतीय किसान यूनियन,व्यापारी संघ के द्वारा मंडी चालू करवाने की आवाज उठाई गई थी।तब कही कुछ माह के लिए मंडी चालू भी हुई,लेकिन बाद में बंद हो गई।जिस वजह से उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा नही मिला है और उंचेहरा परसमनिया क्षेत्र का किसान वर्षो से निरंतर व्यापारियों के साथ मंडी कर्मचारियों के हाथों लूटने को मजबूर है। *बनी खरीदी केंद्र* किंसानो की सुविधा का ख्याल रख करोड़ो रु की लागत से मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा उपमंडी का निर्माण कराया गया था।मंडी बन कर तैयार भी हुई और कर्मचारी भी नियुक्त किये गए।लेकिन मंडी सुचारू रूप से आज तक चालू नही हुई है।बल्कि इस परिषर को कभी धान तो कभी गेंहू खरीदी केंद्र बना दिया गया है।जिस वजह से यह मंडी अब खंडहर होने की कगार पर आ पहुची है।करोड़ो रु के राजस्व के बाद भी उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा वर्षो बाद भी नही मिला है।कुछ दलाल नुमा किसान मंडी कर्मचारी व जन प्रतिनिधियो की मिली भगत की वजह से उंचेहरा ब्लॉक के किंसानो का लगातार शोषण हो रहा है। *होगा उग्र आंदोलन।* भारतीय किसान यूनियन संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह,व्यापारी संघ के अध्यक्ष संदीप सरावगी, जिला उपाध्यक्ष रामकलेश सिंह के साथ क्षेत्रीय किसान लगातार मंडी को पूर्ण दर्जा दिलाने की आवाज उठा रहे है।जिसे लेकर पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक को आवेदन सौप चुके है।यदि जल्द किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो जल्द ही किसान व्यापारी व किसान संगठन के लोग संयुक्त रूप से बैठक बुला कर उग्र आंदोलन करेंगे। इनका कहना है। उपमंडी उंचेहरा को मंडी का पूर्ण दर्जा दिलाने के साथ मंडी को यथा शीघ्र चालू कराया जाए।यदि ऐसा नही हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।......पूष्पेंद्र सिंह किसान पथरहटा। मंडी को खरीदी केंद्र बनाने से करोड़ो रु की लागत से बनी मंडी खंडहर होने की कगार पर है सारा दोष मध्य प्रदेश सरकार का है,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की नाकामी का यह परिणाम है।....आदित्य प्रताप सिंह रगला मंडी जल्द चालू नही हुई तो हम किसान भाइयो के साथ मिल कर मजबूरन आंदोलन की राह अख्तियार करेंगे।जिसका जिम्मेदार शासन और प्रशासन होगा।....... ठाकुर प्रसाद सिंह जिला अध्यक्ष भाकियु टिकैत।1
- Post by Neeraj Ravi1
- सतना में दिल दहला देने वाली घटना: खलिहान में लगी आग, 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की जिंदा जलकर मौत सतना (बरौंधा): सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत बकोट गांव में आज दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ अपने खेत की सफाई कर रहे एक 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में किसान की साल भर की मेहनत यानी अरहर की तैयार फसल भी जलकर पूरी तरह राख हो गई है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकोट गांव निवासी मुरलिया यादव (80 वर्ष) मंगलवार दोपहर लगभग 3:00 बजे अपने अरहर के खेत में बने खलिहान की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चूँकि हवा की रफ्तार तेज थी, इसलिए आग ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग मुरलिया यादव ने अपनी आँखों के सामने मेहनत की कमाई (फसल) को जलता देख उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर वे आग की लपटों से खुद को बचा नहीं सके और मौके पर ही उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। गांव में शोक की लहर, पुलिस जांच जारी खेत से धुंआ और लपटें उठती देख जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बरौंधा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: "शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण खलिहान की सफाई के दौरान निकली कोई चिंगारी या लापरवाही प्रतीत हो रही है, लेकिन असल कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।" प्रशासन से मुआवजे की मांग इस दुखद घटना के बाद पूरे बकोट गांव और आसपास के क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को फसल के नुकसान और किसान की मृत्यु पर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। रिपोर्टर: [आपका नाम/टीम मध्य भारत न्यूज़] मध्य भारत न्यूज़ - 'खबर वही जो सच दिखाए'1
- कर्ज में डूबा गरीब मैहर 📍 #sntnewspinch1
- सतना जिला मध्य प्रदेश1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान में एसडीएम को सौपा ज्ञापन पत्र सौप कर जात सूचक सोशल मीडिया में पोस्ट करने वाले को तत्काल गिरफ्तारी की मांग... प्रदर्शनकारियो ने कहां सरकार की गलत नीति और यूजीसी का असर, कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा प्रदर्शन1
- लोकेशन देवेंद्रनगर रिपोर्टर अशोक विश्वकर्मा स्लग/करीबन 55 लाख की उप स्वास्थ्य केंद्र बिल्डिंग में भ्रष्टाचार का खेल! देवरी गढ़ी में घटिया निर्माण पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, एक हफ्ते में जांच नहीं तो चक्का जाम एंकर / जनपद पंचायत पन्ना अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में लगभग 55 लाख रुपए की लागत से बन रही उप स्वास्थ्य केंद्र भवन अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री के उपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक जांच के नाम पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में पुलिस हाउसिंग बोर्ड की ओर से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 55 लाख रुपए की इस सरकारी परियोजना को लेकर अब गांव में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और खुला भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, भवन निर्माण का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि भवन को देखकर ही उसकी मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दीवारों की चुनाई डस्ट से की गई है, वहीं पेपर ब्लॉक ईंटों जैसी घटिया क्वालिटी की ईंटें लगाई गई हैं। इतना ही नहीं, भवन के पीछे नाले की रेत और मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में जिस तरह की सामग्री लगाई गई है, उससे यह भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, वीडियो सामने आ रहे हैं, निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है, तब भी जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं? *ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के नाम पर आज तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार विभाग या तो मामले को दबाने में लगा है या फिर ठेकेदारों को खुली छूट दे रखी है।* गांव में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और भवन को दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं बनवाया गया, तो गांववासी चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है या फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुटा रहता है। बाइट ग्राम वासियों की4
- *खेत में लगी भीषण आग की चपेट में आने से बुजुर्ग किसान की दर्दनाक मौत* सतना। जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोट गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां अपने अरहर के खेत में खलिहान की सफाई कर रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की आग में जलकर मौत हो गई। मृतक की पहचान बरदर निवासी मुरलिया यादव पिता रामदेव यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, किसान अपने खलिहान को साफ कर रहे थे, तभी अज्ञात कारणों से खेत में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बुजुर्ग को संभलने का मौका नहीं मिला और वह उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में किसान की अरहर की तैयार फसल भी जलकर खाक हो गई है। मौके पर पहुंची बरौंधा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच कर रही है।1