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हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड भरखनी के एक गांव में लंबे समय से खराब पड़े सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मत का कार्य एक खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, खबर सामने आने पर प्रशासन तुरंत हरकत में आया और संबंधित विभाग ने खराब हैंडपंप को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन के इस कदम से उन ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे थे और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे।
पत्रकार रितिक पाली
हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड भरखनी के एक गांव में लंबे समय से खराब पड़े सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मत का कार्य एक खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, खबर सामने आने पर प्रशासन तुरंत हरकत में आया और संबंधित विभाग ने खराब हैंडपंप को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन के इस कदम से उन ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे थे और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे।
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- सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बेहटी में देर शाम एक घर में जहरीले सांप होने की सूचना रेंजर शाहाबाद को प्राप्त हुई। रेंजर शाहाबाद ने तुरंत इसकी जानकारी फॉरेस्टर शशिकांत बाजपेयी को दी, जिसके बाद शशिकांत बाजपेयी अपनी टीम के साथ देर रात गाँव पहुँचे। वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक उस जहरीले नाग का रेस्क्यू किया और उसे बाद में एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।1
- हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड भरखनी के एक गांव में लंबे समय से खराब पड़े सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मत का कार्य एक खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, खबर सामने आने पर प्रशासन तुरंत हरकत में आया और संबंधित विभाग ने खराब हैंडपंप को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन के इस कदम से उन ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे थे और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे।2
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में कृषि उत्पादन मंडी समिति ने बकाया मंडी शुल्क की वसूली के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। समिति ने एक व्यापारी को लगभग छियालीस लाख सात हजार नौ सौ चालीस रुपये (₹46,07,940) का मंडी शुल्क बकाया होने पर नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में व्यापारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी धनराशि जमा करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। मंडी समिति ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो राजस्व वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद फर्रुखाबाद के व्यापारियों के बीच इस विषय पर चर्चा का माहौल है। हालांकि, मंडी समिति ने साफ किया है कि बकाया शुल्क की वसूली नियमानुसार जारी रहेगी।1
- फर्रुखाबाद जनपद के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थानों के संचालकों ने मंगलवार को फतेहगढ़ स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। संचालकों ने अपनी संस्थाओं को अग्निशमन (फायर) एनओसी और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करने के लिए 90 दिन की मोहलत देने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का वर्गीकरण कर उन्हें राहत प्रदान करने की अपील भी की। कोचिंग संचालक निशांत के नेतृत्व में पहुंचे इन संचालकों ने एडीएम को बताया कि हाल ही में हुए प्रशासनिक निरीक्षणों और कार्यवाही के कारण जनपद के अधिकांश कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान बंद पड़े हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उनकी मुख्य मांगों में सभी संस्थानों को कम से कम 90 दिनों का समय देना शामिल है ताकि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों, विशेष रूप से फायर एनओसी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने यह भी मांग की है कि छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का श्रेणीकरण किया जाए, जिससे छोटे और बड़े संस्थानों के लिए अलग-अलग मानकों के अनुरूप राहत दी जा सके। आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET, JEE, SSC, UPTET, Agniveer और UP Police भर्ती आदि को देखते हुए संस्थानों को तुरंत संचालन की अनुमति देने की भी मांग की गई। संचालकों ने तर्क दिया कि ये संस्थान विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जीवन रेखा हैं और इनके अचानक बंद होने से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह ने संचालकों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों की जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लेकर आवश्यक मोहलत देने पर विचार किया जाएगा। फर्रुखाबाद के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए यह मुद्दा वर्तमान में बेहद महत्वपूर्ण है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे शिक्षा संस्थानों का संचालन नियमित हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।2
- नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से हरदोई पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को ₹21 लाख 69 हज़ार 600 रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया। यह कार्रवाई विभिन्न थानों में जब्त किए गए मादक पदार्थों पर की गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ ज़ोन और पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र के मार्गदर्शन में गठित ज़िला स्तरीय ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी (DDC) ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए कुल 15 अभियोगों से संबंधित 14.802 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए। इन मादक पदार्थों में 45 ग्राम हेरोइन, 12.630 किलोग्राम गांजा और 2.127 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ शामिल थे, जिन्हें संडीला स्थित एवी बायो मेडिकल वेस्ट सर्विसेज़ के इंसिनरेटर में नष्ट किया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार यादव, प्रभारी नारकोटिक्स सेल राजकुमार यादव, ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी के सदस्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पारदर्शी, सुरक्षित और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संपन्न हुई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना और समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना है। पुलिस ने आमजन से भी नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में सहयोग की अपील की है।1
- ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। वकील इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की पिछले दो सप्ताह से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। यह हड़ताल ई-पंजीकरण प्रक्रिया और पंजीयन नियमावली-2024 के विरोध में की जा रही थी। प्रदेश सरकार के स्टांप, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल के साथ वार्ता और उनके आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर कामकाज शुरू करने का निर्णय लिया है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी ने बताया कि अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में लखनऊ पहुंचा था, जहां उन्होंने राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पंजीयन नियमावली-2024 के विवादित प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई और मंत्री के समक्ष अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा स्टांप वेंडरों की समस्याओं को रखते हुए नियमावली-2024 को वापस लेने की मांग की गई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगले दो-चार दिनों में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर नियमावली-2024 की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य निबंधन कार्यालयों का डिजिटलीकरण कर उन्हें आधुनिक बनाना है, लेकिन ऐसा कोई कानून लागू नहीं किया जाएगा जिससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों या स्टांप वेंडरों के हित प्रभावित हों अथवा उनके अस्तित्व पर कोई संकट आए। लोधी ने यह भी बताया कि मंत्री द्वारा समीक्षा के बाद नियमावली-2024 को वापस लेने का भी भरोसा दिया गया है। इसी आश्वासन के आधार पर 15 जून से चल रही हड़ताल समाप्त कर दी गई है और अधिवक्ताओं ने पुनः न्यायिक कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, विमलेश सिंह लोधी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने अपने आश्वासन के अनुरूप नियमावली-2024 को वापस नहीं लिया या अधिवक्ताओं के हितों के प्रतिकूल कोई निर्णय लिया गया, तो अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर पुनः आंदोलन और हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिवक्ता समुदाय अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।2
- हरदोई जिले के थाना हरियावां क्षेत्र के ग्राम उमरसेंडा में 28 जून 2026 को नींव और रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद की शुरुआत गाली-गलौज से हुई, जिसके बाद बात मारपीट तक पहुंच गई। इस मामले में प्रथम पक्ष से शक्ति सिंह, पुत्र स्व. राजेश सिंह, और द्वितीय पक्ष से जय सिंह, पुत्र मनोज सिंह, दोनों ही उमरसेंडा गांव के निवासी, शामिल थे। घटना के बाद दोनों पक्षों ने हरियावां थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। हरियावां पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी हरियावां, लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया है कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर विधिक कार्रवाई की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है, जिसके बाद तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1