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गोंडा: कर्नलगंज में गोंडा- लखनऊ हाईवे पर खुले घूम रहे बेसहारा गौवंश की हादसे में मौत ने खोली सिस्टम की पोल: अभी तक मृत पशु के शव का सही से सम्मानजनक नहीं हुआ निस्तारण* *#गोंडा: कर्नलगंज में गोंडा- लखनऊ हाईवे पर खुले घूम रहे बेसहारा गौवंश की हादसे में मौत ने खोली सिस्टम की पोल: अभी तक मृत पशु के शव का सही से सम्मानजनक नहीं हुआ निस्तारण* न प्रशासन जागा, न गौरक्षक व जनप्रतिनिधि, तड़प-तड़प कर गई जान- गौ आश्रय केंद्र के बड़े बड़े दावे हवा-हवाई #कर्नलगंज, गोंडा। योगी सरकार भले ही छुट्टा पशुओं के संरक्षण और गौ आश्रय केंद्रों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाते हुए गौवंश के सुरक्षा के बड़े बड़े दावे कर रही हो, लेकिन इसकी पोल खोल रही कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत गोंडा-लखनऊ हाईवे पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कादीपुर के पास मंगलवार की रात किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर घायल हुआ एक बेसहारा गौवंश पूरी रात हाईवे पर तड़पता रहा, लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन पहुंचा और ना पशुपालन विभाग और न ही तथाकथित गौरक्षक दिखाई पड़े। आखिरकार सुबह होते-होते बेजुबान ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। रात में हादसा, 12 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की नहीं पड़ी नजर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात एक बेसहारा पशु हाईवे पार कर रहा था। तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर घायल होकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद घायल गौवंश वहीं मरणासन्न हालत में पड़ा रहा। लेकिन हाईवे से गुजरे किसी जनप्रतिनिधि, जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या गौरक्षकों की नजर नहीं पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह रात भर दर्द से कराहता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोते रहे। यही नहीं उक्त मृत गौवंश अभी भी हाईवे पर पड़ा बताया जा रहा है, लेकिन उसके शव का सही से निस्तारण नहीं कराया गया था। सवालों के घेरे में प्रशासन और गौ-रक्षक सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौशालाओं के नाम पर लाखों का बजट आता है, तो हाईवे पर घायल पशुओं के लिए एक भी इमरजेंसी टीम क्यों नहीं है? गौ-रक्षा के नाम पर सड़कों पर लाठी-डंडा लेकर घूमने वाले संगठन इस बेजुबान की चीख क्यों नहीं सुन पाए? स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर रात में ही इलाज मिल जाता तो बेसहारा गौवंश की जान बच सकती थी। प्रशासन की इस घोर लापरवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कागजों पर छुट्टा पशुओं का संरक्षण हो रहा है, वहीं जमीन पर बेजुबान आज भी तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी गोंडा को इस मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और हाईवे पर पड़े इस शव का तत्काल सम्मानजनक निस्तारण कराना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि हाईवे पर छुट्टा पशुओं के जमावड़े को रोका जाए और घायल पशुओं के तत्काल इलाज के लिए रेस्क्यू टीम का गठन किया जाए, ताकि फिर किसी बेजुबान को इस तरह तड़प कर जान न देनी पड़े। जिम्मेदार कौन? - इन अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। जिले में दर्जनों पशु चिकित्साधिकारी तैनात हैं। हाईवे पर घायल पशु के लिए एक भी इमरजेंसी रेस्क्यू टीम क्यों नहीं पहुंची? रात में पशु एंबुलेंस 1962 कहां थी? ब्लॉक प्रशासन/नगर पालिका विभाग जिनकी छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौ आश्रय केंद्र भेजने की जिम्मेदारी है? अगर हाईवे पर पशु घूम रहे हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं? वहीं कोतवाली कर्नलगंज पुलिस ने भी मौके पर घायल/ मृत पड़े बेसहारा गौवंश को सड़क से हटाने या पशु विभाग को सूचित करने की जहमत क्यों नहीं उठाई? गौ आश्रय केंद्र: कागजों पर संरक्षण, जमीन पर भ्रष्टाचार? यह घटना गौ आश्रय केंद्रों के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। सरकार हर पशु के संरक्षण पर रोजाना 30 से 50 रुपये दे रही है, गोंडा जिले में ही दर्जनों गौशालाएं संचालित हैं। फिर भी हाईवे पर हजारों छुट्टा पशु मौत का कारण बन रहे हैं। सवाल यह है कि जब गौशालाओं में जगह नहीं है तो नए पशु क्यों नहीं पकड़े जा रहे? और अगर जगह है तो हाईवे के पशु वहां क्यों नहीं पहुंच रहे? क्या गौशालाओं में सिर्फ कागजों पर पशु पाले जा रहे हैं और भूसा-चारे के नाम पर बजट का बंदरबांट हो रहा है? स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए और कर्नलगंज क्षेत्र के सभी गौ आश्रय केंद्रों की भौतिक सत्यापन कराया जाए। जब तक जिम्मेदारों पर गाज नहीं गिरेगी, तब तक बेजुबानों की ऐसी दर्दनाक मौतें होती रहेंगी।

8 hrs ago
user_पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
Local News Reporter कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

गोंडा: कर्नलगंज में गोंडा- लखनऊ हाईवे पर खुले घूम रहे बेसहारा गौवंश की हादसे में मौत ने खोली सिस्टम की पोल: अभी तक मृत पशु के शव का सही से सम्मानजनक नहीं हुआ निस्तारण* *#गोंडा: कर्नलगंज में गोंडा- लखनऊ हाईवे पर खुले घूम रहे बेसहारा गौवंश की हादसे में मौत ने खोली सिस्टम की पोल: अभी तक मृत पशु के शव का सही से सम्मानजनक नहीं हुआ निस्तारण* न प्रशासन जागा, न गौरक्षक व जनप्रतिनिधि, तड़प-तड़प कर गई जान- गौ आश्रय केंद्र के बड़े बड़े दावे हवा-हवाई #कर्नलगंज, गोंडा। योगी सरकार भले ही छुट्टा पशुओं के संरक्षण और गौ आश्रय केंद्रों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाते हुए गौवंश के सुरक्षा के बड़े बड़े दावे कर रही हो, लेकिन इसकी पोल खोल रही कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत गोंडा-लखनऊ हाईवे पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कादीपुर के पास मंगलवार की रात किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर घायल हुआ एक बेसहारा गौवंश पूरी रात हाईवे पर तड़पता रहा, लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन पहुंचा और ना पशुपालन विभाग और न ही तथाकथित गौरक्षक दिखाई पड़े। आखिरकार सुबह होते-होते बेजुबान ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। रात में हादसा, 12 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की नहीं पड़ी नजर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात एक बेसहारा पशु हाईवे पार कर रहा था। तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर घायल होकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद घायल गौवंश वहीं मरणासन्न हालत में पड़ा रहा। लेकिन हाईवे से गुजरे किसी जनप्रतिनिधि, जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या गौरक्षकों की नजर नहीं पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह रात भर दर्द से कराहता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोते रहे। यही नहीं उक्त मृत गौवंश अभी भी हाईवे पर पड़ा बताया जा रहा है, लेकिन उसके शव का सही से निस्तारण नहीं कराया गया था। सवालों के घेरे में प्रशासन और गौ-रक्षक सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौशालाओं के नाम पर लाखों का बजट आता है, तो हाईवे पर घायल पशुओं के लिए एक भी इमरजेंसी टीम क्यों नहीं है? गौ-रक्षा के नाम पर सड़कों पर लाठी-डंडा लेकर घूमने वाले संगठन इस बेजुबान की चीख क्यों नहीं सुन पाए? स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर रात में ही इलाज मिल जाता तो बेसहारा गौवंश की जान बच सकती थी। प्रशासन की इस घोर लापरवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कागजों पर छुट्टा पशुओं का संरक्षण हो रहा है, वहीं जमीन पर बेजुबान आज भी तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी गोंडा को इस मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और हाईवे पर पड़े इस शव का तत्काल सम्मानजनक निस्तारण कराना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि हाईवे पर छुट्टा पशुओं के जमावड़े को रोका जाए और घायल पशुओं के तत्काल इलाज के लिए रेस्क्यू टीम का गठन किया जाए, ताकि फिर किसी बेजुबान को इस तरह तड़प कर जान न देनी पड़े। जिम्मेदार कौन? - इन अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। जिले में दर्जनों पशु चिकित्साधिकारी तैनात हैं। हाईवे पर घायल पशु के लिए एक भी इमरजेंसी रेस्क्यू टीम क्यों नहीं पहुंची? रात में पशु एंबुलेंस 1962 कहां थी? ब्लॉक प्रशासन/नगर पालिका विभाग जिनकी छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौ आश्रय केंद्र भेजने की जिम्मेदारी है? अगर हाईवे पर पशु घूम रहे हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं? वहीं कोतवाली कर्नलगंज पुलिस ने भी मौके पर घायल/ मृत पड़े बेसहारा गौवंश को सड़क से हटाने या पशु विभाग को सूचित करने की जहमत क्यों नहीं उठाई? गौ आश्रय केंद्र: कागजों पर संरक्षण, जमीन पर भ्रष्टाचार? यह घटना गौ आश्रय केंद्रों के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। सरकार हर पशु के संरक्षण पर रोजाना 30 से 50 रुपये दे रही है, गोंडा जिले में ही दर्जनों गौशालाएं संचालित हैं। फिर भी हाईवे पर हजारों छुट्टा पशु मौत का कारण बन रहे हैं। सवाल यह है कि जब गौशालाओं में जगह नहीं है तो नए पशु क्यों नहीं पकड़े जा रहे? और अगर जगह है तो हाईवे के पशु वहां क्यों नहीं पहुंच रहे? क्या गौशालाओं में सिर्फ कागजों पर पशु पाले जा रहे हैं और भूसा-चारे के नाम पर बजट का बंदरबांट हो रहा है? स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए और कर्नलगंज क्षेत्र के सभी गौ आश्रय केंद्रों की भौतिक सत्यापन कराया जाए। जब तक जिम्मेदारों पर गाज नहीं गिरेगी, तब तक बेजुबानों की ऐसी दर्दनाक मौतें होती रहेंगी।

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    गोंडा: कर्नलगंज में गोंडा- लखनऊ हाईवे पर खुले घूम रहे बेसहारा गौवंश की हादसे में मौत ने खोली सिस्टम की पोल: अभी तक मृत पशु के शव का सही से सम्मानजनक नहीं हुआ निस्तारण*
*#गोंडा: कर्नलगंज में गोंडा- लखनऊ हाईवे पर खुले घूम रहे बेसहारा गौवंश की हादसे में मौत ने खोली सिस्टम की पोल: अभी तक मृत पशु के शव का सही से सम्मानजनक नहीं हुआ निस्तारण*
न प्रशासन जागा, न गौरक्षक व जनप्रतिनिधि, तड़प-तड़प कर गई जान- गौ आश्रय केंद्र के बड़े बड़े दावे हवा-हवाई
#कर्नलगंज, गोंडा। योगी सरकार भले ही छुट्टा पशुओं के संरक्षण और गौ आश्रय केंद्रों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाते हुए गौवंश के सुरक्षा के बड़े बड़े दावे कर रही हो, लेकिन इसकी पोल खोल रही कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत गोंडा-लखनऊ हाईवे पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कादीपुर के पास मंगलवार की रात किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर घायल हुआ एक बेसहारा गौवंश पूरी रात हाईवे पर तड़पता रहा, लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन पहुंचा और ना पशुपालन विभाग और न ही तथाकथित गौरक्षक दिखाई पड़े। आखिरकार सुबह होते-होते बेजुबान ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
रात में हादसा, 12 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की नहीं पड़ी नजर
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात एक बेसहारा पशु हाईवे पार कर रहा था। तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर घायल होकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद घायल गौवंश वहीं मरणासन्न हालत में पड़ा रहा। लेकिन हाईवे से गुजरे किसी जनप्रतिनिधि, जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या गौरक्षकों की नजर नहीं पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह रात भर दर्द से कराहता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोते रहे। यही नहीं उक्त मृत गौवंश अभी भी हाईवे पर पड़ा बताया जा रहा है, लेकिन उसके शव का सही से निस्तारण नहीं कराया गया था।
सवालों के घेरे में प्रशासन और गौ-रक्षक
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौशालाओं के नाम पर लाखों का बजट आता है, तो हाईवे पर घायल पशुओं के लिए एक भी इमरजेंसी टीम क्यों नहीं है? गौ-रक्षा के नाम पर सड़कों पर लाठी-डंडा लेकर घूमने वाले संगठन इस बेजुबान की चीख क्यों नहीं सुन पाए? स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर रात में ही इलाज मिल जाता तो बेसहारा गौवंश की जान बच सकती थी। प्रशासन की इस घोर लापरवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कागजों पर छुट्टा पशुओं का संरक्षण हो रहा है, वहीं जमीन पर बेजुबान आज भी तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी गोंडा को इस मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और हाईवे पर पड़े इस शव का तत्काल सम्मानजनक निस्तारण कराना चाहिए।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि हाईवे पर छुट्टा पशुओं के जमावड़े को रोका जाए और घायल पशुओं के तत्काल इलाज के लिए रेस्क्यू टीम का गठन किया जाए, ताकि फिर किसी बेजुबान को इस तरह तड़प कर जान न देनी पड़े।
जिम्मेदार कौन? - इन अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। जिले में दर्जनों पशु चिकित्साधिकारी तैनात हैं। हाईवे पर घायल पशु के लिए एक भी इमरजेंसी रेस्क्यू टीम क्यों नहीं पहुंची? रात में पशु एंबुलेंस 1962 कहां थी?  ब्लॉक प्रशासन/नगर पालिका विभाग जिनकी छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौ आश्रय केंद्र भेजने की जिम्मेदारी है? अगर हाईवे पर पशु घूम रहे हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं? वहीं कोतवाली कर्नलगंज पुलिस ने भी मौके पर घायल/ मृत पड़े बेसहारा गौवंश को सड़क से हटाने या पशु विभाग को सूचित करने की जहमत क्यों नहीं उठाई?
गौ आश्रय केंद्र: कागजों पर संरक्षण, जमीन पर भ्रष्टाचार?
यह घटना गौ आश्रय केंद्रों के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। सरकार हर पशु के संरक्षण पर रोजाना 30 से 50 रुपये दे रही है, गोंडा जिले में ही दर्जनों गौशालाएं संचालित हैं। फिर भी हाईवे पर हजारों छुट्टा पशु मौत का कारण बन रहे हैं। सवाल यह है कि जब गौशालाओं में जगह नहीं है तो नए पशु क्यों नहीं पकड़े जा रहे? और अगर जगह है तो हाईवे के पशु वहां क्यों नहीं पहुंच रहे? क्या गौशालाओं में सिर्फ कागजों पर पशु पाले जा रहे हैं और भूसा-चारे के नाम पर बजट का बंदरबांट हो रहा है? 
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए और कर्नलगंज क्षेत्र के सभी गौ आश्रय केंद्रों की भौतिक सत्यापन कराया जाए। जब तक जिम्मेदारों पर गाज नहीं गिरेगी, तब तक बेजुबानों की ऐसी दर्दनाक मौतें होती रहेंगी।
    user_पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
    पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
    Local News Reporter कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • परिवार रजिस्टर की नकल न मिलने से ब्लॉक परिसर में किसानों का प्रदर्शन बताते चले बाराबंकी जनपद के तहसील व ब्लॉक सिरौली गौसपुर क्षेत्र अंतर्गत लोध पुरवा निवासी एक किसान की परिवार रजिस्टर की नकल न मिल पाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है जिसको लेकर किसान संगठन ने ब्लॉक परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया
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    परिवार रजिस्टर की नकल न मिलने से ब्लॉक परिसर में किसानों का प्रदर्शन
बताते चले बाराबंकी जनपद के तहसील व ब्लॉक सिरौली गौसपुर क्षेत्र अंतर्गत लोध पुरवा निवासी एक किसान की परिवार रजिस्टर की नकल न मिल पाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है जिसको लेकर किसान संगठन ने ब्लॉक परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया
    user_Journalist Manoj Shukla
    Journalist Manoj Shukla
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।
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    *कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी
*सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी*
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। 
मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। 
प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।
    user_Brijesh Kumar Singh
    Brijesh Kumar Singh
    गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • इटियाथोक/गोंडा भारतीय किसान यूनियन (अनाज ) की समीक्षा बैठक पांडे पुरवा पारासराय में आयोजित हुई बैठक में मुख्य रूप से किसान की खाद की समस्या ,गन्ने का वाजिब दाम न मिलना, दाम बढ़ाने ,छुट्टा जानवरों की समस्या, ग्राम पंचायत में जल निकासी की समस्या सहित किसानो की धान की फसल खराब होने पर मुआवजा देने की बात सर्व सम्मति से बैठक में निर्णय लिया गया वहीं शासन व प्रशासन व सरकार से मांग की गई इन समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही की जाए कार्यवाही न होने पर संगठन जन आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी इस अवसर पर रामेश्वर प्रसाद चितराज वर्मा, राजमनि, शेषराम गुप्ता, सुरेश कुमार वर्मा, भगवती प्रसाद, राम बहादुर, बालक राम, राजू विश्वकर्मा, रामदेव ,रामकुमार पवन कुमार, शिवनरायन पांडे सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    इटियाथोक/गोंडा                                           भारतीय किसान यूनियन (अनाज ) की समीक्षा बैठक पांडे पुरवा पारासराय में आयोजित हुई बैठक में मुख्य रूप से किसान की खाद की समस्या ,गन्ने का वाजिब दाम न मिलना, दाम बढ़ाने ,छुट्टा जानवरों की समस्या, ग्राम पंचायत में जल निकासी की समस्या सहित किसानो की धान की फसल खराब होने पर मुआवजा देने की बात सर्व सम्मति से बैठक में निर्णय लिया गया वहीं शासन व प्रशासन व सरकार से मांग की गई इन समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही की जाए कार्यवाही न होने पर संगठन जन आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी इस अवसर पर रामेश्वर प्रसाद चितराज वर्मा, राजमनि, शेषराम गुप्ता, सुरेश कुमार वर्मा, भगवती प्रसाद, राम बहादुर, बालक राम, राजू विश्वकर्मा, रामदेव ,रामकुमार पवन कुमार, शिवनरायन पांडे सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Fastnewsindia Gonda चैनल में काम करता हूं
    Fastnewsindia Gonda चैनल में काम करता हूं
    पत्रकार गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Rajat
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    Post by Rajat
    user_Rajat
    Rajat
    गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जरवल थाना क्षेत्र में बुधवार को अचानक हुई तेज बारिश के बीच बहराइच-लखनऊ हाईवे पर एक पेड़ भरभराकर सड़क पर गिर गया। अचानक पेड़ गिरने से हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सड़क पर पेड़ गिरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। सूचना के बाद संबंधित विभाग की टीम द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। पेड़ हटाए जाने के बाद यातायात सामान्य होने की उम्मीद है। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
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    जरवल थाना क्षेत्र में बुधवार को अचानक हुई तेज बारिश के बीच बहराइच-लखनऊ हाईवे पर एक पेड़ भरभराकर सड़क पर गिर गया। अचानक पेड़ गिरने से हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सड़क पर पेड़ गिरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। सूचना के बाद संबंधित विभाग की टीम द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। पेड़ हटाए जाने के बाद यातायात सामान्य होने की उम्मीद है। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • रामनगर प्राथमिक विद्यालय के पास डेढ़ दर्जन हरे आम के पेड़ों पर चला आरा, परमिट के नाम पर खेल **मुकेश कुमार पत्रकार बाराबंकी** बाराबंकी।वन रेंज रामनगर के थाना मसौली क्षेत्र के ग्राम अरसंडा का पुरवा में हरे-भरे पेड़ों का कत्लेआम किया गया है। प्राथमिक विद्यालय के निकट रंजीत चमार की बाग में लगे विशाल देसी आम के हरे-भरे पेड़ों को वन माफिया हरेंद्र सिंह द्वारा काटकर नष्ट कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार बाग में लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक विशाल देसी आम के पेड़ लगे थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग ने मौके पर कर्मचारी तिलकराम को भेजा। ग्रामीणों का आरोप है कि तिलकराम ने मौके पर पेड़ों की गिनती मात्र 10 बताई, जबकि मौके पर डेढ़ दर्जन से अधिक पेड़ कटे पड़े थे। ग्रामीणों ने तिलकराम पर अनपढ़ता और मिलीभगत का आरोप लगाया। इस संबंध में जब वन दरोगा सचिन पटेल से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि परमिट जारी हुआ है, लेकिन कितने पेड़ का परमिट है, देसी का है या कलमी का, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार पूरे प्रदेश में पौधारोपण करा रही है, 'एक पेड़ मां के नाम' लगाकर फोटो खिंचवाकर अखबार में खबर छपवाई जाती है, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के कर्मचारी ही वन माफिया से मिलकर हरे-भरे पेड़ कटवा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कटान वन विभाग और पुलिस के संरक्षण में हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बाराबंकी और प्रभागीय वनाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    रामनगर प्राथमिक विद्यालय के पास डेढ़ दर्जन हरे आम के पेड़ों पर चला आरा, परमिट के नाम पर खेल
**मुकेश कुमार पत्रकार बाराबंकी** 
बाराबंकी।वन रेंज रामनगर के थाना मसौली क्षेत्र के ग्राम अरसंडा का पुरवा में हरे-भरे पेड़ों का कत्लेआम किया गया है। प्राथमिक विद्यालय के निकट रंजीत चमार की बाग में लगे विशाल देसी आम के हरे-भरे पेड़ों को वन माफिया हरेंद्र सिंह द्वारा काटकर नष्ट कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार बाग में लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक विशाल देसी आम के पेड़ लगे थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग ने मौके पर कर्मचारी तिलकराम को भेजा। ग्रामीणों का आरोप है कि तिलकराम ने मौके पर पेड़ों की गिनती मात्र 10 बताई, जबकि मौके पर डेढ़ दर्जन से अधिक पेड़ कटे पड़े थे। ग्रामीणों ने तिलकराम पर अनपढ़ता और मिलीभगत का आरोप लगाया।
इस संबंध में जब वन दरोगा सचिन पटेल से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि परमिट जारी हुआ है, लेकिन कितने पेड़ का परमिट है, देसी का है या कलमी का, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार पूरे प्रदेश में पौधारोपण करा रही है, 'एक पेड़ मां के नाम' लगाकर फोटो खिंचवाकर अखबार में खबर छपवाई जाती है, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के कर्मचारी ही वन माफिया से मिलकर हरे-भरे पेड़ कटवा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कटान वन विभाग और पुलिस के संरक्षण में हो रहा है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बाराबंकी और प्रभागीय वनाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_मुकेश कुमार पत्रकार
    मुकेश कुमार पत्रकार
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कजरी तीज के महा पर्व पर कटरा घाट सरयू नदी साफ सफाई ब लाइट की व्यवस्था की तयारी तेज कर्नलगंज गोण्डा।कजरी तीज के पावन पर्व पर कटरा घाट सरयू नदी पर निरीक्षण के समय नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि श्री राम जी लाल मोदनवाल ने बताया की सरयू घाट की सफाई लाइटिंग की सारी व्यवस्थाएं प सीढ़िओ पर ब्लीचिंग पाउडर से धुलाई घाट की व्यवस्थाएं नगर पालिका परिषद करनैलगंज गोंडा की तरफ से की जा रही है जिससे कांवरियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करनी पड़े
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    कजरी तीज के महा पर्व पर  कटरा घाट सरयू नदी साफ सफाई ब लाइट की व्यवस्था  की तयारी तेज 
कर्नलगंज गोण्डा।कजरी तीज के पावन पर्व पर कटरा घाट सरयू नदी पर निरीक्षण के समय नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि श्री राम जी लाल मोदनवाल ने बताया की सरयू घाट की सफाई लाइटिंग की सारी व्यवस्थाएं प सीढ़िओ पर ब्लीचिंग पाउडर से धुलाई घाट की व्यवस्थाएं नगर पालिका परिषद करनैलगंज गोंडा की तरफ से की जा रही है जिससे कांवरियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करनी पड़े
    user_पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
    पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
    Local News Reporter कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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