कोरिया जिले में जनगणना 2026-27 का कार्य जारी, कलेक्टर ने की अपील कोरिया। भारतवर्ष की जनगणना 2026-27 का कार्य जिले में सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के तीन नगरीय एवं चार ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 7 चार्ज अधिकारियों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण अभियान को मैदानी स्तर पर प्रभावी ढंग से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे जनगणना में अनिवार्य रूप से शामिल हों और इस राष्ट्रीय दायित्व के निर्वहन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जनगणना के प्रति जागरूक करें, साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कलेक्टर ने कहा कि जनसहभागिता से ही इस महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जा सकता है। वर्तमान में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वगणना (Self Enumeration) का कार्य जारी है, जिसमें नागरिक स्वगणना ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन से, पते सहित अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
कोरिया जिले में जनगणना 2026-27 का कार्य जारी, कलेक्टर ने की अपील कोरिया। भारतवर्ष की जनगणना 2026-27 का कार्य जिले में सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के तीन नगरीय एवं चार ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 7 चार्ज अधिकारियों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण अभियान को मैदानी स्तर पर प्रभावी ढंग से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे जनगणना में अनिवार्य रूप से शामिल हों और इस राष्ट्रीय दायित्व के निर्वहन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जनगणना के प्रति जागरूक करें, साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कलेक्टर ने कहा कि जनसहभागिता से ही इस महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जा सकता है। वर्तमान में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वगणना (Self Enumeration) का कार्य जारी है, जिसमें नागरिक स्वगणना ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन से, पते सहित अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
- कोरिया। भारतवर्ष की जनगणना 2026-27 का कार्य जिले में सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के तीन नगरीय एवं चार ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 7 चार्ज अधिकारियों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण अभियान को मैदानी स्तर पर प्रभावी ढंग से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे जनगणना में अनिवार्य रूप से शामिल हों और इस राष्ट्रीय दायित्व के निर्वहन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जनगणना के प्रति जागरूक करें, साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कलेक्टर ने कहा कि जनसहभागिता से ही इस महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जा सकता है। वर्तमान में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वगणना (Self Enumeration) का कार्य जारी है, जिसमें नागरिक स्वगणना ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन से, पते सहित अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान दें।1
- मनेन्द्रगढ़ कोतवाली पुलिस ने घुटरा–सलवा जंगल में छापेमारी कर जुआ खेलते 5 जुआरियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के निर्देश पर की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को मौके से पकड़ा। आरोपियों के पास से ₹57,000 नगद, 4 ताश की गड्डी और एक तिरपाल जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।1
- Post by Shakchhi🎁 Singh2
- कब्रिस्तान में तंत्र क्रिया का वायरल वीडियो, ताराकृत रेखाएं और जलती मोमबत्ती सहित नींबू-चाकू देख सहमे वार्डवासी… सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड क्रमांक 06 स्थित बोहिता तालाब कब्रिस्तान में तंत्र-मंत्र किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है। कब्रिस्तान के भीतर जमीन पर बनाई गई ताराकृत रेखाओं के बीच कटे हुए नींबू, चाकू, जली हुई मोमबत्ती सहित अन्य तांत्रिक सामग्री बिखरी हुई पाई गई है। सुबह जब स्थानीय लोगों ने यह नजारा देखा तो पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया। इस घटना के बाद से यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। सरगुजा जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तंत्र-मंत्र का प्रचलन आज भी देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समाज का एक बड़ा हिस्सा अब भी अंधविश्वास के दायरे से मुक्त नहीं हो सका है। झाड़-फूंक और टोना-टोटका जैसी घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं, और तंत्र-मंत्र में विश्वास रखने वाले लोग इस तरह की तांत्रिक क्रियाओं को अंजाम देकर आम जनमानस में डर पैदा कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान की जाए जो रात के अंधेरे में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- 🌸 मथुरा में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन 🌸 मथुरा में राधेश्याम चौधरी एवं उनके समस्त परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आज श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हुआ। 🙏 परिवार की मनोकामना पूर्ण होने पर इस पावन कथा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। 📿 29 अप्रैल को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है। ✨ धर्म, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। 📍 रिपोर्ट: राहुल शर्मा1
- Post by Arvind Kumar Mishra1
- सबका साथसबका विकास1
- कोरिया जिले में पांडुलिपि विरासत संरक्षण को लेकर चल रहा ‘ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। अब तक जिले में 93 प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाती हैं। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों या व्यक्तियों के पास 70 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, वे इसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें, ताकि इन अमूल्य धरोहरों का संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जा सके। कलेक्टर ने यह भी बताया कि सर्वेक्षण कार्य को सुचारु और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इस पहल के माध्यम से न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का अमूल्य भंडार भी सुरक्षित रहेगा। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने में सहयोग करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।1