ब्रह्म नगरी छींच में गूंजे वैदिक मंत्र, श्रावणी उपाकर्म में सैकड़ों विप्रों ने निभाई प्राचीन परंपरा छींच। ब्रह्म नगरी छींच में श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार को प्राचीन वैदिक परंपरा श्रावणी उपाकर्म का विधि-विधानपूर्वक आयोजन किया गया। सकल ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों विप्रवरों ने भाग लेकर ऋषि परंपरा का निर्वहन किया। श्रावणी उपाकर्म के तहत प्रातःकाल ब्रह्म सरोवर घाट पर शुक्लयजुर्वेदीय माध्यांदिनी शाखा के त्रिवेदी मेवाड़ा, औदिच्य एवं श्रीमाली ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणों ने पवित्र स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किया। पं. प्रदीप शुक्ला एवं मोहित शुक्ला के आचार्यत्व में सर्वप्रथम प्रायश्चित कर्म के अंतर्गत हेमाद्रि श्रवण किया गया। इसके बाद गौमय, गौघृत, गौदुग्ध, गौदधि एवं गौमूत्र से निर्मित पंचगव्य से दशविधि स्नान कराया गया तथा भस्म लेपन किया गया। श्रावणी उपाकर्म में नियमानुसार अपामार्ग के पत्तों, कुशा एवं दूर्वा का भी प्रयोग किया गया। दशविधि स्नान, तर्पण एवं आत्मशुद्धि की धार्मिक क्रियाओं के पश्चात सभी विप्रजन ब्रह्मा मंदिर परिसर पहुंचे, जहां विधिपूर्वक सप्तऋषि पूजन किया गया। उपस्थित ब्राह्मणों ने सप्तऋषियों का पूजन-अर्चन कर यज्ञोपवित को अभिमंत्रित किया और विधि-विधान के साथ नया यज्ञोपवित धारण किया। ब्रह्माजी ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष मुकेश दवे ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म की परंपरा प्राचीन काल से ही नदियों एवं सरोवरों के तट पर ऋषि-मुनियों द्वारा निभाई जाती रही है। समय के साथ यह परंपरा और अधिक विकसित हुई। आज भी देश के विभिन्न स्थानों पर निवास करने वाले जनेऊधारी व्यक्ति श्रावण पूर्णिमा पर अपनी परंपरा का निर्वहन करने के लिए गांव पहुंचते हैं और श्रावणी उपाकर्म के माध्यम से आत्मशुद्धि एवं वैदिक संस्कारों को आगे बढ़ाते हैं। आयोजन के दौरान ब्रह्म सरोवर एवं ब्रह्मा मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा तथा वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। इस अवसर पर विश्वेश्वर आचार्य, हरिकृष्ण पंड्या, भूपेंद्र दवे, अशोक उपाध्याय, भरत पुरोहित, राजेश त्रिवेदी, आशीष उपाध्याय, हेमंत आचार्य, पवन भट्ट, ब्रजमोहन पंड्या, प्रदीप आचार्य, महेश त्रिवेदी, नरेंद्र व्यास, जयप्रकाश व्यास, आशीष आचार्य सहित अनेक विप्रवर उपस्थित रहे।
ब्रह्म नगरी छींच में गूंजे वैदिक मंत्र, श्रावणी उपाकर्म में सैकड़ों विप्रों ने निभाई प्राचीन परंपरा छींच। ब्रह्म नगरी छींच में श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार को प्राचीन वैदिक परंपरा श्रावणी उपाकर्म का विधि-विधानपूर्वक आयोजन किया गया। सकल ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों विप्रवरों ने भाग लेकर ऋषि परंपरा का निर्वहन किया। श्रावणी उपाकर्म के तहत प्रातःकाल ब्रह्म सरोवर घाट पर शुक्लयजुर्वेदीय माध्यांदिनी शाखा के त्रिवेदी मेवाड़ा, औदिच्य एवं श्रीमाली ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणों ने पवित्र स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किया। पं. प्रदीप शुक्ला एवं मोहित शुक्ला के आचार्यत्व में सर्वप्रथम प्रायश्चित कर्म के अंतर्गत हेमाद्रि श्रवण किया गया। इसके बाद गौमय, गौघृत, गौदुग्ध, गौदधि एवं गौमूत्र से निर्मित पंचगव्य से दशविधि स्नान कराया गया तथा भस्म लेपन किया गया। श्रावणी उपाकर्म में नियमानुसार अपामार्ग के पत्तों, कुशा एवं दूर्वा का भी प्रयोग किया गया। दशविधि स्नान, तर्पण एवं आत्मशुद्धि की धार्मिक क्रियाओं के पश्चात सभी विप्रजन ब्रह्मा मंदिर परिसर पहुंचे, जहां विधिपूर्वक सप्तऋषि पूजन किया गया। उपस्थित ब्राह्मणों ने सप्तऋषियों का पूजन-अर्चन कर यज्ञोपवित को अभिमंत्रित किया और विधि-विधान के साथ नया यज्ञोपवित धारण किया। ब्रह्माजी ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष मुकेश दवे ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म की परंपरा प्राचीन काल से ही नदियों एवं सरोवरों के तट पर ऋषि-मुनियों द्वारा निभाई जाती रही है। समय के साथ यह परंपरा और अधिक विकसित हुई। आज भी देश के विभिन्न स्थानों पर निवास करने वाले जनेऊधारी व्यक्ति श्रावण पूर्णिमा पर अपनी परंपरा का निर्वहन करने के लिए गांव पहुंचते हैं और श्रावणी उपाकर्म के माध्यम से आत्मशुद्धि एवं वैदिक संस्कारों को आगे बढ़ाते हैं। आयोजन के दौरान ब्रह्म सरोवर एवं ब्रह्मा मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा तथा वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। इस अवसर पर विश्वेश्वर आचार्य, हरिकृष्ण पंड्या, भूपेंद्र दवे, अशोक उपाध्याय, भरत पुरोहित, राजेश त्रिवेदी, आशीष उपाध्याय, हेमंत आचार्य, पवन भट्ट, ब्रजमोहन पंड्या, प्रदीप आचार्य, महेश त्रिवेदी, नरेंद्र व्यास, जयप्रकाश व्यास, आशीष आचार्य सहित अनेक विप्रवर उपस्थित रहे।
- कुशलगढ़ के वार्ड-1 में बदले समीकरण! ST आरक्षण से बढ़ा चुनावी रोमांच, दावेदारों पर नजर कुशलगढ़ के वार्ड-1 में बदले समीकरण! ST आरक्षण से बढ़ा चुनावी रोमांच, दावेदारों पर नजर कुशलगढ़। नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वार्ड नंबर 1 को अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने के बाद चुनावी समीकरण बदल गए हैं। वार्ड में कुल 371 मतदाता हैं और ST वर्ग की आबादी नगण्य होने से अन्य वार्डों के संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। हालांकि दलों ने अभी आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। चुनाव में ट्रैफिक जाम, पार्किंग, सड़क, नाली, बिजली, सफाई और आवासीय पट्टे प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं। बांसवाड़ा मार्ग और चर्चित टीबेड़ा बस स्टैंड पर पार्किंग व यातायात व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। शास्त्री कॉलोनी के समीप वर्षों से रह रहे कई परिवार आवासीय पट्टों की मांग उठा रहे हैं। वार्ड में जैन, प्रजापत, राजपूत, तेली सहित विभिन्न समाजों के लोग निवास करते हैं। ऐसे में जातीय समीकरणों के साथ स्थानीय विकास और मूलभूत सुविधाएं भी चुनावी परिणाम में अहम भूमिका निभा सकती हैं। अब नजर इस बात पर है कि दोनों प्रमुख दल किसे मैदान में उतारते हैं और मतदाता वर्षों पुरानी समस्याओं के बीच किस प्रत्याशी पर भरोसा जताते हैं।2
- ये व्यक्ति छोटे बच्चे को सीखा रहा है! कैसे हमें बर्बाद होना है! कैसे आने वाली पीढ़ी को बर्बाद करना है! ऐसे पंगु दिमाग़ के लोग समाज को गर्त की खाई में धकेल रहें है इसकी पहचान कर कार्यवाही होनी चाहिए! रक्षाबंधन1
- भक्त जनों बाबा रामदेव जाकर वापस आगये उसका आनंद लेते हुए भक्त जनों बाबा रामदेव जाकर वापस आगये उसका आनंद लेते हुए नाचते1
- धर्मनगरी गनोड़ा में प्रज्ञा पुराण कथा शांतिकुंज हरिद्वार की दीदी वनिता जी ने महिलाओं से एक-दूसरे की चुगली न करके बच्चों को उचित संस्कार देने का निवेदन किया, साथ ही परिवार को मजबूत करके एकता बनाए रखने और समाज को आगे ले जाने का संदेश दिया। वहीं, शांतिकुंज के प्रतिनिधि हेमंत जी भट्ट ने भी अपने अमूल्य शब्दों से सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि 'निस्वार्थ कर्म करना ही सबसे बड़ा धर्म है और किसी और के कार्य का श्रेय खुद ना लेना यह भी सबसे बड़ा धर्म है और अगर किसी और के कार्य का श्रेय अगर हम लेते हैं तो यह सबसे बड़ा अधर्म है।' नमस्ते, आप देख रहे हैं न्यूज़ 24 से पंडित की ग्राउंड रिपोर्ट। और आप देख रहे हैं इस वक्त खबर गनोड़ा से। धर्मनगरी गनोड़ा में 'उत्तर श्री मदभागवत कथा (प्रज्ञा पुराण)' के अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार की दीदी वनिता जी ने महिलाओं से एक-दूसरे की चुगली न करके बच्चों को उचित संस्कार देने का निवेदन किया, साथ ही परिवार को मजबूत करके एकता बनाए रखने और समाज को आगे ले जाने का संदेश दिया। वहीं, शांतिकुंज के प्रतिनिधि हेमंत जी भट्ट ने भी अपने अमूल्य शब्दों से सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि 'निस्वार्थ कर्म करना ही सबसे बड़ा धर्म है और किसी और के कार्य का श्रेय खुद ना लेना यह भी सबसे बड़ा धर्म है और अगर किसी और के कार्य का श्रेय अगर हम लेते हैं तो यह सबसे बड़ा अधर्म है।' यह आध्यात्मिक कार्यक्रम 23 से 30 अगस्त 2026 तक श्री गौड़ ब्राह्मण समाज नोहरा में आयोजित किया जा रहा है। न्यूज़ 24 से पंडित। ऐसी ही तमाम खबरों को देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और खबर को लाइक शेयर करना बिल्कुल न भूलें। धन्यवाद!"1
- सालमगढ़ थाने में बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी ने मनाया रक्षाबंधन, पुलिसकर्मियों को बांधा रक्षासूत्र सालमगढ़ थाने में बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी ने मनाया रक्षाबंधन, पुलिसकर्मियों को बांधा रक्षासूत्र सालमगढ़ /अशोक चौधरी कि रिपोर्ट भाई-बहन के पवित्र स्नेह और रक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी द्वारा सालमगढ़ पुलिस थाने में एक विशेष एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बजरंग दल के प्रखंड उपाध्यक्ष अजय चौधरी (सालमगढ़) तथा नगर उपाध्यक्ष कुलदीप बैरागी (सालमगढ़) के नेतृत्व में दुर्गा वाहिनी की बहनों ने थाने में तैनात समस्त पुलिसकर्मियों को रक्षासूत्र बांधकर त्योहार मनाया। तिलक लगाकर की दीर्घायु की कामना दुर्गा वाहिनी की बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ सभी पुलिस अधिकारियों व जवानों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके लंबे, यशस्वी और सुरक्षित जीवन की ईश्वर से कामना की। पुलिस जवानों ने लिया सुरक्षा का संकल्प दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों ने बहनों से राखी बंधवाकर अत्यंत खुशी व्यक्त की। जवानों ने दुर्गा वाहिनी की बहनों को सुरक्षा का पूर्ण वचन दिया और अपनी ओर से उपहार स्वरूप आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान थाने का माहौल बेहद आत्मीय और उत्सवमय बना रहा। इस दौरान बजरंग दल एवं दुर्गा वाहिनी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- very much for your support of the year old girl I don't1
- रक्षा का संकल्प, नारी शक्ति का विश्वास! 🌸 रक्षाबंधन सिर्फ धागे का त्योहार नहीं, बल्कि नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति आज सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत पहचान बन रही है। 🇮🇳 राखी का धागा सुरक्षा का वादा, सशक्त नारी नए भारत की ताकत! 💪 आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏🏻1
- कुशलगढ़ में रक्षाबंधन की धूम, राखियों की खरीदारी से बाजार गुलजार कुशलगढ़। रक्षाबंधन पर्व को लेकर नगर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। भाई-बहन के अटूट प्रेम के इस त्योहार को लेकर बहनों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। कुशलगढ़ के नहेरूमार्ग, सुभाष मार्ग, थांदला रोड, रतलाम रोड, टिमेडा बस स्टेंड, बांसवाड़ा रोड सहित अन्य बाजारों में राखियों के आकर्षक स्टॉल सजे हैं। कार्टून, लाइट वाली, रुद्राक्ष, चंदन और इको-फ्रेंडली राखियों की विशेष मांग है। राखियों के साथ फुटवेट व कपड़ों की दुकानों तथा मिठाई की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए राखियों के साथ गिफ्ट और मिठाइयों के कॉम्बो पैक भी उपलब्ध कराए हैं। व्यापारियों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री बेहतर है। रक्षा बंधन की खरीदारी को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है। चौराहों और बाजारों में पुलिसकर्मी गश्त करते नजर आए, वहीं पुलिस वाहन भी तैनात किया गया है।1