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जालौन ग्राम विकास अधिकारी निलंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही लापरवाही पर डीएम ने निलंबित किया जिला विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई नदीगांव ब्लॉक के प्रशांत दुबे पर कार्रवाई
Dev Patel
जालौन ग्राम विकास अधिकारी निलंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही लापरवाही पर डीएम ने निलंबित किया जिला विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई नदीगांव ब्लॉक के प्रशांत दुबे पर कार्रवाई
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- जालौन ग्राम विकास अधिकारी निलंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही लापरवाही पर डीएम ने निलंबित किया जिला विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई नदीगांव ब्लॉक के प्रशांत दुबे पर कार्रवाई1
- शनिवार को शहर के प्रमुख चौराहों पर चलाए गए इस सख्त अभियान में बुलेट और स्पोर्ट्स बाइक्स को खास तौर पर निशाने पर लिया गया। चार वाहन मौके पर सीज, कई के चालान अवैध साइलेंसर उतरवाकर मौके पर ही जब्त गैराज और ऑटो-पार्ट्स दुकानों पर भी छापेमारी अधिकारियों का साफ संदेश—अब नहीं चलेगा ध्वनि प्रदूषण का आतंक! तेज आवाज वाले साइलेंसर सड़क सुरक्षा के लिए खतरा हैं, ऐसे में नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई गैराज या दुकानदार इस अवैध मॉडिफिकेशन में शामिल पाया गया तो सीधा लाइसेंस रद्द होगा! जनता से अपील—केवल मानक साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें और शहर को सुरक्षित व प्रदूषण मुक्त बनाने में सहयोग दें। #उरई #जालौन #BreakingNews #TransportAction #साइलेंसर_अभियान #UPPolice #TrafficRules #RoadSafety #NoHooter #BulletBike #ModifiedSilencer #NoisePollution #ActionMode #RTO #UPNews #StrictAction #VehicleCheck #PublicSafety #LawEnforcement #HindiNews1
- Post by MD ANISH KURAISHI1
- रुरा थाना क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर लड़ाई झगड़ा हो गया था। वहीं दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगाकर शिकायती पत्र दिया गया।वहीं पुलिस ने जांच पड़ताल कर माहौल बिगाड़ने के आरोप में एक व्यक्ति सहित तीन महिलाओं पर शांतिभंग की कार्यवाही की।थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि एक व्यक्ति सहित तीन महिलाओं पर शांतिभंग की कार्यवाही की गई ।1
- खबर कानपुर देहात पत्रकार: इकबाल अहमद 11000 वोल्ट लाइन टूटने से 5 मवेशियों की मौत, एक घायल; ग्रामीणों में आक्रोश कानपुर देहात। डेरापुर तहसील क्षेत्र के कपासी गांव में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। गांव के पास से गुजर रही 11000 वोल्ट की विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर 5 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राजेश, महेश और महावीर के मवेशी घर के पास ही बंधे हुए थे, तभी यह हादसा हो गया। मृत मवेशियों में चार गाय और एक भैंस शामिल हैं। इस घटना से पशुपालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद गांव में निराशा और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा अब पशुपालकों को भुगतना पड़ा है।3
- राजपुर ब्लॉक में ग्राम रोजगार सेवकों का प्रदर्शन, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन शनिवार दोपहर करीब 2 बजे ग्राम रोजगार सेवकों ने राजपुर ब्लॉक परिसर में प्रभारी बीडीओ अजय गुप्ता को ज्ञापन सौंपते हुए बकाया मानदेय और अन्य मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। रोजगार सेवकों का आरोप है कि उन्हें कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही उनके होल्डिंग अकाउंट में जमा ईपीएफ राशि भी अब तक उनके यूएएन खातों में ट्रांसफर नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। ग्राम रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पाल ने बताया कि बकाया मानदेय और ईपीएफ भुगतान के लिए शासन द्वारा कई बार धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अलावा प्रतिमाह निर्धारित मानदेय देने का शासनादेश भी जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा इन आदेशों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार सेवकों को लगभग 28 महीनों से मानदेय नहीं मिला, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री की 4 अक्टूबर 2021 की घोषणाओं को लागू करने की मांग भी उठाई। इन मांगों में स्थानांतरण व्यवस्था लागू करना और सेवा काल के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर मृतक आश्रितों को नौकरी देने का प्रावधान शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे 25 अप्रैल तक सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान विजय सिंह, संजय सिंह, हरनारायण, कमलेश कुमारी सहित कई रोजगार सेवक मौजूद रहे।1
- 📌पहली बार पकड़े जाने पर होगा 10 हजार रुपये तक का जुर्माना* जालौन में मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज आवाज वाले वाहनों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। आरटीओ विभाग ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर कई बाइकों और बुलेट पर कार्रवाई की है। जालौन जिले में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर और सायरन लगाकर सड़कों पर फर्राटा भरने वालों के खिलाफ आरटीओ विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। कार्रवाई के दौरान करीब आधा दर्जन बाइकों और बुलेट मोटरसाइकिलों का चालान किया गया। संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि यह अभियान जिलेभर के डीलरों, गैराज संचालकों, वर्कशॉप मालिकों और वाहन चालकों के खिलाफ चलाया जा रहा है, जो बिना अनुमति वाहनों में अवैध बदलाव कर रहे हैं। आरटीओ ने साफ चेतावनी दी है कि पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं मौके पर ही वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा दोषी चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने तक निलंबित किया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है। लोगों से अपील है कि नियमों का पालन करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।” फिलहाल आरटीओ की इस कार्रवाई से तेज आवाज और स्टंटबाजी करने वालों में हड़कंप हुआ है। रिपोर्ट-जनपद जालौन से soni news के लिए अमित कुमार।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन 👉माधौगढ़ में ट्रैक्टर ट्राली पलटने से हड़कंप, जाम में फंसे यात्री 👉 माधौगढ़ में ईंटों से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा यातायात संकट, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल 👉 माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के नगर में स्थित सिहरी बस स्टैंड चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओवरलोड ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-की ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। 👉 ट्रॉली पलटते ही सैकड़ों ईंटें सड़क पर बिखर गईं, जिससे मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और देखते ही देखते लंबा जाम लग गया। 👉 चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीर, बच्चे, मजदूर और दैनिक यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान नजर आए। 👉 यह चौराहा पहले से ही अत्यधिक भीड़भाड़ वाला माना जाता है, ऐसे में इस तरह की घटना ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। 👉 अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह घटना परिवहन विभाग की लापरवाही का नतीजा है, या फिर ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी का खुला खेल? 👉 स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से ओवरलोड वाहनों का संचालन बिना रोक टोक जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। 👉 लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि ऐसे बेलगाम वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन लागू किया जाए। 👉 यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का रूप भी ले सकती हैं।1