Shuru
Apke Nagar Ki App…
सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?
Satyanarayan tiwari
सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?सुनिए बेरमा के महापुरुष ने क्या कहा?
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित सरला नगर में भाटिया शराब कंपनी द्वारा अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है। रात 11 बजे के एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शराब बेचने वाले बिना किसी डर के अपना धंधा चला रहे हैं, जो चरम सीमा पर पहुँच चुका है। इन अवैध विक्रेताओं में पुलिस या आबकारी विभाग का जरा भी खौफ नहीं दिखाई देता। उनका स्पष्ट दावा है कि उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को 'मैनेज' करके रखा है, जिसके चलते वे बेखौफ होकर यह अवैध पैकारी कर रहे हैं।1
- स्मार्ट सिटी सतना के निवासियों के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है, जहाँ आधुनिक और प्रदूषण मुक्त परिवहन के लिए स्वीकृत 20 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी अचानक निरस्त कर दी गई है। इस निर्णय से शहर में भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसे सतना के साथ अन्याय बताया। ये बसें केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के तहत सतना के लिए स्वीकृत की गई थीं, जिनके संचालन के लिए नगर निगम स्तर पर तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। हालांकि, ग्वालियर में परिवहन विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अचानक इन बसों का आवंटन रद्द कर दिया गया। अब इन बसों को भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में संचालित किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बसों की मंजूरी निरस्त करने के पीछे विभाग की ओर से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे सतना की प्रस्तावित इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा फिलहाल अधर में लटक गई है।1
- सतना में हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भारी जलभराव हो गया है, जिससे मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से गंदगी फैलने और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इस समस्या को देखते हुए, लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।1
- उंचेहरा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति सामने आई है, जहाँ छोटा मानिकपुर में दशकों बीत जाने के बाद भी सड़कें चलने लायक नहीं बन पाई हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा गाँव में भी नालियों का सही निर्माण न होने के कारण सड़कों पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।2
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले की ग्राम पंचायत देवरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 2021-2022 में दुर्गा देवी नामक एक महिला ने अपने जीवित पति वीरान को मृत घोषित करवाकर एक शासकीय योजना का वित्तीय लाभ उठा लिया। यह पूरा कृत्य सरपंच और सचिव की मिलीभगत से अंजाम दिया गया, जबकि महिला के पति वीरान आज भी जीवित हैं, जो इस घटना को और भी गंभीर बना देता है। यह मामला निजी स्वार्थ के चलते सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक स्पष्ट उदाहरण है और इसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरपंच और सचिव की मिलीभगत ने प्रशासनिक तंत्र की खामियों को भी उजागर किया है, जो दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अनैतिक तरीकों से सरकारी लाभ उठाने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हैं। यह मामला अब जिला कलेक्टर के संज्ञान में आ चुका है, और अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इसकी गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि जांच में कोई ठोस कार्यवाही न भी हो।1
- आज गुरुवार, 02 जुलाई 2026 को जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए।2
- मध्य प्रदेश के सतना जिले से पवई जा रही एक महिला के साथ बस में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता रश्मि बागरी ने 'जनक नंदी परिहार' बस के कंडक्टर और क्लीनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नागौद से पवई की यात्रा के दौरान, बस में मौजूद कंडक्टर और क्लीनर ने उन्हें अपना बैग बस के अंदर से ऊपर रखने के लिए मजबूर किया, जबकि पीड़िता ने बार-बार मना किया था कि बैग में कीमती सामान है। कंडक्टर ने उन्हें बैग पूरी तरह सुरक्षित पवई तक पहुँचने का भरोसा भी दिया था। पीड़िता का आरोप है कि जब बस पवई के पास एक गड्ढे में रुकी और वह नीचे उतरीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग की बगल की चेन कटी हुई थी और उसमें रखे सभी कीमती जेवर गायब थे। इस घटना के तुरंत बाद, रश्मि बागरी ने पवई थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें प्रतिदिन थाने बुलाकर घंटों इंतजार कराने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया। न्याय की उम्मीद में, परेशान होकर पीड़िता ने पन्ना एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बस स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने चोरी हुए सामान को वापस दिलाने की मांग की है। इस घटना ने बस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- सतना पुलिस ने मारपीट और अड़ीबाजी से जुड़े एक मामले में एक शातिर अपराधी और निगरानी बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक महोदय, सतना, श्री हंसराज सिंह (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई है। इस गिरफ्तारी को थाना प्रभारी कोठी, निरीक्षक संतोष तिवारी द्वारा अंजाम दिया गया। इसमें श्री प्रेमलाल कुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) और श्री रघु केशरी, SDOP नागौद का मार्गदर्शन भी शामिल रहा, जिसके तहत इस शातिर अपराधी को पकड़ा गया है।1
- मध्यप्रदेश के घुनवारा में नेशनल हाईवे-30 के किनारे बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर कटी हुई केबल खुलेआम झूल रही है, जिससे किसी भी वक्त एक बड़ा और जानलेवा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। यदि इन तारों में करंट आ जाता है या कोई राहगीर, बाइक सवार, किसान या पशु इनकी चपेट में आ जाता है, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह खतरनाक स्थिति घुनवारा विद्युत वितरण केंद्र से मात्र लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन विभाग ने अब तक इसे न तो हटाया है और न ही सुरक्षित किया है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित किसान लल्लू साहू, संता कुशवाहा और रामप्रसाद साकेत ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग की अनदेखी लोगों की जान को जोखिम में डाल रही है। किसानों का आरोप है कि ऐसा लगता है मानो विभाग किसी बड़े हादसे या किसी किसान की मौत का इंतजार कर रहा हो। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिजली विभाग किसी की जान जाने के बाद ही जागेगा और कोई कार्रवाई करेगा? स्थानीय लोगों के अनुसार, इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान कई बार आकर्षित कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। नेशनल हाईवे-30 से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और आसपास के ग्रामीणों व किसानों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है, ऐसे में झूलती हुई यह केबल कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ग्रामीणों और किसानों ने बिजली विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण करने, कटी हुई केबल को सुरक्षित करने और किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, किसानों द्वारा लगाए गए ये आरोप उनके स्वयं के बयान हैं; इस संबंध में बिजली विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1