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बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज , इसी सम्बन्ध मे जिला कलेक्टर और प्रदेश कृषि मंत्री को भेजेंगे पत्र बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज पांढुर्ना के मरकावाडा गांव में कृषि विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस और अवैध रूप से चल रहे खाद-बीज के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है. मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में नकली खाद, कीटनाशक और बीज जब्त किए हैं. मामले में आरोपी परमेश्वर पिता जगन बारंगे के खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) अर्चना डोंगरे को 23 जुलाई को शिकायत मिली थी कि मरकावाडा निवासी परमेश्वर बारंगे बिना किसी वैध पंजीयन या लाइसेंस के क्षेत्र में खाद, बीज और कीटनाशकों की अवैध बिक्री कर रहा है. सूचना मिलने पर जब विभागीय टीम मौके पर पहुंची और आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके उपस्थित न होने पर सरपंच, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया. जांच के दौरान गोदाम से 'पावर 50 एनपीके ग्रेड 10:20:20' की बोरियां, कपास बीज के पैकेट और अन्य कंपनियों के संदिग्ध कीटनाशक बरामद हुए. आरोपी से जब लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री के बिल मांगे गए, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका. इसके बाद विभाग ने पूरे स्टॉक और बही-खातों को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जब्त किए गए नकली खाद-बीज गायत्री प्राइवेट लिमिटेड, जेयू एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड, सिमुड़ एग्रो लिमिटेड और किसान शक्ति कृषि उद्योग प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम पर हैं. इन पैकेटों पर उत्पादन व एक्सपायरी तिथि दर्ज नहीं थी और अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों पर एक जैसे बैच नंबर पाए गए, जिससे इनकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विभाग का कहना है कि पांढुर्ना बस स्टैंड और पोस्ट ऑफिस के पास संचालित इन एजेंसियों के दुकानदारों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और जल्द ही उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा. किसान दिन-रात कड़ी मेहनत कर खेती-किसानी करते हैं, ऐसे में किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. यह मामला गंभीर है और इसे दबाया नहीं जाना चाहिए. जनता और किसानों के हित में यह खुलासा होना अनिवार्य है कि आरोपी ने यह अवैध माल कहां से और कितनी मात्रा में मंगवाया था, यह कारोबार कब से संचालित हो रहा था और अब तक कितने किसानों को यह नकली खाद, बीज व दवाइयां बेची गई हैं. साथ ही, इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले चेहरों को भी बेनकाब किया जाना चाहिए ताकि किसान समय रहते सतर्क हो सकें और ऐसी संदिग्ध दुकानों पर जाने से बच सकें. इस पूरे मामले को किसी भी स्तर पर दबाया न जाए, इसके लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के कृषि मंत्री को लिखित में आवेदन दिया जाएगा, ताकि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. कृषि विभाग की ओर से आरोपी परमेश्वर बारंगे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, बीज अधिनियम 1966, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज कर उच्च अधिकारियों को विस्तृत प्रतिवेदन भेज दिया गया है. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे हमेशा लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल लेकर कृषि सामग्री खरीदें और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत विभाग को दें.

12 hrs ago
user_NILESH KALASKAR
NILESH KALASKAR
Farmer Pandhurna, Chhindwara•
12 hrs ago

बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज , इसी सम्बन्ध मे जिला कलेक्टर और प्रदेश कृषि मंत्री को भेजेंगे पत्र बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज पांढुर्ना के मरकावाडा गांव में कृषि विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस और अवैध रूप से चल रहे खाद-बीज के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है. मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में नकली खाद, कीटनाशक और बीज जब्त किए हैं. मामले में आरोपी परमेश्वर पिता जगन बारंगे के खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) अर्चना डोंगरे को 23 जुलाई को शिकायत मिली थी कि मरकावाडा निवासी परमेश्वर बारंगे बिना किसी वैध पंजीयन या लाइसेंस के क्षेत्र में खाद, बीज और कीटनाशकों की अवैध बिक्री कर रहा है. सूचना मिलने पर जब विभागीय टीम मौके पर पहुंची और आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके उपस्थित न होने पर सरपंच, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया. जांच के दौरान गोदाम से 'पावर 50 एनपीके ग्रेड 10:20:20' की बोरियां, कपास बीज के पैकेट और अन्य कंपनियों के संदिग्ध कीटनाशक बरामद हुए. आरोपी से जब लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री के बिल मांगे गए, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका. इसके बाद विभाग ने पूरे स्टॉक और बही-खातों को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जब्त किए गए नकली खाद-बीज गायत्री प्राइवेट लिमिटेड, जेयू एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड, सिमुड़ एग्रो लिमिटेड और किसान शक्ति कृषि उद्योग प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम पर हैं. इन पैकेटों पर उत्पादन व एक्सपायरी तिथि दर्ज नहीं थी और अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों पर एक जैसे बैच नंबर पाए गए, जिससे इनकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विभाग का कहना है कि पांढुर्ना बस स्टैंड और पोस्ट ऑफिस के पास संचालित इन एजेंसियों के दुकानदारों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और जल्द ही उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा. किसान दिन-रात कड़ी मेहनत कर खेती-किसानी करते हैं, ऐसे में किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. यह मामला गंभीर है और इसे दबाया नहीं जाना चाहिए. जनता और किसानों के हित में यह खुलासा होना अनिवार्य है कि आरोपी ने यह अवैध माल कहां से और कितनी मात्रा में मंगवाया था, यह कारोबार कब से संचालित हो रहा था और अब तक कितने किसानों को यह नकली खाद, बीज व दवाइयां बेची गई हैं. साथ ही, इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले चेहरों को भी बेनकाब किया जाना चाहिए ताकि किसान समय रहते सतर्क हो सकें और ऐसी संदिग्ध दुकानों पर जाने से बच सकें. इस पूरे मामले को किसी भी स्तर पर दबाया न जाए, इसके लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के कृषि मंत्री को लिखित में आवेदन दिया जाएगा, ताकि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. कृषि विभाग की ओर से आरोपी परमेश्वर बारंगे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, बीज अधिनियम 1966, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज कर उच्च अधिकारियों को विस्तृत प्रतिवेदन भेज दिया गया है. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे हमेशा लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल लेकर कृषि सामग्री खरीदें और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत विभाग को दें.

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  • कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं 18 आवेदकों की समस्याएं, दिए त्वरित निराकरण के निर्देश पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष पांढुर्णा में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से आए 18 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित तथा नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान आमजन ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने पूरी गंभीरता के साथ सभी मामलों को सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का तथ्यात्मक परीक्षण करते हुए पात्र मामलों का शीघ्र एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान प्राप्त हुए प्रमुख आवेदनों में आपसी विवाद एवं मारपीट की शिकायत, भूमि के खसरा नंबर 11 एवं 13/9 के नक्शा दुरुस्ती व नामांतरण संबंधी 13 वर्षों से लंबित प्रकरण, भूमि पर स्थित सागौन के वृक्षों की कटाई की अनुमति, प्लास्टर ऑफ पेरिस से प्रतिमाओं के निर्माण संबंधी शिकायत, कृषि भूमि का पृथक विभाजन, ग्राम अंबाडा के साप्ताहिक बाजार में अतिक्रमण हटाने व आजीविका की सुरक्षा, विद्युत विभाग में दिवंगत कर्मचारी की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति, न्यायालयीन प्रकरण में प्रक्रियागत अनियमितता की शिकायत, विद्यार्थियों के समूह का सांदीपनी विद्यालय में स्थानांतरण, साइलेज निर्माण परियोजना की अनुदान राशि का भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में कथित अनियमितता की जांच तथा ग्राम सिवनी में स्थायी आधार नामांकन एवं अद्यतन केंद्र स्थापित किए जाने से जुड़े विषय शामिल रहे। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई शासन की एक बेहद महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से समाधान किया जाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री विनय प्रकाश ठाकुर और प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं 18 आवेदकों की समस्याएं, दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष पांढुर्णा में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से आए 18 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित तथा नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए।
साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान आमजन ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने पूरी गंभीरता के साथ सभी मामलों को सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का तथ्यात्मक परीक्षण करते हुए पात्र मामलों का शीघ्र एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान प्राप्त हुए प्रमुख आवेदनों में आपसी विवाद एवं मारपीट की शिकायत, भूमि के खसरा नंबर 11 एवं 13/9 के नक्शा दुरुस्ती व नामांतरण संबंधी 13 वर्षों से लंबित प्रकरण, भूमि पर स्थित सागौन के वृक्षों की कटाई की अनुमति, प्लास्टर ऑफ पेरिस से प्रतिमाओं के निर्माण संबंधी शिकायत, कृषि भूमि का पृथक विभाजन, ग्राम अंबाडा के साप्ताहिक बाजार में अतिक्रमण हटाने व आजीविका की सुरक्षा, विद्युत विभाग में दिवंगत कर्मचारी की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति, न्यायालयीन प्रकरण में प्रक्रियागत अनियमितता की शिकायत, विद्यार्थियों के समूह का सांदीपनी विद्यालय में स्थानांतरण, साइलेज निर्माण परियोजना की अनुदान राशि का भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में कथित अनियमितता की जांच तथा ग्राम सिवनी में स्थायी आधार नामांकन एवं अद्यतन केंद्र स्थापित किए जाने से जुड़े विषय शामिल रहे।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई शासन की एक बेहद महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से समाधान किया जाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री विनय प्रकाश ठाकुर और प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    3 hrs ago
  • बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही (बैतूल)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की उपतहसील बोरदेही बस्ती स्थित पुराना शासकीय हाई स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बन गई है। विशेषकर बारिश के मौसम में भवन का कोई भी हिस्सा गिर सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर भवन का शीघ्र ध्वस्तीकरण (डिस्मेंटल) कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही परिसर को सुरक्षित बनाकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ध्वस्तीकरण के बाद ग्राम पंचायत को मिल सकता है बड़ा लाभ ग्रामीणों का मानना है कि खंडहर हो चुके इस भवन को हटाने के बाद उपलब्ध शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। पर्याप्त जगह होने के कारण यहां नए शासकीय भवनों का निर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि इस स्थान पर बैंक, डाकघर, अन्य शासकीय कार्यालय या जनसुविधा केंद्र जैसी आवश्यक संस्थाओं की स्थापना की जाए, जिससे ग्राम पंचायत बोरदेही के विकास को गति मिले और क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अनुपयोगी पड़े इस खंडहर भवन को हटाकर यदि नए शासकीय कार्यालयों या सार्वजनिक उपयोग के भवनों का निर्माण किया जाता है, तो इससे ग्राम पंचायत को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह भूमि विकास कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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    बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग

बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग
बोरदेही (बैतूल)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की उपतहसील बोरदेही बस्ती स्थित पुराना शासकीय हाई स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बन गई है। विशेषकर बारिश के मौसम में भवन का कोई भी हिस्सा गिर सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर भवन का शीघ्र ध्वस्तीकरण (डिस्मेंटल) कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही परिसर को सुरक्षित बनाकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
ध्वस्तीकरण के बाद ग्राम पंचायत को मिल सकता है बड़ा लाभ
ग्रामीणों का मानना है कि खंडहर हो चुके इस भवन को हटाने के बाद उपलब्ध शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। पर्याप्त जगह होने के कारण यहां नए शासकीय भवनों का निर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि इस स्थान पर बैंक, डाकघर, अन्य शासकीय कार्यालय या जनसुविधा केंद्र जैसी आवश्यक संस्थाओं की स्थापना की जाए, जिससे ग्राम पंचायत बोरदेही के विकास को गति मिले और क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अनुपयोगी पड़े इस खंडहर भवन को हटाकर यदि नए शासकीय कार्यालयों या सार्वजनिक उपयोग के भवनों का निर्माण किया जाता है, तो इससे ग्राम पंचायत को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह भूमि विकास कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
    user_Sandeep waiker
    Sandeep waiker
    Mobile Phone Shop आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बिजली विभाग की मनमानी से भड़का आक्रोश, जमदेही सबस्टेशन पर ग्रामीणों का हल्लाबोल अघोषित कटौती से किसान बेहाल, घंटों गुल रहती है बिजली; विभागीय लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों ने किया घेराव, पुलिस बुलानी पड़ी
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    बिजली विभाग की मनमानी से भड़का आक्रोश, जमदेही सबस्टेशन पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
अघोषित कटौती से किसान बेहाल, घंटों गुल रहती है बिजली; विभागीय लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों ने किया घेराव, पुलिस बुलानी पड़ी
    user_AMLA NEWS
    AMLA NEWS
    आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • धार्मिक स्थल गुरैया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के अंतर्गत श्री पीतांबरा बगलामुखी मंदिर धार्मिक स्थल गुरैया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
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    धार्मिक स्थल गुरैया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
छिंदवाड़ा 
छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के अंतर्गत श्री पीतांबरा बगलामुखी मंदिर धार्मिक स्थल गुरैया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिंगोड़ी/छिंदवाड़ा:- जिला स्वर्णकार समाज छिंदवाड़ा की नई कार्यकारिणी का गठन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समाज के 3 वर्ष पूर्ण होने पर छिंदवाड़ा स्थित नवनिर्मित स्वर्णकार भवन, पोआमा में स्वजातीय बंधुओं की भारी उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जिसमें *पप्पू राव सोनी* को सर्वसम्मति से जिला स्वर्णकार समाज का *अध्यक्ष* चुना गया। अध्यक्ष पद प्राप्त करने के बाद पप्पू राव सोनी ने जिला भर के समस्त स्वजातीय बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सच्ची लगन और निष्ठा के साथ पद की गरिमा को समझते हुए सामाजिक कार्य करेंगे। साथ ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम करने का संकल्प लिया। पप्पू राव सोनी के अध्यक्ष बनने की खबर मिलते ही जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई सिंगोड़ी/छिंदवाड़ा:- जिला स्वर्णकार समाज छिंदवाड़ा की नई कार्यकारिणी का गठन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समाज के 3 वर्ष पूर्ण होने पर छिंदवाड़ा स्थित नवनिर्मित स्वर्णकार भवन, पोआमा में स्वजातीय बंधुओं की भारी उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जिसमें *पप्पू राव सोनी* को सर्वसम्मति से जिला स्वर्णकार समाज का *अध्यक्ष* चुना गया। अध्यक्ष पद प्राप्त करने के बाद पप्पू राव सोनी ने जिला भर के समस्त स्वजातीय बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सच्ची लगन और निष्ठा के साथ पद की गरिमा को समझते हुए सामाजिक कार्य करेंगे। साथ ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम करने का संकल्प लिया। पप्पू राव सोनी के अध्यक्ष बनने की खबर मिलते ही जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई
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    सिंगोड़ी/छिंदवाड़ा:- 
जिला स्वर्णकार समाज छिंदवाड़ा की नई कार्यकारिणी का गठन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समाज के 3 वर्ष पूर्ण होने पर छिंदवाड़ा स्थित नवनिर्मित स्वर्णकार भवन, पोआमा में स्वजातीय बंधुओं की भारी उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जिसमें *पप्पू राव सोनी* को सर्वसम्मति से जिला स्वर्णकार समाज का *अध्यक्ष* चुना गया।

अध्यक्ष पद प्राप्त करने के बाद पप्पू राव सोनी ने जिला भर के समस्त स्वजातीय बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सच्ची लगन और निष्ठा के साथ पद की गरिमा को समझते हुए सामाजिक कार्य करेंगे। साथ ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम करने का संकल्प लिया।

पप्पू राव सोनी के अध्यक्ष बनने की खबर मिलते ही जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई
सिंगोड़ी/छिंदवाड़ा:- 
जिला स्वर्णकार समाज छिंदवाड़ा की नई कार्यकारिणी का गठन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समाज के 3 वर्ष पूर्ण होने पर छिंदवाड़ा स्थित नवनिर्मित स्वर्णकार भवन, पोआमा में स्वजातीय बंधुओं की भारी उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जिसमें *पप्पू राव सोनी* को सर्वसम्मति से जिला स्वर्णकार समाज का *अध्यक्ष* चुना गया।
अध्यक्ष पद प्राप्त करने के बाद पप्पू राव सोनी ने जिला भर के समस्त स्वजातीय बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सच्ची लगन और निष्ठा के साथ पद की गरिमा को समझते हुए सामाजिक कार्य करेंगे। साथ ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम करने का संकल्प लिया।
पप्पू राव सोनी के अध्यक्ष बनने की खबर मिलते ही जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई
    user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज , इसी सम्बन्ध मे जिला कलेक्टर और प्रदेश कृषि मंत्री को भेजेंगे पत्र बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज पांढुर्ना के मरकावाडा गांव में कृषि विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस और अवैध रूप से चल रहे खाद-बीज के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है. मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में नकली खाद, कीटनाशक और बीज जब्त किए हैं. मामले में आरोपी परमेश्वर पिता जगन बारंगे के खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) अर्चना डोंगरे को 23 जुलाई को शिकायत मिली थी कि मरकावाडा निवासी परमेश्वर बारंगे बिना किसी वैध पंजीयन या लाइसेंस के क्षेत्र में खाद, बीज और कीटनाशकों की अवैध बिक्री कर रहा है. सूचना मिलने पर जब विभागीय टीम मौके पर पहुंची और आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके उपस्थित न होने पर सरपंच, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया. जांच के दौरान गोदाम से 'पावर 50 एनपीके ग्रेड 10:20:20' की बोरियां, कपास बीज के पैकेट और अन्य कंपनियों के संदिग्ध कीटनाशक बरामद हुए. आरोपी से जब लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री के बिल मांगे गए, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका. इसके बाद विभाग ने पूरे स्टॉक और बही-खातों को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जब्त किए गए नकली खाद-बीज गायत्री प्राइवेट लिमिटेड, जेयू एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड, सिमुड़ एग्रो लिमिटेड और किसान शक्ति कृषि उद्योग प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम पर हैं. इन पैकेटों पर उत्पादन व एक्सपायरी तिथि दर्ज नहीं थी और अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों पर एक जैसे बैच नंबर पाए गए, जिससे इनकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विभाग का कहना है कि पांढुर्ना बस स्टैंड और पोस्ट ऑफिस के पास संचालित इन एजेंसियों के दुकानदारों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और जल्द ही उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा. किसान दिन-रात कड़ी मेहनत कर खेती-किसानी करते हैं, ऐसे में किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. यह मामला गंभीर है और इसे दबाया नहीं जाना चाहिए. जनता और किसानों के हित में यह खुलासा होना अनिवार्य है कि आरोपी ने यह अवैध माल कहां से और कितनी मात्रा में मंगवाया था, यह कारोबार कब से संचालित हो रहा था और अब तक कितने किसानों को यह नकली खाद, बीज व दवाइयां बेची गई हैं. साथ ही, इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले चेहरों को भी बेनकाब किया जाना चाहिए ताकि किसान समय रहते सतर्क हो सकें और ऐसी संदिग्ध दुकानों पर जाने से बच सकें. इस पूरे मामले को किसी भी स्तर पर दबाया न जाए, इसके लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के कृषि मंत्री को लिखित में आवेदन दिया जाएगा, ताकि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. कृषि विभाग की ओर से आरोपी परमेश्वर बारंगे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, बीज अधिनियम 1966, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज कर उच्च अधिकारियों को विस्तृत प्रतिवेदन भेज दिया गया है. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे हमेशा लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल लेकर कृषि सामग्री खरीदें और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत विभाग को दें.
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    बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज , इसी सम्बन्ध मे जिला कलेक्टर और प्रदेश कृषि मंत्री को भेजेंगे पत्र
बिना लाइसेंस और अवैध खाद-बीज का कारोबार, गोदाम सील कर आरोपी पर एफआईआर दर्ज
पांढुर्ना के मरकावाडा गांव में कृषि विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस और अवैध रूप से चल रहे खाद-बीज के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है. मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में नकली खाद, कीटनाशक और बीज जब्त किए हैं. मामले में आरोपी परमेश्वर पिता जगन बारंगे के खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) अर्चना डोंगरे को 23 जुलाई को शिकायत मिली थी कि मरकावाडा निवासी परमेश्वर बारंगे बिना किसी वैध पंजीयन या लाइसेंस के क्षेत्र में खाद, बीज और कीटनाशकों की अवैध बिक्री कर रहा है. सूचना मिलने पर जब विभागीय टीम मौके पर पहुंची और आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके उपस्थित न होने पर सरपंच, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया.
जांच के दौरान गोदाम से 'पावर 50 एनपीके ग्रेड 10:20:20' की बोरियां, कपास बीज के पैकेट और अन्य कंपनियों के संदिग्ध कीटनाशक बरामद हुए. आरोपी से जब लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री के बिल मांगे गए, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका. इसके बाद विभाग ने पूरे स्टॉक और बही-खातों को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया.
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जब्त किए गए नकली खाद-बीज गायत्री प्राइवेट लिमिटेड, जेयू एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड, सिमुड़ एग्रो लिमिटेड और किसान शक्ति कृषि उद्योग प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम पर हैं. इन पैकेटों पर उत्पादन व एक्सपायरी तिथि दर्ज नहीं थी और अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों पर एक जैसे बैच नंबर पाए गए, जिससे इनकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विभाग का कहना है कि पांढुर्ना बस स्टैंड और पोस्ट ऑफिस के पास संचालित इन एजेंसियों के दुकानदारों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और जल्द ही उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा.
किसान दिन-रात कड़ी मेहनत कर खेती-किसानी करते हैं, ऐसे में किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. यह मामला गंभीर है और इसे दबाया नहीं जाना चाहिए. जनता और किसानों के हित में यह खुलासा होना अनिवार्य है कि आरोपी ने यह अवैध माल कहां से और कितनी मात्रा में मंगवाया था, यह कारोबार कब से संचालित हो रहा था और अब तक कितने किसानों को यह नकली खाद, बीज व दवाइयां बेची गई हैं. साथ ही, इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले चेहरों को भी बेनकाब किया जाना चाहिए ताकि किसान समय रहते सतर्क हो सकें और ऐसी संदिग्ध दुकानों पर जाने से बच सकें. इस पूरे मामले को किसी भी स्तर पर दबाया न जाए, इसके लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के कृषि मंत्री को लिखित में आवेदन दिया जाएगा, ताकि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
कृषि विभाग की ओर से आरोपी परमेश्वर बारंगे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, बीज अधिनियम 1966, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज कर उच्च अधिकारियों को विस्तृत प्रतिवेदन भेज दिया गया है. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे हमेशा लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्का बिल लेकर कृषि सामग्री खरीदें और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत विभाग को दें.
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    12 hrs ago
  • मुलताई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार ​मुलताई। बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया है। ​क्या है पूरा मामला? ​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 जुलाई 2026 को पीड़िता की मां ने मुलताई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके पड़ोस में रहने वाले आरोपी रूपेश (पिता गोलू घोरपड़े) ने उनकी 10 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। ​शिकायत के आधार पर मुलताई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 635/2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 5M/6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ​खेत में घेराबंदी कर दबोचा ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे एवं एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। ​पुलिस टीम ने मुखबिरों को सक्रिय कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम घाटबिरोली के एक खेत में घेराबंदी कर 18 वर्षीय आरोपी रूपेश घोरपड़े को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आज (28 जुलाई 2026) आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। ​कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम ​इस सनसनीखेज मामले का 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल, उपनिरीक्षक आम्रपाली डाहट, प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम, आरक्षक अभिषेक वाडिवा एवं सैनिक विजय रघुवंशी की सराहनीय भूमिका रही।
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    मुलताई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार
​मुलताई। बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया है।
​क्या है पूरा मामला?
​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 जुलाई 2026 को पीड़िता की मां ने मुलताई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके पड़ोस में रहने वाले आरोपी रूपेश (पिता गोलू घोरपड़े) ने उनकी 10 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है।
​शिकायत के आधार पर मुलताई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 635/2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 5M/6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
​खेत में घेराबंदी कर दबोचा
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे एवं एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
​पुलिस टीम ने मुखबिरों को सक्रिय कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम घाटबिरोली के एक खेत में घेराबंदी कर 18 वर्षीय आरोपी रूपेश घोरपड़े को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आज (28 जुलाई 2026) आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
​कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
​इस सनसनीखेज मामले का 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल, उपनिरीक्षक आम्रपाली डाहट, प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम, आरक्षक अभिषेक वाडिवा एवं सैनिक विजय रघुवंशी की सराहनीय भूमिका रही।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    4 hrs ago
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