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जंतर-मंतर पर पथराव के बाद स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए। इस हिंसक झड़प में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों घायल हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम और तनावपूर्ण माहौल के बीच, कॉकरोच पार्टी और सरकार के बीच आज फिर से बातचीत होने जा रही है।
Anoop singh
जंतर-मंतर पर पथराव के बाद स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए। इस हिंसक झड़प में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों घायल हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम और तनावपूर्ण माहौल के बीच, कॉकरोच पार्टी और सरकार के बीच आज फिर से बातचीत होने जा रही है।
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को बाराबंकी में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने अंबेडकर छात्रावास से पटेल चौराहे तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो इस आंदोलन को बड़े शहरों से लेकर गांव-गांव तक और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में सभी प्रदर्शनकारी रवाना हो गए।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यूरिया खाद के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास मिले 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को मौत के करीब 40 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार सदर (देवा), थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई। जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित सोता कब्रिस्तान से शव को निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ भेजा गया है। लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी परिजनों ने 17 जून 2026 को थाना सआदतगंज में दर्ज कराई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास अज्ञात शव बरामद होने पर पुलिस ने पहचान न होने के कारण 19 जून को पोस्टमार्टम कराकर दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने पुत्र के रूप में की और हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि मृतक के हाथ पर 'सैफ' नाम लिखा होने के बावजूद पहचान का प्रयास नहीं किया गया और गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान न होने के कारण उन्हें 40 दिनों तक भटकना पड़ा। परिजनों ने सिपाही नितेश पाल पर भी आदेश के बावजूद दो दिनों तक फाइल आगे न बढ़ाने और देरी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से शिकायत कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।1
- बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत के युवा विंग ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंडल अध्यक्ष समीर यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता बस स्टॉप पर एकत्र हुए और नारेबाजी करने के बाद जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में तहसील क्षेत्र की 12 प्रमुख समस्याओं को रेखांकित करते हुए 15 दिनों के भीतर उनके समाधान की मांग की गई है। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में बताया गया है कि शेखपुर से नंदना संपर्क मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों के कारण जर्जर हो चुका है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा, शेखपुर समेसी मोड़ पर स्थायी जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाला-नाली निर्माण कर जल निकासी सुनिश्चित कराने की मांग की गई है। साथ ही, फतेहपुर-बाबाकुटी मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियों व पेड़ों की छंटाई कराने, हरे-भरे पेड़ों के अवैध कटान पर रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध वन विभाग से एफआईआर दर्ज कराने और बिलौली महाराज से डुडवा गांव तक सरकारी हैंडपंपों से आ रहे दूषित पानी की जल निगम से जांच कराकर समस्या दूर करने की मांग उठाई गई है। इसके अतिरिक्त, निजी मानक-विहीन स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाने, संगम चौराहे से पश्चिम संपर्क मार्ग के पुनर्निर्माण, जल जीवन मिशन के कार्यों की थर्ड पार्टी जांच कराने, अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने और पुलिस थानों में प्रार्थना पत्रों के निष्पक्ष निस्तारण की भी मांग की गई है।1
- जंतर-मंतर पर पथराव के बाद स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए। इस हिंसक झड़प में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों घायल हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम और तनावपूर्ण माहौल के बीच, कॉकरोच पार्टी और सरकार के बीच आज फिर से बातचीत होने जा रही है।1