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जशपुर टाइम्स की टीम ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव से कांसाबेल आगमन के दौरान खास बातचीत की। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने संगठन की आगामी रणनीति, युवाओं की भूमिका, जिले के विकास और अपनी प्राथमिकताओं पर खुलकर विचार साझा किए।
Ibnul khan
जशपुर टाइम्स की टीम ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव से कांसाबेल आगमन के दौरान खास बातचीत की। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने संगठन की आगामी रणनीति, युवाओं की भूमिका, जिले के विकास और अपनी प्राथमिकताओं पर खुलकर विचार साझा किए।
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- डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिलेभर में सघन कार्रवाई 23 से अधिक प्रकरण दर्ज, तथा 100 लीटर से अधिक देसी, अंग्रेजी एवं कच्ची महुआ शराब जब्त।1
- आज की बड़ी खबर आ रही है छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से, जहां कृषि उपज मंडी मेंड्राकला में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी में नियुक्त चौकीदार की जगह एक गरीब मजदूर से काम कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि उस मजदूर को महज 7 हजार रुपये महीने पर रखा गया, और उसे पिछले दो से तीन महीने से वेतन तक नहीं मिला है। आख़िर क्यों एक नियमित कर्मचारी घर पर आराम कर रहा है और एक गरीब मजदूर रात भर ड्यूटी देने को मजबूर है? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट। “छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से बड़ी खबर! मंडी में चौकीदार घर में आराम कर रहा है… और एक गरीब मजदूर रात भर पहरा देने को मजबूर है! आरटीआई में हुआ बड़ा खुलासा — 7 हजार रुपये में काम… वो भी बिना वेतन के! क्या यही है व्यवस्था? क्या गरीब का हक़ ऐसे ही मारा जाएगा? हम सवाल पूछेंगे… जवाब लेकर रहेंगे!” तो क्या गरीब मजदूर के हक़ पर डाका डाला जा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई? अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। फिलहाल के लिए इतना ही, लेकिन इस खबर पर हमारी नजर बनी रहेगी।1
- कार्रवाई के अभाव में बेखौफ माफिया! जारी प्रखंड में अवैध खनन और ईंट भट्ठों का कारोबार तेज अट्ठाईस जनवरी दो हजार छब्बीस को अवैध खनन और ईंट भट्ठों के संचालन को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद भी जारी प्रखंड में स्थिति जस की तस बनी हुई है। उल्टा, प्रशासन की चुप्पी ने अवैध कारोबारियों के हौसले और बुलंद कर दिए हैं। न जांच, न छापेमारी और न ही किसी भट्ठे पर सील की कार्रवाई—इससे साफ है कि जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता का सीधा लाभ उठाया जा रहा है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण माफियाओं का मनोबल बढ़ गया है। उनका कहना है कि पहले जहां सीमित स्तर पर खुदाई हो रही थी, अब खुलेआम बड़े पैमाने पर मिट्टी की कटाई और ट्रैक्टरों से ढुलाई की जा रही है। भट्ठों का संचालन दिन-रात जारी है और धुआं लगातार वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों की उपजाऊ मिट्टी को तेजी से हटाया जा रहा है, जिससे भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है। सवाल यह है कि जब मामला सार्वजनिक रूप से उजागर हो चुका है, तब भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनआक्रोश का इंतजार कर रहा है? या फिर अवैध खनन पर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकराल हो सकती है। जारी प्रखंड की जनता अब सीधे जवाब की मांग कर रही है—अवैध खनन और ईंट भट्ठों पर कार्रवाई कब होगी? दोषियों पर शिकंजा कब कसेगा? प्रशासन की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है, और जवाब देना अब अनिवार्य हो गया है।1
- पुलिस आरक्षक ही निकले गांजा तस्कर: जशपुर में दो आरक्षकों समेत 4 गिरफ्तार, भारी मात्रा में गांजा जप्त जशपुर नगर के विवेकानंद कॉलोनी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना कोतवाली की टीम ने कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे रवि विश्वकर्मा के ठिकाने पर रेड मारी, जहाँ एक पेटी में छिपाकर रखे गए कुल 24 पैकेट अवैध गांजा बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान आरोपी रवि ने खुलासा किया कि उसने यह खेप गोविंद उर्फ सुनील भगत के कहने पर और पैसों के लालच में अपने घर में रखी थी। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी गोविंद को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। इस मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब आरोपी गोविंद ने पुलिस विभाग के ही दो आरक्षकों की इस तस्करी में संलिप्तता की बात कबूली। जांच में पाया गया कि थाना तपकरा के आरक्षक क्रमांक 581 धीरेंद्र मधुकर (उम्र 37 वर्ष), पिता करताल सिंह और आरक्षक क्रमांक 392 अमित त्रिपाठी (उम्र 35 वर्ष), पिता स्वर्गीय राजदेव त्रिपाठी, इस अवैध कारोबार में तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। विभाग के इन रक्षकों द्वारा ही कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए गांजा तस्करी को अंजाम दिया जा रहा था, जिसके पुख्ता प्रमाण मिलने पर पुलिस ने दोनों आरक्षकों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में रवि विश्वकर्मा, सुनील भगत और दोनों पुलिस आरक्षकों—धीरेंद्र मधुकर व अमित त्रिपाठी के विरुद्ध थाना जशपुर में अपराध क्रमांक 74/26 के तहत धारा 20 (B) एनडीपीएस (NDPS) एक्ट दर्ज किया है। जप्त किए गए 24 पैकेट गांजा और आरोपियों के बयानों के आधार पर सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस विभाग के अपने ही कर्मचारियों की इस काली करतूत ने विभाग की छवि पर गहरा दाग लगा दिया है, जिससे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है1
- दादा के साली1
- 🎥 स्पेशल रिपोर्ट – धान खरीदी में जिम्मेदार कौनइंट्रो (तेज और सीधे सवाल): किसान धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचा… लेकिन नाम सूची में नहीं! टोकन नहीं कटा… धान नहीं बिका… और लाखों का नुकसान! अब बड़ा सवाल – आखिर जिम्मेदार कौन? 📌 मामला क्या है? ग्राम लहपटरा, जनपद लखनपुर के किसान देवप्रसाद का आरोप है कि 55 क्विंटल 60 किलो धान बेचने के लिए परेशान!! बावजूद सूची में नाम नहीं होने का हवाला देकर टोकन नहीं काटा गया। सरकारी दर 2100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लगभग ₹1,16,760 रुपये का भुगतान मिलना था। आरोप है कि संबंधित पटवारी भारत सिंह की भूमिका संदिग्ध है। 🎯 बड़ा सवाल – धान खरीदी में पटवारी का काम क्या? ❓ सवाल 1: क्या पटवारी सीधे धान खरीदता है? 👉 नहीं। धान की तौल और भुगतान समिति/खरीदी केंद्र करता है। ❓ सवाल 2: क्या पटवारी की भूमिका होती है? 👉 हाँ। जमीन और रकबे का सत्यापन किसान पंजीयन का मिलान खसरा रिकॉर्ड की पुष्टि सूची में नाम जोड़ने/सत्यापन में सहयोग ❓ सवाल 3: अगर सूची में नाम नहीं था तो जिम्मेदार कौन? 👉 अगर पंजीयन या रकबा सत्यापन में गलती है, तो पटवारी की भूमिका जांच के दायरे में आती है। 👉 अगर तकनीकी या समिति स्तर की त्रुटि है, तो खरीदी केंद्र प्रबंधन जिम्मेदार हो सकता है। 🎤 किसान का आरोप देवप्रसाद का कहना है कि समय पर पहुंचने के बावजूद टोकन नहीं कटा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने एमडी न्यूज के माध्यम से निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है। ⚖ अब प्रशासन से सवाल क्या किसान का पंजीयन सही था? सूची से नाम क्यों गायब था? किसकी लापरवाही से ₹1 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ? क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगआउट्रो (दमदार): किसान की मेहनत से समझौता नहीं हो सकता। अब देखना होगा – जांच होगी या मामला दबेगा? कैमरामैन के साथ ________, एमडी न्यूज।1
- मध्यरात्रि में जली आस्था की अग्नि, चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ होलिका दहन चैनपुर (गुमला): चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर, डुमरी और जारी प्रखंडों में सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि श्रद्धा, उल्लास और परंपरा के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया। गांव-गांव और चौक-चौराहों पर लोगों ने एकत्रित होकर विधि-विधान से होलिका दहन किया तथा भक्ति भाव से कीर्तन-भजन का आयोजन किया। होलिका दहन के अवसर पर युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह से लकड़ियां एकत्रित कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाई गईं। निर्धारित समय पर वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अग्नि प्रज्वलित की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। होलिका दहन के साथ ही रंग और गुलाल के प्रतीकात्मक प्रयोग के साथ होली पर्व की शुरुआत कर दी गई। हालांकि मंगलवार को ग्रहण के कारण पारंपरिक रंगों की होली नहीं खेली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, रंगोत्सव अब शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। पूरे अनुमंडल क्षेत्र में होलिका दहन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन भी सतर्क रहा और विभिन्न स्थानों पर निगरानी रखी गई, जिससे कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। #चैनपुर #डुमरी #जारी #गुमला #होलिका_दहन #होली_उत्सव #परंपरा #रंगों_का_त्योहार1
- केरजू समिति में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर 1.92 करोड़ का घोटाला: तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी, शाखा प्रबंधक और कैशियर सहित 8 पर FIR … अम्बिकापुर | आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित केरजू में फर्जी ऋण आहरण का एक बड़ा सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। जांच में 127 किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर 1,92,82,006 रुपये (एक करोड़ बयानवे लाख बयासी हजार छह रुपये) का अवैध आहरण पाया गया है। इस वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारियों, शाखा प्रबंधक, सहायक लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुल 8 संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं। 127 किसानों के हक पर डाका: फर्जी हस्ताक्षर से निकाला पैसा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर की अध्यक्षता में गठित संयुक्त जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सहकारी समिति के भीतर एक सुनियोजित तरीके से किसानों के नाम पर कर्ज निकाला गया। रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उनके खाते से करोड़ों रुपये की राशि निकाल ली गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने निम्नलिखित कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधे तौर पर दोषी पाया है: मदन सिंह (तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी) जोगी राम (तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी) सैनाथ केरकेट्टा (वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्राधिकृत अधिकारी) भूपेन्द्र सिंह परिहार (तत्कालीन शाखा प्रबंधक) शिवशंकर सोनी (सहायक लेखापाल) ललिता सिन्हा (कैशियर) सुमित कुमार (सामान्य सहायक) दीपक कुमार चक्रधारी (कम्प्यूटर ऑपरेटर)1
- Post by Dipak gupta1