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जशपुर के चुंडाभ पाठ जलाशय में सड़क पर पानी भर जाने के कारण आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। जानकारी के अनुसार, 'चुंडा पाठ जलाशय मिशन योजना' के तहत नदी में पानी भर जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई थी। अब इस मार्ग पर आवाजाही के लिए 'रास्ता नंबर 2.0' उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे लोग बिना किसी चिंता के नए मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
JASHPUR ZONE
जशपुर के चुंडाभ पाठ जलाशय में सड़क पर पानी भर जाने के कारण आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। जानकारी के अनुसार, 'चुंडा पाठ जलाशय मिशन योजना' के तहत नदी में पानी भर जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई थी। अब इस मार्ग पर आवाजाही के लिए 'रास्ता नंबर 2.0' उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे लोग बिना किसी चिंता के नए मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
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- जशपुर के चुंडाभ पाठ जलाशय में सड़क पर पानी भर जाने के कारण आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। जानकारी के अनुसार, 'चुंडा पाठ जलाशय मिशन योजना' के तहत नदी में पानी भर जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई थी। अब इस मार्ग पर आवाजाही के लिए 'रास्ता नंबर 2.0' उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे लोग बिना किसी चिंता के नए मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।1
- चैनपुर/गुमला के बरवे क्षेत्र के 83 गांवों में संचालित 'सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता' जन-जागरण यात्रा का भव्य समापन सिरसी-ता नाले धर्मस्थल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, यह जन-जागरण यात्रा 31 मई, 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल से शुरू हुई थी और 14 जून, 2026 को उसी पवित्र स्थल पर समाप्त हुई। समापन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने धर्मस्थल के विकास, संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। सभा में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास और निर्माण कार्य आदिवासी समाज के लोगों के एक-एक रुपये के सहयोग और आपसी चंदे से ही किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता शिव प्रकाश भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह धर्मस्थल आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, जिसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी समाज स्वयं उठाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि धर्मस्थल के विकास के लिए किसी विधायक, सांसद अथवा किसी अन्य सरकारी फंड से सहायता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बजाय, धर्मस्थल का निर्माण, संरक्षण, विकास एवं देखरेख स्थानीय लोगों की निगरानी और सहभागिता में ही होगी। इस निर्णय का बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से आए ग्रामीणों ने समर्थन करते हुए संकल्प लिया कि वे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर की जिम्मेदारी स्वयं निभाएंगे। वक्ताओं ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास एवं निर्माण कार्य पूरी तरह जनसहयोग से पूरा करना बताया, ताकि आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं अक्षुण्ण बनी रहें। कार्यक्रम का सफल संचालन अमित भगत ने किया, जबकि मनीषा उरांव, अनिता उरांव, जलेश्वर उरांव, सतीश चन्द्र भगत, शिवबालक भगत, लीला उरांव, भगत पति उरांव, ललिता उरांव, सुबरशनी मुंडा एवं सत्येन्द्र भगत सहित कई लोगों ने जन-जागरण यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, आयोजन समिति ने इस जन-जागरण यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों के ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- चैनपुर में, लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने चैनपुर और जारी प्रखंडों के लिए अपने सांसद प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है। सांसद भगत ने अल्बर्ट तिग्गा को चैनपुर प्रखंड के लिए सांसद प्रतिनिधि के रूप में नामित किया है, जबकि मोहम्मद जाकिर खान को जारी प्रखंड के लिए सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी सौंपी गई है।1
- रायगढ़ जिला जेल में अवैध शराब बिक्री के एक मामले में बंद 28 वर्षीय संजय बघेल नामक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया गया है कि तबीयत बिगड़ने पर संजय को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक कैदी के परिजनों ने जेल में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, जेल प्रशासन और पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संजय बघेल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और आगे की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।1
- गुमला मारवाड़ी संघ ने सामाजिक सरोकार और मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए जिले में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 45 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मुहैया कराना था। रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से दान कर मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और ब्लड बैंक की टीम ने सभी आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन किया। कार्यक्रम के दौरान, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मारवाड़ी संघ के इस सराहनीय प्रयास की खुले दिल से प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित भी किया। अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान के माध्यम से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं और उन्होंने समाज के अन्य संगठनों से भी ऐसे जनहितकारी कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। मारवाड़ी संघ के पदाधिकारियों ने पुष्टि की कि वे भविष्य में भी समाज के हित में ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे। इस रक्तदान शिविर की सफलता में संघ के सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। शिविर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और जरूरतमंदों को दिया गया रक्त वास्तव में जीवनदान के समान है।3
- कोलेबिरा प्रखंड कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक रविवार को बरवाडीह रोड स्थित सामुदायिक भवन में प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य SIR मैपिंग और अनमैपिंग कार्यों की समीक्षा करना था। पंचायत अध्यक्षों और बीएलए को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सभी पंचायत अध्यक्षों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अगले दो दिनों के भीतर एक विशेष अभियान चलाकर मैपिंग कार्य को पूरा करें। वहीं, बीएलए को 15 जून तक अनमैपिंग को मैपिंग में बदलने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पेसा कानून की जानकारी भी दी गई और कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेश द्विवेदी ने भी पंचायत स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में प्रदेश अल्पसंख्यक सचिव फुल्केरिया डांग, सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, जोसेफ सोरेंग, तजमुल अहमद, लूथर सुरीन, जोगेंद्र मांझी, एरेन केरकेट्टा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- लातेहार के महुआडांड प्रखंड में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों से खुलेआम 'लूट' मची हुई है। क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत और बड़े पैमाने पर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। इस गंभीर स्थिति पर महुआडांड अनुमंडल के सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल ने गहरी चिंता जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तय दामों को दरकिनार कर खाद-उर्वरक को दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है, जहाँ ₹250 की सरकारी कीमत वाली खाद खुलेआम ₹500 में और ₹1300-₹1350 मूल्य वाली खाद के लिए गरीब किसानों से ₹2200-₹2300 तक वसूले जा रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि जायसवाल ने मीडिया और समाचार पत्रों की खबरों का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि महुआडांड के स्थानीय किसानों के हक की खाद को अवैध रूप से पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। इस कालाबाजारी के कारण स्थानीय किसानों को खेती के मुख्य समय पर सही दाम में खाद नसीब नहीं हो पा रही है, जिसे उन्होंने किसानों की 'मानसिक हत्या' से कम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ खुदरा दुकानदारों और बिचौलियों ने चार-चार, पांच-पांच और दस-दस अवैध गोदाम बना रखे हैं जहाँ खाद की जमाखोरी कर किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने अनुमंडल और जिला प्रशासन से इस पूरे सिंडिकेट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। संजय जायसवाल ने चेतावनी दी है कि वे ₹1300 की खाद को ₹2300 में और ₹250 की खाद को ₹500 में कदापि नहीं बिकने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी रसूखदार या पावरफुल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने इस कालाबाजारी पर तुरंत लगाम नहीं लगाई, तो वे किसानों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।1
- लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव अल्बर्ट तिग्गा को चैनपुर प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, अल्बर्ट तिग्गा सांसद की अनुपस्थिति में सभी सरकारी कार्यक्रमों में उनका प्रतिनिधित्व करेंगे तथा जनता और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य संभालेंगे। अल्बर्ट तिग्गा का कांग्रेस संगठन और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव काफी पुराना है; वे वर्ष 1995 से 2000 तक तत्कालीन विधायक स्वर्गीय प्रोफेसर बर्नार्ड मिंज के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अपनी नियुक्ति पर अल्बर्ट तिग्गा ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सांसद तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास करेंगे। उनकी इस नियुक्ति से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है, और लोगों ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव का लाभ क्षेत्र के विकास एवं जनहित के कार्यों को मिलेगा।1