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अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक

18 min ago
user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
18 min ago

अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक

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    03 पुलिसकर्मी को पुष्पगुच्छ मोमेन्टों प्रदान कर दी गई भावुक विदाई
03 पुलिसकर्मी को पुष्पगुच्छ मोमेन्टों प्रदान कर दी गई भावुक विदाई
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    11 min ago
  • विद्युत उपकेंद्र की छत टपकी, कंट्रोल-रूम में पानी फैला:कर्मचारी जान जोखिम में डालकर कर रहे काम, मरम्मत की मांग विद्युत उपकेंद्र की छत टपकी, कंट्रोल-रूम में पानी फैला:कर्मचारी जान जोखिम में डालकर कर रहे काम, मरम्मत की मांग तिंदवारी पिछले एक सप्ताह से ज्यादा दोनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच तिंदवारी पपरेंदा मार्ग पर स्थित बिजली सब स्टेशन के परिसर पानी से भर गया। छत से पानी टपकने के कारण बिजली उपकरणों के पास नमी बढ़ गई है, जिससे शॉर्ट सर्किट और करंट फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इसके बावजूद संविदाकर्मी जोखिम उठाकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। बारिश के चलते उपकेंद्र के कंट्रोल रूम की छत से लगातार पानी टपक रहा है। फर्श पर कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है। स्विच, कंट्रोल पैनल और अन्य विद्युत उपकरणों के आसपास नमी बढ़ने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।संविदा विद्युत कर्मियों का कहना है कि उपकेंद्र की हर बरसात में छत टपकती है। इस समस्या की कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें जान जोखिम में डालकर ऐसे माहौल में काम करना पड़ रहा है, जहां जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बिजली आपूर्ति पर भी मंडरा रहा खतरा स्थानीय लोगों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि कंट्रोल रूम में शॉर्ट सर्किट हो गया तो पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।विद्युत कर्मियों ने उपकेंद्र भवन की तत्काल मरम्मत कराने और कंट्रोल रूम को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उन्होंने बरसात के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी अपील की है, ताकि बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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    विद्युत उपकेंद्र की छत टपकी, कंट्रोल-रूम में पानी फैला:कर्मचारी जान जोखिम में डालकर कर रहे काम, मरम्मत की मांग
विद्युत उपकेंद्र की छत टपकी, कंट्रोल-रूम में पानी फैला:कर्मचारी जान जोखिम में डालकर कर रहे काम, मरम्मत की मांग
तिंदवारी पिछले एक सप्ताह से ज्यादा दोनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच तिंदवारी पपरेंदा मार्ग पर स्थित बिजली सब स्टेशन के परिसर पानी से भर गया। छत से पानी टपकने के कारण बिजली उपकरणों के पास नमी बढ़ गई है, जिससे शॉर्ट सर्किट और करंट फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इसके बावजूद संविदाकर्मी जोखिम उठाकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
बारिश के चलते उपकेंद्र के कंट्रोल रूम की छत से लगातार पानी टपक रहा है। फर्श पर कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है। स्विच, कंट्रोल पैनल और अन्य विद्युत उपकरणों के आसपास नमी बढ़ने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।संविदा विद्युत कर्मियों का कहना है कि उपकेंद्र की  हर बरसात में छत टपकती है। इस समस्या की कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें जान जोखिम में डालकर ऐसे माहौल में काम करना पड़ रहा है, जहां जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
बिजली आपूर्ति पर भी मंडरा रहा खतरा
स्थानीय लोगों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि कंट्रोल रूम में शॉर्ट सर्किट हो गया तो पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।विद्युत कर्मियों ने उपकेंद्र भवन की तत्काल मरम्मत कराने और कंट्रोल रूम को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उन्होंने बरसात के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी अपील की है, ताकि बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
  • हमीरपुर :बारिश में तीन कच्चे मकान गिरे, परिवारों के सामने रहने का संकट एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर आवासीय मदद की लगाई गुहार मौदहा, हमीरपुर। लगातार हो रही बारिश के चलते मौदहा तहसील क्षेत्र के ग्राम खैर में तीन कच्चे मकान धराशायी हो गए। मकान गिरने से पीड़ित परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी कल्लू पुत्र रामआसरे ने उपजिलाधिकारी मौदहा को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि लगातार बारिश के कारण पहले उसके कच्चे मकान का कुछ हिस्सा गिर गया था। इसके बाद अधिक बारिश होने से पूरा मकान भी भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद परिवार के रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है और वह आसपास में रहकर किसी तरह जीवन गुजार रहा है। इसी तरह शत्रुघन पुत्र रामरतन और सुरेन्द्र पुत्र भवानीदीन, दोनों निवासी ग्राम खैर, के कच्चे मकान भी बारिश के चलते गिर गए हैं। मकान गिरने से तीनों परिवारों के सामने रहने और बरसात से बचाव की समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ितों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवासीय सहायता एवं रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में मकान गिरने से परिवारों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
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    हमीरपुर :बारिश में तीन कच्चे मकान गिरे, परिवारों के सामने रहने का संकट
एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर आवासीय मदद की लगाई गुहार
मौदहा, हमीरपुर। लगातार हो रही बारिश के चलते मौदहा तहसील क्षेत्र के ग्राम खैर में तीन कच्चे मकान धराशायी हो गए। मकान गिरने से पीड़ित परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
ग्राम निवासी कल्लू पुत्र रामआसरे ने उपजिलाधिकारी मौदहा को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि लगातार बारिश के कारण पहले उसके कच्चे मकान का कुछ हिस्सा गिर गया था। इसके बाद अधिक बारिश होने से पूरा मकान भी भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद परिवार के रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है और वह आसपास में रहकर किसी तरह जीवन गुजार रहा है।
इसी तरह शत्रुघन पुत्र रामरतन और सुरेन्द्र पुत्र भवानीदीन, दोनों निवासी ग्राम खैर, के कच्चे मकान भी बारिश के चलते गिर गए हैं। मकान गिरने से तीनों परिवारों के सामने रहने और बरसात से बचाव की समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़ितों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवासीय सहायता एवं रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में मकान गिरने से परिवारों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • वृद्ध की मौत के मामले में पत्नी जेल में, पति पहुंचा SP दफ्तर; बमीठा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप वृद्ध की मौत के मामले में पत्नी जेल में, पति पहुंचा SP दफ्तर; बमीठा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
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    वृद्ध की मौत के मामले में पत्नी जेल में, पति पहुंचा SP दफ्तर; बमीठा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
वृद्ध की मौत के मामले में पत्नी जेल में, पति पहुंचा SP दफ्तर; बमीठा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
    user_Bharat Junction News
    Bharat Junction News
    Local News Reporter छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बांदा उ.प्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आवाह्न पर व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष माननीय अजय राय पूर्व मंत्री के निर्देशन पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में भेदभाव के खिलाफ लड़ने पर राहुल गांधी के खिलाफ संघी ने जो FIR कराई है वह राजनैतिक द्वेष भाव से पूर्ण है, कांग्रेस पार्टी इसको अनैतिक व अनुचित मानते हुए इसका विरोध करती है। भाजपा-संघ को उखाड़े बिना भेदभाव, छुआछूत और अपमान से आजादी नहीं मिलेगी। इस विषय को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय से लेकर रेलवे स्टेशन तक विरोध प्रदर्शन किया गया। बांदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मीडिया से रूबरू होते हुए बतलाया कि "जननेता राहुल गांधी पर FIR हो गई है, पता है क्यूँ क्योंकि उन्होंने देश के सीनियर दलित नेता के साथ हुए जातिगत भेदभाव पर आरएसएस और भाजपा को नंगा किया था! उन्होंने हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद मंच के जातिगत आधार पर शुद्धिकरण का विरोध किया था। क्या अब संघियों–भाजपाइयों के राज में भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई लड़ना भी अपराध हो चुका है? ये संघी ये भूल रहे हैं कि आजादी से पहले जो गांधी जी व दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते थे, आज आजादी के 79 साल बाद उसी गांधी के वंशज राहुल गांधी को दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ने के बदले मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन ये राहुल गांधी है, ये फ्लावर नहीं फायर है अगर इन्होंने ठान लिया है तो देश को संघी भेदभाव जातिगत छुआछूत से आजादी दिला कर ही रहेंगे। और यह आजादी कब मिलेगी जब इस देश से बीजेपी और आरएसएस जड़ से उखड़ जाएगा। क्योंकि जब तक इस देश में आरएसएस और भाजपा रहेगी, तब तक इस देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और महिलाओं को इंसाफ किसी कीमत पर नहीं मिल सकता। अगर शोषितों और वंचितों को भेदभाव और छुआछूत से आजादी चाहिए, अगर समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार चाहिए तो सबसे पहले भाजपा औऱ संघ को उखाड़ना होगा। क्योंकि सारी बुराईयों, कुरीतियों और पाखंड की जड़ संघी और भाजपाई हैं। आप खुद सोचिए कि जब इस देश में राज्यसभा के नेता विपक्ष भेदभाव और छुआछूत से सुरक्षित नहीं है तो आम गरीब जनता की बात क्या ही करें। दलितों के प्रति संघियों की घृणा का अंदाजा इस बात से लगा लीजिए कि बीते दिनांक 08 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी एक जनसभा को संबोधित करने के लिए उत्तराखंड के हल्द्वानी गए थे। यहां एक रामलीला मंच पर जनसभा को संबोधित करने के बाद खरगे जी जैसे ही मंच से उतरे, उसके महज कुछ ही घंटे बाद तमाम संघी स्वयंसेवक और भाजपाई कार्यकर्ताओं ने रामलीला मंच पर हवन करके उस मंच का शुद्धिकरण किया। पता है क्यों क्योंकि खरगे जी दलित हैं। इन संघियों की नजर में दलित इंसान नहीं होते है। ये वही संघी और भाजपाई हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बंगले में जाने से पहले उस बंगले को गंगाजल से धुलवाया था। क्योंकि इससे पहले उस बंगले में अखिलेश यादव के रूप में एक पिछड़ा मुख्यमंत्री रहता था। पिछड़ों और दलितों के प्रति भाजपा की सोच बहुत जहरीली है। ये लोग दलितों और पिछड़ों को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। एक बात और कि खुद को ओबीसी बताकर वोट मांगने वाले नरेंद्र मोदी खुद दलितों-पिछड़ों की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं। वो भले ही चीख-चीख कर खुद को पिछड़ों का मसीहा बताते हैं, मगर उनके कारनामों से साफ लगता है कि मोदी जी का मन और मस्तिष्क दलितों और पिछड़ों के प्रति भेदभाव और संकीर्णता से सना हुआ है। अगर मोदी जी का इरादा साफ रहा होता तो किस जाहिल संघी और भाजपाई की औकात थी, जो एक दलित नेता के साथ भेदभाव करता, जो पिछड़े मुख्यमंत्री को उसकी जाति के कारण अपमानित करने की हिम्मत करता? इसलिए आपको समझना पड़ेगा कि संघियों की तरह मोदी का इरादा भी समाज के पिछड़ों, दलितों और शोषित वर्गों को न्याय दिलाना नहीं , बल्कि उनका चुनावी इस्तेमाल करना है। उनके नाम पर केवल वोट लेना है। बीते दिनों आपने देखा होगा कि कांग्रेस और राहुल गांधी लंबे समय से ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदाय को उनका हक दिलाने के ल‍िए लड़ाई लड़ रहे हैं, मगर प्रधानमंत्री खुलेआम जातिगत जनगणना का विरोध करते रहे हैं। वो चुनाव रैलियों में खुद को ओबीसी जरूर बताते हैं, मगर ओबीसी को न्याय देने की बात पर प्रधानमंत्री कहते हैं कि इस देश में जाति है ही नहीं। क्या अब वो प्रधानमंत्री मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान के बाद बता सकते हैं कि देश में जाति है कि नहीं ? दरअसल, प्रधानमंत्री जिस संघ की जिस राजनीतिक पाठशाला से निकले हैं, वो पाठशाला वंचित वर्गों के शोषण की प्रयोगशाला है। उनका चरित्र जिस विचारधारा की देन है, वो विचारधारा ही ओबीसी, दलितों और आदिवासियों की बर्बर शोषक है। ये दिखावे के लिए इन वर्गों का हितैषी बनने का नाटक तो जरूर करते हैं, मगर असलियत में ये इन शोषित वर्गों के शत्रु हैं। अगर स्वतंत्रता, समता और सम्मान चाहिए तो सबसे पहले भाजपा और संघ को उखाड़ना होगा क्योंकि इनके रहते आपको भेदभाव, छुआछूत, अपमान और शोषण से आजादी नहीं मिल सकती है।"
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    बांदा उ.प्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आवाह्न पर व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष माननीय अजय राय पूर्व मंत्री के निर्देशन पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में भेदभाव के खिलाफ लड़ने पर राहुल गांधी के खिलाफ संघी ने जो FIR कराई है वह राजनैतिक द्वेष भाव से पूर्ण है, कांग्रेस पार्टी इसको अनैतिक व अनुचित मानते हुए इसका विरोध करती है। भाजपा-संघ को उखाड़े बिना भेदभाव, छुआछूत और अपमान से आजादी नहीं मिलेगी। इस विषय को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय से लेकर रेलवे स्टेशन तक विरोध प्रदर्शन किया गया।

बांदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मीडिया से रूबरू होते हुए बतलाया कि "जननेता राहुल गांधी पर FIR हो गई है, पता है क्यूँ क्योंकि उन्होंने देश के सीनियर दलित नेता के साथ हुए जातिगत भेदभाव पर आरएसएस और भाजपा को नंगा किया था! उन्होंने हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद मंच के जातिगत आधार पर शुद्धिकरण का विरोध किया था।
क्या अब संघियों–भाजपाइयों के राज में भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई लड़ना भी अपराध हो चुका है?
ये संघी ये भूल रहे हैं कि आजादी से पहले जो गांधी जी व दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते थे, आज आजादी के 79 साल बाद उसी गांधी के वंशज राहुल गांधी को दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ने के बदले मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है।
लेकिन ये राहुल गांधी है, ये फ्लावर नहीं फायर है अगर इन्होंने ठान लिया है तो देश को संघी भेदभाव जातिगत छुआछूत से आजादी दिला कर ही रहेंगे। और यह आजादी कब मिलेगी जब इस देश से बीजेपी और आरएसएस जड़ से उखड़ जाएगा। क्योंकि जब तक इस देश में आरएसएस और भाजपा रहेगी, तब तक इस देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और महिलाओं को इंसाफ किसी कीमत पर नहीं मिल सकता।
अगर शोषितों और वंचितों को भेदभाव और छुआछूत से आजादी चाहिए, अगर समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार चाहिए तो सबसे पहले भाजपा औऱ संघ को उखाड़ना होगा। क्योंकि सारी बुराईयों, कुरीतियों और पाखंड की जड़ संघी और भाजपाई हैं।
आप खुद सोचिए कि जब इस देश में राज्यसभा के नेता विपक्ष भेदभाव और छुआछूत से सुरक्षित नहीं है तो आम गरीब जनता की बात क्या ही करें।
दलितों के प्रति संघियों की घृणा का अंदाजा इस बात से लगा लीजिए कि बीते दिनांक 08 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी एक जनसभा को संबोधित करने के लिए उत्तराखंड के हल्द्वानी गए थे। यहां एक रामलीला मंच पर जनसभा को संबोधित करने के बाद खरगे जी जैसे ही मंच से उतरे, उसके महज कुछ ही घंटे बाद तमाम संघी स्वयंसेवक और भाजपाई कार्यकर्ताओं ने रामलीला मंच पर हवन करके उस मंच का शुद्धिकरण किया।
पता है क्यों क्योंकि खरगे जी दलित हैं। इन संघियों की नजर में दलित इंसान नहीं होते है।
ये वही संघी और भाजपाई हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बंगले में जाने से पहले उस बंगले को गंगाजल से धुलवाया था। क्योंकि इससे पहले उस बंगले में अखिलेश यादव के रूप में एक पिछड़ा मुख्यमंत्री रहता था। 
पिछड़ों और दलितों के प्रति भाजपा की सोच बहुत जहरीली है। ये लोग दलितों और पिछड़ों को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
एक बात और कि खुद को ओबीसी बताकर वोट मांगने वाले नरेंद्र मोदी खुद दलितों-पिछड़ों की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं। वो भले ही चीख-चीख कर खुद को पिछड़ों का मसीहा बताते हैं, मगर उनके कारनामों से साफ लगता है कि मोदी जी का मन और मस्तिष्क दलितों और पिछड़ों के प्रति भेदभाव और संकीर्णता से सना हुआ है। 
अगर मोदी जी का इरादा साफ रहा होता तो किस जाहिल संघी और भाजपाई की औकात थी, जो एक दलित नेता के साथ भेदभाव करता, जो पिछड़े मुख्यमंत्री को उसकी जाति के कारण अपमानित करने की हिम्मत करता?
इसलिए आपको समझना पड़ेगा कि संघियों की तरह मोदी का इरादा भी समाज के पिछड़ों, दलितों और शोषित वर्गों को न्याय दिलाना नहीं , बल्कि उनका चुनावी इस्तेमाल करना है। उनके नाम पर केवल वोट लेना है।
बीते दिनों आपने देखा होगा कि कांग्रेस और राहुल गांधी लंबे समय से ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदाय को उनका हक दिलाने के ल‍िए लड़ाई लड़ रहे हैं, मगर प्रधानमंत्री खुलेआम जातिगत जनगणना का विरोध करते रहे हैं। वो चुनाव रैलियों में खुद को ओबीसी जरूर बताते हैं, मगर ओबीसी को न्याय देने की बात पर प्रधानमंत्री कहते हैं कि इस देश में जाति है ही नहीं। क्या अब वो प्रधानमंत्री मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान के बाद बता सकते हैं कि देश में जाति है कि नहीं ?
दरअसल, प्रधानमंत्री जिस संघ की जिस राजनीतिक पाठशाला से निकले हैं, वो पाठशाला वंचित वर्गों के शोषण की प्रयोगशाला है। उनका चरित्र जिस विचारधारा की देन है, वो विचारधारा ही ओबीसी, दलितों और आदिवासियों की बर्बर शोषक है। ये दिखावे के लिए इन वर्गों का हितैषी बनने का नाटक तो जरूर करते हैं, मगर असलियत में ये इन शोषित वर्गों के शत्रु हैं। 
अगर स्वतंत्रता, समता और सम्मान चाहिए तो सबसे पहले भाजपा और संघ को उखाड़ना होगा क्योंकि इनके रहते आपको भेदभाव, छुआछूत, अपमान और शोषण से आजादी नहीं मिल सकती है।"
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • mai deotha ka jimmedar nagrik hu mai aapne gao ki samasya ke bare mai baat karna chahta hu yah khabar jila chhatarpur jila gao deotha se yha nali hal yesa hai barish aate hi pani nali kam aur road se jyada nikalta hai
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    mai deotha ka jimmedar nagrik hu mai aapne gao ki samasya ke bare mai baat karna chahta hu
yah khabar jila chhatarpur jila gao deotha se yha nali hal yesa hai barish aate hi pani nali kam aur road se jyada nikalta hai
    user_Deepu jatav
    Deepu jatav
    छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक
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    अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक
अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान को लेकर बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने एसडीएम चरखारी को दिया ज्ञापन - योगेश पाठक
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • *भाजपा जिला मंत्री ने दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उठाया कदम* *हमीरपुर।* भाजपा जिला मंत्री *महेंद्र शुक्ला* ने दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पहल की है। उन्होंने पीड़िता के परिजनों से मिलकर मामले की जानकारी ली और पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
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    *भाजपा जिला मंत्री ने दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उठाया कदम*
*हमीरपुर।* भाजपा जिला मंत्री *महेंद्र शुक्ला* ने दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पहल की है।
उन्होंने पीड़िता के परिजनों से मिलकर मामले की जानकारी ली और पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
    user_निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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