बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेवार से सामान खरीदने और सिम्स अस्पताल जाने के लिए निकली महिला किरन सूर्यवंशी लापता हो गई है। इस मामले में महिला के पिता बलदाऊ प्रसाद सूर्यवंशी (उम्र 52 वर्ष), पिता समे लाल, निवासी ग्राम सेवार ने चकरभाठा थाने पहुंचकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिता की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला कायम कर महिला की पतासाजी शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किरन सूर्यवंशी का विवाह 10 वर्ष पूर्व ग्राम गतौरा निवासी महावीर सूर्यवंशी के साथ हुआ था और उसकी दो बेटियां हैं। वह 12 जुलाई 2026 को अपने मायके सेवार आई हुई थी। 18 जुलाई 2026 को सिम्स अस्पताल में भर्ती अपनी सास भूरी बाई सूर्यवंशी की बीमारी का पता चलने पर, किरन ने अपने पति महावीर से फोन पर बात की। इसके बाद वह चकरभाठा से सामान लेने और सिम्स अस्पताल में सास को देखने जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास और सभी रिश्तेदारों में तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। लापता महिला का कद 5 फीट 5 इंच है, रंग गोरा, बाल काले लंबे हैं और उसने हरे रंग का सलवार सूट पहन रखा है। उसने कक्षा आठवीं तक पढ़ाई की है, चश्मा पहनती है और अपने साथ मोबाइल रखी हुई है, जो फिलहाल बंद बता रहा है। चकरभाठा पुलिस ने मामले में गुम इंसान कायम कर तलाश तेज कर दी है और आरएम सर्व के जरिए सभी थाना व चौकी प्रभारियों तथा डीसीआरबी को इसकी सूचना भेज दी है।
बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेवार से सामान खरीदने और सिम्स अस्पताल जाने के लिए निकली महिला किरन सूर्यवंशी लापता हो गई है। इस मामले में महिला के पिता बलदाऊ प्रसाद सूर्यवंशी (उम्र 52 वर्ष), पिता समे लाल, निवासी ग्राम सेवार ने चकरभाठा थाने पहुंचकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिता की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला कायम कर महिला की पतासाजी शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किरन सूर्यवंशी का विवाह 10 वर्ष पूर्व ग्राम गतौरा निवासी महावीर सूर्यवंशी के साथ हुआ था और उसकी दो बेटियां हैं। वह 12 जुलाई 2026 को अपने मायके सेवार आई हुई थी। 18 जुलाई 2026 को सिम्स अस्पताल में भर्ती अपनी सास भूरी बाई सूर्यवंशी की बीमारी का पता चलने पर, किरन ने अपने पति महावीर से फोन पर बात की। इसके बाद वह चकरभाठा से सामान लेने और सिम्स अस्पताल में सास को देखने जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास और सभी रिश्तेदारों में तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। लापता महिला का कद 5 फीट 5 इंच है, रंग गोरा, बाल काले लंबे हैं और उसने हरे रंग का सलवार सूट पहन रखा है। उसने कक्षा आठवीं तक पढ़ाई की है, चश्मा पहनती है और अपने साथ मोबाइल रखी हुई है, जो फिलहाल बंद बता रहा है। चकरभाठा पुलिस ने मामले में गुम इंसान कायम कर तलाश तेज कर दी है और आरएम सर्व के जरिए सभी थाना व चौकी प्रभारियों तथा डीसीआरबी को इसकी सूचना भेज दी है।
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेवार से सामान खरीदने और सिम्स अस्पताल जाने के लिए निकली महिला किरन सूर्यवंशी लापता हो गई है। इस मामले में महिला के पिता बलदाऊ प्रसाद सूर्यवंशी (उम्र 52 वर्ष), पिता समे लाल, निवासी ग्राम सेवार ने चकरभाठा थाने पहुंचकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिता की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला कायम कर महिला की पतासाजी शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किरन सूर्यवंशी का विवाह 10 वर्ष पूर्व ग्राम गतौरा निवासी महावीर सूर्यवंशी के साथ हुआ था और उसकी दो बेटियां हैं। वह 12 जुलाई 2026 को अपने मायके सेवार आई हुई थी। 18 जुलाई 2026 को सिम्स अस्पताल में भर्ती अपनी सास भूरी बाई सूर्यवंशी की बीमारी का पता चलने पर, किरन ने अपने पति महावीर से फोन पर बात की। इसके बाद वह चकरभाठा से सामान लेने और सिम्स अस्पताल में सास को देखने जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास और सभी रिश्तेदारों में तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। लापता महिला का कद 5 फीट 5 इंच है, रंग गोरा, बाल काले लंबे हैं और उसने हरे रंग का सलवार सूट पहन रखा है। उसने कक्षा आठवीं तक पढ़ाई की है, चश्मा पहनती है और अपने साथ मोबाइल रखी हुई है, जो फिलहाल बंद बता रहा है। चकरभाठा पुलिस ने मामले में गुम इंसान कायम कर तलाश तेज कर दी है और आरएम सर्व के जरिए सभी थाना व चौकी प्रभारियों तथा डीसीआरबी को इसकी सूचना भेज दी है।1
- जंतर-मंतर में चल रहे आंदोलन का असर अब बिलासपुर में भी देखने को मिला है। इसी क्रम में स्टूडेंट्स द्वारा बिलासपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया है।1
- पिछले सात वर्षों से अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने एक बार फिर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर जिलाधीशों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और अपनी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग रखी। स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, समयमान वेतनमान, जोखिम भत्ता, आवास सुविधा, संविदा कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन और रिक्त पदों पर भर्ती जैसी मांगें वर्षों से लंबित पड़ी हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के आंदोलन के दौरान मिले आश्वासन के बावजूद अब तक शासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके विरोध में कर्मचारियों को यह बड़ा प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है।1
- रायगढ़ के खरसिया में राठौर चौक के पास 6 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:45 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (CG 13 AY 6539) ने मोटरसाइकिल सवार 73 वर्षीय कैलाश गर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक बाइक और बुजुर्ग को लगभग 200 से 250 फीट तक घसीटता चला गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका अस्पताल में इलाज जारी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर मामले की जांच करते हुए खरसिया चौकी पुलिस ने आरोपी चालक भीष्म कुमार यादव (34), निवासी ग्राम उपनी, थाना डभरा, जिला सक्ती को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना स्वीकार कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि हादसे के समय आरोपी शराब के नशे में वाहन चला रहा था। पुलिस ने दुर्घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और आरोपी पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के साथ साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक मानव वध के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं जोड़कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, एएसआई मनोज पटेल और खरसिया पुलिस टीम द्वारा की गई। घटना को लेकर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही किसी की जान ले सकती है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रखेगी।1
- बिलासपुर के अशोक नगर स्थित मुरुम खदान रोड क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सुकून फाउंडेशन ने "पहले सर्वे, फिर सेवा" की पहल की है। संस्था की टीम ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और इसके बाद जरूरतमंद परिवारों के लिए रात में भोजन की व्यवस्था की। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों से उनकी आगे की जरूरतों पर भी चर्चा की गई। इस राहत कार्य में कई सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों और महिला शक्ति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।1
- छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति, भाषा और छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के लिए बेबाकी से आवाज़ उठाने वाले अमित बघेल की रिहाई हो गई है। जिस आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई थी, उसकी रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल बन गया है। छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान और संघर्ष की बुलंद आवाज़ माने जाने वाले अमित बघेल की रिहाई पर पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों का कहना है कि शेर को चाहे जितने समय तक रोका जाए, उसकी दहाड़ को कभी कैद नहीं किया जा सकता। रिहाई के बाद प्रदेशभर में 'अमित बघेल जिंदाबाद', 'छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान जिंदाबाद' और 'जय छत्तीसगढ़, जय जोहार' के नारे गूंज रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुए अत्याचार के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी बलौदाबाजार - भाटापारा ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस कमेटी ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सेमरताल का 'महतारी सदन' ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने का जरिया बन रहा है। बुधवार शाम 5:30 बजे जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञान सुधा संकुल संगठन सेमरताल के अंतर्गत राधाकृष्ण स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती बबीता गुप्ता यहाँ मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं। वे महिलाओं को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ घरेलू हिंसा, सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही महिलाओं की मदद कर रही हैं। श्रीमती बबीता गुप्ता नियमित रूप से गाँव के मोहल्लों और घरों में जाकर उन महिलाओं से मुलाकात करती हैं जो जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थीं। वे ऐसी महिलाओं की समस्याओं को समझकर उनके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने, आवेदन प्रक्रिया समझाने और संबंधित कार्यालयों तक पहुँच बनाने में सहयोग करती हैं। साथ ही, महतारी सदन के माध्यम से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर उनकी काउंसलिंग की जाती है, जिससे महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती और मसाला निर्माण जैसी आजीविका गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे कई महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू कर अपने परिवार की आय में योगदान देना प्रारंभ कर दिया है। गाँव की महिलाओं का कहना है कि महतारी सदन और मार्गदर्शन मिलने से वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। महतारी सदन से जुड़े प्रशिक्षित कार्यकर्ता और ट्रेनर घर-घर जाकर योजना से वंचित महिलाओं की पहचान करने और उन्हें संबंधित विभागों से जोड़ने के कार्य में लगे हुए हैं।1