Shuru
Apke Nagar Ki App…
मोतीचूर समिति का कहना है कि वे नदी में सफाई करते हैं, लेकिन उनके इस दावे पर व्यंग्य किया गया है। नदी में हुई सफाई को देखकर तंज कसा गया है कि 'क्या गजब की सफाई होती है,' जो समिति के सफाई कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।
बिजय चोहन
मोतीचूर समिति का कहना है कि वे नदी में सफाई करते हैं, लेकिन उनके इस दावे पर व्यंग्य किया गया है। नदी में हुई सफाई को देखकर तंज कसा गया है कि 'क्या गजब की सफाई होती है,' जो समिति के सफाई कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बीना विधानसभा के खिमलासा थाना क्षेत्र के ग्राम बसाहरी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो चचेरे भाइयों की करंट लगने से मौत हो गई। दोनों युवक शौच के लिए जा रहे थे, तभी वे एक खेत के चारों ओर लगी तार फेंसिंग में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गए। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम छा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, खोजाखेड़ी निवासी विकास मोगिया (पारदी) और उनके चचेरे भाई, पथरिया जैगन निवासी 35 वर्षीय प्रवेश मोगिया, ग्राम बसाहरी में तंबू लगाकर रह रहे थे। गुरुवार शाम शौच के लिए निकलते समय वे एक खेत की तार फेंसिंग के संपर्क में आ गए, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण तत्काल दोनों को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही खिमलासा पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि खेत की तार फेंसिंग में करंट कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस दुखद घटना से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक प्रवेश मोगिया अपने पीछे चार बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। वहीं, मृतक विकास मोगिया के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं, और उनकी पत्नी सात माह की गर्भवती हैं। घटना के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।4
- बीना विधानसभा के खिमलासा थाना क्षेत्र के ग्राम बसाहरी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो चचेरे भाइयों की करंट लगने से मौत हो गई। विकास मोगिया (पारदी) निवासी खोजाखेड़ी और उनके 35 वर्षीय चचेरे भाई प्रवेश मोगिया निवासी पथरिया जैगन, जो ग्राम बसाहरी में तंबू लगाकर रह रहे थे, शौच के लिए जाते समय एक खेत की तार फेंसिंग की चपेट में आ गए जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण तत्काल दोनों युवकों को सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही खिमलासा पुलिस मौके पर पहुँची और शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे पंचनामा कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जाँच शुरू कर दी है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि खेत की तार फेंसिंग में करंट कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस दुखद घटना ने दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। मृतक प्रवेश मोगिया अपने पीछे चार बच्चे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं, छोड़ गए हैं। वहीं, मृतक विकास मोगिया के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं, और उनकी पत्नी सात माह की गर्भवती हैं। घटना के बाद से दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- मोतीचूर समिति का कहना है कि वे नदी में सफाई करते हैं, लेकिन उनके इस दावे पर व्यंग्य किया गया है। नदी में हुई सफाई को देखकर तंज कसा गया है कि 'क्या गजब की सफाई होती है,' जो समिति के सफाई कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।1
- बीना में राय गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा अब प्रशासन तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीना, जिला सागर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राय गैस एजेंसी के प्रति उपभोक्ताओं के तीव्र आक्रोश को दर्शाता है।1
- विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।1
- विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है। कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।4
- विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब जहरीला पदार्थ खाने के बाद एक युवक को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया और मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल लाया गया, जहाँ मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण परिजनों को काफी चिंता का सामना करना पड़ा। परिजनों ने बताया कि मरीज काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार करता रहा। बाद में अस्पताल कर्मचारियों ने जानकारी दी कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भोजन के लिए बाहर गई थीं। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल विदिशा रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि गंभीर मरीजों के लिए समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे, तो ऐसी स्थितियाँ मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।4
- जाखलौन में बिजली घर पर एक बिजली कर्मचारी (लाइटमैन) के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में हमलावरों ने लाइटमैन की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। इस मारपीट और तोड़फोड़ से नाराज होकर लाइटमैन ने विरोध स्वरूप पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप कर दी।1