वारह भगवान का रूप धारण करके की रमत पुरा मंदिर परिसर हुआ भक्तिमय नागौर,,नागौर शहर में नगर सेठ बंशीवाला नाम से विख्यात बंशीवाला मंदिर में भगवान वाराह अवतार प्रगट होने से पहले राक्षस रूपी मौलुटे बने युवक छोटे छोटे बच्चों को डराने की कोशिश कर रहे थे भगवान वाराह अवतार प्रगट होते ही राक्षस रूपी मौलुटे मंदिर परिसर में से गायब हो गए भगवान वारह अवतार का रूप धारण करके शाम को ढोल नगाड़ों के बीच में रमत की गई मौसम विभाग के द्वारा बरसात की दो दिन की चेतावनी पर वारह अवतार रमत के बीच में इन्द्र देव प्रसन्न हो गए हों ऐसा प्रतीत हो रहा था कि साक्षात इन्द्र भगवान भगवान वारह अवतार की रमत देखने आये है बरसात होने पर भी शहरवासी वारह अवतार की रमत देखते रहे एवं पुरा मंदिर परिसर रमत देखने वाले शहरवासियों से खचाखच भरा हुआ था जहां पर पैर रखने तक भी जगह नहीं थी श्रृद्धालु रमत देखते हुए*जय जय जय जय* का जयकारा लगाते हुए नजर आ रहे थे कोई अनहोनी ना हो इसलिए मंदिर परिसर में ओर मंदिर परिसर के बहार पुलिस प्रशासन एवं कलिका वाहिनी भी मुस्तैदी के साथ खड़े थे
वारह भगवान का रूप धारण करके की रमत पुरा मंदिर परिसर हुआ भक्तिमय नागौर,,नागौर शहर में नगर सेठ बंशीवाला नाम से विख्यात बंशीवाला मंदिर में भगवान वाराह अवतार प्रगट होने से पहले राक्षस रूपी मौलुटे बने युवक छोटे छोटे बच्चों को डराने की कोशिश कर रहे थे भगवान वाराह अवतार प्रगट होते ही राक्षस रूपी मौलुटे मंदिर परिसर में से गायब हो गए भगवान वारह अवतार का रूप धारण करके शाम को ढोल नगाड़ों के बीच में रमत की गई मौसम विभाग के द्वारा बरसात की दो दिन की चेतावनी पर वारह अवतार रमत के बीच में इन्द्र देव प्रसन्न हो गए हों ऐसा प्रतीत हो रहा था कि साक्षात इन्द्र भगवान भगवान वारह अवतार की रमत देखने आये है बरसात होने पर भी शहरवासी वारह अवतार की रमत देखते रहे एवं पुरा मंदिर परिसर रमत देखने वाले शहरवासियों से खचाखच भरा हुआ था जहां पर पैर रखने तक भी जगह नहीं थी श्रृद्धालु रमत देखते हुए*जय जय जय जय* का जयकारा लगाते हुए नजर आ रहे थे कोई अनहोनी ना हो इसलिए मंदिर परिसर में ओर मंदिर परिसर के बहार पुलिस प्रशासन एवं कलिका वाहिनी भी मुस्तैदी के साथ खड़े थे
- रियाँ बड़ी क्षेत्र के पुरोहितासनी स्थित जसोल माजीसा धाम में एक विशाल भजन संध्या और मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर जयकारों और भजनों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मंच पर भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इनमें महावीर सांखला, श्री राजपुरोहित, बाल कलाकार रामराज, गुड़िया पंवार, गोविंद कुड़की, चंदन सिंह राजपुरोहित, पं. गजेंद्र शास्त्री लोहावट और पं. मोहित शास्त्री शामिल थे। उनके मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर मुख्य पुजारी सवाई सिंह राजपुरोहित, शंभू सिंह राजपुरोहित और गुरु मां पवन बाई सा उपस्थित रहीं। सैकड़ों भक्तों ने नृत्य-गान के साथ भक्ति का आनंद लिया। आयोजन समिति के अनुसार, यह मेला धाम की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन हर वर्ष श्रद्धापूर्वक किया जाता है। कार्यक्रम में थान सिंह डोली (राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी), पुखराज ग्वाला, जितेंद्र सिंह डोली, सुमेर सिंह राजपुरोहित बिछु, पुख सा साकड़िया, लक्ष्मण सिंह बड़ली, राम सा घेवड़ा, जितेंद्र सिंह डोली और राजेंद्र बेरवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया। गोरधन सिंह राजपुरोहित, कैलाश सिंह, रतन सिंह, नेमीचंद, सुरेश, नंद लाल, अशोक इंदौरा, सुनील प्रजापत, मूला राम माली और रामवतार माली सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालकर आयोजन को सफल बनाया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भोजन की उचित व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारु रहीं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। अंत में, उपस्थित श्रद्धालुओं ने धाम की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।1
- पत्रकार इकबाल खान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के दौरान सामने आई एक बेहद मार्मिक तस्वीर ने सभी को भावुक कर दिया। रेस्क्यू टीम को एक मां और उसका मासूम बच्चा एक-दूसरे से लिपटे हुए मृत अवस्था में मिले, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग भी खुद को संभाल नहीं सके। बताया जा रहा है कि हादसा अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। घटना के बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर से पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- श्रीडूंगरगढ़ के रीड़ी गांव में किसान परिवार की अनूठी बारात निकली जो किसी लग्जरी गाड़ियों में नहीं ट्रैक्टरों पर सवार होकर दुल्हन लाने के लिए निकले। दूल्हे राजा भी खुद ट्रैक्टर चलाकर अपने ससुराल पहुंचे इस पूरी बारात में 85 ट्रैक्टरों को सजाकर एक बड़ी बारात को निकाला गया और यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि लग्जरी गाड़ियों में ही बरात नहीं निकलती किसान के रोजगार का जो साधन है ट्रैक्टर वह काफी महत्वपूर्ण है और इसी को लेकर बारात ट्रैक्टरों पर सवार होकर निकाली गई इस बारात को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा3
- ek tarikh1
- खाजूवाला में पुलिस बल की भारी कमी, 216 चक-गांवों की सुरक्षा पर संकट पत्रकार इकबाल खान सीमावर्ती खाजूवाला थाना क्षेत्र में पुलिस बल की भारी कमी से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 216 चक-गांवों की सुरक्षा महज 10 पुलिसकर्मियों के भरोसे चल रही है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। जानकारी के अनुसार 32 हेड और सीसाड़ा स्ट्राइकिंग फोर्स की दो पुलिस चौकियां बंद पड़ी हैं। वहीं, उपलब्ध स्टाफ में से भी 5 सिपाही एचएम और कोर्ट ड्यूटी में तैनात हैं, जिससे जमीन पर पुलिस की मौजूदगी और भी कम हो गई है। सीमावर्ती और अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से सटे इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन वर्तमान हालात में गश्त और निगरानी पर सीधा असर पड़ रहा है। पुलिस चौकियां बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी कई किलोमीटर दूर थाने तक जाना पड़ रहा है।क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना भी पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द से जल्द पुलिस बल बढ़ाने, बंद चौकियां चालू करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।1
- Post by Mahesh panchariya1
- खींवसर(नागौर )रोशन मीना पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन में नागौर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर स्टंट के वायरल वीडियो पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सड़क पर खतरनाक स्टंट कर वाहन चलाने वाले युवक मनीष को गिरफ्तार कर, स्टंट में प्रयुक्त वाहन स्काॅर्पियो-एन जब्त की गई। शादी समारोह के दौरान सड़क पर एक डीजे के पीछे उक्त व्यक्ति ने अपनी स्काॅर्पियो गाड़ी से स्टंट करते हुए खतरनाक तरीके से लहराते हुए चलाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।2
- नागौर के रियाँबड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा कथित तौर पर नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध स्वरूप दवा वितरण केंद्र पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर उपखंड प्रशासन हरकत में आया और रियाँबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद आरोपी कर्मचारी को नशे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। शिक्षा अधिकारी चेनाराम चौधरी ने बताया कि अशोक मीणा को पुलिस जांच हेतु थाने ले गई है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को पहले भी नशे की हालत में ड्यूटी पर आने के कारण कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद वह फिर से लापरवाही बरत रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता बेहद खराब है। विशेषकर खांसी की दवा या तो मिलती ही नहीं या फिर एक-दो दिन में खत्म हो जाती है, जिससे मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।1
- झालावाड़ जिले में सूदखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्याज माफियाओं की कमर तोड़ दी। झालावाड़ के डग थाना क्षेत्र में पुलिस ने आरोपी सुनील गोयल के ठिकानों पर दबिश देकर करोड़ों रुपए के वाहन, कृषि यंत्र और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।पुलिस को आरोपी के ठिकानों से बड़ी संख्या में खाली साइन किए हुए चेक और खाली स्टांप भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनसे मोटा ब्याज वसूलता था और उनकी संपत्तियां अपने नाम करवा लेता था।पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में बिना लाइसेंस पैसा उधार देकर अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के तहत सभी थाना अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।कार्रवाई के दौरान आरोपी के मकान, गोदाम और कृषि फार्म से 70 ट्रैक्टर, 61 मोटरसाइकिल, 7 कार, 3 पिकअप, 1 ट्रक और 2 टैंपो बरामद किए गए। इसके अलावा 107 थ्रेसर, 29 ट्रॉली, सीड ड्रिल सहित बड़ी मात्रा में कृषि यंत्र भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को 147 हस्ताक्षरित खाली चेक, खाली स्टांप, 39 मकानों के पट्टे, वाहनों की आरसी और जमीन की रजिस्ट्रियां भी मिली हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाते हैं। *बाड़े में छुपा रखे थे वाहन* पुलिस के अनुसार आरोपी सुनील गोयल गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध तरीके से मुनाफा कमा रहा था। वह कर्ज के बदले लोगों से खाली चेक और स्टांप पर साइन करवाकर मनमानी वसूली करता था। इतना ही नहीं, फाइनेंस कंपनियों से लिए गए वाहनों को भी उसने अपने बाड़े में छुपाकर रखा हुआ था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की संपत्ति जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अगर बीकानेर में भी इस तरह के ब्याज माफिया है,जो गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाता हो तो एसपी बीकानेर संपर्क कर सकता है।1