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जबलपुर के बरेला क्षेत्र में एक और बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक क्रेटा गाड़ी और एक ट्राला के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस को सूचना मिलते ही, वे तत्काल मौके पर पहुंची और सभी गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया ताकि उन्हें आवश्यक चिकित्सा मिल सके। इस गंभीर घटना के मद्देनज़र, संबंधित अधिकारियों, जिनमें @JabalpurPolice और @CollectorJab शामिल हैं, से मामले में त्वरित कार्रवाई करने तथा घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
Deepak Vishawakarma
जबलपुर के बरेला क्षेत्र में एक और बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक क्रेटा गाड़ी और एक ट्राला के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस को सूचना मिलते ही, वे तत्काल मौके पर पहुंची और सभी गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया ताकि उन्हें आवश्यक चिकित्सा मिल सके। इस गंभीर घटना के मद्देनज़र, संबंधित अधिकारियों, जिनमें @JabalpurPolice और @CollectorJab शामिल हैं, से मामले में त्वरित कार्रवाई करने तथा घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
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- जबलपुर के बरेला क्षेत्र में एक और बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक क्रेटा गाड़ी और एक ट्राला के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस को सूचना मिलते ही, वे तत्काल मौके पर पहुंची और सभी गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया ताकि उन्हें आवश्यक चिकित्सा मिल सके। इस गंभीर घटना के मद्देनज़र, संबंधित अधिकारियों, जिनमें @JabalpurPolice और @CollectorJab शामिल हैं, से मामले में त्वरित कार्रवाई करने तथा घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।1
- जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग को लेकर कांग्रेस ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली कटौती होती है, और जर्जर लाइनें तथा खंभे इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ₹500 करोड़ के रखरखाव बजट पर सवाल उठाए और विभाग पर छोटे उपभोक्ताओं पर सख्ती बरतने तथा बड़े बकायादारों पर नरमी दिखाने का आरोप लगाया। साथ ही, बढ़े हुए बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों पर भी आपत्ति दर्ज की गई। विधायक लखन घनघोरिया ने अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा को एक ज्ञापन सौंपते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की, यह दावा करते हुए कि विभाग को करोड़ों रुपये मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। दूसरी ओर, विद्युत विभाग ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। विभाग का कहना है कि शहर के सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति समान रूप से की जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून से पहले ट्रिपिंग की समस्या सामान्य है और इसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा।1
- यह मुंबई के पहले डॉन हाजी मस्तान के जीवन की शुरुआत से संबंधित है। बताया गया है कि हाजी मस्तान, जिन्हें मुंबई का पहला डॉन कहा जाता है, और सुल्तान मिर्ज़ा की कहानी पर आधारित 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' फिल्म बनी है, जिसे आप सभी ने देखा होगा।2
- जय श्री रामधर्म संगठन द्वारा व्यक्त एक गहन भावनात्मक संदेश में, यह कामना की गई है कि काश सब साथ होते। इस भावना के अनुसार, यदि सब मिलकर चलते, तो लोग बुराई के रास्ते से दूर रहते और उनकी जिंदगी संस्कारों में ढलती। संदेश में यह भी इच्छा व्यक्त की गई है कि ऐसे में किसी का प्यार बेरहमी से बिछड़ता नहीं।1
- जबलपुर में आज शाम लगभग 5 बजे से तेज़ बारिश हुई, जिसने गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत पहुँचाई।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में महिला सशक्तिकरण और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति आहार योजना' के अंतर्गत एक भव्य 'कुक-कम-हेल्पर्स प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 96 रसोइयों ने अपना पंजीकरण कराकर विभिन्न पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल लगाए। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन के सचिव सरदार सिंह पटेल और गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश द्वारा मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ किया गया। निर्णायक समिति ने सभी स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन करते हुए विजेताओं का मूल्यांकन किया। कड़े मुकाबले के बीच, शासकीय माध्यमिक शाला गोटेगांव की रसोइया बिट्टी बाई लोधी ने अपने बेहतरीन पाक कौशल के दम पर प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्हें मुख्य अतिथियों द्वारा 5,000 रुपये की नकद राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों के साथ-साथ सांत्वना पुरस्कार के रूप में भी नगद राशि एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर पंकज चौकसे, जनपद सीईओ दीक्षा जैन, बीईओ सिद्धांत बागड़े, बीएसी उमाशंकर छिरा, जन शिक्षक और पंचायत सचिव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, जनपद पंचायत सीईओ दीक्षा जैन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।1
- मध्य प्रदेश सरकार का कृषि विभाग और बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर, मिलकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 'जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम' चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसलों को अनिश्चित मौसम से बचाना है। इसी कड़ी में, नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव ब्लॉक स्थित ग्राम झांसी घाट में एक मिनी कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जो स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहा है। इस खरीफ सीजन में सेंटर द्वारा प्रदान किया जा रहा रेज्ड बेड प्लांटर (मेड़ बनाकर बुवाई करने वाली मशीन) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। क्षेत्र के कई किसान इस मशीन का उपयोग कर अपने खेतों में उठी हुई क्यारियों (बेड) पर मक्का और सोयाबीन की बुवाई कर रहे हैं, जिससे उनकी फसलें मौसम के जोखिमों से सुरक्षित रह सकें। ग्राम झांसी घाट के किसान श्री निशान सिंह राजा पटेल ने इस तकनीक से लगभग 20 एकड़ में बुवाई की है, और श्री योगेश जी जैसे अन्य किसान भी इस मशीन का लगातार लाभ उठा रहे हैं। बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर के तकनीकी विशेषज्ञ श्री दीपेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि संस्थान ने इस खरीफ सीजन में नरसिंहपुर जिले में इस आधुनिक मशीन से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में बुवाई करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़कर लाभ पहुंचाना और उनकी फसलों को मौसम की अनिश्चितता से बचाना है। कृषक श्री राजा पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस तकनीक को जलवायु अनुकूल खेती के लिए एक 'ब्रह्मास्त्र' बताया। उन्होंने इसके कई महत्वपूर्ण लाभ गिनाए, जैसे अत्यधिक बारिश की स्थिति में बेड के दोनों ओर बनी नालियों से पानी का आसानी से निकल जाना, जिससे पौधों की जड़ें गलने से बच जाती हैं। वहीं, कम बारिश होने पर इन्हीं नालियों में पानी रुकने से जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जो सूखे के दौरान फसल को जीवन प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, यह विधि खाद प्रबंधन और अन्य कृषि कार्यों को भी सुविधाजनक बनाती है, क्योंकि पौधों की कतारें व्यवस्थित रहती हैं। कस्टम हायरिंग सेंटर और BISA के तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से इस तकनीक का प्रसार गोटेगांव क्षेत्र के किसानों को कम लागत में सुरक्षित और आधुनिक खेती करने का एक उत्कृष्ट विकल्प प्रदान कर रहा है।3
- जबलपुर में मोहर्रम के अवसर पर, जिसे 'खूनी बाबा' के नाम से भी जाना जाता है, कचेरी वाले बाबा की दरगाह पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस पोस्ट में संवेदनशील सामग्री होने की चेतावनी दी गई है और बच्चों को इससे दूर रहने का आग्रह किया गया है।2