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कांग्रेसनेत्री सुप्रिया ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर आखिर नागरिकता का असली प्रमाण क्या है। उन्होंने मोदी सरकार के इस बयान पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस संदर्भ में, सुप्रिया ने कई तीखे सवाल उठाए हैं, जिनमें पूछा गया है कि क्या हिंदुस्तान का पासपोर्ट ग़ैर-हिंदुस्तानियों को भी दिया जाता है और पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस किस तरह की जाँच करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार, पासपोर्ट, पैन और वोटर आईडी को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता है। इसके बाद व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा गया कि फिर क्या मोदी का चरणवंदन, बीजेपी का आईडी या आरएसएस की टोपी नागरिकता का प्रमाण है।
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कांग्रेसनेत्री सुप्रिया ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर आखिर नागरिकता का असली प्रमाण क्या है। उन्होंने मोदी सरकार के इस बयान पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस संदर्भ में, सुप्रिया ने कई तीखे सवाल उठाए हैं, जिनमें पूछा गया है कि क्या हिंदुस्तान का पासपोर्ट ग़ैर-हिंदुस्तानियों को भी दिया जाता है और पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस किस तरह की जाँच करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार, पासपोर्ट, पैन और वोटर आईडी को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता है। इसके बाद व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा गया कि फिर क्या मोदी का चरणवंदन, बीजेपी का आईडी या आरएसएस की टोपी नागरिकता का प्रमाण है।
- Sunil Kumar Sinhaहुसैनाबाद, पलामू, झारखंडसही सवाल , जवाब कौन देगा? आखिर सरकार कब और कैसे बताएगी कि नागरिकता का प्रमाण आखिर में है क्या? या फिर सुप्रिया जी ने जो कहा कि मोदी जी का चरण वंदन, बी जे पी का आई डी या फिर आर ऐस ऐस का टोपी ही नागरिकता का प्रमाण होगा क्या?6 hrs ago
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- कांग्रेसनेत्री सुप्रिया ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर आखिर नागरिकता का असली प्रमाण क्या है। उन्होंने मोदी सरकार के इस बयान पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस संदर्भ में, सुप्रिया ने कई तीखे सवाल उठाए हैं, जिनमें पूछा गया है कि क्या हिंदुस्तान का पासपोर्ट ग़ैर-हिंदुस्तानियों को भी दिया जाता है और पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस किस तरह की जाँच करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार, पासपोर्ट, पैन और वोटर आईडी को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता है। इसके बाद व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा गया कि फिर क्या मोदी का चरणवंदन, बीजेपी का आईडी या आरएसएस की टोपी नागरिकता का प्रमाण है।1
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