पंचकूला पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने के विशेष अभियान के तहत 24 घंटे के भीतर तीन शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशों पर विभिन्न क्राइम यूनिट्स ने डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की अगुवाई में यह कार्रवाई की। इन गिरफ्तारियों के दौरान आरोपियों के कब्जे से बाजार में करीब 31 लाख रुपये कीमत के नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिसमें 21 लाख रुपये मूल्य की अफीम और 10 लाख रुपये मूल्य की हेरोइन शामिल है। नशा तस्करी के पहले मामले में, क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने इंचार्ज प्रवीण मलिक के नेतृत्व में हरियाणा-यूपी बॉर्डर से अफीम लाकर ट्राईसिटी में सप्लाई करने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी राज कुमार उर्फ ननौरी और बरेली निवासी संजय के रूप में हुई है, जो फिलहाल पंचकूला के रामगढ़ और मदनपुर में किराये पर रह रहे थे। पीएसआई अनुज मदान को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने सेक्टर-28 के कब्रिस्तान के पास नाकाबंदी कर एक किराये के ऑटो को रोका। तलाशी के दौरान राज कुमार के पिट्ठू बैग से 4 किलो 205 ग्राम अफीम और 32,500 रुपये ड्रग मनी बरामद हुई। थाना चंडीमंदिर में मामला दर्ज कर कोर्ट से आरोपियों का 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, ताकि यूपी के मुख्य सप्लायर और उसके अन्य नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। दूसरे मामले में, एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार, एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने सौरव रावत के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए सेक्टर-28 शमशान घाट के पास से चंडीगढ़ निवासी 21 वर्षीय करण पुत्र सतपाल को गिरफ्तार किया। एएसआई जितेंद्र कुमार को मिली मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सिविल कपड़ों में जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 50 ग्राम हेरोइन, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये है, एक मोबाइल फोन और 1200 रुपये नकद बरामद हुए। अदालत ने आरोपी करण को 29 जून 2026 तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस इस रिमांड के दौरान मुख्य हेरोइन सप्लायर प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस की टीमें नशा माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार उनके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में, डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार, सेक्टर-16 पुलिस चौकी की टीम ने स्निफर डॉग्स की मदद से इंदिरा कॉलोनी और राजीव कॉलोनी में सघन तलाशी अभियान भी चलाया। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने साफ किया है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
पंचकूला पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने के विशेष अभियान के तहत 24 घंटे के भीतर तीन शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशों पर विभिन्न क्राइम यूनिट्स ने डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की अगुवाई में यह कार्रवाई की। इन गिरफ्तारियों के दौरान आरोपियों के कब्जे से बाजार में करीब 31 लाख रुपये कीमत के नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिसमें 21 लाख रुपये मूल्य की अफीम और 10 लाख रुपये मूल्य की हेरोइन शामिल है। नशा तस्करी के पहले मामले में, क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने इंचार्ज प्रवीण मलिक के नेतृत्व में हरियाणा-यूपी
बॉर्डर से अफीम लाकर ट्राईसिटी में सप्लाई करने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी राज कुमार उर्फ ननौरी और बरेली निवासी संजय के रूप में हुई है, जो फिलहाल पंचकूला के रामगढ़ और मदनपुर में किराये पर रह रहे थे। पीएसआई अनुज मदान को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने सेक्टर-28 के कब्रिस्तान के पास नाकाबंदी कर एक किराये के ऑटो को रोका। तलाशी के दौरान राज कुमार के पिट्ठू बैग से 4 किलो 205 ग्राम अफीम और 32,500 रुपये ड्रग मनी बरामद हुई। थाना चंडीमंदिर में मामला दर्ज कर कोर्ट से आरोपियों का 4 दिन
का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, ताकि यूपी के मुख्य सप्लायर और उसके अन्य नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। दूसरे मामले में, एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार, एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने सौरव रावत के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए सेक्टर-28 शमशान घाट के पास से चंडीगढ़ निवासी 21 वर्षीय करण पुत्र सतपाल को गिरफ्तार किया। एएसआई जितेंद्र कुमार को मिली मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सिविल कपड़ों में जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 50 ग्राम हेरोइन, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये है, एक मोबाइल फोन और 1200 रुपये नकद बरामद हुए। अदालत ने
आरोपी करण को 29 जून 2026 तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस इस रिमांड के दौरान मुख्य हेरोइन सप्लायर प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस की टीमें नशा माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार उनके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में, डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार, सेक्टर-16 पुलिस चौकी की टीम ने स्निफर डॉग्स की मदद से इंदिरा कॉलोनी और राजीव कॉलोनी में सघन तलाशी अभियान भी चलाया। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने साफ किया है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- कांग्रेसनेत्री सुप्रिया ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर आखिर नागरिकता का असली प्रमाण क्या है। उन्होंने मोदी सरकार के इस बयान पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस संदर्भ में, सुप्रिया ने कई तीखे सवाल उठाए हैं, जिनमें पूछा गया है कि क्या हिंदुस्तान का पासपोर्ट ग़ैर-हिंदुस्तानियों को भी दिया जाता है और पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस किस तरह की जाँच करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार, पासपोर्ट, पैन और वोटर आईडी को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता है। इसके बाद व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा गया कि फिर क्या मोदी का चरणवंदन, बीजेपी का आईडी या आरएसएस की टोपी नागरिकता का प्रमाण है।1
- एचपीएससी अभ्यर्थियों का आमरण अनशन नौवें दिन भी जारी है। इस दौरान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे। हुड्डा ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से उनका आमरण अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।1
- Dekhi mahaul1
- बराड़ा में श्री संत द्वारा हरी मंदिर प्रबंधक कमेटी और साथ संगत द्वारा श्याम बाबा कीर्तन का बड़ी धूमधाम से आयोजन किया गया। इस भव्य कीर्तन में रघुवंशी ब्रदर्स ने श्याम बाबा का गुणगान किया, जिससे संगत बाबा के सुंदर भजनों पर झूमने पर मजबूर हो गई।1
- आज सफीलपुर गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण बृजपाल छप्पर के नेतृत्व में एकजुट हुए। यह एकजुटता सफीलपुर मुगलवाली मार्ग को पक्का करने की मांग को लेकर की गई थी।1
- केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित ग्राम जी' करने और इसमें नए प्रावधान लागू करने पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने राज्यों से राय लिए बिना यह फैसला एकतरफा तरीके से थोप दिया है। मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अनुसार, पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, लेकिन अब इसे हिमाचल जैसे विशेष राज्यों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 60:40 कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण हिमाचल प्रदेश पर हर साल ₹164.63 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिससे मौजूदा रोजगार पर ₹12.54 करोड़ का वार्षिक अतिरिक्त खर्च आएगा। कुल मिलाकर, राज्य की वार्षिक देनदारी ₹800 से ₹1000 करोड़ तक पहुंच सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरों की दिहाड़ी ₹320 से घटाकर ₹247 कर दी गई है, जो देश के इतिहास में पहली बार मजदूरी बढ़ाने की बजाय घटाई जा रही है। अब टॉप-अप के लिए भी केंद्र की अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके अलावा, मांग आधारित योजना खत्म कर डिमांड ड्रिवन और सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे पहाड़ी राज्य में काम करना मुश्किल होगा। अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि फरवरी से मनरेगा स्टाफ, जिसमें जीआरएस, कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर अकाउंटेंट शामिल हैं, उनका ₹20 करोड़ का बकाया केंद्र सरकार पर है। योजना की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, जहां पहले पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद से प्लान पास होता था, वहीं अब 'विकसित ग्राम पंचायत प्लान' बनाना अनिवार्य है, जिसे पीएम गति शक्ति से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने मनरेगा को गरीब का सहारा बताते हुए यह भी स्मरण कराया कि यह योजना सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल सरकार को मजबूरी में इन नए प्रावधानों को अपनाना पड़ेगा, अन्यथा राज्य को इस महत्वपूर्ण योजना से बाहर कर दिया जाएगा।3
- रेवाड़ी पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति के ब्लाइंड मर्डर के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस प्रकरण में गहन जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- हरियाणा के कुर्बानपुर में किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। यह स्थिति कुर्बानपुर क्षेत्र से सामने आई है।1