*दो दिन में चार भैंस चोरी, पूरे कौशांबी में सक्रिय भैंस चोर गिरोह — पुलिसिया गश्त पर बड़ा सवाल* कोखराज, कौशांबी। जनपद कौशांबी में भैंस चोरी करने वाला संगठित गिरोह बेखौफ होकर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। हालात यह हैं कि महज दो दिनों के भीतर चार भैंस चोरी कर ली गईं, लेकिन पुलिस अब तक एक भी गिरोह सदस्य या वाहन तक नहीं पकड़ सकी। इससे पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सैनी, संदीपन घाट, कोखराज, चरवा, सराय अकिल, मंझनपुर और सैनी कोतवाली क्षेत्र — शायद ही कोई थाना क्षेत्र बचा हो जहां भैंस चोरी की घटनाएं न हुई हों। बीते कुछ महीनों में दर्जनों भैंस चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन एक भी बड़े खुलासे का न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि भैंस चोर गिरोह के सदस्य पिकअप, छोटा हाथी और मैजिक वाहन लेकर आधी रात को गांवों में पहुंचते हैं, बंधी भैंसों को खोलते हैं और चंद मिनटों में उन्हें वाहन में लादकर फरार हो जाते हैं। जब तक ग्रामीण जागते हैं, तब तक चोर जिले की सीमा पार कर चुके होते हैं। कोखराज में दो दिन में चार भैंस चोरी कोखराज थाना क्षेत्र के ग्राम कशिया पश्चिम निवासी रवि प्रकाश पुत्र प्यारेलाल के घर बंधी भैंस को मंगलवार की भोर में चोर खोल ले गए। पीड़ित ने तत्काल कोखराज थाना और डायल 112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल की, लेकिन नतीजा वही — आश्वासन। पीड़ित रवि प्रकाश का कहना है कि उनके घर और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनकी फुटेज से चोरों की पहचान संभव है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह ककोढा गांव निवासी पशुपालक विनोद मौर्य की तीन भैंसों को भी रविवार की रात मैजिक पिकअप वाहन से चोर उठा ले गए। इस मामले में भी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन घटना का अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका। दो दिनों में चोरी गई चार भैंसों की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये बताई जा रही है, जिससे पीड़ित परिवारों की आर्थिक कमर टूट चुकी है। पूरे जिले में दहशत, पशुपालक परेशान चरवा, सराय अकिल, संदीपन घाट और सैनी क्षेत्र में पहले भी कई घरों से एक-एक कर दर्जनों भैंसें चोरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद न तो गिरोह का पर्दाफाश हो पाया और न ही चोरी में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रात भर डायल 112, पीआरवी और पुलिस गश्त के दावे किए जाते हैं, जब हर चौराहे पर निगरानी की बात होती है, तो फिर पिकअप और छोटा हाथी जैसे बड़े वाहनों से भैंस चोरी कैसे हो जा रही है? अब पशुपालकों के बीच यह चर्चा आम हो चली है कि भैंस चोर गिरोह के हाथ आखिर कितने लंबे हैं, जो महीनों से सक्रिय रहने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। जनता की मांग है कि भैंस चोरी की घटनाओं का तत्काल खुलासा हो गिरोह के सदस्यों और वाहनों की गिरफ्तारी की जाए रात्रि गश्त को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाएअब देखना यह है कि कौशांबी पुलिस इस बढ़ते अपराध पर कब तक मूकदर्शक बनी रहती है, या फिर कोई ठोस कार्रवाई कर जनता के भरोसे को बहाल करती है।
*दो दिन में चार भैंस चोरी, पूरे कौशांबी में सक्रिय भैंस चोर गिरोह — पुलिसिया गश्त पर बड़ा सवाल* कोखराज, कौशांबी। जनपद कौशांबी में भैंस चोरी करने वाला संगठित गिरोह बेखौफ होकर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। हालात यह हैं कि महज दो दिनों के भीतर चार भैंस चोरी कर ली गईं, लेकिन पुलिस अब तक एक भी गिरोह सदस्य या वाहन तक नहीं पकड़ सकी। इससे पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सैनी, संदीपन घाट, कोखराज, चरवा, सराय अकिल, मंझनपुर और सैनी कोतवाली क्षेत्र — शायद ही कोई थाना क्षेत्र बचा हो जहां भैंस चोरी की घटनाएं न हुई हों। बीते कुछ महीनों में दर्जनों भैंस चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन एक भी बड़े खुलासे का न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि भैंस चोर गिरोह के सदस्य पिकअप, छोटा हाथी और मैजिक वाहन लेकर आधी रात को गांवों में पहुंचते हैं, बंधी भैंसों को खोलते हैं और चंद मिनटों में उन्हें वाहन में लादकर फरार हो जाते हैं। जब तक ग्रामीण जागते हैं, तब तक चोर जिले की सीमा पार कर चुके होते हैं। कोखराज में दो दिन में चार भैंस चोरी कोखराज थाना क्षेत्र के ग्राम कशिया पश्चिम निवासी रवि प्रकाश पुत्र प्यारेलाल के घर बंधी भैंस को मंगलवार की भोर में चोर खोल ले गए। पीड़ित ने तत्काल कोखराज थाना और डायल 112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल की, लेकिन नतीजा वही — आश्वासन। पीड़ित रवि प्रकाश का कहना है कि उनके घर और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनकी फुटेज से चोरों की पहचान संभव है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह ककोढा गांव निवासी पशुपालक विनोद मौर्य की तीन भैंसों को भी रविवार की रात मैजिक पिकअप वाहन से चोर उठा ले गए। इस मामले में भी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन घटना का अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका। दो दिनों में चोरी गई चार भैंसों की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये बताई जा रही है, जिससे पीड़ित परिवारों की आर्थिक कमर टूट चुकी है। पूरे जिले में दहशत, पशुपालक परेशान चरवा, सराय अकिल, संदीपन घाट और सैनी क्षेत्र में पहले भी कई घरों से एक-एक कर दर्जनों भैंसें चोरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद न तो गिरोह का पर्दाफाश हो पाया और न ही चोरी में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रात भर डायल 112, पीआरवी और पुलिस गश्त के दावे किए जाते हैं, जब हर चौराहे पर निगरानी की बात होती है, तो फिर पिकअप और छोटा हाथी जैसे बड़े वाहनों से भैंस चोरी कैसे हो जा रही है? अब पशुपालकों के बीच यह चर्चा आम हो चली है कि भैंस चोर गिरोह के हाथ आखिर कितने लंबे हैं, जो महीनों से सक्रिय रहने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। जनता की मांग है कि भैंस चोरी की घटनाओं का तत्काल खुलासा हो गिरोह के सदस्यों और वाहनों की गिरफ्तारी की जाए रात्रि गश्त को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाएअब देखना यह है कि कौशांबी पुलिस इस बढ़ते अपराध पर कब तक मूकदर्शक बनी रहती है, या फिर कोई ठोस कार्रवाई कर जनता के भरोसे को बहाल करती है।
- कौशाम्बी....बुधवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में शासनादेश के क्रम में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस से निरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर प्रोन्नत हुए उपनिरीक्षक राकेश राय को स्टार लगाकर पदोन्नति प्रदान की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा राकेश राय को निरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर पदोन्नति हेतु बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई तथा निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- *कौशांबी में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, मरीजों पर दवा के नाम पर हो रहा प्रयोग* *कौशांबी संदेश संवाददाता* कौशांबी। जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो बिना किसी डिग्री और पंजीकरण के खुलेआम इलाज कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में यह झोलाछाप डॉक्टर मरीजों पर दवा के नाम पर तरह-तरह के प्रयोग कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुखार, पेट दर्द, इंफेक्शन जैसी सामान्य बीमारियों में भी झोलाछाप डॉक्टर भारी-भरकम इंजेक्शन और अनजान दवाएं दे रहे हैं। कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल या निजी अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।ग्रामीणों का आरोप है कि ये झोलाछाप डॉक्टर बिना जांच के ही दवाएं लिख देते हैं और मरीजों को सही जानकारी भी नहीं दी जाती। दवा के साइड इफेक्ट या सही खुराक के बारे में कोई सलाह नहीं दी जाती, जिससे मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ऐसे फर्जी डॉक्टर बेखौफ होकर अपना अवैध कारोबार चला रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।जानकारों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई न होने से आम जनता का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था से उठता जा रहा है। गरीब और अनपढ़ ग्रामीण मजबूरी में इन्हीं फर्जी डॉक्टरों के पास इलाज कराने को विवश हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की जान के साथ हो रहे इस खतरनाक खेल पर रोक लग सके।1
- *कौशाम्बी : हाईटेंशन तार की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप* *कौशाम्बी संदेश संवाददाता* कौशाम्बी जिले के सरायअकील थाना क्षेत्र के इमली गांव में बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय महिला की हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान किरण कोरी पत्नी कुलदीप, निवासी इमली गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार किरण सुबह घर से पैदल खेत की ओर जा रही थीं। खेत की मेड़ पर पहले से टूटकर गिरे हाईटेंशन विद्युत तार पर उनका ध्यान नहीं गया और वह सीधे हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए कटरा स्थित म्योहर पावर हाउस में कई बार फोन किया, लेकिन किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान मृतका का पैर काफी देर तक करंट की चपेट में जलता रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर भगवानपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। मृतका के पति कुलदीप खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन विद्युत तार लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा था। इसकी मरम्मत को लेकर कई बार विद्युत विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के लिए आने वाले अवर अभियंता (जेई) भी हर बार आश्वासन देकर मामले को टालते रहे। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है।1
- ये बच्ची ने दिल जीत लिया1
- बिजली विभाग की लापरवाही से लगातार घटनाएं घट रही है।1
- आगरा में एक विशेष समुदाय के युवक द्वारा मचाए गए आतंक के कारण 40 से अधिक हिंदू परिवारों ने अपने घरों को बेचने के लिए पोस्टर लगा दिए।1
- कौशाम्बी के बेनी रामकटरा क्षेत्र में उपखण्ड अधिकारी (SDO) पर उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई फरियादी अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुँचता है, तो उसकी बात सुनने के बजाय कथित तौर पर अपशब्द कहकर उसे बाहर कर दिया जाता है। अब पीड़ितों ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है। #कौशाम्बी #बेनीरामकटरा #SDO #उपभोक्ता_समस्या #दुर्व्यवहार #nonfollowersviewers #facebookree1
- नकली अंडा बिक रहा है और FSSAI सो रहा हैं देश में खाने की थाली जहरीली होती जा रही है। और जिम्मेदार एजेंसी सिर्फ नोटिस नोटिस खेल रहीं हैं..? FSSAI से मेरा सवाल है- रेगुलर चेकिंग क्यों नहीं होती है ? दोषियों पर कार्यवाही क्यों नहीं होता है ? आम आदमी के सेहत का जिम्मेदारी कौन लेगा?1