Shuru
Apke Nagar Ki App…
सुल्तानपुर जिले का ब्रह्म बाबा शक्ति स्थल। आस्था या अंधविश्वास करौंदीकला की ग्राम पंचायत देवराजपुर में स्थित है यह शक्ति स्थल
ई-रेडियो अवध
सुल्तानपुर जिले का ब्रह्म बाबा शक्ति स्थल। आस्था या अंधविश्वास करौंदीकला की ग्राम पंचायत देवराजपुर में स्थित है यह शक्ति स्थल
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- करौंदीकला की ग्राम पंचायत देवराजपुर में स्थित है यह शक्ति स्थल1
- लंभुआ, सुलतानपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के रामपुर कुर्मियान गांव के पास शाम को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर बिजली के पोल को तोड़ते हुए सीधे खेत में जा घुसा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेलर की गति काफी तेज थी और अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन सड़क से उतरकर स्कूल की दिशा में बढ़ गया। गनीमत रही कि समय रहते ट्रेलर खेत में जा घुसा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सबसे राहत की बात यह रही कि ट्रेलर का ड्राइवर और खलासी दोनों सुरक्षित हैं और इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।4
- Post by RAJA JAUNPUR NEWS1
- *प्रतापगढ़* *कंधई थाना पुलिस बैठकर करा रही निर्माण, राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल* प्रतापगढ़ जनपद के थाना कंधई क्षेत्र की दीवानगंज चौकी अंतर्गत एक भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है। जयसिंहगढ़ निवासी कुर्सीद अहमद पुत्र अब्दुल मंजीर ने आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 45/0.099 की विवादित जमीन पर पुलिस की मौजूदगी में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनका कहना है कि उक्त भूमि को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और मामला राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। शिकायतकर्ता के अनुसार बिना राजस्व विभाग की पैमाइश, सीमांकन और सक्षम अधिकारी के आदेश के ही दीवार खड़ी की जा रही है। उनका आरोप है कि मौके पर राजस्व विभाग का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। कुर्सीद अहमद ने यह भी बताया कि उनके पिता अब्दुल मंजीर कैंसर से पीड़ित हैं और मुंबई में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की इस स्थिति का लाभ उठाकर विपक्षी पक्ष निर्माण करा रहा है। पीड़ित ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र में इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हैं और प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार किया जा रहा है। प्रतापगढ़ से शीतला प्रसाद की रिपोर्ट।1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- ट्रामा सेंटर पर निशुल्क किया जाता सिटी स्कैन जौनपुर जिला के सिरकोनी में स्थित ट्रामा सेंटर पर कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से स्थित सिटी स्कैन निशुल्क किया जाता है सिर्फ डॉक्टर से लिखवा कर सीटी स्कैन करवा सकते हैं एक पैसा भी नहीं लगता है सब निशुल्क है 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मिलती है1
- आज लखनऊ में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में जब अपने समाज की जब बात रख रहे थे तो सत्ताधारी समाज से संपर्क रखने वाले एक व्यक्ति ने समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किया.. तुरंत ही पूरा सभागार उत्तेजित हो गया और सभी ने यह आक्रोश दर्ज कराया कि यदि मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया तो सभागार को खाली कर दिया जाएगा... स्थिति बिगड़ती देख तुरंत मुझे फिर से बोलने का मौका दिया गया... आज सत्ताधारी लोगों को समझ में आ चुका है UP उनके हाथ से निकल चुका है.. हम उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाने जा रहे हैं. Alankar Agnihotri अलंकार अग्निहोत्री राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा(RAM) जय परशुराम जय श्री राम जय भवानी #Repeal_SC_ST_ACT #UGC_RollBack1
- “चावल में किस्मत और भूत-प्रेत का इलाज?” — करौंदीकला (सुल्तानपुर)। विकास खंड करौंदीकला की ग्राम पंचायत देवराजपुर में स्थित “ब्रह्मबाबा शक्ति स्थल” इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। यहां चावल देखकर लोगों की परेशानियों का समाधान बताने का दावा करने वाले पंडित बाबा राजेश उपाध्याय और टोना-टोटका, भूत-प्रेत, ब्रह्म, डाकिनी, पिशाचिनी तथा असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने का दावा करने वाले प्रतापगढ़ निवासी ओझा शेर बहादुर यादव के पास दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के आधार पर यह स्थान शक्ति स्थल के रूप में पुजायमान है। सुल्तानपुर सहित आसपास के कई जिलों से लोग अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लेकर यहां आते हैं। आने वाले श्रद्धालुओं का दावा है कि यहां आने से उन्हें लाभ हुआ है और उनकी समस्याएं दूर हुई हैं। अंधविश्वास या आस्था? हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों का कहना है कि इस तरह के दावे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रमाणित नहीं हैं। चावल देखकर भविष्य या समस्या का समाधान बताना तथा भूत-प्रेत या टोना-टोटका से असाध्य रोग ठीक करने का दावा करना अंधविश्वास की श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मत है कि किसी भी शारीरिक या मानसिक बीमारी के लिए प्रमाणित चिकित्सकीय उपचार ही कारगर होता है। ऐसे दावों से कई बार लोग सही इलाज से दूर हो जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। जागरूकता की जरूरत समाज के बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को लोगों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। शिक्षा और जागरूकता ही अंधविश्वास के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। देवराजपुर का यह शक्ति स्थल आस्था का केंद्र जरूर हो सकता है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि लोग आस्था और अंधविश्वास के बीच का अंतर समझें तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिक और कानूनी मार्ग अपनाएं।1