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गुमला DC दिलेश्वर महतो ने गुमला प्रखंड के सुदूरवर्ती तेतरडीपा गांव का दौरा कर जनजातीय परिवारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की पेयजल, बिजली, आवास व रोजगार से जुड़ी समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया।
कृष्णा कुमार साहु
गुमला DC दिलेश्वर महतो ने गुमला प्रखंड के सुदूरवर्ती तेतरडीपा गांव का दौरा कर जनजातीय परिवारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की पेयजल, बिजली, आवास व रोजगार से जुड़ी समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया।
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- गुमला के सिसई थाना परिसर में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव और अंचल पुलिस निरीक्षक गुलशन भेंगरा ने की, जिसमें पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर तत्काल थाना प्रभारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसे व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक के दौरान अंजुमन फलाहुल मुस्लेमिन संगठन सिसई ने बकरीद की नमाज़ के निर्धारित समय की जानकारी दी। बताया गया कि सिसई के आठ अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे तक नमाज़ अदा की जाएगी। संगठन ने पशु बलि की तस्वीरें या वीडियो लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात भी कही। प्रशासन ने आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया। विशेष रूप से, 28 मई को बृहस्पतिवार होने के कारण सिसई प्रखंड में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर सड़कों पर वाहनों के आवागमन को वन-वे (एक तरफा) रखा जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और आम जनता को असुविधा न हो। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस रेखा देवी, जाकिर अली, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई अजय कुमार, जनप्रतिनिधि सुनीता कुमारी, शकुंतला देवी, बंदीराम उरांव, शांति समिति के सदस्य अंजुमन सदर सलमान अली, बैबूल अंसारी, निरंजन सिंह, तेजमोहन साहु, विपिन बिहारी झा, कैप्टन लोहरा उरांव, मनोज वर्मा, सूरज सिंह, नवल महतो, सुप्रदीप साहु सहित कई अन्य प्रबुद्ध गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।4
- झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने गुमला सदर अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इलाज व्यवस्था की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संगठन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया और सिविल सर्जन के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपाधीक्षक को सौंपा। देवकी देवी ने इस दौरान बताया कि गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आते हैं। हालाँकि, अस्पताल में समुचित सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। इस स्थिति से गरीब मरीजों को न केवल आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में गुमला सदर अस्पताल को “रिम्स-2” के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि जिलेवासियों को बेहतर और समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सभी आवश्यक डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग रखी गई है। अनशन के दौरान, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों को पानी उपलब्ध कराया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने काफी सराहना की। डॉ. अनुपम किशोर ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा, जिससे अस्पताल प्रशासन की सकारात्मक और संवेदनशील कार्यशैली उजागर हुई। लोगों ने उनकी इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी बेहद आवश्यक है, जिसे उपाधीक्षक ने बखूबी निभाया।3
- रांची में एक शातिर चोर ने चोरी की एक अजीबोगरीब घटना को अंजाम दिया है। चोर ने पहले सामान का बिल बनवाया, फिर उसे अपनी गाड़ी में रखा और उसके बाद मौके से रफूचक्कर हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- गुमला जिला के जारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकतार गांव निवासी लक्ष्मण चिक बड़ाइक के 20 वर्षीय पुत्र संजू चिक बड़ाइक उर्फ डेजू ने रविवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसने पंचायत भवन से लगभग 100 मीटर दूर स्थित किताम गांव के दीपक तिग्गा के बारी में एक बरगद के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने एसआई क्रिस्टो राम को दी, जिसके बाद वे दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई है। मृतक के परिजन प्रेम धन चिक बड़ाइक ने बताया कि संजू का अपनी तथाकथित एक पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर रविवार को यह कदम उठाया। संजू चिक बड़ाइक पैसे से एक टेंट हाउस में मजदूर के रूप में काम करता था। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और उन्हें बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है।1
- खुंटी में जनजातीय ग्रामीण उत्सव जन भागीदारी कार्यक्रम के विषय पर खुंटी परियोजना निदेशक आईसीडीएस आलोक शिकारी कच्छप ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया।1
- सोशल मीडिया पर 'कोकरोच जनता पार्टी' ने जबरदस्त धमाका किया है, जो इंटरनेट पर एक नई सनसनी के रूप में उभरी है। इस पार्टी ने मात्र एक हफ्ते के भीतर 2 करोड़ (20 मिलियन) फॉलोअर्स का जादुई आँकड़ा पार करके अपनी असाधारण लोकप्रियता दर्ज की है।1
- झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।1
- गुमला के सिसई प्रखंड से उत्तर प्रदेश के बनारस स्थित एक ईंट भट्ठे में काम करने गए मज़दूरों के साथ अमानवीय व्यवहार, मारपीट और बकाया मजदूरी का भुगतान न किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बनारस से वापस लौटे पीड़ित मज़दूरों ने अपनी आपबीती समाजसेवी संजय वर्मा को सुनाई, जिसके बाद उनके नेतृत्व में मज़दूरों ने श्रम विभाग गुमला में शिकायत दर्ज कराई है। सिसई के इन मज़दूरों ने बनारस के 'सागर ब्रिक्स ईंट भट्ठा' के मालिक और एक स्थानीय एजेंट पर बंधक बनाकर दिन-रात काम कराने, मारपीट करने और बाल मज़दूरी कराने के साथ-साथ तय वेतन न देने का आरोप लगाया है। पीड़ित मज़दूर सिसई के लकेया बांसटोली निवासी जगरनाथ तुरी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में (यह तिथि मूल पाठ में दी गई है) एक स्थानीय एजेंट ने लगभग 20 मज़दूरों को 15 हज़ार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर भट्ठे पर ले गया था, लेकिन वहां उन्हें गुज़ारे के नाम पर मात्र 1500 रुपये दिए जाते थे और उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी। मज़दूरों का आरोप है कि बकाया मज़दूरी मांगने पर भट्ठा मालिक डब्लू सिंह गाली-गलौज और मारपीट करता था। उन्होंने यह भी बताया कि ईंट भट्ठे में नाबालिग बच्चों से भी जबरन काम कराया जाता था और उनके साथ भी मारपीट की जाती थी, जिससे कई मज़दूर प्रताड़ना से परेशान होकर पहले ही वहां से भाग निकले थे। जगरनाथ तुरी सहित चार मज़दूरों ने किसी तरह 6 माह 15 दिन तक वहां काम किया, जिसके बाद भट्ठा मालिक ने उन्हें भी बिना मज़दूरी दिए मारपीट कर भगा दिया। वापस लौटने के लिए पैसे न होने पर, उन्होंने किसी दूसरे ईंट भट्ठे में एक सप्ताह काम करके पैसे जुटाए और फिर सिसई लौटे। पीड़ित मज़दूरों का कहना है कि उनके चार मज़दूरों के कुल 3 लाख 90 हज़ार रुपये की मज़दूरी भट्ठा मालिक के पास बकाया है। उन्होंने श्रम अधीक्षक से भट्ठा मालिक और एजेंट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनकी बकाया राशि दिलाने की मांग की है। समाजसेवी संजय वर्मा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गुमला ज़िले के मज़दूरों के साथ दूसरे राज्यों में ऐसी अमानवीय घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसमें मारपीट और बकाया मजदूरी न दिए जाने के मामले पहले भी डिब्रुगढ़, असम से सामने आए थे। उन्होंने इन घटनाओं के लिए स्थानीय एजेंटों को सबसे अधिक दोषी ठहराया, जो अपनी मोटी कमाई के लालच में भोले-भाले गरीब मज़दूरों को पैसे का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाते हैं और उन्हें 'बेचने' का काम करते हैं। वर्मा ने बताया कि इन एजेंटों के पास मज़दूर भेजने का कोई वैध दस्तावेज़ या लाइसेंस नहीं है, फिर भी वे धड़ल्ले से ऐसे गैर-कानूनी कार्यों में लिप्त हैं, जो सीधे तौर पर मानव तस्करी से जुड़ा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि सख्ती दिखाते हुए इन एजेंटों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।3