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गाजे-बाजे के साथ लाई गई रंगबाज महाराज की प्रतिमा लायी गयी हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में गणेश महोत्सव की तैयारियों के बीच शुक्रवार देर रात गणेश सेवा समिति की रंगबाज महाराज की विशाल प्रतिमा गाजे-बाजे के साथ समिति कार्यालय पहुंची। प्रतिमा पहुंचते ही समिति पदाधिकारियों व सदस्यों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। कस्बे में गणेश महोत्सव की परंपरा शुरू करने वाली गणेश सेवा समिति ने अपनी गणेश प्रतिमा को ‘रंगबाज महाराज’ नाम दिया है। समिति द्वारा प्रतिवर्ष धूमधाम से महोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष 14 सितंबर को विधिवत प्रतिमा स्थापित कर गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। इस मौके पर समिति अध्यक्ष अनुभव मिश्रा, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता ‘दीपू’, बालगोपाल, संजय ओमर, सोनू तिवारी, बाबू सोनी, अभिषेक कुमार, राजन गुप्ता, आदित्य तिवारी आदि मौजूद रहे।
संतोष कुमार चक्रवर्ती
गाजे-बाजे के साथ लाई गई रंगबाज महाराज की प्रतिमा लायी गयी हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में गणेश महोत्सव की तैयारियों के बीच शुक्रवार देर रात गणेश सेवा समिति की रंगबाज महाराज की विशाल प्रतिमा गाजे-बाजे के साथ समिति कार्यालय पहुंची। प्रतिमा पहुंचते ही समिति पदाधिकारियों व सदस्यों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। कस्बे में गणेश महोत्सव की परंपरा शुरू करने वाली गणेश सेवा समिति ने अपनी गणेश प्रतिमा को ‘रंगबाज महाराज’ नाम दिया है। समिति द्वारा प्रतिवर्ष धूमधाम से महोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष 14 सितंबर को विधिवत प्रतिमा स्थापित कर गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। इस मौके पर समिति अध्यक्ष अनुभव मिश्रा, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता ‘दीपू’, बालगोपाल, संजय ओमर, सोनू तिवारी, बाबू सोनी, अभिषेक कुमार, राजन गुप्ता, आदित्य तिवारी आदि मौजूद रहे।
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- घाटमपुर: जवाहर नगर पश्चिमी में अज्ञात पालतू कुत्ते की एंट्री से दहशत, पीड़ित के रेस्टोरेंट में आवाजाही ठप घाटमपुर। कस्बे के मोहल्ला जवाहर नगर पश्चिमी स्थित बीएसएनएल ऑफिस वाली गली में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक कहीं से एक अज्ञात पालतू कुत्ता आकर बैठ गया। कुत्ते की मौजूदगी और उसके आक्रामक व्यवहार को देखकर पीड़ित के रेस्टोरेंट तथा स्थानीय नागरिकों में भारी भय का माहौल है। दहशत के चलते लोगों ने रेस्टोरेंट के आसपास से गुजरना पूरी तरह बंद कर दिया है।स्थानीय निवासियों के अनुसार,अचानक एक बड़े आकार का पालतू कुत्ता बीएसएनएल ऑफिस वाली गली में दाखिल हुआ। कुत्ते के गले में पट्टा बंधा हुआ है, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह किसी का पालतू है और कहीं से छूटकर या रास्ता भटककर यहाँ आ पहुँचा है। मोहल्ले में अपरिचित कुत्ते को देखकर स्थानीय लोग भयभीत हो गए। कुछ लोगों का कहना है कि कुत्ता अजनबी चेहरों को देखकर भौंक रहा है, जिसके कारण बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर निकालने में डर लग रहा है। लोगों ने यह भी बताया कि उक्त पालतू कुत्ते ने कई लोगों पर हमला भी कर चुका है।मोहल्ले के लोग व पीड़ित रेस्टोरेंट मालिक ने आसपास के इलाकों में पूछताछ की, लेकिन खबर लिखे जाने तक कुत्ते के असली मालिक का पता नहीं चल सका है। स्थानीय नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुत्ते के मालिक से उसे जल्द से जल्द ले जाने की अपील की है। साथ ही, मोहल्ले वासियों ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका से इस संबंध में संज्ञान लेने की मांग की है ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना या डॉग बाइट से बचा जा सके। वहीं पीड़ित का कहना है कि उसके द्वारा सूचना पुलिस थाने व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार को भी दी गई परंतु वहां से भी कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल सका है। इस संबंध में जब पालिका अधिशासी अधिकारी डॉक्टर महेंद्र कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।1
- मौदहा कोतवाली क्षेत्र के उधना गांव श्याम नाले पर बेटों को बचाने नदी में कूड़ा पिता 20 घंटे बाद मिला शौव ➡️ श्यामनाला नदी में बेटे को बचाने के दौरान तेज बहाव में बह गया था चरवाहा। ➡️ 12 वर्षीय बेटे का रपटा पार करते समय फिसला था पैर।➡️ पीता ने नदी में कूदकर बेटे को बचाया, खुद बह गया। ➡️ करीब 20 घंटे बाद रपटे से 500 मीटर दूर झाड़ियों में मिला शव। ➡️ एनडीआरएफ और ग्रामीणों ने चलाया था तलाश अभियान। ➡️ पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामला मौदहा कोतवाली क्षेत्र के उरदना गांव का।1
- हमीरपुर :बेटे को बचाने नाले में कूदा पिता, तेज बहाव में बहा, रपटे पर पैर फिसलने से नाले में बहा 12 वर्षीय बालक, ग्रामीणों ने बचाया; पिता की तलाश जारी मौदहा (हमीरपुर)। बकरी चराकर लौट रहे पिता-पुत्र के साथ शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। श्याम नाले का रपटा पार करते समय 12 वर्षीय बालक का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगा। बेटे को बचाने के लिए पिता ने नाले में छलांग लगा दी, लेकिन तेज बहाव में वह खुद बह गया। ग्रामीणों ने बालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि पिता की तलाश में पुलिस और ग्रामीण जुटे हुए हैं। मौदहा कोतवाली क्षेत्र के उरदना गांव निवासी डगरु उर्फ रामकिशोर (45) शनिवार को अपने 12 वर्षीय बेटे मोहित के साथ गांव के पास बकरियां चराने गए थे। लौटते समय दोनों श्याम नाले के रपटे को पार कर रहे थे। इसी दौरान मोहित का पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगा। बेटे को बचाने के लिए रामकिशोर ने नाले में छलांग लगा दी। पिता को बहता देख मोहित चीखने लगा। शोर सुनकर नाले के दूसरी ओर मौजूद ग्रामीण गनेशा कुशवाहा ने किसी तरह मोहित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रामकिशोर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। सूचना मिलते ही मौदहा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नाले में रामकिशोर की तलाश शुरू कर दी है। तेज बहाव के चलते रेस्क्यू अभियान में काफी परेशानी आ रही है। हादसे के बाद गांव में भी हड़कंप मचा हुआ है और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।3
- जालौन के उरई में अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली जालौन के उरई में अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उरई कोतवाली पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी अजय सिंह ठाकुर और रामजी सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद हुआ है। बता दें कि मोहित यादव निवासी रामनगर पर चाकुओं से हमला कर गोली मारकर हत्या के प्रयास का आरोप है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है2
- जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं! जियो टैग पर मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर! आखिर किसके इशारे पर कई दिनों से सरकारी धन का खेल चल रहा है? वाह रे सिस्टम! वाह रे मनरेगा की निगरानी! कागजों में 75 मजदूर रोज फावड़ा चला रहे हैं, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही मजदूर ऐसे गायब कि जैसे कभी थे ही नहीं! और तो और, जिस जगह सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों के पसीने से विकास होने का दावा किया जा रहा है, वहां मौके पर नाला पानी से लबालब और खेत में जानवरों के लिए कर्बी खड़ी दिखाई दे रही है। मामला है विकासखंड कदौरा की ग्राम पंचायत बरदौली का, जहां संतराम के खेत से स्वामीदीन के खेत तक नाला खुदाई कार्य मनरेगा के तहत बताया जा रहा है। कार्य का वर्क कोड 3138009010... और मस्टर रोल संख्या 1291 बताई गई है। आरोप है कि 9 सितंबर से लगातार करीब 75 मजदूरों की NMMS हाजिरी दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर ये 75 मजदूर हैं कहां? 13 सितंबर को मौके पर पहुंचे तो एक भी मजदूर दिखाई नहीं दिया। नाला पानी से भरा हुआ है। मौके पर मजदूरों की जगह दिखाई दे रही है तो सिर्फ जानवरों के लिए खड़ी कर्बी! वाह रे जियो टैग! कैमरे में कुछ और, जमीन पर कुछ और! अब जरा मनरेगा की डिजिटल व्यवस्था पर भी सवाल उठाइए। अगर 75 मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे हैं तो उनकी जियो टैग फोटो कहां है? फोटो में कितने मजदूर दिखाई दे रहे हैं? क्या फोटो उसी स्थान की है जहां वास्तव में काम होना है? क्या NMMS की हाजिरी लगाने से पहले जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं या मोबाइल से ही सरकारी खजाने का हिसाब-किताब चल रहा है? कैमरा अगर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखा रहा और मौके पर भी मजदूर नहीं मिल रहे, तो फिर कागजों में 75 मजदूरों का पसीना आखिर किसके भरोसे बह रहा है? गरीबों के नाम पर सरकारी धन का खेल? मनरेगा गरीब परिवारों को रोजगार देने की योजना है। गरीब मजदूरों के हाथ में काम और मजदूरी पहुंचनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप सही साबित होते हैं और कागजों में मजदूर दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है तो यह गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। सवाल बड़ा है—क्या बिना मौके पर मजदूरों की मौजूदगी के मस्टर रोल सत्यापित हो सकता है? रोजगार सेवक क्या कर रहे थे? ग्राम पंचायत सचिव ने क्या सत्यापन किया? तकनीकी सहायक ने कार्यस्थल देखा या नहीं? कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने क्या जांच की? BDO कदौरा की निगरानी कहां थी? और जिला स्तर पर CDO जालौन तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की मॉनिटरिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है? अब जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेल! अब जरूरत है कि मस्टर रोल संख्या 1291, NMMS की प्रत्येक दिन की हाजिरी, जियो टैग फोटो, मजदूरों के नाम, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्य का तत्काल मिलान कराया जाए। अगर रिकॉर्ड में 75 मजदूर हैं तो जांच के दौरान उन मजदूरों से भी पूछा जाए कि उन्होंने किस दिन, किस समय और किस स्थान पर काम किया। अगर मजदूर वास्तव में काम कर रहे थे तो 13 सितंबर को मौके पर एक भी मजदूर क्यों नहीं मिला? और अगर काम नहीं हो रहा था तो फिर हाजिरी कैसे लगी? वाह रे इंसान! आखिर इतनी हिम्मत आपको कौन दे रहा है? कई दिनों से अगर कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकालने का खेल चल रहा है तो यह सिर्फ फाइलों का मामला नहीं है। यह उस गरीब मजदूर के अधिकार का सवाल है जिसके नाम पर मनरेगा बनाई गई है। याद रखिए—अगर जांच में सरकारी धन की अनियमित निकासी या फर्जी हाजिरी साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी भी होनी चाहिए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी। वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत? मौके से सामने आए वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस वायरल वीडियो को सिर्फ वीडियो मानकर छोड़ते हैं या फिर इसे जांच का आधार बनाकर मौके पर पहुंचते हैं। सरकार का पैसा जनता का पैसा है। गरीबों का हक कोई जेब में रखकर नहीं जा सकता। अब सवाल सिर्फ बरदौली का नहीं—सवाल यह है कि क्या कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में भी NMMS हाजिरी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाएगा? फैसला अब जांच करेगी—कागजों में 75 मजदूर थे या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में? नोट: यह रिपोर्ट मौके से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड के दावों तथा वायरल वीडियो/तस्वीरों के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित जिम्मेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- यातायात और थाना पुलिस द्वारा संयुक्त टीम बनाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत की गयी सख्त कार्यवाही जनपद में सुरक्षित यातायात एवं सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु एक विशेष चेकिंग अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों, मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न हूटर, फाल्टी नंबर प्लेट व विशेषकर शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध यातायात पुलिस, थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।इसी क्रम में यातायात पुलिस, थाना पुलिस बल व परिवहन विभाग द्वारा अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध वाहनों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से चालकों की सघन जांच की गई।अभियान के दौरान 44 वाहनों का चालान किया गया और उन्यासी हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला गया।अभियान के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पाए गए चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की गई।1
- तीजा महोत्सव विशेष रविवार को किन्नरों के भरथरी कार्यक्रम से होगा तीजा मेले का आगाज हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के ऐतिहासिक तीजा महोत्सव की रौनक रविवार शाम से ही नजर आने लगेगी। शोभायात्रा से एक दिन पहले किन्नर समाज के पारंपरिक भरथरी कार्यक्रम के साथ मेले का आगाज होगा। बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे किन्नर गाते-बजाते और नृत्य करते हुए कस्बे के प्रमुख मोहल्लों में भ्रमण कर लोगों को अगले दिन निकलने वाली भव्य शोभायात्रा में शामिल होने का न्योता देंगे। यह अनूठी परंपरा कस्बे के पूर्व जमींदार मुन्ना सिंह के परिवार से शुरू हुई थी, जो आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। जमींदार परिवार के वंशज भोला सिंह ने बताया कि पूर्वजों ने तीजा महोत्सव को यादगार बनाने के लिए कई परंपराएं शुरू की थीं। भरथरी कार्यक्रम भी उन्हीं में से एक है। इसका उद्देश्य लोगों को शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आमंत्रण देना था। शाम को किन्नर समाज के लोग सज-धजकर चांद थोक, छोटी बाजार और ऊंछा थोक में भ्रमण करेंगे। इसके बाद रातभर नाच-गाने का कार्यक्रम चलेगा। अगले दिन वे शोभायात्रा में शामिल होकर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन करेंगे। भोला सिंह के अनुसार छतरपुर, श्रीनगर, महोबा, कानपुर, मौदहा और राठ से किन्नर समाज के लोग पहुंच चुके हैं, जबकि रविवार दोपहर बाद बांदा, जालौन और झांसी से भी उनके पहुंचने की संभावना है। जमींदार परिवार की ओर से उनके ठहरने, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं कराई गई हैं।1
- राठ कोतवाली क्षेत्र के चिली गांव में गार्द ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी की मौत ▪️ हत्याकांड के बाद सुरक्षा में तैनात थी पुलिस गार्द जाट ▪️ ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत, हार्ट अटैक की आशंका ▪️ पुलिसकर्मी की मौत से विभाग में शोक की लहर ▪️ एसपी हमीरपुर ने राठ कोतवाली पहुंचकर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि ▪️ शोक संतप्त परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा1
- सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 424 वाहनों का चालान किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 424 वाहनों* का चालान किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।1