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डीपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 2 का भव्य शुभारंभ,फिजिकल कॉलेज ग्राउंड पेंड्रा में आयोजित हुआ,कलेक्टर की बॉल पर एसपी हुए क्लीन बोल्ड।।
User10481Wasukant Jaiswal
डीपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 2 का भव्य शुभारंभ,फिजिकल कॉलेज ग्राउंड पेंड्रा में आयोजित हुआ,कलेक्टर की बॉल पर एसपी हुए क्लीन बोल्ड।।
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- मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: रंगों के पावन पर्व होली पर इस बार नई लेटरी वार्ड नंबर 9 का गणेश पंडाल भक्ति, उल्लास और लोकसंस्कृति की मधुर स्वर लहरियों से सराबोर हो उठा। वार्ड के पार्षद विकास दीवान के प्रयासों से आयोजित विशेष फगवा गीत कार्यक्रम ने पूरे नगर को एक भावनात्मक उत्सव में बांध दिया। मशहूर उधनापुर की फगवा गीत टीम जब मंच पर पहुंची तो ढोल-मंजीरे की थाप के साथ वातावरण में ऐसा रंग घुला कि हर चेहरा मुस्कान से खिल उठा। वहीं धरती माता टीम ने भगवा कर्मा और सैला गीतों की प्रस्तुति देकर लोक परंपरा की जीवंत झलक पेश की। उनके सुरों में मिट्टी की खुशबू और संस्कृति की आत्मा साफ झलक रही थी। नई लेटरी वार्ड नंबर 9 के गणेश पंडाल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में नगरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई फगवा गीतों की मस्ती में झूमता नजर आया। तालियों की गड़गड़ाहट और “होली है” के उल्लासपूर्ण स्वर देर रात तक गूंजते रहे। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला भावनात्मक उत्सव बन गया। होली की इस मधुर संध्या ने यह साबित कर दिया कि जब लोकगीतों की धुन बजती है, तो दिलों की दूरियां अपने आप मिट जाती हैं और पूरा शहर एक परिवार की तरह रंगों में रंग जाता है।4
- मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिला रिपोर्टर: मनोज श्रीवास्तव मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में आज भी सदियों पुरानी परंपराएं जीवित हैं। होली पर्व से पहले जनकपुर क्षेत्र में बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली निकारि प्रथा के जरिए गांव की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की जाती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस परंपरा से गांव आपदा और महामारी से सुरक्षित रहता है। भरतपुर विकासखंड के जनकपुर क्षेत्र में होली से पूर्व निकारि प्रथा पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है। यह परंपरा बैगा समाज की आस्था से जुड़ी है, जिसे गांव की सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनुष्ठान से हैजा, कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियों और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश गांव में नहीं होता। जनकपुर निवासी पुजारी गरीबा मौर्य बताते हैं कि जब से गांव बसा है, तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। होली से पहले और डांग न गढ़ने के पूर्व यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। गांव के प्रत्येक चौक-चौराहे पर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसमें पूरे गांव की सहभागिता रहती है। निकारि प्रथा हमारे गांव की बहुत पुरानी परंपरा है। इसे करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और सब लोग सुरक्षित रहते हैं। हम सब मिलकर इसमें सहयोग करते हैं। निकारि प्रथा के तहत बैगा द्वारा मुर्गी चराई जाती है और बाद में उसे गांव की सीमा के बाहर, नदी के उस पार छोड़ दिया जाता है। मान्यता है कि इससे सारी विपत्तियां गांव से बाहर चली जाती हैं। इस दौरान ग्रामीण बैगा को अखत, झाड़ू और अन्य पूजन सामग्री प्रदान करते हैं। यह परंपरा गांव को आपदा और बीमारियों से बचाने के लिए की जाती है। यह सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक है।” ग्रामीणों का विश्वास है कि निकारि प्रथा से गांव में शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन बना रहता है। जनकपुर क्षेत्र में आज भी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी लोक आस्थाएं समाज को एक सूत्र में बांधे हुए हैं। आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास—निकारि प्रथा आज भी जनकपुर गांव की पहचान बनी हुई है।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- बैकुंठपुर /कोरिया मुख्यालय बैकुंठपुर में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर आम जनता के सुरक्षा हेतु होली के पावन पर्व पर कोरिया पुलिस के द्वारा कई गाड़ियों में लदे पुलिस जवान बैकुंठपुर के एक-एक गली मोहल्ला समूचे पूरे कोरिया जिले में अस्त्र शस्त्र से तैनात होकर होली की त्यौहार शातिपूर्वक मनाने के लिए यह रैली शान्ति सद भावना की कोरिया पुलिस ने संदेश दिया आइये जानते है पुलिस की तैनाती रैली कैसी रही1
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के शासकीय अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से शुगर (ब्लड ग्लूकोज़) की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। लेकिन जांच सामग्री की कमी के कारण मरीजों को या तो बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। मरीजों की बढ़ी चिंता मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शुगर जैसी गंभीर बीमारी में नियमित जांच न होने से मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को इस कमी की जानकारी होने के बावजूद समय पर व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता इन दावों पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शुगर जांच नहीं की गई तो मरीजों को गंभीर जटिलताओं जैसे हाई ब्लड शुगर, लो ब्लड शुगर या अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घटई में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा आज सड़कों पर दिखाई दिया। वर्षों से चल रहे गैरकानूनी उत्खनन से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर खदान स्थल पर उग्र आंदोलन करने पहुंचे लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया और खदान को बंद करा दिया। मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिला के भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत घटई नदी में अवैध रेत उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण खदान स्थल पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए काम बंद करा दिया। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति श्रीमती सुखमंती सिंह को मौके पर बुलाया। साथ ही ग्राम पंचायत घटई के सरपंच विजय सिंह और पंच भी घटनास्थल पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ कि बिना वैध अनुमति के नदी में पोकलेन मशीन उतारकर रेत उत्खनन किया जा रहा था। मौके पर किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। अनियमितताएं सामने आने के बाद सरपंच विजय सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रति हाइवा वाहन पर 10 हजार रुपये और पोकलेन मशीन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही सभी वाहनों को ग्राम पंचायत परिसर में खड़ा कराने का आदेश दिया गया। सरपंच ने पोकलेन चालक को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिना अनुमति नदी में मशीन डालना पूरी तरह अवैध है और नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की सूचना माइनिंग अधिकारी, एसडीएम और जनकपुर थाना प्रभारी को दी गई। सूचना मिलते ही कुंवारपुर पुलिस चौकी प्रभारी रविनंद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने वाहनों को पुलिस के सुपुर्द करने की बात कही और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। अवैध रेत उत्खनन से नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है, पर्यावरण को नुकसान हो रहा है।1