मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक आरटीआई (RTI) मामले और फाइलें लंबित (pending) हैं। ये फाइलें सालों से जवाब का इंतजार कर रही हैं और राज्य सूचना आयोग में अपील के रूप में लंबित हैं। [1, 2, 3] मुख्य तथ्य: लंबित मामले: 22,000 से ज्यादा। स्थिति: राज्य सूचना आयोग में अपीलों की संख्या बहुत ज्यादा है, और पंचायत विभाग जानकारी छुपाने या न देने में सबसे आगे है। कार्यान्वयन की स्थिति: एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की 702 सरकारी संस्थाओं में से केवल 17% ही आरटीआई कानून का ठीक से पालन कर रहे हैं। भारी पेंडेंसी: मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक RTI आवेदन और अपीलें सालों से लंबित हैं। ऑनलाइन की कमी: डिजिटल युग में भी मध्य प्रदेश में RTI आवेदन ऑफलाइन (कागज पर) लिए जाते हैं, जिसके लिए राज्य सरकार का कोई समर्पित ऑनलाइन पोर्टल नहीं है, जबकि केंद्र का पोर्टल उपलब्ध है। कार्यकर्ताओं पर हमले: राज्य में RTI कार्यकर्ताओं को धमकियां, हमले और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी न मिलना: कई मामलों में मांगी गई जानकारी का सही जवाब नहीं मिलता, जिससे कानून निष्प्रभावी हो गया है। प्रक्रिया में देरी: अपील प्रक्रिया (प्रथम और द्वितीय) में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।
मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक आरटीआई (RTI) मामले और फाइलें लंबित (pending) हैं। ये फाइलें सालों से जवाब का इंतजार कर रही हैं और राज्य सूचना आयोग में अपील के रूप में लंबित हैं। [1, 2, 3] मुख्य तथ्य: लंबित मामले: 22,000 से ज्यादा। स्थिति: राज्य सूचना आयोग में अपीलों की संख्या बहुत ज्यादा है, और पंचायत विभाग जानकारी छुपाने या न देने में सबसे आगे है। कार्यान्वयन की स्थिति: एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की 702 सरकारी संस्थाओं में से केवल 17% ही आरटीआई कानून का ठीक से पालन कर रहे हैं। भारी पेंडेंसी: मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक RTI आवेदन और अपीलें सालों से लंबित हैं। ऑनलाइन की कमी: डिजिटल युग में भी मध्य प्रदेश में RTI आवेदन ऑफलाइन (कागज पर) लिए जाते हैं, जिसके लिए राज्य सरकार का कोई समर्पित ऑनलाइन पोर्टल नहीं है, जबकि केंद्र का पोर्टल उपलब्ध है। कार्यकर्ताओं पर हमले: राज्य में RTI कार्यकर्ताओं को धमकियां, हमले और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी न मिलना: कई मामलों में मांगी गई जानकारी का सही जवाब नहीं मिलता, जिससे कानून निष्प्रभावी हो गया है। प्रक्रिया में देरी: अपील प्रक्रिया (प्रथम और द्वितीय) में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।
- भारी पेंडेंसी: मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक RTI आवेदन और अपीलें सालों से लंबित हैं। ऑनलाइन की कमी: डिजिटल युग में भी मध्य प्रदेश में RTI आवेदन ऑफलाइन (कागज पर) लिए जाते हैं, जिसके लिए राज्य सरकार का कोई समर्पित ऑनलाइन पोर्टल नहीं है, जबकि केंद्र का पोर्टल उपलब्ध है। कार्यकर्ताओं पर हमले: राज्य में RTI कार्यकर्ताओं को धमकियां, हमले और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी न मिलना: कई मामलों में मांगी गई जानकारी का सही जवाब नहीं मिलता, जिससे कानून निष्प्रभावी हो गया है। प्रक्रिया में देरी: अपील प्रक्रिया (प्रथम और द्वितीय) में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।1
- हमारी जनगणना, हमारा विकास राष्ट्रीय अभियान में जिलेवासी करें सहयोग - कलेक्टर ==== कलेक्टर ने जनगणना प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी ==== शहडोल 4 मई 2026- कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ. केदार सिंह ने जनगणना कार्य के प्रचार-प्रसार हेतु जनसंपर्क संचालनालय भोपाल द्वारा प्रदाय की गई जनगणना प्रचार रथ को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ द्वारा शहडोल जिले के समस्त विकासखंडों में पहुंचकर जनगणना हेतु किए जा रहे कार्यों के प्रति जनमानस को जागरूक किया जाएगा तथा लोगों को जनगणना के महत्व की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जनगणना-2027 के तहत 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारी मकान गणना सहित 33 प्रकार की जानकारी प्राप्त करेंगे। सभी जिलेवासी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग करते हुए जनगणना के अंतर्गत मकान गणना कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन करना है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर एवं प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सही एवं सटीक जानकारी देकर जिलेवासी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि जानकारी देने से पहले अधिकारी अथवा कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य जांच लें। केवल अधिकृत शासकीय कर्मचारियों को ही जानकारी प्रदान करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।1
- शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में एक कलयुगी ससुर द्वारा अपनी ही बहू के साथ जबरन दुष्कर्म (रेप) करने की घटना दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने बीते 2 मई 2026 को जयसिंहनगर थाने में पहुंचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि उसके ससुर ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया है। इस अमानवीय घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पीड़िता न्याय की गुहार लगाने पुलिस के पास पहुंची। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए, जयसिंहनगर थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 3 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान जयपाल प्रजापति (उम्र 42 वर्ष), पिता नत्थू प्रजापति, निवासी वार्ड क्रमांक 01, जयसिंहनगर के रूप में हुई है। इसके बाद, 4 मई 2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही। निरीक्षक अजय कुमार (थाना प्रभारी, जयसिंहनगर) के नेतृत्व में गठित टीम में उप-निरीक्षक (सउनि) प्रमोद कुमार, प्रधान आरक्षक (प्रआर.) नंदकुमार, प्रधान आरक्षक बरेलाल, आरक्षक सुजीत सिंह और आरक्षक धीरसाह शामिल रहे। पुलिसकर्मियों की इस मुस्तैदी से पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहडोल पुलिस की इस तत्परता से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश गया है।1
- हमारी जनगणना, हमारा विकास राष्ट्रीय अभियान में जिलेवासी करें सहयोग - कलेक्टर कलेक्टर ने जनगणना प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी शहडोल। कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ. केदार सिंह ने जनगणना कार्य के प्रचार-प्रसार हेतु जनसंपर्क संचालनालय भोपाल द्वारा प्रदाय की गई जनगणना प्रचार रथ को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ द्वारा शहडोल जिले के समस्त विकासखंडों में पहुंचकर जनगणना हेतु किए जा रहे कार्यों के प्रति जनमानस को जागरूक किया जाएगा तथा लोगों को जनगणना के महत्व की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जनगणना-2027 के तहत 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारी मकान गणना सहित 33 प्रकार की जानकारी प्राप्त करेंगे। सभी जिलेवासी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग करते हुए जनगणना के अंतर्गत मकान गणना कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन करना है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर एवं प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सही एवं सटीक जानकारी देकर जिलेवासी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि जानकारी देने से पहले अधिकारी अथवा कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य जांच लें। केवल अधिकृत शासकीय कर्मचारियों को ही जानकारी प्रदान करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।1
- तेज रफ्तार का कहर,ऑटो और बल्कर की आमने-सामने भिड़ंत, दो गंभीर घायल उमरिया तपस गुप्ता जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां जैन पेट्रोल पंप के पास दोपहर करीब 2 बजे एक ऑटो और बल्कर के बीच जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और बल्कर भी अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में ऑटो चालक सतीश बैगा और उसमें सवार बलदेव बैगा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल पाली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घायल सतीश बैगा ग्राम खमरिया, थाना ढीमरखेड़ा जिला कटनी का निवासी है, जो पाली-गिंजरी में अपनी बुआ के यहां रहकर ऑटो चलाकर अपना जीवनयापन करता था। वहीं दूसरा घायल बलदेव बैगा, थाना पाली के रौगड़ गांव का रहने वाला है, जो स्वयं भी ऑटो चालक बताया जा रहा है। हादसे के बाद एक और गंभीर पहलू सामने आया। घायल के परिजन राजा परस्ते ने आरोप लगाया कि पाली अस्पताल में समय पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि करीब दो घंटे तक एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन सुविधा नहीं मिली। अंततः उन्हें खुद के साधन से ही घायल को शहडोल ले जाने के लिए कहा गया। इस लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं हादसे के बाद बल्कर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले में पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि ऑटो और बल्कर की टक्कर में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें शहडोल रेफर किया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की याद दिलाता है, साथ ही आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करता है।1
- अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा जनपद पंचायत क्षेत्र के बसखला गांव में संचालित जेएमएस कंपनी के खिलाफ सोमवार को स्थानीय कर्मचारियों और किसानों ने सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर वादा खिलाफी, भेदभावपूर्ण रवैया और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ चेतावनी देते हुए कहा हैं कि 7 दिन में अगर मांगें न मानी तो उग्र आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से वे कर्मचारी और किसान शामिल थे, जिनकी जमीन पर कंपनी संचालित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कंपनी का उत्पादन ठप कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन स्थानीय और बाहरी कर्मचारियों के बीच लगातार भेदभाव कर रहा है। बाहरी कर्मचारियों को अधिक वेतन, बेहतर सुविधाएं और बोनस दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय मजदूरों को कम वेतन देकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि जब वे अपने हक और सुविधाओं की मांग करते हैं, तो प्रबंधन उन्हें नौकरी से निकालने का नोटिस देकर डराने और दबाने का प्रयास करता है। कर्मचारियों ने कंपनी पर दमनकारी नीति अपनाने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी मजदूरों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानीय कर्मचारियों को प्राथमिकता, बोनस एवं अन्य सुविधाओं में समानता और नौकरी से निकालने के नोटिस के जरिए किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक शामिल है। प्रदर्शन के दौरान कंपनी प्रबंधन ने सात दिनों के भीतर लंबित मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।2
- Post by पत्रकारिता1
- यह बात समझ में नहीं आ रही कि बीजेपी को वोट कैसे हो रहा है वादों में नही उतरी भाजपा1