अनूपपुर: शोषण-भेदभाव का आरोप, जेएमएस कंपनी के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन 7 दिन में मांगें न मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा जनपद पंचायत क्षेत्र के बसखला गांव में संचालित जेएमएस कंपनी के खिलाफ सोमवार को स्थानीय कर्मचारियों और किसानों ने सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर वादा खिलाफी, भेदभावपूर्ण रवैया और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ चेतावनी देते हुए कहा हैं कि 7 दिन में अगर मांगें न मानी तो उग्र आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से वे कर्मचारी और किसान शामिल थे, जिनकी जमीन पर कंपनी संचालित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कंपनी का उत्पादन ठप कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन स्थानीय और बाहरी कर्मचारियों के बीच लगातार भेदभाव कर रहा है। बाहरी कर्मचारियों को अधिक वेतन, बेहतर सुविधाएं और बोनस दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय मजदूरों को कम वेतन देकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि जब वे अपने हक और सुविधाओं की मांग करते हैं, तो प्रबंधन उन्हें नौकरी से निकालने का नोटिस देकर डराने और दबाने का प्रयास करता है। कर्मचारियों ने कंपनी पर दमनकारी नीति अपनाने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी मजदूरों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानीय कर्मचारियों को प्राथमिकता, बोनस एवं अन्य सुविधाओं में समानता और नौकरी से निकालने के नोटिस के जरिए किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक शामिल है। प्रदर्शन के दौरान कंपनी प्रबंधन ने सात दिनों के भीतर लंबित मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
अनूपपुर: शोषण-भेदभाव का आरोप, जेएमएस कंपनी के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन 7 दिन में मांगें न मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा जनपद पंचायत क्षेत्र के बसखला गांव में संचालित जेएमएस कंपनी के खिलाफ सोमवार को स्थानीय कर्मचारियों और किसानों ने सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर वादा खिलाफी, भेदभावपूर्ण रवैया और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ चेतावनी देते हुए कहा हैं कि 7 दिन में अगर मांगें न मानी तो उग्र आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से वे कर्मचारी और किसान शामिल थे, जिनकी जमीन पर कंपनी संचालित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कंपनी का उत्पादन ठप कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन स्थानीय और बाहरी कर्मचारियों के बीच लगातार भेदभाव कर रहा
है। बाहरी कर्मचारियों को अधिक वेतन, बेहतर सुविधाएं और बोनस दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय मजदूरों को कम वेतन देकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि जब वे अपने हक और सुविधाओं की मांग करते हैं, तो प्रबंधन उन्हें नौकरी से निकालने का नोटिस देकर डराने और दबाने का प्रयास करता है। कर्मचारियों ने कंपनी पर दमनकारी नीति अपनाने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी मजदूरों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानीय कर्मचारियों को प्राथमिकता, बोनस एवं अन्य सुविधाओं में समानता और नौकरी से निकालने के नोटिस के जरिए किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक शामिल है। प्रदर्शन के दौरान कंपनी प्रबंधन ने सात दिनों के भीतर लंबित मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
- अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा जनपद पंचायत क्षेत्र के बसखला गांव में संचालित जेएमएस कंपनी के खिलाफ सोमवार को स्थानीय कर्मचारियों और किसानों ने सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर वादा खिलाफी, भेदभावपूर्ण रवैया और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ चेतावनी देते हुए कहा हैं कि 7 दिन में अगर मांगें न मानी तो उग्र आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से वे कर्मचारी और किसान शामिल थे, जिनकी जमीन पर कंपनी संचालित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कंपनी का उत्पादन ठप कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन स्थानीय और बाहरी कर्मचारियों के बीच लगातार भेदभाव कर रहा है। बाहरी कर्मचारियों को अधिक वेतन, बेहतर सुविधाएं और बोनस दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय मजदूरों को कम वेतन देकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि जब वे अपने हक और सुविधाओं की मांग करते हैं, तो प्रबंधन उन्हें नौकरी से निकालने का नोटिस देकर डराने और दबाने का प्रयास करता है। कर्मचारियों ने कंपनी पर दमनकारी नीति अपनाने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी मजदूरों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानीय कर्मचारियों को प्राथमिकता, बोनस एवं अन्य सुविधाओं में समानता और नौकरी से निकालने के नोटिस के जरिए किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक शामिल है। प्रदर्शन के दौरान कंपनी प्रबंधन ने सात दिनों के भीतर लंबित मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।2
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- शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में एक कलयुगी ससुर द्वारा अपनी ही बहू के साथ जबरन दुष्कर्म (रेप) करने की घटना दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने बीते 2 मई 2026 को जयसिंहनगर थाने में पहुंचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि उसके ससुर ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया है। इस अमानवीय घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पीड़िता न्याय की गुहार लगाने पुलिस के पास पहुंची। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए, जयसिंहनगर थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 3 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान जयपाल प्रजापति (उम्र 42 वर्ष), पिता नत्थू प्रजापति, निवासी वार्ड क्रमांक 01, जयसिंहनगर के रूप में हुई है। इसके बाद, 4 मई 2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही। निरीक्षक अजय कुमार (थाना प्रभारी, जयसिंहनगर) के नेतृत्व में गठित टीम में उप-निरीक्षक (सउनि) प्रमोद कुमार, प्रधान आरक्षक (प्रआर.) नंदकुमार, प्रधान आरक्षक बरेलाल, आरक्षक सुजीत सिंह और आरक्षक धीरसाह शामिल रहे। पुलिसकर्मियों की इस मुस्तैदी से पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहडोल पुलिस की इस तत्परता से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश गया है।1
- हमारी जनगणना, हमारा विकास राष्ट्रीय अभियान में जिलेवासी करें सहयोग - कलेक्टर कलेक्टर ने जनगणना प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी शहडोल। कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ. केदार सिंह ने जनगणना कार्य के प्रचार-प्रसार हेतु जनसंपर्क संचालनालय भोपाल द्वारा प्रदाय की गई जनगणना प्रचार रथ को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ द्वारा शहडोल जिले के समस्त विकासखंडों में पहुंचकर जनगणना हेतु किए जा रहे कार्यों के प्रति जनमानस को जागरूक किया जाएगा तथा लोगों को जनगणना के महत्व की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जनगणना-2027 के तहत 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारी मकान गणना सहित 33 प्रकार की जानकारी प्राप्त करेंगे। सभी जिलेवासी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग करते हुए जनगणना के अंतर्गत मकान गणना कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन करना है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर एवं प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सही एवं सटीक जानकारी देकर जिलेवासी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि जानकारी देने से पहले अधिकारी अथवा कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य जांच लें। केवल अधिकृत शासकीय कर्मचारियों को ही जानकारी प्रदान करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।1
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- *कल सुबह कल्याणपुर स्थित केवी स्कूल के समीप एक घायल बारहसिंगा मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और तत्परता दिखाते हुए वन्यजीव का रेस्क्यू शुरू किया।* *👉🏻प्राथमिक उपचार और आवश्यक कार्यवाही के उपरांत, वन विभाग की टीम की निगरानी में बारहसिंगा को वापस उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित रिलीज़ कर दिया गया है।*1
- समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश अनूपपुर। जिले में विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत नामांकन करने के उद्देश्य से एक माह का फील्ड विजिट प्लान तैयार किया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को सेक्टरवार फील्ड विजिट करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों का विद्यालयों में नामांकन कराये जाये। अधिकारी विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें बच्चों के विद्यालय में नामांकन कराने के लिए प्रेरित करें। इस कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी आदेश शीघ्र तैयार कर कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि अभियान को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित तरीके से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि चाइल्ड ट्रैकिंग एप के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। सोमवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के अंतर्गत जलापूर्ति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर निर्देशित किया कि जल दर्पण एप्लीकेशन के माध्यम से योजना की रियल-टाइम एवं नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी ग्रामीणों को शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सार्वजनिक एवं शासकीय स्थलों पर प्याऊ व्यवस्था स्थापित करने के भी निर्देश दिए। राज्य शासन द्वारा कृषि विभाग के अंतर्गत घोषित कृषक कल्याण वर्ष के अवसर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की भी समीक्षा में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने एवं कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही, किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तथा बाइक रैली, ट्रैक्टर रैली आदि के माध्यम से कृषि संबंधी गतिविधियों के प्रति जागरूक किया जाए। सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने हैंडपंपों के रखरखाव एवं मरम्मत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नवीन राशन कार्ड जारी करने एवं राशन कार्ड के अद्यतन, लाड़ली बहना योजना की पेंडिंग भुगतान राशि, भूमि सीमांकन तथा निजी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पंचायती राज के अंतर्गत जलप्रदाय से जुड़ी समस्याओं जैसे पाइपलाइन टूट-फूट, मोटर जलने एवं सुधार कार्य, संबल पंजीयन में लंबित आवेदन, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा समग्र आईडी से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए कि राशन दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखा जाए। इसके साथ ही जिले के विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकों के वितरण की समीक्षा की। उन्होंने जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण शासकीय भवनों के स्थान पर नवीन भवनों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कलेक्टर ने शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की, जिसमें पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा प्रशिक्षण को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित जिले के विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।2