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सक्ती जिले के मालखरौदा के डॉ. भूपेंद्र लहरे का लेवल ही बिल्कुल अलग है। वे अपना रास्ता खुद बनाते हैं और उनका यह स्तर सबसे अलग है।
Bhupendra lahare
सक्ती जिले के मालखरौदा के डॉ. भूपेंद्र लहरे का लेवल ही बिल्कुल अलग है। वे अपना रास्ता खुद बनाते हैं और उनका यह स्तर सबसे अलग है।
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- सारंगढ़ में एक बड़ा स्कैम सामने आया है, जहां सैकड़ों महिलाओं को पैसे डबल करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। इस धोखाधड़ी का शिकार हुईं महिलाओं ने लोन लेकर करोड़ों रुपये की भारी-भरकम रकम दी थी। ठगी का शिकार होने के बाद अब ये पीड़ित महिलाएं अपने पैसों के लिए भटकने को मजबूर हैं।1
- कोरबा में पहली ही बारिश के कारण बनिया की सड़क बह गई है, जिसके चलते क्षेत्र में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इस सड़क के बहने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का राशन जरूरतमंदों तक पहुंचाने में भारी दिक्कत आ रही है और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी समस्या और इस पर जनप्रतिनिधियों की ओर से आई प्रतिक्रियाओं को लेकर बीएसटीवी (BStv) ने एक विशेष रिपोर्ट पेश की है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अंकसूची देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे इस मुख्य साजिशकर्ता को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटकरण के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस इससे पहले फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले एक महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह पूरा मामला जुलाई 2023 का है, जब भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती में जिला सक्ती निवासी नरेंद्र कुमार और जिला जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने ऑनलाइन आवेदन करते समय 10वीं की फर्जी अंकसूचियां अपलोड की थीं, जिसके आधार पर उनका चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में डाकपाल (ग्रामीण डाक सेवक) पद पर हो गया था। नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान जब तमिलनाडु बोर्ड से रिपोर्ट आई, तो खुलासा हुआ कि दोनों अंकसूचियां फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं। इसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर थाना कोतवाली में धारा 420, 467, 468, 471, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने फरवरी 2026 में दोनों अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने खुलासा किया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी। नरेंद्र कुमार ने आरोपी को ₹3.50 लाख दिए थे, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। इसके बदले आरोपी ने उन्हें फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं, जिन्हें जानते हुए भी उन्होंने भर्ती में इस्तेमाल किया। इस खुलासे के बाद दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि साल 2013 में नकली नोट के एक मामले में उसे 10 साल की सजा हो चुकी है और जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से इस तरह की धोखाधड़ी और जालसाजी में सक्रिय हो गया था। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए शिवाजी नगर निवासी 47 वर्षीय विनोद कुमार राठौर को कोरबा से धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में फर्जी अंकसूचियों के जरिए ठगी करना स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।3
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ (उदयपुर) में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एक महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दीपक बैज के जन्म दिवस पर राजीव भवन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है।1
- रायगढ़ के श्री मंदिर में नेत्रोत्सव मनाया गया है। इस अवसर पर महाप्रभु जगन्नाथ ने अपनी आंखें खोलीं।1
- कोरबा के बालको में एक ट्रेलर और बाइक के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में दो युवतियों की मौत हो गई है, जबकि एक युवक घायल हो गया है। हादसे के बाद आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- सारंगढ़ में करोड़ों रुपये के ठगी कांड में पीड़ित ग्रामीणों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके विरोध में आज फिर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्टर दफ्तर पहुंचे। बीते 13 जुलाई से ही पीड़ित ग्रामीण लगातार सारंगढ़ के कलेक्टर दफ्तर, एसपी कार्यालय और थानों में चक्कर काट रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 'छत्तीसगढ़ युवा समाज सुधार समिति' नाम के एक एनजीओ (NGO) ने 'नारी रक्षा सम्मान निधि' के नाम पर पहले उनका भरोसा जीता और फिर उनसे बड़ा निवेश कराया। अब समय बीतने के साथ ही एनजीओ का कर्मचारी दिनेश बंजारे ग्रामीणों को पैसे वापस लौटाने और उनकी किस्तें भरने से साफ मुकर रहा है, जिसके बाद महिला समूहों को अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ है। आज फिर 9 गांवों की सैकड़ों महिलाएं कलेक्टर जन दर्शन में उचित कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचीं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपना सारा पैसा निकाल कर दिनेश बंजारे को दिया था, जो उन्हें अनुदान राशि देता था और किस्तें भी खुद ही जमा करता था। लेकिन अब दिनेश बंजारे ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया है, जिसके कारण फाइनेंस कंपनियां महिलाओं को किस्त पटाने के लिए लगातार परेशान कर रही हैं। जैसे-जैसे इस मामले में पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ठगी की रकम का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पुलिस बल और खुद एसडीओपी (SDOP) ध्रुवेश जायसवाल की मौजूदगी में सत्ता से जुड़े कथित भू-माफियाओं और गुंडों ने थाने के भीतर पत्रकार अमित पांडेय की बेरहमी से पिटाई कर दी। अमित पांडेय का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने एक बेबस परिवार की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े से हड़पने और विरोध करने पर भू-स्वामी की हत्या करने वाले कथित भू-माफियाओं के काले कारनामों को उजागर किया था। इस घटना के बाद से ही लोग बेहद आक्रोशित हैं और सोशल मीडिया पर #JusticeForAmitPandey और #पत्थलगांव_गुंडाराज के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार पिछले 15 वर्षों से घुट-घुट कर जीने को मजबूर था और अमित पांडेय की खबरों से उनके भीतर न्याय की उम्मीद जगी थी। लेकिन कोयला चोरी, अवैध रेत खनन, नकली बीज बेचने और सौ करोड़ की सरकारी व निजी जमीनें हड़पने के धंधे में डूबे रसूखदारों ने पुलिस को अपनी 'प्राइवेट सिक्योरिटी' की तरह इस्तेमाल किया। रसूखदारों ने पत्रकार का हौसला तोड़ने के लिए उन पर रंगदारी और वसूली (Extortion) के झूठे केस थोपने की धमकी देकर चरित्र हनन की घटिया साजिश रची। इस संकट की घड़ी में प्रेस क्लब के कुछ दलाल भी पीड़ित पत्रकार के साथ खड़े होने के बजाय सत्ता और रसूखदारों की चाटुकारिता में व्यस्त रहे। इस पूरी वारदात ने सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं और लोग व्यवस्था को #सुशासन_या_जंगलराज का नाम दे रहे हैं। इस घिनौने कांड में सबसे संदिग्ध भूमिका एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल की मानी जा रही है, जिन पर साजिश के तहत पत्रकार को थाने बुलाकर अपराधियों से पिटवाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। ध्रुवेश जायसवाल का इतिहास पहले भी दागी रहा है। बलरामपुर (वाड्रफनगर) कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने कोयला-रेत माफिया और पुलिसिया सांठगांठ को उजागर करने वाले निर्भीक पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को इनके खिलाफ जांच के निर्देश देने पड़े थे। इसके अलावा, सरगुजा पदस्थापना के दौरान आदिवासियों (विशेषकर पहाड़ी कोरवाओं) का हक डकारने वाले भ्रष्ट एनजीओ को मूक संरक्षण देने में भी इनकी कार्यप्रणाली संदिग्ध रही थी। यही कारण है कि अब आक्रोशित जनता सीधे तौर पर #SuspendDhruveshJaiswal की मांग कर रही है। इस पूरे मामले में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी सिर्फ सोशल मीडिया की 'टॉइलट एक्टिविज्म' तक ही सीमित नजर आ रही है। आरोप है कि पत्थलगांव के इन 'सेठों' के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी जुड़े हैं, जिसके चलते पार्टी केवल औपचारिकता निभा रही है। छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे बड़ा विरोधाभास तब सामने आया जब सरगुजा संभाग के कद्दावर नेता और पीसीसी चीफ की दौड़ में शामिल टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा) ने अपने ही क्षेत्र में हुई इस अमानवीय घटना पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या 'महाराज' ने सेठों के रसूख के आगे घुटने टेक दिए हैं, और इसीलिए सोशल मीडिया पर #TS_Singhdeo_Silent_Why की गूंज सुनाई दे रही है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और विपक्ष मूकदर्शक बना रहे, तब यह लड़ाई सीधे जनता बनाम व्यवस्था की बन जाती है।3