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भारतीय जनता पार्टी .....................................

13 hrs ago
user_मनीष मिश्रा
मनीष मिश्रा
Pratapgarh, Uttar Pradesh•
13 hrs ago

भारतीय जनता पार्टी .....................................

More news from Rae Bareli and nearby areas
  • रायबरेली - ऑटो स्टैंड बना अखाड़ा, सवारी बैठाने को लेकर चले लात-घूंसे सवारी ने ई रिक्शा चालक को चप्पलों से पीटा। मारपीट शुरू होने पर मची 0अफरा-तफरी। स्थानीय लोगों का आरोप अवैध वसूली के चलते हुई मारपीट। मिल एरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे की घटना।
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    रायबरेली - ऑटो स्टैंड बना अखाड़ा,
सवारी बैठाने को लेकर चले लात-घूंसे
सवारी ने ई रिक्शा चालक को चप्पलों से पीटा।  मारपीट शुरू होने पर मची 0अफरा-तफरी। स्थानीय लोगों का आरोप अवैध वसूली के चलते हुई मारपीट। मिल एरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे की घटना।
    user_Sujeet kumar
    Sujeet kumar
    Lalganj, Rae Bareli•
    16 hrs ago
  • Post by Krishnaabhan singh
    1
    Post by Krishnaabhan singh
    user_Krishnaabhan singh
    Krishnaabhan singh
    पत्रकार रानीगंज, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अमेठी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर ऐसा बवाल भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षित सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। शिकायत मिलते ही एसडीएम आशीष सिंह पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से बन रहा चबूतरा हटवा दिया। लेकिन प्रशासन के लौटते ही हालात पलट गए।  ग्रामीणों ने दोबारा उसी जगह पर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलते ही जब पुलिस फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने अचानक मोर्चा खोल दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा बन गया। हालात बेकाबू होते देख पीपरपुर, संग्रामपुर और रामगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर उतार दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया, लेकिन गांव में अब भी तनाव चरम पर है। इस हिंसक बवाल में पुलिस ने 6 नामजद समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी खंगाली जा रही है। आरोपियों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं। सबसे बड़ी बात — डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले भड़की इस घटना ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। क्या ये महज जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश? क्या जयंती से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश? फिलहाल अमेठी में हालात बेहद संवेदनशील हैं, पुलिस हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
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    अमेठी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर ऐसा बवाल भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षित सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। शिकायत मिलते ही एसडीएम आशीष सिंह पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से बन रहा चबूतरा हटवा दिया।
लेकिन प्रशासन के लौटते ही हालात पलट गए।  ग्रामीणों ने दोबारा उसी जगह पर प्रतिमा स्थापित कर दी।
सूचना मिलते ही जब पुलिस फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने अचानक मोर्चा खोल दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा बन गया।
हालात बेकाबू होते देख पीपरपुर, संग्रामपुर और रामगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर उतार दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया, लेकिन गांव में अब भी तनाव चरम पर है।
इस हिंसक बवाल में पुलिस ने 6 नामजद समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी खंगाली जा रही है। आरोपियों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं।
सबसे बड़ी बात — डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले भड़की इस घटना ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।
क्या ये महज जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश?
क्या जयंती से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश?
फिलहाल अमेठी में हालात बेहद संवेदनशील हैं, पुलिस हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE
    Distt Coresspondent NATION ONE
    Paint Shop Amethi, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • अमेठी। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। मौके पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे और सार्वजनिक भूमि से प्रतिमा हटवाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उग्र होकर पुलिस और राजस्व टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव में प्रभारी निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। अचानक बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। मामले में लेखपाल की तहरीर पर थाना रामगंज में 19 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रव में शामिल 9 आरोपियों—रमेश यादव, ब्रजेश यादव, विजयशंकर यादव, विजय कुमार उर्फ मुन्ना, अखिलेश कुमार कोरी, सूरज कुमार (पुत्र कल्लूराम), सूरज कुमार (पुत्र कमलेश कुमार, निवासी प्रतापगढ़), जगन्नाथ और उमेश कुमार—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।
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    अमेठी। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई।
मौके पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे और सार्वजनिक भूमि से प्रतिमा हटवाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उग्र होकर पुलिस और राजस्व टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव में प्रभारी निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। अचानक बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। मामले में लेखपाल की तहरीर पर थाना रामगंज में 19 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रव में शामिल 9 आरोपियों—रमेश यादव, ब्रजेश यादव, विजयशंकर यादव, विजय कुमार उर्फ मुन्ना, अखिलेश कुमार कोरी, सूरज कुमार (पुत्र कल्लूराम), सूरज कुमार (पुत्र कमलेश कुमार, निवासी प्रतापगढ़), जगन्नाथ और उमेश कुमार—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • कौशाम्बी। जनपद* के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवनगंज गांव में एक दर्दनाक हादसे में महिला की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है जानकारी के अनुसार रवीना देवी पत्नी नरेश निवासी रघुनाथपुर पचंभा थाना सैनी शनिवार को अपने मायके जीवनगंज गांव आई थीं। रविवार को वह खेत की ओर गई थीं तभी अचानक करंट की चपेट में आ गईं और अचेत होकर गिर पड़ीं परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। मां की असमय मौत से बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    कौशाम्बी। जनपद* के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवनगंज गांव में एक दर्दनाक हादसे में महिला की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है जानकारी के अनुसार रवीना देवी पत्नी नरेश निवासी रघुनाथपुर पचंभा थाना सैनी शनिवार को अपने मायके जीवनगंज गांव आई थीं। रविवार को वह खेत की ओर गई थीं तभी अचानक करंट की चपेट में आ गईं और अचेत होकर गिर पड़ीं परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। मां की असमय मौत से बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_AJEET KUMAR MISHRA
    AJEET KUMAR MISHRA
    पत्रकार कुंडा, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Raju.u.p.44
    1
    Post by Raju.u.p.44
    user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई,शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई,शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी।
इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है।
एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है
एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है।
मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध
ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है।
22 मार्च को हुई थी बैठक
गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना।
22 मार्च को हुई थी बैठक
गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना।
रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • रायबरेली:टआल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ( ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये जाने की कार्यवाही की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि यह लूट सिर्फ एनटीपीसी प्रंबधन और ठेकेदार गठजोड़ द्वारा ही नहीं की जा रही है बल्कि इस लूट में पूरा जिला प्रशासन शामिल है*। ज्ञातव्य है कि सी ओ ऊंचाहार और कोतवाली प्रभारी ,चौकी इंचार्ज एनटीपीसी ने आज वार्ता के बहाने ऐक्टू नेता कमला कांत पाण्डेय ,राम संजीवन, पवन मिश्रा को कोतवाली परिसर में बुलाकर आंदोलन करने पर दस मुकदमे लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि ऐक्टू एक वर्ष से अधिक समय से इस अवैध और अपराधिक वसूली के विरुद्ध निगरानी कमेटी बनाने और वसूली पर रोक की गारंटी करने की मांग कर रहा है, किंतु 2 हजार करोड़ रु से अधिक की डरा धमकाकर की जाने वार्षिक वसूली रोकने के बजाए उसके विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी देने वाले कानून के कथित रक्षक पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस लूट को बेखौफ जारी रखने का रास्ता साफ कर रहे हैं, बल्कि अपनी संलिप्तता को भी उजागर कर रहे हैं। कामरेड विद्रोही ने कहा कि ऊंचाहार पुलिस की बहादुरी के बड़े बड़े कारनामें जगजाहिर हैं। ऊंचाहार जिले का सर्वाधिक दलित, महिला उत्पीड़न और अन्य अपराधों वाला इलाका है, वहां अपना बल कौशल दिखाने में फिसड्डी पुलिस अधिकारी मेहनतकशों की जेब काटने वाले ताकतवरों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमका रहे हैं। उसी ऊंचाहार थाने में मजदूरों की अवैध वसूली की दर्जनों शिकायतें पड़ी हैं , पर उन्हें दर्ज तक नहीं किया गया बल्कि ठेकेदारों से माल मत्ता लेकर उन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। उन्होंने अंत में कहा कि ऐक्टू पहले से ही कहता रहा है कि यह सिर्फ ठेकदारों का काम नहीं है, यह ठेकेदार ,एनटीपीसी प्रबंधन , पुलिस प्रशासन और अन्य बड़े ताकतवरों के गठजोड़ के जरिए बेखौफ रिवाज की तरह अपराध किया जा रहा है। किसानों के पुआल जलाने पर प्रदूषण फैलाने का मुकदमा दर्ज कराने वाला लोक प्रशासन लाखों लोगों का जीवन नर्क बना देने वाला एनटीपीसी द्वारा पैदा किया जा रहा वायु प्रदूषण नहीं दिखता । एनटीपीसी की चिमनियां मौत उगल रही हैं, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के आवश्यक उपाय करने के बजाय लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐश पॉन्ड्स का रख रखाव करने के बजाय स्थानीय आबादी उसके भयावह दुष्प्रभाव झेलने के लिए अभिशप्त है। पूरे इलाके के किसानों , मजदूरों ने इसी लिए कुर्बानी की थी कि चंद लुटेरे आकर उनको मौत का उपहार देंगे और उनके बच्चों की पसीने से अर्जित थाली की रोटी छीन लेंगे। ऐक्टू अध्यक्ष ने अंत में कहा कि हम हर दमन का सामना कर इस अवैध लूट ,श्रमिको के उत्पीड़न तथा स्थानीय जनता के साफ हवा के अधिकार के संघर्ष को जीत तक चलाएंगे।
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    रायबरेली:टआल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ( ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये  जाने की कार्यवाही की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि यह लूट सिर्फ एनटीपीसी प्रंबधन और ठेकेदार गठजोड़ द्वारा ही नहीं की जा रही है बल्कि इस लूट में पूरा जिला प्रशासन शामिल है*। ज्ञातव्य है कि सी ओ ऊंचाहार और कोतवाली प्रभारी ,चौकी इंचार्ज एनटीपीसी ने आज वार्ता के बहाने ऐक्टू नेता कमला कांत पाण्डेय ,राम संजीवन, पवन मिश्रा  को कोतवाली परिसर में बुलाकर आंदोलन करने पर दस मुकदमे लगाकर जेल भेजने की धमकी दी।
उन्होंने कहा कि ऐक्टू एक वर्ष से अधिक समय से इस अवैध और अपराधिक वसूली के विरुद्ध निगरानी कमेटी बनाने और वसूली पर रोक की गारंटी करने की मांग कर रहा है, किंतु 2 हजार करोड़ रु से अधिक की  डरा धमकाकर की जाने वार्षिक  वसूली रोकने के बजाए उसके विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी देने वाले कानून के कथित रक्षक पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस लूट को बेखौफ जारी रखने का रास्ता साफ कर रहे हैं, बल्कि अपनी संलिप्तता को भी उजागर कर रहे हैं।
कामरेड विद्रोही ने कहा कि ऊंचाहार पुलिस की बहादुरी के बड़े बड़े कारनामें जगजाहिर हैं। ऊंचाहार  जिले का सर्वाधिक दलित, महिला उत्पीड़न और अन्य अपराधों वाला इलाका है, वहां अपना बल कौशल दिखाने में  फिसड्डी पुलिस अधिकारी  मेहनतकशों की जेब काटने वाले ताकतवरों के खिलाफ आवाज  उठाने वालों को धमका रहे हैं। उसी ऊंचाहार थाने में मजदूरों की अवैध वसूली की दर्जनों शिकायतें पड़ी हैं , पर उन्हें दर्ज तक नहीं किया गया बल्कि ठेकेदारों से माल मत्ता लेकर उन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया।
उन्होंने अंत में कहा कि ऐक्टू पहले से ही कहता रहा है कि यह सिर्फ ठेकदारों का काम नहीं है, यह ठेकेदार ,एनटीपीसी प्रबंधन , पुलिस प्रशासन और अन्य बड़े ताकतवरों के गठजोड़ के जरिए  बेखौफ रिवाज की तरह अपराध किया जा रहा है। 
किसानों के पुआल जलाने पर प्रदूषण फैलाने का मुकदमा दर्ज कराने वाला लोक प्रशासन लाखों लोगों का जीवन नर्क बना देने वाला एनटीपीसी द्वारा पैदा किया जा रहा वायु प्रदूषण नहीं दिखता । एनटीपीसी की चिमनियां मौत उगल रही हैं, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के आवश्यक उपाय करने के बजाय लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐश पॉन्ड्स का रख रखाव करने के बजाय स्थानीय आबादी उसके भयावह दुष्प्रभाव झेलने के लिए अभिशप्त है। पूरे इलाके के किसानों , मजदूरों ने इसी लिए कुर्बानी की थी कि चंद लुटेरे आकर उनको मौत का उपहार देंगे और उनके बच्चों की पसीने से अर्जित थाली की रोटी छीन लेंगे।
ऐक्टू अध्यक्ष ने अंत में कहा कि हम  हर दमन का सामना कर इस अवैध लूट ,श्रमिको के उत्पीड़न तथा स्थानीय जनता के साफ हवा के अधिकार के संघर्ष को जीत तक चलाएंगे।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter Unchahar, Rae Bareli•
    3 hrs ago
  • *ब्रेकिंग न्यूज़---------* *बाबागंज में अवैध सार्वजनिक शौचालय पर चला बुलडोजर, डीएम के आदेश पर हुआ ध्वस्तीकरण* बाबागंज में नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह शौचालय सड़क किनारे बनाया गया था, जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।मामले को संज्ञान में लेते हुए PWD विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई की। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लगभग दो वर्ष पहले बने इस सार्वजनिक शौचालय को गिरा दिया।बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर शौचालय बना था, वहां नाले का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिसमें यह ढांचा बाधा बन रहा था। ध्वस्तीकरण के बाद अब सड़क चौड़ीकरण और नाले का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क या आवागमन में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण — चाहे वह सरकारी हो या गैर-सरकारी — को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधा मिल सके। *
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    *ब्रेकिंग न्यूज़---------*
*बाबागंज में अवैध सार्वजनिक शौचालय पर चला बुलडोजर, डीएम के आदेश पर हुआ ध्वस्तीकरण*
बाबागंज में नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह शौचालय सड़क किनारे बनाया गया था, जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।मामले को संज्ञान में लेते हुए PWD विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई की। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लगभग दो वर्ष पहले बने इस सार्वजनिक शौचालय को गिरा दिया।बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर शौचालय बना था, वहां नाले का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिसमें यह ढांचा बाधा बन रहा था। ध्वस्तीकरण के बाद अब सड़क चौड़ीकरण और नाले का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क या आवागमन में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण — चाहे वह सरकारी हो या गैर-सरकारी — को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधा मिल सके।
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    user_Sheetla Prasad
    Sheetla Prasad
    Patti, Pratapgarh•
    3 hrs ago
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