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डिंडोरी जिले के खरगहना स्थित गर्रा टोला की ग्रामीण महिलाएं तपती धूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचीं। उन्होंने डिंडोरी कलेक्टर के नाम एक शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि उनके गाँव में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुँचकर अनेकों बार अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज वे कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से निवेदन कर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग करेंगे, ताकि खरगहना के गर्रा टोला के निवासियों को पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।
Pradeep singh Rajput
डिंडोरी जिले के खरगहना स्थित गर्रा टोला की ग्रामीण महिलाएं तपती धूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचीं। उन्होंने डिंडोरी कलेक्टर के नाम एक शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि उनके गाँव में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुँचकर अनेकों बार अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज वे कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से निवेदन कर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग करेंगे, ताकि खरगहना के गर्रा टोला के निवासियों को पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।
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- डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत ढोंढ़ा स्थित जैव आदान संसाधन केंद्र (BRC) में अब गोबर गैस यानी बायोगैस का उपयोग भोजन पकाने के लिए किया जाने लगा है। इस पहल से एलपीजी गैस की खपत कम होगी और किसानों को कम लागत में ऊर्जा का एक विकल्प मिलेगा, जिससे यह केंद्र जैविक खेती के नवाचार का एक मॉडल बन गया है। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित नर्मदांचल गौ सेवा समिति कई वर्षों से प्राकृतिक और जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। साहू ने अब तक लगभग 20 हजार विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया है। केंद्र में स्थापित बायोगैस संयंत्र पशुओं के गोबर से चलता है, जिससे तैयार होने वाली गैस का इस्तेमाल भोजन बनाने में होता है। साथ ही, संयंत्र से निकलने वाली स्लरी का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किया जाता है, जिससे ऊर्जा और जैविक खाद दोनों का उत्पादन हो रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और आत्मा परियोजना के तहत जिले में ऐसे 33 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण, जैविक उत्पाद और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हैं। इस अवसर पर आयुष साहू और प्रगति साहू सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बिहारी लाल साहू ने बताया कि गौवंश आधारित जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षित होता है और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि जैविक खेती किसानों की लागत कम करती है और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। साहू ने आत्मा परियोजना के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।1
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत छांटा के बैगान टोला निवासी ग्रामीण डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया से वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे 1992 से वन विभाग की शासकीय जमीन पर रहते हुए खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजना के तहत उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाने का अनुरोध किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे एक विशेष जाति से आते हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से सभी बैगा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिए जाने की अपील की।1
- डिंडौरी जिला जल संरचनाओं के निर्माण और जल स्रोतों के जीर्णोद्धार में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो महीनों से जिले में जनभागीदारी के माध्यम से लगातार यह कार्य किया जा रहा है। अब तक जिला और जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा चुका है, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया, जिससे उन्हें यह बात समझ आई कि पानी रोकने से ही बचेगा और फिर से उपलब्ध होगा। इस समझ के बाद, लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर अपने घरों में जल संचय के कार्य शुरू कर दिए। बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में, जहाँ लगभग साढ़े तीन सौ मकान हैं, हर घर में सोखता पिट और छतों से बारिश के पानी को रोकने के लिए पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी की गई है। गांव की महिला मेकिन बाई ने बताया कि पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें जल का महत्व समझाया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर और थोड़ा पैसा खर्च कर पाइप खरीदे और घर के सामने सोखता पिट बनाया, जिसमें अब निस्तार का पानी जा रहा है। इसी तरह, जमुना खैरवार ने भी स्वीकार किया कि वे पहले पानी का महत्व नहीं जानते थे और सोचते थे कि पानी उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सरपंच और अधिकारियों द्वारा थोड़ी मेहनत से पानी बचाने और धरती को रिचार्ज करने की जानकारी देने के बाद उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे गांव में जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही हैं ताकि बारिश का पानी रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर ने 'मां की बगिया' योजना के बारे में बताया, जिसके तहत पांच हितग्राही हैं। एक बगिया में 15 नींबू और 35 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें टपक पद्धति से पानी दिया जा रहा है। कृषक सखी ने पानी बचाने और पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हितग्राहियों को जागरूक किया और उन्हें टपकना, हांडी और स्लाइन की बोतल से पेड़ों को पानी देने के तरीके बताए। अब ये हितग्राही स्वयं पेड़ों की सुरक्षा और सिंचाई का कार्य कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पानी की बचत के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके।1
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र में स्थित जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर, कृष्णा पेट्रोल पंप के पास आज एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार ने पहले दूसरी कार को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सामने खड़े एक ट्रक में जा घुसी। इस जोरदार टक्कर के परिणामस्वरूप, कार में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए जमा हो गए। उन्होंने तुरंत घायलों को शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही शहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और उनका कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।4