सागर पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त पहल पर चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के 11वें दिन जिले के सभी 35 थाना क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया व श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत के सहयोग से शौर्य दल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम व नगर सुरक्षा समितियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और समुदाय की भागीदारी से परिवार व समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के दौरान जिले भर में जागरूकता रैलियां, शपथ कार्यक्रम, संवाद और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। थाना गोपालगंज में उपनिरीक्षक श्री नीरज जैन के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भारती बाल्मीकि व रानी रैकवार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया। थाना सिविल लाइन अंतर्गत ग्राम बम्हौरी बीका के आंगनबाड़ी केंद्र में सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती भारती लाड़िया और ग्राम सरपंच श्री मृगेंद्र सिंह की मौजूदगी में ग्रामीणों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, जैसीनगर के ग्राम पड़रई स्थित शासकीय विद्यालय में लगभग 150 से 200 विद्यार्थियों और भानगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को नशे के सामाजिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसी तरह बीना सहित जिले के सभी 35 थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुरक्षा समितियों ने घर-घर और गांव-गांव पहुंचकर नशे के खिलाफ जन-जागरण का संदेश फैलाया। पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग का यह प्रयास केवल कानून लागू करने तक सीमित न रहकर नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण का एक सशक्त जनआंदोलन बन चुका है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इसी उत्साह के साथ विविध जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।
सागर पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त पहल पर चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के 11वें दिन जिले के सभी 35 थाना क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया व श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत के सहयोग से शौर्य दल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम व नगर सुरक्षा समितियों और स्थानीय
जनप्रतिनिधियों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और समुदाय की भागीदारी से परिवार व समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के दौरान जिले भर में जागरूकता रैलियां, शपथ कार्यक्रम, संवाद और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। थाना गोपालगंज में उपनिरीक्षक श्री नीरज जैन के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भारती बाल्मीकि व रानी रैकवार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में भ्रमण
कर लोगों को जागरूक किया। थाना सिविल लाइन अंतर्गत ग्राम बम्हौरी बीका के आंगनबाड़ी केंद्र में सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती भारती लाड़िया और ग्राम सरपंच श्री मृगेंद्र सिंह की मौजूदगी में ग्रामीणों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, जैसीनगर के ग्राम पड़रई स्थित शासकीय विद्यालय में लगभग 150 से 200 विद्यार्थियों और भानगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को नशे के सामाजिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसी तरह बीना
सहित जिले के सभी 35 थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुरक्षा समितियों ने घर-घर और गांव-गांव पहुंचकर नशे के खिलाफ जन-जागरण का संदेश फैलाया। पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग का यह प्रयास केवल कानून लागू करने तक सीमित न रहकर नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण का एक सशक्त जनआंदोलन बन चुका है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इसी उत्साह के साथ विविध जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।
- सागर पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त पहल पर चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के 11वें दिन जिले के सभी 35 थाना क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया व श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत के सहयोग से शौर्य दल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम व नगर सुरक्षा समितियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और समुदाय की भागीदारी से परिवार व समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के दौरान जिले भर में जागरूकता रैलियां, शपथ कार्यक्रम, संवाद और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। थाना गोपालगंज में उपनिरीक्षक श्री नीरज जैन के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भारती बाल्मीकि व रानी रैकवार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया। थाना सिविल लाइन अंतर्गत ग्राम बम्हौरी बीका के आंगनबाड़ी केंद्र में सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती भारती लाड़िया और ग्राम सरपंच श्री मृगेंद्र सिंह की मौजूदगी में ग्रामीणों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, जैसीनगर के ग्राम पड़रई स्थित शासकीय विद्यालय में लगभग 150 से 200 विद्यार्थियों और भानगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को नशे के सामाजिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसी तरह बीना सहित जिले के सभी 35 थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुरक्षा समितियों ने घर-घर और गांव-गांव पहुंचकर नशे के खिलाफ जन-जागरण का संदेश फैलाया। पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग का यह प्रयास केवल कानून लागू करने तक सीमित न रहकर नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण का एक सशक्त जनआंदोलन बन चुका है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इसी उत्साह के साथ विविध जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।4
- सागर जिले के केसली क्षेत्र में पंचायत के फंड से सड़क का निर्माण कराया जाना था, लेकिन अभी तक यह काम नहीं हो सका है। सड़क न बनने के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है और बरसात के मौसम में पूरे रास्ते पर कीचड़ भरा रहता है। सड़क का निर्माण न किए जाने और इस दुर्व्यवस्था को लेकर अब शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र में वीरांगना फूलन देवी के शहीद दिवस के अवसर पर माझी समाज की एकजुटता और शक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में समाजजन एक विशाल पैदल यात्रा में शामिल हुए, जिससे बीना की सड़कों पर माझी समाज का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा में शामिल सभी लोगों ने एकजुट होकर वीरांगना फूलन देवी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- ललितपुर के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जिजयावन गांव में बच्चों के बीच हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें गंभीर रूप से घायल 2 वर्षीय मासूम बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। शाम के समय बच्चों में विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद दूसरे पक्ष के लोग कथित तौर पर शराब के नशे में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और महिलाओं समेत परिजनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों द्वारा फेंका गया एक पत्थर मासूम बच्ची के सिर में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल ललितपुर ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।2
- सागर जिले के बीना में शिवाजी वार्ड स्थित एक ट्रांसपोर्ट दुकान की छत पर पानी की टंकी साफ करते समय संतुलन बिगड़ने से गिरे 28 वर्षीय कर्मचारी सोहन अहिरवार की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। भगतसिंह वार्ड निवासी सोहन 2 जुलाई को हुए हादसे में सिर में गंभीर चोट आने के कारण बीना और सागर के बाद भोपाल रेफर किया गया था, जहाँ करीब 22 दिनों तक चले उपचार के बावजूद शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। सोहन की मौत के बाद परिजनों और समाज के लोगों का गुस्सा फूटा और भोपाल से शव बीना पहुंचते ही लोगों ने दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर गांधी चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के दोनों ओर रस्सियां बांधकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया, जिससे झांसी फाटक ब्रिज, स्टेशन मार्ग और सागर फाटक समेत शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह चरमरा गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि भोपाल से मर्ग डायरी प्राप्त होते ही पूरे मामले की नियमानुसार निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात सुचारु कराया। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आवश्यक इंतजामों के अभाव पर भी सवाल उठाए हैं।4
- ललितपुर के थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम नुनावली के पास पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध देशी तमंचे (.315 बोर), एक 12 बोर की डबल बैरल (DBBL) बंदूक, 27 जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो एंड्रॉइड मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल जब्त किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर अजय कुमार के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई है। क्षेत्र में गश्त के दौरान सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के अशोकनगर जनपद (थाना सहराई) के ग्राम सोनाई निवासी कपूर सिंह, जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कोटरा बंदीवार कला निवासी रंजीत सिंह और ग्राम कोटरा राजपुर निवासी शिशुपाल को दबोचा। तलाशी के दौरान कपूर सिंह से 12 बोर की बंदूक, 23 जिंदा कारतूस व दो खोखे मिले, जबकि रंजीत सिंह के पास से एक तमंचा व तीन कारतूस और शिशुपाल के पास से एक तमंचा व एक कारतूस बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कपूर सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में लूट, मारपीट और आबकारी अधिनियम सहित कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं, वहीं रंजीत सिंह के खिलाफ भी जखौरा थाने में मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 3/25/30 आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह हथियार कहां से लाए गए थे। इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक रामप्रकाश, उपनिरीक्षक संतकिशोर शुक्ला, आरक्षी अजय पाल और करन कुमार निर्मल की मुख्य भूमिका रही।2