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एक 14 साल की नाबालिग बच्ची के साथ ओपीडी में हुई बलात्कार की घटना को केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता बताया गया है। इस गंभीर घटना के संदर्भ में, यह सवाल उठाया जा रहा है कि लापरवाही पर सवाल उठाने और जवाबदेही तय करने वाले किसी पदाधिकारी से इस्तीफा मांगना कितना उचित है। स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पदाधिकारी पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए व्यवस्था से टकराता है, तो उसका साथ दिया जाना चाहिए, न कि उसे निशाना बनाया जाए। इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, रेणु जी ने यह बयान दिया है कि "माफी नहीं मांगी जाएगी, इंसाफ के लिए ऐसे 100 पद भी कुर्बान हैं," जो जवाबदेही और न्याय के प्रति उनके दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। इस मामले में बहस का मुख्य विषय इस्तीफा नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि ऐसी भयावह घटना दोबारा न हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इसके साथ ही, यह गंभीर प्रश्न भी उठाया गया है कि नाबालिग बच्ची के जांच या उपचार के दौरान कोई महिला नर्स अथवा महिला डॉक्टर क्यों मौजूद नहीं थी।

2 hrs ago
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प्रतापhttps://www.facebook.com
Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
2 hrs ago

एक 14 साल की नाबालिग बच्ची के साथ ओपीडी में हुई बलात्कार की घटना को केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता बताया गया है। इस गंभीर घटना के संदर्भ में, यह सवाल उठाया जा रहा है कि लापरवाही पर सवाल उठाने और जवाबदेही तय करने वाले किसी पदाधिकारी से इस्तीफा मांगना कितना उचित है। स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पदाधिकारी पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए व्यवस्था से टकराता है, तो उसका साथ दिया जाना चाहिए, न कि उसे निशाना बनाया जाए। इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, रेणु जी ने यह बयान दिया है कि "माफी नहीं मांगी जाएगी, इंसाफ के लिए ऐसे 100 पद भी कुर्बान हैं," जो जवाबदेही और न्याय के प्रति उनके दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। इस मामले में बहस का मुख्य विषय इस्तीफा नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि ऐसी भयावह घटना दोबारा न हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इसके साथ ही, यह गंभीर प्रश्न भी उठाया गया है कि नाबालिग बच्ची के जांच या उपचार के दौरान कोई महिला नर्स अथवा महिला डॉक्टर क्यों मौजूद नहीं थी।

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  • एक 14 साल की नाबालिग बच्ची के साथ ओपीडी में हुई बलात्कार की घटना को केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता बताया गया है। इस गंभीर घटना के संदर्भ में, यह सवाल उठाया जा रहा है कि लापरवाही पर सवाल उठाने और जवाबदेही तय करने वाले किसी पदाधिकारी से इस्तीफा मांगना कितना उचित है। स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पदाधिकारी पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए व्यवस्था से टकराता है, तो उसका साथ दिया जाना चाहिए, न कि उसे निशाना बनाया जाए। इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, रेणु जी ने यह बयान दिया है कि "माफी नहीं मांगी जाएगी, इंसाफ के लिए ऐसे 100 पद भी कुर्बान हैं," जो जवाबदेही और न्याय के प्रति उनके दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। इस मामले में बहस का मुख्य विषय इस्तीफा नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि ऐसी भयावह घटना दोबारा न हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इसके साथ ही, यह गंभीर प्रश्न भी उठाया गया है कि नाबालिग बच्ची के जांच या उपचार के दौरान कोई महिला नर्स अथवा महिला डॉक्टर क्यों मौजूद नहीं थी।
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    एक 14 साल की नाबालिग बच्ची के साथ ओपीडी में हुई बलात्कार की घटना को केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता बताया गया है। इस गंभीर घटना के संदर्भ में, यह सवाल उठाया जा रहा है कि लापरवाही पर सवाल उठाने और जवाबदेही तय करने वाले किसी पदाधिकारी से इस्तीफा मांगना कितना उचित है।

स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पदाधिकारी पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए व्यवस्था से टकराता है, तो उसका साथ दिया जाना चाहिए, न कि उसे निशाना बनाया जाए। इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, रेणु जी ने यह बयान दिया है कि "माफी नहीं मांगी जाएगी, इंसाफ के लिए ऐसे 100 पद भी कुर्बान हैं," जो जवाबदेही और न्याय के प्रति उनके दृढ़ संकल्प का संदेश देता है।

इस मामले में बहस का मुख्य विषय इस्तीफा नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि ऐसी भयावह घटना दोबारा न हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इसके साथ ही, यह गंभीर प्रश्न भी उठाया गया है कि नाबालिग बच्ची के जांच या उपचार के दौरान कोई महिला नर्स अथवा महिला डॉक्टर क्यों मौजूद नहीं थी।
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    Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित जेके सीमेंट प्लांट परियोजना के लिए लाइमस्टोन उत्पादन संबंधी पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उत्थेन कला के पास स्थित खाली जमीन पर आयोजित इस सुनवाई में प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जनसुनवाई के दौरान, चंदाखेड़ी, डोरिया, ठुकराई, शादी, परख्याखेड़ी, पालका, उत्थेन कला एवं रायता सहित विभिन्न प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी राय, सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत कीं। ग्रामीणों ने विशेष रूप से परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों पर पड़ने वाले असर, कृषि भूमि के उपयोग, रोजगार के अवसरों तथा स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। कार्यवाही के दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत सभी सुझावों एवं आपत्तियों को विधिवत रूप से दर्ज किया और यह जानकारी दी कि इन्हें संबंधित विभाग को आगे भेजा जाएगा। जनसुनवाई में एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) चित्तौड़गढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर और विकास अधिकारी सुरेश गिरी गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सभी सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल किया जाएगा, जिसे सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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    राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित जेके सीमेंट प्लांट परियोजना के लिए लाइमस्टोन उत्पादन संबंधी पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उत्थेन कला के पास स्थित खाली जमीन पर आयोजित इस सुनवाई में प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

जनसुनवाई के दौरान, चंदाखेड़ी, डोरिया, ठुकराई, शादी, परख्याखेड़ी, पालका, उत्थेन कला एवं रायता सहित विभिन्न प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी राय, सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत कीं। ग्रामीणों ने विशेष रूप से परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों पर पड़ने वाले असर, कृषि भूमि के उपयोग, रोजगार के अवसरों तथा स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।

कार्यवाही के दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत सभी सुझावों एवं आपत्तियों को विधिवत रूप से दर्ज किया और यह जानकारी दी कि इन्हें संबंधित विभाग को आगे भेजा जाएगा। जनसुनवाई में एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) चित्तौड़गढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर और विकास अधिकारी सुरेश गिरी गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सभी सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल किया जाएगा, जिसे सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • आज सांवरिया सेठ जी के मनमोहक दर्शन हुए, जिसके बाद भक्त ने अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। भक्त ने सांवरिया सेठ जी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक सबका बहुत साथ दिया और बहुत निभा लिया है, लेकिन अब वे स्वयं के लिए जीने का इरादा रखते हैं।
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    आज सांवरिया सेठ जी के मनमोहक दर्शन हुए, जिसके बाद भक्त ने अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। भक्त ने सांवरिया सेठ जी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक सबका बहुत साथ दिया और बहुत निभा लिया है, लेकिन अब वे स्वयं के लिए जीने का इरादा रखते हैं।
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    Priest चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में धर्म, संगठन और छात्र राजनीति से जुड़ी कई गतिविधियां सामने आईं। इन प्रमुख घटनाओं में महाकाल सेना में नई नियुक्तियां की गईं, लक्ष्मीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और एनएसयूआई (NSUI) ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
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    चित्तौड़गढ़ में धर्म, संगठन और छात्र राजनीति से जुड़ी कई गतिविधियां सामने आईं। इन प्रमुख घटनाओं में महाकाल सेना में नई नियुक्तियां की गईं, लक्ष्मीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और एनएसयूआई (NSUI) ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सांसद सीपी जोशी ने बड़ीसादड़ी में डाले गए जहरीले अपशिष्ट के मामले में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
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    सांसद सीपी जोशी ने बड़ीसादड़ी में डाले गए जहरीले अपशिष्ट के मामले में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
    user_DS7NEWS NETWORK
    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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    राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।

मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा।

इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
    user_The fact khabar
    The fact khabar
    Local News Reporter बेगूं, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है। आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
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    महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है।

आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।

पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    13 hrs ago
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को अवैध रूप से जेल भेजा जाता है, तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्ति को ₹25,000 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा मिलेगा, जिसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से की जा सकेगी। न्यायालय ने साफ कहा है कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है और मनमानी हिरासत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्णय न्याय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जहाँ अब न केवल कानून का राज स्थापित होगा, बल्कि इसके दुरुपयोग पर भी जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसा प्रतीत होता है कि इंसाफ की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी अब खुलने लगी है, जिससे बेगुनाहों को राहत मिलेगी और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। अब बेगुनाहों की चीखें अनसुनी नहीं होंगी, क्योंकि इंसाफ की देवी जाग उठी है।
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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को अवैध रूप से जेल भेजा जाता है, तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्ति को ₹25,000 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा मिलेगा, जिसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से की जा सकेगी। न्यायालय ने साफ कहा है कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है और मनमानी हिरासत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह निर्णय न्याय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जहाँ अब न केवल कानून का राज स्थापित होगा, बल्कि इसके दुरुपयोग पर भी जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसा प्रतीत होता है कि इंसाफ की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी अब खुलने लगी है, जिससे बेगुनाहों को राहत मिलेगी और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। अब बेगुनाहों की चीखें अनसुनी नहीं होंगी, क्योंकि इंसाफ की देवी जाग उठी है।
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    Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
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