मनेन्द्रगढ़ के सिटी कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। यह कार्रवाई एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक के मार्गदर्शन में की गई। घटना 16 जून 2026 को सामने आई, जब प्रार्थी गोविंद कुमार राय, निवासी स्कूलपारा ग्राम पेंड्री, ने रिपोर्ट दर्ज कराई। गोविंद कुमार राय ग्राम पेंड्री में "गोविंद सीएससी सेंटर" नाम से दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 14 जून 2026 की शाम लगभग 07:00 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। रात लगभग 09:30 बजे जब वे दुकान में सोने के लिए वापस आए, तो दुकान का सामान बिखरा हुआ मिला और दुकान की छत की सीट खुली हुई थी। जांच करने पर काउंटर की दराज में रखी लगभग 35,000 रुपये की नगद राशि चोरी पाई गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। घटनास्थल का निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और गवाहों से पूछताछ के दौरान ग्राम पेंड्री निवासी अविनाश सिंह उर्फ धीरज (उम्र 18 वर्ष) और एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक पर संदेह हुआ। पुलिस टीम ने दोनों से उनके परिजनों की उपस्थिति में पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के पास से चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। विवेचना में अविनाश सिंह उर्फ धीरज के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत किशोर न्याय बोर्ड बैकुण्ठपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक विवेक पाटले, PSI मनीष, PSI सोमी वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक सुनील रजक, प्रधान आरक्षक प्रिंस, प्रधान आरक्षक नवीन, आरक्षक अमित और आरक्षक आजाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मनेन्द्रगढ़ के सिटी कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। यह कार्रवाई एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक के मार्गदर्शन में की गई। घटना 16 जून 2026 को सामने आई, जब प्रार्थी गोविंद कुमार राय, निवासी स्कूलपारा ग्राम पेंड्री, ने रिपोर्ट दर्ज कराई। गोविंद कुमार राय ग्राम पेंड्री में "गोविंद सीएससी सेंटर" नाम से दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 14 जून 2026 की शाम लगभग 07:00 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। रात लगभग 09:30 बजे जब वे दुकान में सोने के लिए वापस आए, तो दुकान का सामान बिखरा हुआ मिला और दुकान की छत की सीट खुली हुई थी। जांच करने पर काउंटर की दराज में रखी लगभग 35,000 रुपये की नगद राशि चोरी पाई गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। घटनास्थल का निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और गवाहों से पूछताछ के दौरान ग्राम पेंड्री निवासी अविनाश सिंह उर्फ धीरज (उम्र 18 वर्ष) और एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक पर संदेह हुआ। पुलिस टीम ने दोनों से उनके परिजनों की उपस्थिति में पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के पास से चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। विवेचना में अविनाश सिंह उर्फ धीरज के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत किशोर न्याय बोर्ड बैकुण्ठपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक विवेक पाटले, PSI मनीष, PSI सोमी वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक सुनील रजक, प्रधान आरक्षक प्रिंस, प्रधान आरक्षक नवीन, आरक्षक अमित और आरक्षक आजाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में बीती रात एक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष के बाद आगजनी की घटना हुई, जिसमें एक कार के साथ चार लोग झुलस गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।4
- अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया। बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैदराबाद दौरे के दौरान कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के माध्यम से हैदराबाद के बुनियादी ढांचे को नई गति प्रदान की गई है। इस पहल से शहर में विकास कार्यों में तेजी आएगी।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अंबिकापुर की टीम ने मनोरा जनपद पंचायत के प्रभारी उप-अभियंता (एसडीओ) संजय कुमार दिवाकर को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 17 जून 2026 को की गई। एसीबी सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत कपरोल के पूर्व उप सरपंच रीतु राम यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2022-23 में रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए गए गेजबियन संरचना निर्माण कार्य के मूल्यांकन और बिल भुगतान के लिए अधिकारी उनसे लगातार पैसों की मांग कर रहा था। शुरुआत में एसडीओ ने 70,000 रुपये की मांग की थी, जिससे काम छह महीने तक अटका रहा। बाद में 50,000 रुपये की घूस लेने के बाद ही उसने इंजीनियरों को भेजकर कार्य का मूल्यांकन कराया था। इसके बाद अंतिम बिल भुगतान और मूल्यांकन रिपोर्ट के सत्यापन के एवज में आरोपी एसडीओ संजय कुमार दिवाकर ने फिर से 30,000 रुपये की मांग की। पीड़ित ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन होने पर मोलभाव के दौरान आरोपी अधिकारी 25,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ। तय रणनीति के तहत एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही प्रार्थी ने रिश्वत की राशि आरोपी को सौंपी, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।1
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।1
- मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य शासन ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में अनूपपुर कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में UCC के अध्ययन और परीक्षण के लिए गठित समिति के सदस्य बुधपाल सिंह ने संहिता के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इसे अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए सुझाव एवं विचार प्राप्त किए। समिति सदस्य श्री बुधपाल सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में निहित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए सामाजिक समानता, न्याय और कल्याण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि गोवा में यह व्यवस्था आजादी के पूर्व से ही लागू है, और अब उत्तराखंड, गुजरात व असम जैसे राज्यों के बाद मध्य प्रदेश इसे लागू करने वाला देश का चौथा राज्य होगा। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में जनजातीय समुदाय की विशिष्ट परंपराओं, संस्कृति और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि UCC के लागू होने से किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक गतिविधियों या नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कानून केवल सामाजिक और नागरिक सुधारों तक सीमित है। वर्तमान कानूनी विसंगतियों पर चर्चा करते हुए बुधपाल सिंह ने बताया कि अभी विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण (गोद लेना) और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अधीन हैं। UCC का मुख्य लक्ष्य इन सभी विषयों पर एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार मिल सकें। संहिता के लागू होने से विवाह का अनिवार्य पंजीकरण होगा, बेटे-बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का हक मिलेगा, गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष होगी और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। विचार-विमर्श सत्र में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह की आयु, भरण-पोषण की राशि और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमन के प्रावधानों में पूर्ण स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने आमजन तक कानून की सही जानकारी पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव भी दिया। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य रंजीत सर्राटी, नगर पालिका परिषद अनूपपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती सोनाली तिवारी, नगर परिषद डूमर कछार के अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता सुशील शर्मा, विजय सिंह, निखिल कुमार, मुकेश गौतम, राकेश द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि यह उच्च स्तरीय समिति प्रत्येक जिले में जाकर नागरिकों से सीधा संवाद कर रही है और उन्होंने सभी अधिकारियों, सामुदायिक संगठनों तथा आम नागरिकों से आगामी पांच दिनों में इस प्रक्रिया को एक व्यापक 'जन आंदोलन' का रूप देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ऑनलाइन सुझाव दर्ज कराएं, ताकि समाज के हर वर्ग के विचारों को समाहित करते हुए एक सर्वसमावेशी और न्यायसंगत अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को दी बड़ी सौगात, कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ हैदराबाद में पीएम मोदी ने शुरू कीं कई विकास परियोजनाएं, बुनियादी ढांचे को मिली नई गति1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों और डॉक्टरों को बेहतर आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से विभिन्न आवासीय निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा (अम्बिकापुर), कमलेश्वरपुर (मैनपाट), गुतुरमा (सीतापुर), केदमा (उदयपुर) और कुदरी (लखनपुर) में कुल 25 मेडिकल स्टाफ क्वार्टरों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है। इन क्वार्टरों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल के पास आवास मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और गुणवत्ता में सुधार होगा। इसी तरह, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखण्ड मैनपाट के नर्मदापुर और विकासखण्ड उदयपुर में ट्रांजिट हॉस्टल (शिक्षक आवास) के रूप में कुल 30 क्वार्टरों के निर्माण के लिए 2 करोड़ 55 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों की एजेंसी लोक निर्माण विभाग को बनाया गया है। इन शिक्षक आवासों से दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा, जिससे विद्यालयों में नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इन आवासीय परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।1