छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध गोमती मठ में आस्था का अनोखा संगम छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध गोमती मठ में आस्था का अनोखा संगम शिव आराधना और पूजित पदचिह्न श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हरदोई। पकरा गांव के समीप स्थित गोमती नदी का यह क्षेत्र छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध है। गोमती नदी के तट पर स्थित श्री गोमती मठ एवं श्री गोमती माता मंदिर धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण स्थल है। यहां मंदिर परिसर में शिवलिंग के साथ श्रद्धालुओं द्वारा पूजित पदचिह्न भी देखने को मिलते हैं। मंदिर परिसर में लगे सूचना-पट्ट पर श्री गोमती माता मंदिर, श्री विष्णु पद स्थान, श्री गोमतीश्वर महादेव तथा उत्तर वाहिनी गोमती तट का उल्लेख किया गया है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान साधना और पूजा-अर्चना से जुड़ा रहा है। छुला घाट पर हरदोई और सीतापुर के बीच गोमती नदी का संपर्क भी महत्वपूर्ण है। कई श्रद्धालु नाव के माध्यम से नदी पार कर सीतापुर की ओर जाते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा यहां पुल निर्माण की मांग भी की जा रही है। लोगों का कहना है कि पुल बनने से आवागमन सुगम होगा और दोनों क्षेत्रों के बीच दूरी भी कम हो सकती है।
छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध गोमती मठ में आस्था का अनोखा संगम छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध गोमती मठ में आस्था का अनोखा संगम शिव आराधना और पूजित पदचिह्न श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हरदोई। पकरा गांव के समीप स्थित गोमती नदी का यह क्षेत्र छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध है। गोमती नदी के तट पर स्थित श्री गोमती मठ एवं श्री गोमती माता मंदिर धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण स्थल है। यहां मंदिर परिसर में शिवलिंग के साथ श्रद्धालुओं द्वारा पूजित पदचिह्न भी देखने को मिलते हैं। मंदिर परिसर में लगे सूचना-पट्ट पर श्री गोमती माता मंदिर, श्री विष्णु पद स्थान, श्री गोमतीश्वर महादेव तथा उत्तर वाहिनी गोमती तट का उल्लेख किया गया है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान साधना और पूजा-अर्चना से जुड़ा रहा है। छुला घाट पर हरदोई और सीतापुर के बीच गोमती नदी का संपर्क भी महत्वपूर्ण है। कई श्रद्धालु नाव के माध्यम से नदी पार कर सीतापुर की ओर जाते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा यहां पुल निर्माण की मांग भी की जा रही है। लोगों का कहना है कि पुल बनने से आवागमन सुगम होगा और दोनों क्षेत्रों के बीच दूरी भी कम हो सकती है।
- mere ghar ke pass pani bahut Bhra hai cheyara men sadak nhi bnva rahe hai barsat me mere ghar ke pass me pani bahut Bharta hai or yaha sadak nhi bnva rahe hai cheyar men or cheyar men se bahut kaha ki sadak bncado lekin nahi bnva rahe hai hmari yahi apil hai ki yahan sadak bn jaye bas1
- छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध गोमती मठ में आस्था का अनोखा संगम छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध गोमती मठ में आस्था का अनोखा संगम शिव आराधना और पूजित पदचिह्न श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हरदोई। पकरा गांव के समीप स्थित गोमती नदी का यह क्षेत्र छुला घाट के नाम से प्रसिद्ध है। गोमती नदी के तट पर स्थित श्री गोमती मठ एवं श्री गोमती माता मंदिर धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण स्थल है। यहां मंदिर परिसर में शिवलिंग के साथ श्रद्धालुओं द्वारा पूजित पदचिह्न भी देखने को मिलते हैं। मंदिर परिसर में लगे सूचना-पट्ट पर श्री गोमती माता मंदिर, श्री विष्णु पद स्थान, श्री गोमतीश्वर महादेव तथा उत्तर वाहिनी गोमती तट का उल्लेख किया गया है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान साधना और पूजा-अर्चना से जुड़ा रहा है। छुला घाट पर हरदोई और सीतापुर के बीच गोमती नदी का संपर्क भी महत्वपूर्ण है। कई श्रद्धालु नाव के माध्यम से नदी पार कर सीतापुर की ओर जाते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा यहां पुल निर्माण की मांग भी की जा रही है। लोगों का कहना है कि पुल बनने से आवागमन सुगम होगा और दोनों क्षेत्रों के बीच दूरी भी कम हो सकती है।1
- प्रोफेसर फ्रांसिस बॉयल की एक हालिया साक्षात्कारों में से एक, जो बायोलॉजिकल हथियारों के विशेषज्ञ थे, इससे पहले कि उनकी मृत्यु हो जाती। उन्होंने दावा किया कि वायरस और वैक्सीन दोनों ही बायोलॉजिकल हथियार थे, जो अमेरिका में DARPA द्वारा विकसित किए गए थे। उन्होंने कोविड इंजेक्शन को बायोवेपन्स का "फ्रैंकेन-शॉट" कहा। उन्होंने कहा कि स्पाइक प्रोटीन खुद ही हथियार है और लिपिडिक नैनोपार्टिकल्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह कोई गलती नहीं थी। यह "सार्वजनिक स्वास्थ्य" के रूप में छिपाया गया एक सैन्य-ग्रेड मौत का वेक्टर था। उन्होंने बिल गेट्स को जनसंख्या-कमी का एक यूजेनिस्ट बताया। तो यहाँ सवाल है: किसने आदेश दिया? कौन सबसे ज्यादा लाभान्वित होता है? और नूरेमबर्ग-शैली के मुकदमे कब शुरू होंगे? 🔥 प्रोफेसर फ्रांसिस बॉयल की एक हालिया साक्षात्कारों में से एक, जो बायोलॉजिकल हथियारों के विशेषज्ञ थे, इससे पहले कि उनकी मृत्यु हो जाती। उन्होंने दावा किया कि वायरस और वैक्सीन दोनों ही बायोलॉजिकल हथियार थे, जो अमेरिका में DARPA द्वारा विकसित किए गए थे। उन्होंने कोविड इंजेक्शन को बायोवेपन्स का "फ्रैंकेन-शॉट" कहा। उन्होंने कहा कि स्पाइक प्रोटीन खुद ही हथियार है और लिपिडिक नैनोपार्टिकल्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह कोई गलती नहीं थी। यह "सार्वजनिक स्वास्थ्य" के रूप में छिपाया गया एक सैन्य-ग्रेड मौत का वेक्टर था। उन्होंने बिल गेट्स को जनसंख्या-कमी का एक यूजेनिस्ट बताया। तो यहाँ सवाल है: किसने आदेश दिया? कौन सबसे ज्यादा लाभान्वित होता है? और नूरेमबर्ग-शैली के मुकदमे कब शुरू होंगे? 🔥1
- 40 घंटे से पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश, 58 जिलों में स्कूल बंद; लखनऊ में रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' (Cyclone Arnab) के असर के कारण पिछले 40 घंटों से लगातार आंधी और मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के 58 जिलों में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10 डिग्री कम है और इसने 19 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले साल 2007 में 25 सितंबर को तापमान 23 डिग्री रहा था। स्कूल-कॉलेज पूरी तरह बंद: मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही लखनऊ, सुल्तानपुर और शामली में सभी यूनिवर्सिटी, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक और ITI संस्थान भी बंद कर दिए गए हैं। लखनऊ में जनजीवन अस्त-व्यस्त: राजधानी में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गए हैं। कॉलोनियों और सड़कों पर कमर तक पानी भर गया है, जिससे पानी लोगों के बेडरूम और किचन तक पहुंच चुका है। अलीगंज जैसे इलाकों में सड़कें धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार पत्र लखनऊ1
- ग्रामीण भारत न्यूज़ सच के साथ यूपी हेड कुलदीप त्रिपाठी1
- भारी बारिश में विशाल बरगद का पेड़ दो मकानों पर गिरा, बाल-बाल बचे परिवार संदना सीतापुर लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ग्राम पंचायत केशवामऊ के मजरा मजलिसपुर में एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक उखड़कर जमुना और गंगाराम के मकानों पर जा गिरा। पेड़ गिरने से दोनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि मकानों में रह रहे परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरने की तेज आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लेकर पीड़ित परिवारों को उचित सहायता दिलाने की मांग की है।1
- तेज बारिश में जानकी मोड़-कुर्सी रोड पर गिरा विशाल पेड़, लगा लंबा जाम गुडंबा पुलिस ने जेसीबी की मदद से पेड़ हटवाकर यातायात कराया सुचारु लखनऊ। शनिवार को तेज बारिश और हवाओं के बीच जानकी मोड़-कुर्सी रोड पर एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से सड़क का आवागमन बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। बारिश के बीच जाम में फंसे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही गुडंबा थाना प्रभारी अंजनी कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जेसीबी की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ को तत्काल हटवाया। इसके बाद बाधित यातायात को सुचारु कराया गया और वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जाम में फंसे राहगीरों को राहत मिली।3
- आसमानी आफत से कांपा हरदोई बेनीगंज में मकान पर गिरा विशालकाय पेड़ 12 साल की मासूम मोनिका की दर्दनाक मौत कछौना में भरभराकर गिरी कच्ची दीवार, मलबे में दबने से बुजुर्ग सुंदरलाल ने तोड़ा दम,दो दिन की बारिश ने मचाई तबाही,जिले में शहर से लेकर गांव तक पानी पानी बाढ़ से हालात 52 मकान जमींदोज, 21 पशुओं की मौत....पूरा जिला 'ऑरेंज अलर्ट' पर.....एडीएम दीपाली भार्गव का बयान नुकसान का आंकलन जारी, प्रभावितों को मिलेगी मदद...आफत में फंसे लोग तुरंत मिलाएं नंबर 24 घंटे एक्टिव रहेगा जिला कंट्रोल रूम संकट की स्थिति में 9454416606 पर तुरंत करें संपर्क......... हरदोई जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब काल बन चुकी है। लगातार हो रही भारी बरसात से पूरा जिला बाढ़ जैसी विभीषिका झेल रहा है। इस आसमानी आफत ने जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर दो जिंदगी को लील लिया है, जबकि कई लोग घायल हैं। प्रशासन ने पूरे जनपद को ऑरेंज अलर्ट पर रखा है। पहली दिल दहला देने वाली तस्वीर हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर से सामने आई है। यहाँ दो दिन से हो रही लगातार बारिश के बीच एक विशालकाय पकरिया का पेड़ भरभरा कर एक मकान पर गिर गया। हादसा इतना भयानक था कि मकान के भीतर सो रही वीरेंद्र की 12 वर्षीय मासूम बेटी मोनिका की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इस हादसे में वीरेंद्र और उनकी पत्नी वीरमति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे दबने से एक मवेशी बकरी ने भी दम तोड़ दिया।कुदरत के कहर की दूसरी तस्वीर कछौना कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर गांव से आई। यहाँ रहने वाले 55 वर्षीय सुंदरलाल घर के बाहर बने बंगले में भूसा निकालने गए थे। तभी बारिश की वजह से सीलन खा चुकी एक कच्ची दीवार अचानक उनके ऊपर ढह गई। जब तक ग्रामीण मलबे को हटा पाते, तब तक सुंदरलाल की मलबे में दबकर मौत हो चुकी थी।लगातार हो रही इस बारिश से जिले का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। जगह-जगह जलभराव है, पेड़ टूटे पड़े हैं और बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। एडीएम दीपाली भार्गव के मुताबिक, अब तक जिले में 21 पशुओं की मौत और 52 मकानों के गिरने की आधिकारिक सूचना है। फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है, जिसका सर्वे कराया जा रहा है।हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। एडीएम दीपाली भार्गव ने प्रभावित लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों, शेल्टर होम या रिश्तेदारों के यहाँ जाने की अपील की है। विशेषकर जर्जर मकानों में रह रहे लोगों को तुरंत घर खाली करने को कहा गया है।राहत और बचाव कार्य के लिए जिला मुख्यालय पर 24 घंटे संचालित रहने वाला कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया गया है।प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और प्रभावित सड़कों को दुरुस्त करने में जुटी हैं। किसी भी आपात स्थिति में जनता से तत्काल प्रशासन के सीयूजी नंबरों या कंट्रोल रूम पर संपर्क करने की अपील की गई है।1