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द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली राजसमंद जन्माष्टमी पर्व पर लगी भीड़
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली राजसमंद जन्माष्टमी पर्व पर लगी भीड़
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- नेपाल बाढ़ के नाम पर वायरल हुआ बच्चे का भावुक वीडियो, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी बारिश के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी पीठ पर एक छोटे बच्चे को लेकर सड़क पर चलता दिखाई देता है। वीडियो देखने वाले कई लोगों का दावा है कि बच्चा नेपाल की बाढ़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गया और अपनी छोटी बहन को लेकर उन्हें तलाश रहा है। वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स को भावुक कर दिया और इसे नेपाल की बाढ़ त्रासदी से जोड़कर बड़े पैमाने पर शेयर किया जाने लगा। लेकिन वायरल दावे की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और सामने आई। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भावुक करने वाली किसी भी तस्वीर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी वास्तविक जगह और समय की पुष्टि करना कितना जरूरी है।1
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- बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। अटके काम बनने के संकेत स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है। * बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं। * ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। * नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है। जानकारों की सलाह यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।1