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गुप्तेश्वर महादेव गुफा (Gupteshwor Mahadev Cave), पोखरा, नेपाल है। गुप्तेश्वर महादेव गुफा (Gupteshwor Mahadev Cave), पोखरा, नेपाल है।
Pradeep Kumar bairwa
गुप्तेश्वर महादेव गुफा (Gupteshwor Mahadev Cave), पोखरा, नेपाल है। गुप्तेश्वर महादेव गुफा (Gupteshwor Mahadev Cave), पोखरा, नेपाल है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- सरकार के द्वारा पुलिस आईपीएस अधिकारी पर बनाया जा रहा दबाव फेक FIR के लिए1
- राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ में न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम का कमाल झालावाड़। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने अपनी उत्कृष्ट डॉक्टरी क्षमता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए दो मरीजों के कटे हाथों के अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। दोनों ही मामलों में मरीज गंभीर दुर्घटना का शिकार होकर अपने हाथों की कार्यक्षमता पूरी तरह खो चुके थे, जिन्हें समय पर सही इलाज देकर जीवनभर की अपाहिजता से बचा लिया गया है। पहले मामले में पिड़ावा के सलोतिया निवासी चौतीस वर्षीय अखिलेश नागर के साथ अचानक कांच की खिड़की टूटने से बड़ा हादसा हो गया। कांच सीधे उनके बाएं हाथ में गहराई तक घुस गया, जिससे हाथ की चार नसें पूरी तरह कट गईं और हाथ ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों द्वारा मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ की आपातकालीन टीम और न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी ने तुरंत स्थिति को संभाला। लगभग तीन से चार घंटे तक चले इस अत्यंत बारीक और जटिल ऑपरेशन के जरिए डॉ. योगी व उनकी टीम ने कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ा, जिसके बाद मरीज के हाथ की नसें पुनः सक्रिय हो गईं और हाथ सुचारू रूप से काम करने लगा। दूसरे मामले में मथनिया पिड़ावा निवासी बंतीस वर्षीय सुनील कुमार घर में खेलते समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए, जिसमें उनकी दाहिनी कलाई बुरी तरह कट गई। इस हादसे में उनकी कलाई की आठ प्रमुख नसें, टेंडन और मीडियन नर्व कट जाने के कारण हाथ और उंगलियों की गति पूरी तरह ठप हो गई थी। कोटा और जयपुर के बड़े निजी अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, जो गरीब परिवार के लिए असंभव था। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ में इस मरीज का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी टीम ने लगातार दस घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन में छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी और मीडियन नर्व को सूक्ष्म तकनीकों से रिपेयर किया। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं और उनके हाथों की उंगलियां व नसें फिर से काम करने लगी हैं। परिजनों ने न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी, उनकी मेडिकल टीम तथा राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिनकी बदौलत लाखों रुपये का खर्च भी बचा और उनके परिजनों का हाथ पूरी तरह ठीक हो सका।3
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महू बोरदा मे किया विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन खानपुर : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झालावाड़ की अनुपालना में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अध्यक्ष ताल्लुका विधिक सेवा समिति खानपुर श्रीमति अंजू कुमारी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्र रामभरोस द्वारा विधिक साक्षरता शिविर काआयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महू बोरदा मे किया गया । इस दौरान अधिकार मित्र रामभरोस मेघवाल ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को नालसा आपदा पीड़ितों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सेवा योजना आधीनियम 2013योजना 2015 नालसा (एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवा) योजना 2016 महिलाओं के कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013 (पोश एक्ट) छात्रों के अधिकार एवं यौन उत्पीड़न हमले की रोकथाम विधिक सहायता बच्चो को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना 2024 पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण व वृक्षारोपण साइबर दुर्व्यवहार, साइबर अपराध आदि के बारे में विस्तार से जानकारियां दी2
- झालावाड़-गुरुपूर्णिमा महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा मंदिर श्री राड़ी के बालाजी मंदिर परिसर में महावीर सेवादल के कार्यकर्ता जुटे तैयारी में। झालावाड़-महावीर सेवादल के अध्यक्ष संजय जैन ताऊ व सेवादल के समस्त कार्यकर्ताओं ने आज विधिवत पूजा पाठ कर गुरुपूर्णिमा पर आयोजित विशाल भंडारे का आयोजन का भट्टी पूजन कर भंडारे का शुभारंभ किया महावीर सेवादल अध्यक्ष ने बताया की कल गुरुपूर्णिमा महोत्सव के तहत राड़ी के बालाजी महाराज का दुग्ध अभिषेक कर चोला चढ़ा कर विशेष शृंगार किया जायेगा उसके बाद महा आरती होगी और छप्पन भोग लगा कर झांकी के दर्शन होंगे उसके बाद दोपहर 1:00 बजे से विशाल भंडारा शुरु होगा जो बालाजी महाराज की इच्छा तक जारी रहेगा । महावीर सेवादल के समस्त कार्यकर्ता मौजूद रहे बंटी खंडेलवाल, जीतेन्द्र टेलर, चन्द्रमोहन धाभाई, राहुल नाथ पटवा, वीरेन्द्र सोगरिया, मनु पाठक, राजू रेगर, घाँसी मेहर, दिलीप देवड़ा, जोधराज नागर, केशव शर्मा, रोहित मित्तल, संजय खंडेलवाल, पूनम सुमन, लक्की टेलर, आदि मौजूद रहे ।2
- जयपुर में VVIP कल्चर का फिर दिखा अमानवीय चेहरा: बारिश में यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगाया जयपुर: राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को परेशान करने और पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। जयपुर में वीआईपी (VIP) काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने तैनात पुलिसकर्मियों ने बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में शरण लिए आम लोगों को बाहर खदेड़ दिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और आम लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए पास में बने यात्री शेड (Bus Shelter) के नीचे जाकर खड़े हो गए। हालांकि, सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से तुरंत हटने को कहा। जब लोगों ने बारिश रुकने तक वहीं खड़े रहने की गुजारिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उन्हें शेड से बाहर निकाल दिया और बारिश में भीगने पर मजबूर कर दिया। जनता में भारी आक्रोश और VVIP कल्चर पर सवाल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस घटना का वीडियो/जानकारी सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस के इस रवैये को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया है। जनता का सवाल: "क्या आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से बढ़कर नेताओं और अधिकारियों का काफिला है?" सुरक्षा के नाम पर संवेदनहीनता: लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाना पुलिस का काम है, लेकिन बारिश में यात्री शेड जैसी सार्वजनिक सुविधा से लोगों को खदेड़ना अधिकारियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में वीआईपी कल्चर और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं1
- असम में बाढ़ का असर जारी मौतों का आंकड़ा 68 तक पहुंचा 5 जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग प्रभावित1