उपायुक्त हेमंत सती ने शनिवार को बरही प्रखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों और स्थलों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां संचालित गतिविधियों, आधारभूत संरचनाओं तथा विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भ्रमण की शुरुआत गौरिया करमा स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) केंद्र से हुई, जहाँ उपायुक्त ने बागवानी, मत्स्य पालन एवं पशु विज्ञान सहित कृषि अनुसंधान और शिक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रोसेसिंग प्लांट, फूड कोर्ट, गेस्ट हाउस, इंडोर स्टेडियम और परीक्षा भवन का निरीक्षण किया। आईसीएआर प्रबंधन के अनुरोध पर, उपायुक्त ने परिसर में शीघ्र स्ट्रीट लाइट लगाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने आईसीएआर के आम बागान का भी दौरा किया और विभिन्न प्रजातियों के आमों की विशेषताओं को समझा। इसके बाद, उपायुक्त ने गौरिया करमा स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने वीएचएसएनडी (Village Health Sanitation and Nutrition Day) के तहत चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने सेविका और सहिया से बच्चों के टीकाकरण, नामांकित बच्चों की संख्या और पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी लेकर निर्देश दिए। अपने भ्रमण के क्रम में, उपायुक्त ने राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र गौरिया करमा में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित बीज प्रसंस्करण संयंत्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सांढ़ पोषण प्रक्षेत्र, सुकर प्रजनन प्रक्षेत्र और पशुपालन प्रशिक्षण विद्यालय का अवलोकन किया, साथ ही रेड सिंधी नस्ल की गायों के रखरखाव, दुग्ध उत्पादन और उपलब्ध मानव संसाधन की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को राजकीय पशुपालन प्रक्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने केदारूत डैम और पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित इंटेक वेल का भी निरीक्षण किया। गौरिया करमा से केदारूत डैम तक जाने वाली जर्जर सड़क की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने इसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शीघ्र सुदृढ़ और व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई। भ्रमण के अंतिम चरण में, उपायुक्त बरही चौक पहुँचे और वहाँ लगातार लगने वाले जाम की समस्या का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बरही चौक पर प्रतिदिन जाम, दुर्घटनाओं और गंदगी की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। इस स्थिति को देखते हुए, उपायुक्त ने चौक के आसपास संचालित अव्यवस्थित बाजारों को व्यवस्थित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें सड़क किनारे लगने वाले सब्जी बाजार और ठेला-खोमचा विक्रेताओं के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर उन्हें स्थानांतरित करने की कार्ययोजना शामिल होगी। इसका उद्देश्य बरही चौक को सुंदर, स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाना है। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी बरही भी उपस्थित थे।
उपायुक्त हेमंत सती ने शनिवार को बरही प्रखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों और स्थलों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां संचालित गतिविधियों, आधारभूत संरचनाओं तथा विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भ्रमण की शुरुआत गौरिया करमा स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) केंद्र से हुई, जहाँ उपायुक्त ने बागवानी, मत्स्य पालन एवं पशु विज्ञान सहित कृषि अनुसंधान और शिक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रोसेसिंग प्लांट, फूड कोर्ट, गेस्ट हाउस, इंडोर स्टेडियम और परीक्षा भवन का निरीक्षण किया। आईसीएआर प्रबंधन के अनुरोध पर, उपायुक्त ने परिसर में शीघ्र स्ट्रीट लाइट लगाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने आईसीएआर के आम बागान का भी दौरा किया और विभिन्न प्रजातियों के आमों की विशेषताओं को समझा। इसके बाद, उपायुक्त ने गौरिया करमा स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने वीएचएसएनडी (Village Health Sanitation and Nutrition Day) के तहत चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने सेविका और सहिया से बच्चों के टीकाकरण, नामांकित बच्चों की संख्या और पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी लेकर निर्देश दिए। अपने भ्रमण के क्रम में, उपायुक्त ने राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र गौरिया करमा में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित बीज प्रसंस्करण संयंत्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सांढ़ पोषण प्रक्षेत्र, सुकर प्रजनन प्रक्षेत्र और पशुपालन प्रशिक्षण विद्यालय का अवलोकन किया, साथ ही रेड सिंधी नस्ल की गायों के रखरखाव, दुग्ध उत्पादन और उपलब्ध मानव संसाधन की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को राजकीय पशुपालन प्रक्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने केदारूत डैम और पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित इंटेक वेल का भी निरीक्षण किया। गौरिया करमा से केदारूत डैम तक जाने वाली जर्जर सड़क की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने इसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शीघ्र सुदृढ़ और व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई। भ्रमण के अंतिम चरण में, उपायुक्त बरही चौक पहुँचे और वहाँ लगातार लगने वाले जाम की समस्या का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बरही चौक पर प्रतिदिन जाम, दुर्घटनाओं और गंदगी की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। इस स्थिति को देखते हुए, उपायुक्त ने चौक के आसपास संचालित अव्यवस्थित बाजारों को व्यवस्थित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें सड़क किनारे लगने वाले सब्जी बाजार और ठेला-खोमचा विक्रेताओं के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर उन्हें स्थानांतरित करने की कार्ययोजना शामिल होगी। इसका उद्देश्य बरही चौक को सुंदर, स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाना है। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी बरही भी उपस्थित थे।
- गरमा-गरम समोसा, पकौड़ा या जलेबी अखबार में रखकर खाने की आदत अब आपकी सेहत के लिए बेहद भारी पड़ सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अखबार में खाना परोसने और पैक करने पर सख्त रोक लगा दी है। इस रोक का मुख्य कारण यह है कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं, खासकर जब गर्म खाना उसमें रखा जाता है, तो उसमें मिल सकती हैं। बार-बार इस तरह का खाना खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, अखबार बैक्टीरिया और वायरस के फैलने का अड्डा भी हो सकता है, जिससे खाद्य पदार्थों में संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। यह चिंताजनक है कि जिस अखबार में लोग खबरें पढ़ते हैं, उसी में लिपटा हुआ खाना उनकी अपनी सेहत की खबर बिगाड़ सकता है। इसलिए, अगली बार जब कोई दुकानदार समोसा या कोई अन्य खाद्य पदार्थ अखबार में लपेटकर दे, तो उपभोक्ता को यह सवाल ज़रूर पूछना चाहिए: 'भैया, आप खाने के साथ खबर दे रहे हैं या बीमारी?' यह जानकारी समोसा खाने से पहले हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है।1
- रबोध कोल ब्लॉक के खिलाफ जन आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली जोगा चौक पहुंची, जहाँ यह एक विशाल जनसभा में बदल गई।1
- हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता अपने चरम पर पहुँच गई है, जहाँ अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। हाल ही में, बरकठा निवासी नारायण दास को खून की उल्टी होने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ परिजनों को अस्पताल कर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते, गंभीर हालत में मरीज को इमरजेंसी वार्ड से न्यू बिल्डिंग तक परिजनों को स्वयं ले जाना पड़ा। इतना ही नहीं, मरीज को प्रथम तल्ले पर ले जाने के लिए लिफ्ट की अनिवार्यता के बावजूद, इसकी स्थिति भी बेहद भयावह और चिंताजनक पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला मरीज कई मिनटों तक फंसी रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। लगातार सामने आ रही ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है, और इस प्रकार की असुरक्षित बुनियादी सुविधाएँ मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ मानी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर सहायता न मिलना और लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधा का असुरक्षित होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था, वार्ड बॉय सेवा और मरीज सहायता प्रणाली को बिना किसी देरी के दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।1
- CJP के नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर इसके पीछे का 'असली चेहरा' कौन है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि अब इस मामले का 'पूरा सच' सामने आएगा, जो आंदोलन के पीछे की वास्तविक सच्चाई को उजागर करेगा।1
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- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लोगों से पूछा गया है कि वे एक विशेष लड़के को कितना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट में सीधा सवाल किया गया है कि उसे कौन-कौन पहचानता है।1
- प्रशासन ने खास महाल जमीन पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, अगले एक महीने तक रिकॉर्ड से लेकर जमीन के वास्तविक कब्जे तक की गहन जांच की जाएगी।1
- उपायुक्त हेमंत सती ने शनिवार को बरही प्रखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों और स्थलों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां संचालित गतिविधियों, आधारभूत संरचनाओं तथा विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भ्रमण की शुरुआत गौरिया करमा स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) केंद्र से हुई, जहाँ उपायुक्त ने बागवानी, मत्स्य पालन एवं पशु विज्ञान सहित कृषि अनुसंधान और शिक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रोसेसिंग प्लांट, फूड कोर्ट, गेस्ट हाउस, इंडोर स्टेडियम और परीक्षा भवन का निरीक्षण किया। आईसीएआर प्रबंधन के अनुरोध पर, उपायुक्त ने परिसर में शीघ्र स्ट्रीट लाइट लगाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने आईसीएआर के आम बागान का भी दौरा किया और विभिन्न प्रजातियों के आमों की विशेषताओं को समझा। इसके बाद, उपायुक्त ने गौरिया करमा स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने वीएचएसएनडी (Village Health Sanitation and Nutrition Day) के तहत चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने सेविका और सहिया से बच्चों के टीकाकरण, नामांकित बच्चों की संख्या और पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी लेकर निर्देश दिए। अपने भ्रमण के क्रम में, उपायुक्त ने राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र गौरिया करमा में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित बीज प्रसंस्करण संयंत्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सांढ़ पोषण प्रक्षेत्र, सुकर प्रजनन प्रक्षेत्र और पशुपालन प्रशिक्षण विद्यालय का अवलोकन किया, साथ ही रेड सिंधी नस्ल की गायों के रखरखाव, दुग्ध उत्पादन और उपलब्ध मानव संसाधन की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को राजकीय पशुपालन प्रक्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने केदारूत डैम और पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित इंटेक वेल का भी निरीक्षण किया। गौरिया करमा से केदारूत डैम तक जाने वाली जर्जर सड़क की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने इसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शीघ्र सुदृढ़ और व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई। भ्रमण के अंतिम चरण में, उपायुक्त बरही चौक पहुँचे और वहाँ लगातार लगने वाले जाम की समस्या का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बरही चौक पर प्रतिदिन जाम, दुर्घटनाओं और गंदगी की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। इस स्थिति को देखते हुए, उपायुक्त ने चौक के आसपास संचालित अव्यवस्थित बाजारों को व्यवस्थित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें सड़क किनारे लगने वाले सब्जी बाजार और ठेला-खोमचा विक्रेताओं के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर उन्हें स्थानांतरित करने की कार्ययोजना शामिल होगी। इसका उद्देश्य बरही चौक को सुंदर, स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाना है। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी बरही भी उपस्थित थे।1
- एक युवक कथित तौर पर मारपीट का शिकार होने के बाद अपने घर लौटा था। लेकिन अगली सुबह उसे अपने बिस्तर पर मृत अवस्था में पाया गया। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1