logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के कॉल खंडा खास में आयोजित एक शिविर के दौरान ग्रामीण सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस शिविर में कई ग्रामीणों को उनके जमीन के पट्टे वितरित किए गए। साथ ही, गोद भराई का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ, जिससे लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। इसके अतिरिक्त, जमीन संबंधी कई विवादों का निपटारा भी एक ही छत के नीचे सफलतापूर्वक किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।

3 hrs ago
user_Yashwant Joshi
Yashwant Joshi
Dowda, Dungarpur•
3 hrs ago

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के कॉल खंडा खास में आयोजित एक शिविर के दौरान ग्रामीण सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस शिविर में कई ग्रामीणों को उनके जमीन के पट्टे वितरित किए गए। साथ ही, गोद भराई का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ, जिससे लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। इसके अतिरिक्त, जमीन संबंधी कई विवादों का निपटारा भी एक ही छत के नीचे सफलतापूर्वक किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • डूंगरपुर के राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय से सेवामुक्त किए गए लगभग 100 नर्स ग्रेड-द्वितीय (नर्सिंग ऑफिसर) कार्मिकों ने अपनी सेवाओं को पुनः बहाल करने की मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में नर्सिंग कर्मियों ने सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर उन्हें पुनः नियुक्त करने और टीएसपी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नियमित पदों पर भर्ती की मांग उठाई है। ज्ञापन में बताया गया कि डूंगरपुर के राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत इन लगभग 100 नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की सेवाएं 22 जून 2026 को समाप्त कर दी गई हैं। ये कर्मी कई वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे और कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू, आपातकालीन इकाई तथा विभिन्न वार्डों में लगातार सेवाएं प्रदान कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में योगदान दिया है। इन सेवाओं के अचानक समाप्त होने से लगभग 100 परिवारों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नर्सिंग कर्मियों ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022 के तहत 242 नर्सिंग कार्मिकों को नियुक्ति दी गई थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से केवल 138 कार्मिकों ने ही कार्यग्रहण किया है। ऐसे में अस्पताल में 100 से अधिक पद रिक्त रहने की संभावना है। कर्मियों का तर्क है कि जब अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है, तब अनुभवी कार्मिकों की सेवाएं समाप्त करना स्वास्थ्य सेवाओं के हित में उचित नहीं है। उन्होंने वागड़ संभाग और टीएसपी क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर जोर देते हुए कहा कि डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल पूरे आदिवासी क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और यहां अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की कमी होने पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। नर्सिंग कर्मियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सेवा समाप्ति आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए, सभी सेवामुक्त नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की सेवाएं बहाल की जाएं, रिक्त एवं संभावित रिक्त पदों पर अनुभवी कार्मिकों को प्राथमिकता दी जाए, प्रभावित कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए और अस्पताल की आवश्यकताओं को देखते हुए उनकी सेवाएं जारी रखी जाएं। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में टीएसपी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नर्सिंग ऑफिसर के लगभग 3000 नियमित पद पृथक रूप से स्वीकृत करने, राजस्थान चिकित्सा सेवा नियम, 1965 के तहत मेरिट एवं बोनस अंक आधारित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने तथा अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों को उनके कार्यानुभव का लाभ देने की भी मांग की गई है। नर्सिंग कर्मियों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार जनहित, स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता तथा आदिवासी क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में प्रभावित नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिक उपस्थित थे।
    4
    डूंगरपुर के राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय से सेवामुक्त किए गए लगभग 100 नर्स ग्रेड-द्वितीय (नर्सिंग ऑफिसर) कार्मिकों ने अपनी सेवाओं को पुनः बहाल करने की मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में नर्सिंग कर्मियों ने सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर उन्हें पुनः नियुक्त करने और टीएसपी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नियमित पदों पर भर्ती की मांग उठाई है।

ज्ञापन में बताया गया कि डूंगरपुर के राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत इन लगभग 100 नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की सेवाएं 22 जून 2026 को समाप्त कर दी गई हैं। ये कर्मी कई वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे और कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू, आपातकालीन इकाई तथा विभिन्न वार्डों में लगातार सेवाएं प्रदान कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में योगदान दिया है। इन सेवाओं के अचानक समाप्त होने से लगभग 100 परिवारों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

नर्सिंग कर्मियों ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022 के तहत 242 नर्सिंग कार्मिकों को नियुक्ति दी गई थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से केवल 138 कार्मिकों ने ही कार्यग्रहण किया है। ऐसे में अस्पताल में 100 से अधिक पद रिक्त रहने की संभावना है। कर्मियों का तर्क है कि जब अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है, तब अनुभवी कार्मिकों की सेवाएं समाप्त करना स्वास्थ्य सेवाओं के हित में उचित नहीं है। उन्होंने वागड़ संभाग और टीएसपी क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर जोर देते हुए कहा कि डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल पूरे आदिवासी क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और यहां अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की कमी होने पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

नर्सिंग कर्मियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सेवा समाप्ति आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए, सभी सेवामुक्त नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की सेवाएं बहाल की जाएं, रिक्त एवं संभावित रिक्त पदों पर अनुभवी कार्मिकों को प्राथमिकता दी जाए, प्रभावित कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए और अस्पताल की आवश्यकताओं को देखते हुए उनकी सेवाएं जारी रखी जाएं। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में टीएसपी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नर्सिंग ऑफिसर के लगभग 3000 नियमित पद पृथक रूप से स्वीकृत करने, राजस्थान चिकित्सा सेवा नियम, 1965 के तहत मेरिट एवं बोनस अंक आधारित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने तथा अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों को उनके कार्यानुभव का लाभ देने की भी मांग की गई है।

नर्सिंग कर्मियों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार जनहित, स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता तथा आदिवासी क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में प्रभावित नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिक उपस्थित थे।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ने बाण गंगा और बेडसी गंगा नामक दर्शनीय स्थानों के विषय में जानकारी मांगी है। उन्होंने इन स्थलों की स्थिति, उनके महत्व और उनके इतिहास को लेकर सवाल उठाए हैं।
    1
    समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ने बाण गंगा और बेडसी गंगा नामक दर्शनीय स्थानों के विषय में जानकारी मांगी है। उन्होंने इन स्थलों की स्थिति, उनके महत्व और उनके इतिहास को लेकर सवाल उठाए हैं।
    user_समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी
    समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी
    Teacher सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के गनोड़ा तहसील के ग्राम तख्ताजी का टांडा में जोगी समाज की श्मशान भूमि पर देवीलाल यादव और काना खराड़ी द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जोगी समाज ने पंचायत से लेकर तहसीलदार, पुलिस थाना और जिला कलेक्टर तक शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। जोगी समाज का आरोप है कि उचित कार्रवाई न होने के बजाय, प्रशासन ने कब्जाधारियों के पक्ष में रुख अपनाया है। तहसीलदार ने जोगी समाज की शव दफनाने की पीढ़ियों पुरानी प्रथा पर अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए उन्हें कब्जाधारियों से 'भिड़ जाओ तुम लोगों में दम हो तो लाड़ो' जैसे गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, जिससे जोगी समाज में भारी असंतोष है। अब तक की सरकारी कार्रवाई को देखते हुए जोगी समाज ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, और इस पूरे मामले में कहीं न कहीं इन सबकी मिलीभगत का अंदेशा जताया है।
    4
    राजस्थान के गनोड़ा तहसील के ग्राम तख्ताजी का टांडा में जोगी समाज की श्मशान भूमि पर देवीलाल यादव और काना खराड़ी द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जोगी समाज ने पंचायत से लेकर तहसीलदार, पुलिस थाना और जिला कलेक्टर तक शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है।

जोगी समाज का आरोप है कि उचित कार्रवाई न होने के बजाय, प्रशासन ने कब्जाधारियों के पक्ष में रुख अपनाया है। तहसीलदार ने जोगी समाज की शव दफनाने की पीढ़ियों पुरानी प्रथा पर अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए उन्हें कब्जाधारियों से 'भिड़ जाओ तुम लोगों में दम हो तो लाड़ो' जैसे गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, जिससे जोगी समाज में भारी असंतोष है।

अब तक की सरकारी कार्रवाई को देखते हुए जोगी समाज ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, और इस पूरे मामले में कहीं न कहीं इन सबकी मिलीभगत का अंदेशा जताया है।
    user_Mukesh Rawal
    Mukesh Rawal
    गनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री पद पर बने रहें। इस दौरान प्रदेश की राजनीति से जुड़े और जनहित के कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
    3
    राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री पद पर बने रहें। इस दौरान प्रदेश की राजनीति से जुड़े और जनहित के कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • टंगपुर के ढेबरा गांव में फूड पॉइजनिंग की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के सात सदस्य बीमार पड़ गए। इस दुखद घटना में एक किशोरी की मौत हो गई है, जबकि परिवार के पांच बच्चों सहित छह अन्य सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार, परिवार ने शुक्रवार रात को एक साथ भोजन किया था, जिसके बाद शनिवार सुबह से ही उन्हें उल्टी होने लगी। हालत बिगड़ने पर सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक किशोरी की जान चली गई और शेष छह का इलाज चल रहा है।
    1
    टंगपुर के ढेबरा गांव में फूड पॉइजनिंग की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के सात सदस्य बीमार पड़ गए। इस दुखद घटना में एक किशोरी की मौत हो गई है, जबकि परिवार के पांच बच्चों सहित छह अन्य सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं।

जानकारी के अनुसार, परिवार ने शुक्रवार रात को एक साथ भोजन किया था, जिसके बाद शनिवार सुबह से ही उन्हें उल्टी होने लगी। हालत बिगड़ने पर सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक किशोरी की जान चली गई और शेष छह का इलाज चल रहा है।
    user_Pushkr Pushk r rawat
    Pushkr Pushk r rawat
    Farmer कुराबाद, उदयपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • धरियावद के मूंगाणा-जूना बारिया ग्राम पंचायत के वैली फल क्षेत्र में वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक गरीब परिवार ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के दल ने उनका निर्माणाधीन मकान ध्वस्त कर दिया, महिलाओं के साथ मारपीट की और सामान को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित पवन नाथ (45) ने बताया कि उनका मकान सरकारी योजना के तहत जियो टैगिंग के बाद स्वीकृत हुआ था और इंदिरा आवास योजना के तहत उन्हें ₹15 हजार की किस्त भी मिली थी। उन्होंने दो वर्षों तक अहमदाबाद में मजदूरी करके मकान के लिए सामग्री जुटाई थी, और छत डलनी ही बाकी थी। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मूंगाणा और पारसोला क्षेत्र से आए एक दल ने जेसीबी, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और जीपों सहित मौके पर पहुंचकर इस निर्माणाधीन मकान को तोड़ा। परिवार का कहना है कि इस दौरान पवन नाथ की पत्नी पूंजी देवी और बहू सुमित्रा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई; पूंजी देवी ने तो एक महिला कांस्टेबल पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि सुमित्रा की डिलीवरी को केवल 25 दिन हुए हैं और उनका बच्चा आईसीयू में भर्ती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके दो बकरे और एक बकरी लापता हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि यह कार्रवाई केवल एक मकान तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास कुमारी क्षेत्र में हर्निया, कैलाश और गणेश के परिवारों की तीन झोपड़ियां भी तोड़ी गईं, और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, गीता नाथ के बिजली के पोल तोड़ दिए गए और तारबंदी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। पीड़ित परिवार ने वनरक्षक कैलाश चौधरी पर कार्रवाई से पहले ₹20 हजार से ₹50 हजार मांगने और राशि न देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि लगभग चार बीघा क्षेत्र में थी और उस पर वन विभाग का अधिकार नहीं बनता। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक थावरचंद डामोर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेंजर रामलाल भील और पटवारी को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। पटवारी बाबूलाल मीणा ने स्पष्ट किया कि जुना बोरिया आराजी नंबर 1/3 ऑनलाइन जमाबंदी के अनुसार ग्राम पंचायत गोठड़ा सुरक्षित चारागाह दर्ज है, और इस स्थान पर वन विभाग का कोई आधिपत्य नहीं है। इसके बाद, रेंजर रामलाल भील ने पीड़ित परिवार को तत्काल राशन और छत के लिए अस्थायी सहायता राशि उपलब्ध कराई। विधायक थावरचंद डामोर ने अधिकारियों को 29 जून तक पीड़ित परिवार का मकान पुनः निर्माण कर तैयार करके देने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
    4
    धरियावद के मूंगाणा-जूना बारिया ग्राम पंचायत के वैली फल क्षेत्र में वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक गरीब परिवार ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के दल ने उनका निर्माणाधीन मकान ध्वस्त कर दिया, महिलाओं के साथ मारपीट की और सामान को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित पवन नाथ (45) ने बताया कि उनका मकान सरकारी योजना के तहत जियो टैगिंग के बाद स्वीकृत हुआ था और इंदिरा आवास योजना के तहत उन्हें ₹15 हजार की किस्त भी मिली थी। उन्होंने दो वर्षों तक अहमदाबाद में मजदूरी करके मकान के लिए सामग्री जुटाई थी, और छत डलनी ही बाकी थी।

आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मूंगाणा और पारसोला क्षेत्र से आए एक दल ने जेसीबी, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और जीपों सहित मौके पर पहुंचकर इस निर्माणाधीन मकान को तोड़ा। परिवार का कहना है कि इस दौरान पवन नाथ की पत्नी पूंजी देवी और बहू सुमित्रा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई; पूंजी देवी ने तो एक महिला कांस्टेबल पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि सुमित्रा की डिलीवरी को केवल 25 दिन हुए हैं और उनका बच्चा आईसीयू में भर्ती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके दो बकरे और एक बकरी लापता हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि यह कार्रवाई केवल एक मकान तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास कुमारी क्षेत्र में हर्निया, कैलाश और गणेश के परिवारों की तीन झोपड़ियां भी तोड़ी गईं, और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, गीता नाथ के बिजली के पोल तोड़ दिए गए और तारबंदी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई।

पीड़ित परिवार ने वनरक्षक कैलाश चौधरी पर कार्रवाई से पहले ₹20 हजार से ₹50 हजार मांगने और राशि न देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि लगभग चार बीघा क्षेत्र में थी और उस पर वन विभाग का अधिकार नहीं बनता। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक थावरचंद डामोर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेंजर रामलाल भील और पटवारी को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। पटवारी बाबूलाल मीणा ने स्पष्ट किया कि जुना बोरिया आराजी नंबर 1/3 ऑनलाइन जमाबंदी के अनुसार ग्राम पंचायत गोठड़ा सुरक्षित चारागाह दर्ज है, और इस स्थान पर वन विभाग का कोई आधिपत्य नहीं है। इसके बाद, रेंजर रामलाल भील ने पीड़ित परिवार को तत्काल राशन और छत के लिए अस्थायी सहायता राशि उपलब्ध कराई।

विधायक थावरचंद डामोर ने अधिकारियों को 29 जून तक पीड़ित परिवार का मकान पुनः निर्माण कर तैयार करके देने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक क्षेत्र की बांसिया ग्राम पंचायत में बुधवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित प्रार्थना पत्र व ज्ञापन प्रस्तुत किए। शिविर में पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही राहत प्रदान की गई; समाज कल्याण विभाग ने खुशबू पुत्री दिनेश अहारी को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया और पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए। वहीं, पंचायतीराज विभाग की ओर से माधोर पुत्र भावसिंह बंजारा तथा गोपाल कृष्ण पुत्र शंकरलाल यादव को कृषि भूमि के विशेष पट्टे प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने मौके पर मिली इस सहायता के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान, रोत फला निवासी नारायण लाल रोत ने सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार राजेश मीणा और विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या ने तत्काल मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया, जहाँ अतिक्रमण की पुष्टि होने पर ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल बंजारा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, पंचायतीराज विभाग ने शिविर में 28 आवासीय पट्टे, 9 व्यक्तिगत शौचालय, 7 जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, 2 पेंशन स्वीकृतियाँ और 3 आबादी विस्तार के प्रस्तावों सहित अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कम वोल्टेज की समस्या के समाधान, आबादी भूमि पर अवैध दुकानों के अतिक्रमण हटाने, कृषि भूमि के गलत आवंटन की जाँच कराने, पंचायत भूमि पर अवैध निर्माण हटाने, सीसी सड़क निर्माण, नए हैंडपंप खुदवाने, बंद पड़े सोलर पनघटों को फिर से शुरू कराने, बालिका छात्रावास से चौवड़ियां तालाब तक सड़क मार्ग को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने, राजस्व नामावली में शुद्धिकरण तथा डोडियार फला से मुख्य गाँव की सड़क पर अत्यधिक झाड़ियाँ हटाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने इन प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण सेवा शिविरों से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने इन शिविरों को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है। शिविर का निरीक्षण करने पहुँचे अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) अनिल पहाड़िया ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली और मामलों के निस्तारण में दिखाई दे रही उदासीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। एसीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर केवल औपचारिकता मात्र नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक आवेदन की नियमित निगरानी करने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एसीईओ ने जोर देकर कहा कि शिविरों की सफलता तभी मानी जाएगी जब ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिले और उनकी समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने और जनहित के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। शिविर के दौरान वन विभाग ने पंचायत कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज वितरित किए गए और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस आयोजन में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, मंडल उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह चौहान, सरपंच सूरज देवी डोडियार, विमल प्रकाश डोडियार, एसीबीईओ हमराज सिंह चौहान, पीईईओ धनपाल भोई सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने शिविर को जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की माँग की।
    1
    राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक क्षेत्र की बांसिया ग्राम पंचायत में बुधवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित प्रार्थना पत्र व ज्ञापन प्रस्तुत किए।

शिविर में पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही राहत प्रदान की गई; समाज कल्याण विभाग ने खुशबू पुत्री दिनेश अहारी को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया और पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए। वहीं, पंचायतीराज विभाग की ओर से माधोर पुत्र भावसिंह बंजारा तथा गोपाल कृष्ण पुत्र शंकरलाल यादव को कृषि भूमि के विशेष पट्टे प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने मौके पर मिली इस सहायता के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान, रोत फला निवासी नारायण लाल रोत ने सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार राजेश मीणा और विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या ने तत्काल मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया, जहाँ अतिक्रमण की पुष्टि होने पर ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल बंजारा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, पंचायतीराज विभाग ने शिविर में 28 आवासीय पट्टे, 9 व्यक्तिगत शौचालय, 7 जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, 2 पेंशन स्वीकृतियाँ और 3 आबादी विस्तार के प्रस्तावों सहित अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की।

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से कम वोल्टेज की समस्या के समाधान, आबादी भूमि पर अवैध दुकानों के अतिक्रमण हटाने, कृषि भूमि के गलत आवंटन की जाँच कराने, पंचायत भूमि पर अवैध निर्माण हटाने, सीसी सड़क निर्माण, नए हैंडपंप खुदवाने, बंद पड़े सोलर पनघटों को फिर से शुरू कराने, बालिका छात्रावास से चौवड़ियां तालाब तक सड़क मार्ग को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने, राजस्व नामावली में शुद्धिकरण तथा डोडियार फला से मुख्य गाँव की सड़क पर अत्यधिक झाड़ियाँ हटाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने इन प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण सेवा शिविरों से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने इन शिविरों को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है।

शिविर का निरीक्षण करने पहुँचे अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) अनिल पहाड़िया ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली और मामलों के निस्तारण में दिखाई दे रही उदासीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। एसीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर केवल औपचारिकता मात्र नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक आवेदन की नियमित निगरानी करने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एसीईओ ने जोर देकर कहा कि शिविरों की सफलता तभी मानी जाएगी जब ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिले और उनकी समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने और जनहित के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। शिविर के दौरान वन विभाग ने पंचायत कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज वितरित किए गए और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस आयोजन में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, मंडल उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह चौहान, सरपंच सूरज देवी डोडियार, विमल प्रकाश डोडियार, एसीबीईओ हमराज सिंह चौहान, पीईईओ धनपाल भोई सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने शिविर को जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की माँग की।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • राजस्थान की राजनीति में गोविंद सिंह डोटासरा और किरोड़ी लाल मीणा के बीच चल रही गतिविधियां चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं। यह खबर नवीनतम राजस्थानी राजनीतिक घटनाक्रमों को दर्शाती है।
    1
    राजस्थान की राजनीति में गोविंद सिंह डोटासरा और किरोड़ी लाल मीणा के बीच चल रही गतिविधियां चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं। यह खबर नवीनतम राजस्थानी राजनीतिक घटनाक्रमों को दर्शाती है।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • धरियावद के जवाहरनगर पंचायत भवन में केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर (टोंक) द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना (टीएसपी) के अंतर्गत 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक रात्रि चौपाल और किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 400 से अधिक आदिवासी किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्होंने वैज्ञानिक खेती और पशुपालन संबंधी नवीनतम जानकारियाँ प्राप्त कीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक थावरचंद मीना ने किसानों को संबोधित करते हुए रासायनिक खादों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया, जिसमें सब्जियों, फलों और खाद्यान्नों के उत्पादन से शुरुआत करने की सलाह दी गई, जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरेगा और खेती की लागत भी कम होगी। विधायक ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2026 में अविकानगर संस्थान का दौरा कर भेड़, बकरी और खरगोश पालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया था, और उनका मानना है कि संस्थान द्वारा विकसित ये तकनीकें क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती हैं। संगोष्ठी में टीएसपी नोडल अधिकारी डॉ. अमरसिंह मीना ने भेड़-बकरी एवं खरगोश पालन, उन्नत नस्लों, टीकाकरण, पशु आवास, चारा प्रबंधन और मौसम आधारित पशुधन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र प्रतापगढ़ के प्रभारी डॉ. योगेश कनोजिया और रमेश कुमार डामोर ने खरीफ फसलों में विविधीकरण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं, डॉ. रंगलाल मीना ने किसानों को नकली खाद की पहचान, मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जीवामृत और प्राकृतिक खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया। कार्यक्रम के दौरान किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया, जिसमें 108 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी महेश कोटेड ने भी प्राकृतिक खेती और पशुधन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार साझा किए, और किसानों से रासायनिक खादों का उपयोग कम करके पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को बैग, स्टील तसला और भेड़पालन कैलेंडर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाराम मीना अविकानगर, संतोष अहारी, जवाहरनगर सरपंच रेणु परमार, लोहागढ़ सरपंच गंगा देवी मीना, जनप्रतिनिधियों, सहायक कृषि अधिकारी धारियावद धनराज मीना, धारियावद किसान उत्पादक संगठन से श्रीमती उषा मीना और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
    4
    धरियावद के जवाहरनगर पंचायत भवन में केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर (टोंक) द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना (टीएसपी) के अंतर्गत 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक रात्रि चौपाल और किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 400 से अधिक आदिवासी किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्होंने वैज्ञानिक खेती और पशुपालन संबंधी नवीनतम जानकारियाँ प्राप्त कीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक थावरचंद मीना ने किसानों को संबोधित करते हुए रासायनिक खादों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया, जिसमें सब्जियों, फलों और खाद्यान्नों के उत्पादन से शुरुआत करने की सलाह दी गई, जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरेगा और खेती की लागत भी कम होगी। विधायक ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2026 में अविकानगर संस्थान का दौरा कर भेड़, बकरी और खरगोश पालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया था, और उनका मानना है कि संस्थान द्वारा विकसित ये तकनीकें क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती हैं।

संगोष्ठी में टीएसपी नोडल अधिकारी डॉ. अमरसिंह मीना ने भेड़-बकरी एवं खरगोश पालन, उन्नत नस्लों, टीकाकरण, पशु आवास, चारा प्रबंधन और मौसम आधारित पशुधन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र प्रतापगढ़ के प्रभारी डॉ. योगेश कनोजिया और रमेश कुमार डामोर ने खरीफ फसलों में विविधीकरण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं, डॉ. रंगलाल मीना ने किसानों को नकली खाद की पहचान, मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जीवामृत और प्राकृतिक खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया। कार्यक्रम के दौरान किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया, जिसमें 108 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी महेश कोटेड ने भी प्राकृतिक खेती और पशुधन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार साझा किए, और किसानों से रासायनिक खादों का उपयोग कम करके पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को बैग, स्टील तसला और भेड़पालन कैलेंडर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाराम मीना अविकानगर, संतोष अहारी, जवाहरनगर सरपंच रेणु परमार, लोहागढ़ सरपंच गंगा देवी मीना, जनप्रतिनिधियों, सहायक कृषि अधिकारी धारियावद धनराज मीना, धारियावद किसान उत्पादक संगठन से श्रीमती उषा मीना और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.