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महिला आरक्षण पर राजनीति गरम: वाराणसी से मोदी सरकार के लिए नई चुनौती
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महिला आरक्षण पर राजनीति गरम: वाराणसी से मोदी सरकार के लिए नई चुनौती
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- जय हनुमान जी महराज जी महराज जी शिव शंकर जी महराज जी1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत परहाटोली पंचायत के ग्राम बैलटोली स्थित बाबा कोड़ी नाथ धाम क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।घने प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह प्राचीन शिवधाम अपने भीतर कई ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व समेटे हुए है। यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग वर्षों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस धाम का इतिहास काफी पुराना है और यहां पूजा-अर्चना की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। प्रत्येक वर्ष नए साल की शुरुआत और विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्तजन पहुंचते हैं। इस दौरान पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा चुका है, जो इस स्थल की सामाजिक महत्ता को भी दर्शाता है।हालांकि, इतनी ख्याति के बावजूद यहां तक पहुंचने के लिए सड़क की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। श्रद्धालुओं को करीब 2 किलोमीटर पहले ही अपने वाहन छोड़ने पड़ते हैं और उसके बाद पैदल चलते हुए नदी पार कर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह मार्ग और भी कठिन व जोखिम भरा हो जाता है। इतना ही नहीं, मंदिर के विस्तार और सुंदरीकरण के लिए निर्माण कार्य भी शुरू किया गया था, लेकिन धन की कमी के कारण यह कार्य अधूरा ही पड़ा हुआ है। अधूरे निर्माण के चलते न तो मंदिर का समुचित विकास हो पा रहा है और न ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल पा रही हैं।स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से सड़क निर्माण, पुल निर्माण तथा मंदिर के अधूरे कार्य को पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाए, तो बाबा कोड़ी नाथ धाम धार्मिक पर्यटन के रूप में भी उभर सकता है।कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था इस धाम से जुड़ी हुई है, जो हर साल यहां उमड़ने वाली भीड़ में साफ दिखाई देती है।4
- Post by Dhananajy jangde1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर बरगी बांध में एक पर्यटक क्रूज़ डूब गया इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री ने मृतकों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है और साथ ही गहरा दुख जताया है फिलहाल अभी भी कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।1
- Post by हमर जशपुर1
- गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है। कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।2
- महिला आरक्षण पर राजनीति गरम: वाराणसी से मोदी सरकार के लिए नई चुनौती1
- बरगी डेम में क्रूज हादसे के 15 घंटे बाद सामने आई यह तस्वीर इंसानियत को झकझोर कर रख देती है। यह तस्वीर सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि एक माँ के उस अटूट प्रेम की गवाही है, जो मौत के सामने भी झुकता नहीं। जब हर उम्मीद खत्म हो रही थी, जब चारों ओर सिर्फ डर और बेबसी थी… तब भी एक माँ ने अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। आखिरी सांस तक उसे अपनी बाँहों में समेटे रखा… उसे अकेला नहीं होने दिया। शायद यही माँ होती है— जो खुद टूट जाती है, लेकिन अपने बच्चे को टूटने नहीं देती… जो खुद हार जाती है, लेकिन अपने बच्चे को हारने नहीं देती… आज भले ही माँ और बेटा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन यह तस्वीर हमेशा याद दिलाएगी कि “ममता” शब्द कितना विशाल और अमर होता है। ऐसी माँ को कोटि-कोटि नमन… 🙏😥1
- Post by Dhananajy jangde1