चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला में जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव की असीम अनुकम्पा और लोहपुरुष धर्ममुनि महाराज की आज्ञानुवर्ती सुशिष्या धर्मसिहनी प्रवचन प्रभाविका धैर्यप्रभा महाराज आदि ठाणा-6 का रविवार को भव्य एवं श्रद्धामय मंगल प्रवेश हुआ। इस धार्मिक आयोजन में राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। प्रातः 9 बजे अरिहंत भवन से भव्य मंगल प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई, जो मुख्य मार्ग, बस स्टैंड और मुख्य बाजार से होते हुए आनंद यश भवन पहुंची और वहां से जैन स्थानक में प्रवेश किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ साध्वीवृंद का भव्य स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। जैन स्थानक पहुंचने पर जयपुर, नीमच और मंदसौर सहित विभिन्न जैन संघों ने अगले चातुर्मास के लिए विनती प्रस्तुत की। इस अवसर पर बहु मंडल और बालिका मंडल द्वारा आकर्षक धार्मिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसके बाद धैर्यप्रभा महाराज ने मंगलिक सुनाते हुए धर्म, संयम और सदाचार का संदेश दिया। इस मंगल प्रवेश कार्यक्रम में नीमच, मंदसौर, बड़ीसादड़ी, जावरा, निंबाहेड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, इंदौर, जयपुर, हरियाणा, ब्यावर सहित अनेक जैन संघों के श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस दौरान डूंगला के कोटा निवासी शांतिलाल, सुनील कुमार, अनिल कुमार और रौनक कुमार दक परिवार की ओर से स्वर्गीय प्रेमबाई की पुण्य स्मृति में ₹1.21 लाख की भेंट अर्पित की गई। रविवार, 19 जुलाई को अरिहंत भवन में नियमित सामायिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। इस सामायिक और मंगल प्रवेश में शामिल श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था बाबूलाल, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, ललित कुमार, अंकित कुमार और रौनक कुमार मेहता द्वारा की गई, जबकि भोजन की व्यवस्था बसंतीलाल, विमल कुमार और अक्षत कुमार मेहता द्वारा की गई। कार्यक्रम में दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए आई.एम. सेठिया, संगठन महामंत्री सिद्धाराज सिंघवी, श्रीसंघ डूंगला के अध्यक्ष शांतिलाल मेहता और मंत्री कनकमल दक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। श्रीसंघ की ओर से बताया गया कि आगामी 26 जुलाई से धर्मसिहनी धैर्यप्रभा महाराज के नियमित प्रवचन प्रारंभ होंगे, जिनमें धर्म, अध्यात्म, संस्कार एवं जीवन मूल्यों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला में जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव की असीम अनुकम्पा और लोहपुरुष धर्ममुनि महाराज की आज्ञानुवर्ती सुशिष्या धर्मसिहनी प्रवचन प्रभाविका धैर्यप्रभा महाराज आदि ठाणा-6 का रविवार को भव्य एवं श्रद्धामय मंगल प्रवेश हुआ। इस धार्मिक आयोजन में राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। प्रातः 9 बजे अरिहंत भवन से भव्य मंगल प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई, जो मुख्य मार्ग, बस स्टैंड और मुख्य बाजार से होते हुए आनंद यश भवन पहुंची और
वहां से जैन स्थानक में प्रवेश किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ साध्वीवृंद का भव्य स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। जैन स्थानक पहुंचने पर जयपुर, नीमच और मंदसौर सहित विभिन्न जैन संघों ने अगले चातुर्मास के लिए विनती प्रस्तुत की। इस अवसर पर बहु मंडल और बालिका मंडल द्वारा आकर्षक धार्मिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसके बाद धैर्यप्रभा महाराज ने मंगलिक सुनाते हुए धर्म, संयम और सदाचार का संदेश दिया। इस मंगल प्रवेश कार्यक्रम में नीमच, मंदसौर, बड़ीसादड़ी, जावरा,
निंबाहेड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, इंदौर, जयपुर, हरियाणा, ब्यावर सहित अनेक जैन संघों के श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस दौरान डूंगला के कोटा निवासी शांतिलाल, सुनील कुमार, अनिल कुमार और रौनक कुमार दक परिवार की ओर से स्वर्गीय प्रेमबाई की पुण्य स्मृति में ₹1.21 लाख की भेंट अर्पित की गई। रविवार, 19 जुलाई को अरिहंत भवन में नियमित सामायिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। इस सामायिक और मंगल प्रवेश में शामिल श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था बाबूलाल, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, ललित कुमार, अंकित
कुमार और रौनक कुमार मेहता द्वारा की गई, जबकि भोजन की व्यवस्था बसंतीलाल, विमल कुमार और अक्षत कुमार मेहता द्वारा की गई। कार्यक्रम में दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए आई.एम. सेठिया, संगठन महामंत्री सिद्धाराज सिंघवी, श्रीसंघ डूंगला के अध्यक्ष शांतिलाल मेहता और मंत्री कनकमल दक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। श्रीसंघ की ओर से बताया गया कि आगामी 26 जुलाई से धर्मसिहनी धैर्यप्रभा महाराज के नियमित प्रवचन प्रारंभ होंगे, जिनमें धर्म, अध्यात्म, संस्कार एवं जीवन मूल्यों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
- चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में प्री-मानसून की अच्छी शुरुआत के बाद लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। जहां अगेती बुवाई करने वाले किसानों की मक्का, सोयाबीन और मूंगफली की फसलें अच्छी स्थिति में हैं और निराई-गुड़ाई की अवस्था तक पहुंच चुकी हैं, वहीं मानसून के इंतजार में देरी से बुवाई करने वाले किसानों की फसलें पर्याप्त नमी के अभाव में संघर्ष कर रही हैं। कई किसानों को तो पानी की कमी के चलते दोबारा बुवाई करनी पड़ी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और खेती की लागत भी बढ़ गई है। इस संकट के बीच किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसलों को बचाने और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बनाए रखने में जुटे हुए हैं। बारिश के इस लंबे अंतराल का उपयोग करते हुए खेतों से खरपतवार हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। आधुनिक कृषि मशीनों की भारी मांग और कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसान बैलों से चलने वाले पारंपरिक कुलपे और अन्य देसी कृषि उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा, जिन किसानों के पास कुएं या अन्य जलस्रोत उपलब्ध हैं, वे स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से फसलों की सिंचाई कर उन्हें जीवनदान देने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही पौधों की बढ़वार बनाए रखने के लिए यूरिया व अन्य आवश्यक उर्वरकों का छिड़काव भी किया जा रहा है। किसान शंकरलाल और उदयलाल के अनुसार, क्षेत्र में मक्का, सोयाबीन और मूंगफली की करीब 80 प्रतिशत फसलें फिलहाल अच्छी स्थिति में दिखाई दे रही हैं, लेकिन यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि रविवार को सुबह से ही आसमान में बादलों का आना-जाना लगा रहा और तेज हवाओं के साथ उमस भरा मौसम बना रहा, लेकिन संतोषजनक बारिश नहीं हुई। पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर ग्रामीण किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए इंद्रदेव से मेहरबानी की गुहार लगा रहे हैं ताकि उनकी मेहनत रंग ला सके।4
- चितौड़गढ़ के गांधी नगर में आकाशवाणी चौराहा स्थित आयुष हॉस्पिटल से एक सफल इलाज की कहानी खुद की जुबानी साझा की गई है। इसमें अत्यधिक दर्द से पीड़ित रहे व्यक्ति ने अपने सफल उपचार के पूरे अनुभव को खुद बयां किया है।1
- उदयपुर में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डबोक थाना पुलिस और डीएसटी ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक सियाज कार से 53.40 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने मौके से अवैध ड्रग्स के साथ ही सियाज कार को भी जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में की गई है। इस पूरे अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत विश्नोई और वृत्ताधिकारी चांदमल सिघारिया के सुपरविजन में थानाधिकारी गोपालनाथ के नेतृत्व वाली टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।1
- प्रतापगढ़ के धरियावद स्थित राजकीय महाविद्यालय में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM) ने अपना 11वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाया। 18 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के संघर्ष, सेवा और समर्पण के 11 सफल वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया। इन वर्षों में संगठन ने छात्र-छात्राओं के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता, सामाजिक चेतना, आदिवासी समाज के उत्थान और भीलप्रदेश राज्य गठन की संवैधानिक मांग को मजबूती से उठाने का काम किया है। इस विशेष अवसर पर भीलप्रदेश राज्य की आवाज बुलंद करने वाले BPMM के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक निलेश बरोड़ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ एक प्रेरणादायक परिचर्चा की, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को संगठन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली, अनुशासन और नियमों की जानकारी दी। अपने संबोधन में निलेश बरोड़ ने शिक्षा के महत्व, छात्र नेतृत्व, संगठन की मजबूती और भीलप्रदेश आंदोलन को सशक्त बनाने पर विचार रखे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में कॉलेज इकाई के अध्यक्ष डीसी बरोड़, प्रतापगढ़ जिला सह संयोजक भीमराज बरगोट, इकाई उपाध्यक्ष रमेश कलासुआ, इकाई सचिव दिनेश निनामा, सुनील और कॉलेज के कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस अवसर पर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा परिवार से जुड़े सभी वर्तमान और पूर्व साथियों को 11वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।3
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र के पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने ताला जड़ दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस स्थानांतरण सूची के आने के बाद से भदेसर क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं, जिससे बच्चों का शैक्षणिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पीपलवास के अलावा भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित कई अन्य जगहों पर भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। पीपलवास के इस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहाँ कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का स्थानांतरण हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही खाली चल रहा था। स्कूल में हिंदी, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त होने से कुल सात शिक्षकों की कमी हो गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित है। उग्र प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी भीतर प्रवेश करने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए इन खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और जब तक ऐसा नहीं होता, उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है और ग्रामीणों के सुर में सुर मिलाते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।2
- मन्दसौर की जनपद पंचायत सीतामऊ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लावरी में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला में जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव की असीम अनुकम्पा और लोहपुरुष धर्ममुनि महाराज की आज्ञानुवर्ती सुशिष्या धर्मसिहनी प्रवचन प्रभाविका धैर्यप्रभा महाराज आदि ठाणा-6 का रविवार को भव्य एवं श्रद्धामय मंगल प्रवेश हुआ। इस धार्मिक आयोजन में राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। प्रातः 9 बजे अरिहंत भवन से भव्य मंगल प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई, जो मुख्य मार्ग, बस स्टैंड और मुख्य बाजार से होते हुए आनंद यश भवन पहुंची और वहां से जैन स्थानक में प्रवेश किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ साध्वीवृंद का भव्य स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। जैन स्थानक पहुंचने पर जयपुर, नीमच और मंदसौर सहित विभिन्न जैन संघों ने अगले चातुर्मास के लिए विनती प्रस्तुत की। इस अवसर पर बहु मंडल और बालिका मंडल द्वारा आकर्षक धार्मिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसके बाद धैर्यप्रभा महाराज ने मंगलिक सुनाते हुए धर्म, संयम और सदाचार का संदेश दिया। इस मंगल प्रवेश कार्यक्रम में नीमच, मंदसौर, बड़ीसादड़ी, जावरा, निंबाहेड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, इंदौर, जयपुर, हरियाणा, ब्यावर सहित अनेक जैन संघों के श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस दौरान डूंगला के कोटा निवासी शांतिलाल, सुनील कुमार, अनिल कुमार और रौनक कुमार दक परिवार की ओर से स्वर्गीय प्रेमबाई की पुण्य स्मृति में ₹1.21 लाख की भेंट अर्पित की गई। रविवार, 19 जुलाई को अरिहंत भवन में नियमित सामायिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। इस सामायिक और मंगल प्रवेश में शामिल श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था बाबूलाल, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, ललित कुमार, अंकित कुमार और रौनक कुमार मेहता द्वारा की गई, जबकि भोजन की व्यवस्था बसंतीलाल, विमल कुमार और अक्षत कुमार मेहता द्वारा की गई। कार्यक्रम में दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए आई.एम. सेठिया, संगठन महामंत्री सिद्धाराज सिंघवी, श्रीसंघ डूंगला के अध्यक्ष शांतिलाल मेहता और मंत्री कनकमल दक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। श्रीसंघ की ओर से बताया गया कि आगामी 26 जुलाई से धर्मसिहनी धैर्यप्रभा महाराज के नियमित प्रवचन प्रारंभ होंगे, जिनमें धर्म, अध्यात्म, संस्कार एवं जीवन मूल्यों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।4
- संसद के मानसून सत्र का पहला दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बुलाए गए 'संसद मार्च' ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान शास्त्री भवन और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। हालात इस कदर बिगड़ गए कि सुरक्षा के मद्देनजर संसद भवन के मुख्य गेट सहित कई द्वारों को थोड़ी देर के लिए बंद करना पड़ा और दिल्ली पुलिस कमिश्नर खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस झड़प में दिल्ली पुलिस के कई जवान भी घायल हो गए हैं। इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर लगाए गए सीजेपी के धरना स्थल और मंच को जबरन खाली करा दिया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने अपनी लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। पुलिस ने आरबीआई के पास से सीजेपी के कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और तनाव को देखते हुए जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई यात्री अंदर ही फंसे रहे और ब्लूलाइन पर मेट्रो ट्रेनें लेट चलने लगीं। इस बीच, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज सहित कई सपा सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकाला। डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे देश के इतिहास की सबसे अहंकारी, बेरहम और संवेदनहीन सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वर्दी के आए कुछ पुलिसकर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार करते हुए छात्रों को बेरहमी से पीटा, बिजली के झटके दिए और बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हुए सरकार पर देश को संविधान के बजाय आरएसएस की विचारधारा से चलाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, सांसद चंद्रशेखर आजाद और शबाना आजमी केरल भवन के पास धरने पर बैठ गए, जिन्हें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने दोनों तरफ से घेर लिया। धरने के दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई और चंद्रशेखर को वहां से उठाने की तैयारी की जाने लगी। इस हंगामे के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज रही, जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, वहीं सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा। सीजेपी ने दावा किया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा, भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दिपके ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी, जबकि सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से उन्हें संसद मार्च में शामिल होने देने की मांग की।1