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रंगों की होली वैसे कल खेली जानी है, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने सूतक लगा होने के बावजूद होली खेली: सो हमारी तरफ से भी सभी दोस्तों को आज ही होली की हार्दिक बधाई... रंगों की होली वैसे कल खेली जानी है, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने सूतक लगा होने के बावजूद होली खेली: सो हमारी तरफ से भी सभी दोस्तों को आज ही होली की हार्दिक बधाई...
Mr Ravindra Meena kota Rajasth
रंगों की होली वैसे कल खेली जानी है, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने सूतक लगा होने के बावजूद होली खेली: सो हमारी तरफ से भी सभी दोस्तों को आज ही होली की हार्दिक बधाई... रंगों की होली वैसे कल खेली जानी है, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने सूतक लगा होने के बावजूद होली खेली: सो हमारी तरफ से भी सभी दोस्तों को आज ही होली की हार्दिक बधाई...
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- रंगों की होली वैसे कल खेली जानी है, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने सूतक लगा होने के बावजूद होली खेली: सो हमारी तरफ से भी सभी दोस्तों को आज ही होली की हार्दिक बधाई...1
- ग्राम कवंल्दा में श्री राम उधान में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ भव्य रामलीला का समापन, 'जय श्री राम' के नारों से गूंजा पंडाल ग्राम कवंल्दा दिनांक 4मार्च 2026को क्षेत्र में पिछले कई दिनों से चल रही भव्य रामलीला का कल देर रात भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन के साथ विधि-विधान से समापन हो गया। आयोजन के अंतिम दिन पंडाल दर्शकों की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। राजतिलक और उत्सव: रामलीला के अंतिम दिन कलाकारों द्वारा भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। भरत मिलाप के मंचन के दौरान दर्शकों की आंखें नम हो गईं। भाई के प्रति प्रेम और त्याग के इस दृश्य ने सभी का मन मोह लिया। ग्राम कवंल्दा में भव्य श्री राम लीला महोत्सव हिन्दू संस्कृति एवं गौ रक्षा हेतु भारत का प्रसिद्ध श्री धर्म प्रचारक रामलीला मण्डल प्रयाग क्षेत्र के काशी बनारस के प्रसिद्ध कलाकारों कि प्रस्तुति श्री रामायण प्रचारक मण्डल वाराणसी द्वारा 10दिवसिय रामलीला का कार्यक्रम पूर्ण हुआ ग्राम पंचायत कवल्दां के सभी गांव कवंल्दा देदिया लाखा खेड़ी सेवनी का तन-मन-धन से सहयोग रहा है रामलीला मण्डल ने ग्राम कवल्दां क्षेत्र निवासियों का आभार व्यक्त किया जयश्री राम4
- बड़गांव। गांव के विभिन्न हिस्सों में युवाओं की टोलियां रंग के साथ घूमती नजर आईं। ग्रामीण अंचलों में भी इसका खासा असर देखने को मिला, जहां लोग पुराने गीतों पर झूमते दिखे। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग गुलाबी और बैंगनी रंगों में रंगे हुए हैं और ढोल की थाप पर मस्ती में नाच रहे हैं। भाईचारे का संदेश होली के इस अवसर पर ऊंच-नीच और भेदभाव मिटाकर लोग एक-दूसरे के गले मिलते दिखे। स्थानीय दुकानों के सामने जुटी भीड़ और गुलाल से सने चेहरों ने उत्सव के माहौल को और भी जीवंत बना दिया। बच्चों में पिचकारी और गुब्बारों को लेकर भारी उत्साह देखा गया, वहीं बड़ों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।2
- बारां शहर के चौमखा बाजार स्थित शीतला चौक इलाके में गुरुवार को चाकूबाजी की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार वाल्मीकि समाज के दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया और चाकू चल गए। हमले में अनिल वाल्मीकि, प्रदीप वाल्मीकि और मनीष वाल्मीकि गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तुरंत शहीद राजमल मीणा जिला अस्पताल, बारां लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें कोटा रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी भजनलाल, डीएसपी हरिराम सोनी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए थे। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।2
- अटरू में 4 मार्च 2026 को धुलेंडी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले फागुन्या भेरू जी मंदिर में फाग के गीत गाए गए और गुलाल होली खेली गई। कस्बे में रंग-गुलाल से होली खेली गई, युवा डीजे की धुन पर थिरके और बड़ों ने एक-दूसरे से रामाश्यामी की। धुलेंडी के कारण अटरू मंडी में कृषि उपज की नीलामी बंद रही। बतादें कि फागुन्या भेरू मंदिर में ढोल और चंग के साथ पारंपरिक होली की शुरुआत की गई।अटरू के धूणी क्लब, खेडलीगंज चौराहा, नांगली मोहल्ला, समेत सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई।युवकों की टोलियों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली मनाई। महिलाओं ने भी राधा-कृष्ण की झांकी सजाकर गुलाल होली खेली।धुलेंडी के अवसर पर अटरू मंडी में 4 मार्च को अवकाश रहा, अब 5 मार्च से काम शुरू होगा। यह त्यौहार भाईचारे और उल्लास के साथ मनाया गया। राजस्थान में धुलेंडी (धुलंडी) सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अनूठी परंपराओं का संगम है। यहाँ कहीं पत्थरों से 'खूनी होली' तो कहीं डोलची से पानी की बौछार की होली खेली गई है। कुछ स्थान पर महिलाएं पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं। ये परंपराएं सामाजिक एकता और जीवंत संस्कृति का प्रतीक हैं। मगर ऐसे में पुलिस व समाज भी असहाय हो जाता है जब होली खेलने वाले भिड़ जाते हैं यही हकीकत अटरू के चौथमाता मन्दिर के पीछे नजर आई जहाँ पुलिस ने धमाचौकड़ी कर रहे युवकों को पकड़कर थाने पहुंचाया।वहीँ कुंजेड क्षेत्र के सहरोद, जिरोद, रिछन्दा, किरपुरिया, चौथ्या में 4 मार्च 2026 को धुलेंडी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले मायथा भेरू जी मंदिर में फाग के गीत गाए गए और गुलाल होली खेली गई। कस्बे में रंग-गुलाल से होली खेली गई, युवा डीजे की धुन पर थिरके और बड़ों ने एक-दूसरे से रामाश्यामी की। धुलेंडी के कारण चहल पहल बनी रही भेरू मंदिर में ढोल और चंग के साथ पारंपरिक होली की शुरुआत की।लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई। युवकों की टोलियों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली मनाई। यह त्यौहार भाईचारे और उल्लास के साथ मनाया गया। इस प्रकार ही मोठपुर कस्बे में बुधवार को रंगों का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। सुबह से ही लोगों ने टोलियां बनाकर एक दूसरे को रंग लगाया।1
- झालावाड़ दो दिन से लगातार होली धूलंडी की कानून व्यवस्थाओं में व्यस्त पुलिस कर्मियों और अधिकारियों ने आज लाइन पुलिस में होली खेली इस दौरान कांस्टेबल से लेकर अफसर तक सब एक ही कलर में होली खेलते नजर आए1
- झालावाड़ | जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ गौपुत्रों द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गौ पुत्र सेना झालावाड़ के कार्यकर्ताओं को देर रात सूचना मिली कि एक वाहन में गौवंश को भरकर पिड़ावा क्षेत्र से होते हुए कत्लखाने की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही गौपुत्रों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए वाहन की तलाश शुरू कर दी।बताया जा रहा है कि यह वाहन रायपुर नया गांव क्षेत्र से पिड़ावा-डग मार्ग की ओर जा रहा था। गौपुत्रों ने संदिग्ध वाहन का लगभग 80 किलोमीटर तक पीछा किया और रात करीब 2 बजे घेराबंदी कर वाहन को रोकने में सफलता प्राप्त की। जब वाहन की जांच की गई तो उसमें 10 से अधिक गौवंश ठूस-ठूस कर भरे हुए पाए गए, जिन्हें बेहद अमानवीय तरीके से ले जाया जा रहा था।गौपुत्रों द्वारा वाहन को रोकने के बाद मौके पर काफी संख्या में लोग भी एकत्रित हो गए। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी गई, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। गौवंश को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था भी की गई। गौ पुत्र सेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौवंश तस्करी के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गौमाता की रक्षा और संरक्षण के लिए संगठन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोगों ने गौपुत्रों की इस कार्रवाई की सराहना भी की है। (रिपोर्ट: झालावाड़)1
- संघर्ष से सफलता तक: निरक्षर किसान के बेटे कल्पेश बने खनि कार्यदेशक, जिला कलेक्टर ने सौंपा नियुक्ति पत्र बारां जिले की अटरू तहसील के ग्राम उम्मेदगंज निवासी कल्पेश मीणा पुत्र श्री अजीत कुमार मीणा ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग में खनि कार्यदेशक के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है। विशेष उल्लेखनीय है कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र से इस पद पर चयनित होने वाले वे एकमात्र अभ्यर्थी हैं। एक साधारण कृषक और निरक्षर माता-पिता की संतान होने के बावजूद कल्पेश ने अपनी कड़ी मेहनत से इस मुकाम को हासिल किया। उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर 28 फरवरी को आयोजित 'मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव' के दौरान बारां जिला कलेक्टर द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया। कल्पेश को प्रथम पदस्थापन कार्यालय के रूप में बूंदी जिला आवंटित किया गया है, जहाँ वे अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर उभरी है।1