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अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो, विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....

5 hrs ago
user_Chandan Singh Maravi
Chandan Singh Maravi
Farmer बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो, विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • 1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई। पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई। किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी? यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
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    1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप
डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई।
पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई।
किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। 
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी?
यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा

बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश
डिंडौरी, 4 अगस्त।
जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मासूमों की जान जोखिम में! जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर आदिवासी बच्चे 🚨 मासूमों की जान जोखिम में! जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर आदिवासी बच्चे 🚨 अनूपपुर | बहेराबांध | ग्राम क्योटार सरकार सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे करती है, लेकिन अनूपपुर जिले के ग्राम क्योटार की शासकीय प्राथमिक शाला की तस्वीर इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 🏫 जर्जर भवन… 🌧️ टपकती छत… 💧 कक्षाओं में भरता पानी… 💡 बिजली का अभाव… 🪳 बरसाती कीड़े-मकौड़ों का खतरा… बारिश के दौरान विद्यालय की छत से पानी टपकता है और कई जगह कक्षाओं में पानी भर जाता है। ऐसे में मासूम बच्चों को कभी भींगते हुए तो कभी दूसरे स्थानों का सहारा लेकर पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और बादल के दौरान कक्षाओं में अंधेरा छा जाता है। खिड़कियों से आने वाली रोशनी के सहारे बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर जर्जर छत का कोई हिस्सा अचानक गिर गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? 👉 आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी? 👉 आदिवासी बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन कब मिलेगा? 👉 क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है? बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रशासन से मांग है कि विद्यालय भवन का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, बिजली व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए। 📢 हादसे से पहले कार्रवाई जरूरी है!
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    मासूमों की जान जोखिम में! जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर आदिवासी बच्चे 
🚨 मासूमों की जान जोखिम में! जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर आदिवासी बच्चे 🚨
अनूपपुर | बहेराबांध | ग्राम क्योटार
सरकार सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे करती है, लेकिन अनूपपुर जिले के ग्राम क्योटार की शासकीय प्राथमिक शाला की तस्वीर इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
🏫 जर्जर भवन…
🌧️ टपकती छत…
💧 कक्षाओं में भरता पानी…
💡 बिजली का अभाव…
🪳 बरसाती कीड़े-मकौड़ों का खतरा…
बारिश के दौरान विद्यालय की छत से पानी टपकता है और कई जगह कक्षाओं में पानी भर जाता है। ऐसे में मासूम बच्चों को कभी भींगते हुए तो कभी दूसरे स्थानों का सहारा लेकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
वहीं बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और बादल के दौरान कक्षाओं में अंधेरा छा जाता है। खिड़कियों से आने वाली रोशनी के सहारे बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर जर्जर छत का कोई हिस्सा अचानक गिर गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
👉 आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी?
👉 आदिवासी बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन कब मिलेगा?
👉 क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
प्रशासन से मांग है कि विद्यालय भवन का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, बिजली व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
📢 हादसे से पहले कार्रवाई जरूरी है!
    user_आदर्श दुबे
    आदर्श दुबे
    Yoga instructor अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Akash Chakarwarti
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    Post by Akash Chakarwarti
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अनूपपुर पुलिस द्वारा जादू-टोना के शक में की गई बुजुर्ग महिला की हत्या का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार अनूपपुर। थाना जैतहरी पुलिस ने जादू-टोना के शक में बुजुर्ग महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त की गई है। दिनांक 03/08/2026 को फरियादी कोमल सिंह निवासी ग्राम केरहा भेलमा, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर ने थाना में सूचना दी कि उसके घर के पास रहने वाली रामबाई गोंड़ जो रिश्ते में उसकी सास लगती है, जिनके पति की वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई थी, अकेले घर में रहती थी। उनका अपने परिवार से पुराना विवाद भी चलता था। फरियादी ने बताया कि दिनांक 02/08/2026 को सुबह लगभग 09.00 बजे वह अपने घर में खाना बना रहा था, तभी घर के सामने मैदान से हल्ला-गोहार सुनाई दी। छत से आकर देखा तो रामबाई के भतीजे सुरेश गोंड़ और फूल सिंह गोंड़, रामबाई के साथ मारपीट कर रहे थे और मारपीट के बाद उसे उठाकर उसके घर की तरफ ले जा रहे थे। वह दोनों के भय के कारण रामबाई को बचाने नहीं गया और दिन में अपने काम से अचलपुर चला गया। आज दिनांक 03/08/2026 को सुबह लगभग 06.00 बजे उठा तो देखा कि रामबाई अपने घर में नहीं दिख रही है, तब उसने गुलाब सिंह को बताया कि कल सुरेश और फूलसिंह ने रामबाई के साथ मारपीट की है और वह आज दिख नहीं रही है। तब गुलाब और भीखम सिंह उपसरपंच के घर गए और घटना के बारे में बताया। उपसरपंच ने कहा कि आस-पास के लोगों को इकट्ठा कर लो, मैं आ रहा हूं। उपसरपंच तथा अन्य लोगों के साथ रामबाई के घर आए तो देखा कि रामबाई घर के सामने परछी के नीचे खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थी। तब उपसरपंच ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर थाना जैतहरी में अपराध क्रमांक 260/26 धारा 103(1), 3(5) B.N.S. कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी सुरेश सिंह गोंड़ पिता बुद्धू सिंह गोंड़ उम्र 25 वर्ष एवं फूल सिंह गोंड़ पिता स्व. रामकृपाल सिंह उम्र 34 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम केरहा भेलमा, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर (म.प्र.) को गिरफ्तार किया जाकर घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त की गई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया - रामबाई सिंह गोंड़ रिश्ते में हमारी बड़का दाई (बड़ी मां) लगती है, जो जादू-टोना करना जानती थी। कुछ दिन पहले हमसे बोली थी कि अब तीन आदमी सुरेश, फूलसिंह और रामकृपाल बचे हैं, इनमें से किसी एक की मृत्यु एक माह के अंदर हो जाएगी। पिछले वर्ष बुद्धू सिंह (सुरेश सिंह गोंड़ के पिता) की मृत्यु हो गई थी और लगभग एक माह पहले रामकृपाल (फूल सिंह के पिता) की मृत्यु हो जाने से हमें पूरी शंका हो गई कि बड़का दाई ही ऐसा कर रही है। घर में अन्य लोगों की भी तबियत खराब रहती थी, तो हम लोग सोचे कि अब हम दोनों ही बचे हैं तो बड़का दाई हमको भी जादू-टोना से मार देगी। हम दोनों ने मिलकर बड़का दाई को मार डालने की योजना बनाकर दिनांक 02/08/2026 को समय लगभग 09.00 बजे सुबह उसके घर जान से मारने की नियत से जा रहे थे, तो बड़का दाई रामबाई अपने घर में ताला लगाकर रोपा लगाने जा रही थी, जो अपने घर से थोड़ी दूरी में कोमल सिंह के घर के पीछे खेल मैदान में मिल गई। हमने कहा कि चल बड़का दाई हमारे घर में जो जादू-टोना कर रखा है उसे ठीक कर, तो वह बोली कि मैं नहीं जाऊंगी, बोली कि अब तुम दोनों की बारी है। तब हम लोगों ने डंडे एवं लात-घूसों से रामबाई को छाती, पेट, पसलियों तथा जबड़ों में मारते रहे, जब तक वह मर नहीं गई। मरने के बाद मैं सिर तरफ पकड़ा और फूलसिंह पैर पकड़कर उठाकर उसे उसके घर के सामने बनी परछी के नीचे छोड़कर अपने घर भाग गए। उक्त कार्यवाही श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जगनाथ मरकाम, श्रीमान एसडीओपी महोदय श्री नवीन तिवारी के निर्देशन में उक्त हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी जैतहरी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, उपनिरीक्षक सुरेश अहिरवार, उपनिरीक्षक अमर लाल यादव, सउनि जय सिंह, प्र.आर. राजकुमार मार्को, आर. मनीष तोमर, आर. विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।
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    अनूपपुर पुलिस द्वारा जादू-टोना के शक में की गई बुजुर्ग महिला की हत्या का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
अनूपपुर। थाना जैतहरी पुलिस ने जादू-टोना के शक में बुजुर्ग महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त की गई है।
दिनांक 03/08/2026 को फरियादी कोमल सिंह निवासी ग्राम केरहा भेलमा, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर ने थाना में सूचना दी कि उसके घर के पास रहने वाली रामबाई गोंड़ जो रिश्ते में उसकी सास लगती है, जिनके पति की वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई थी, अकेले घर में रहती थी। उनका अपने परिवार से पुराना विवाद भी चलता था।
फरियादी ने बताया कि दिनांक 02/08/2026 को सुबह लगभग 09.00 बजे वह अपने घर में खाना बना रहा था, तभी घर के सामने मैदान से हल्ला-गोहार सुनाई दी। छत से आकर देखा तो रामबाई के भतीजे सुरेश गोंड़ और फूल सिंह गोंड़, रामबाई के साथ मारपीट कर रहे थे और मारपीट के बाद उसे उठाकर उसके घर की तरफ ले जा रहे थे। वह दोनों के भय के कारण रामबाई को बचाने नहीं गया और दिन में अपने काम से अचलपुर चला गया।
आज दिनांक 03/08/2026 को सुबह लगभग 06.00 बजे उठा तो देखा कि रामबाई अपने घर में नहीं दिख रही है, तब उसने गुलाब सिंह को बताया कि कल सुरेश और फूलसिंह ने रामबाई के साथ मारपीट की है और वह आज दिख नहीं रही है। तब गुलाब और भीखम सिंह उपसरपंच के घर गए और घटना के बारे में बताया। उपसरपंच ने कहा कि आस-पास के लोगों को इकट्ठा कर लो, मैं आ रहा हूं। उपसरपंच तथा अन्य लोगों के साथ रामबाई के घर आए तो देखा कि रामबाई घर के सामने परछी के नीचे खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थी। तब उपसरपंच ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना पर थाना जैतहरी में अपराध क्रमांक 260/26 धारा 103(1), 3(5) B.N.S. कायम कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान आरोपी सुरेश सिंह गोंड़ पिता बुद्धू सिंह गोंड़ उम्र 25 वर्ष एवं फूल सिंह गोंड़ पिता स्व. रामकृपाल सिंह उम्र 34 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम केरहा भेलमा, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर (म.प्र.) को गिरफ्तार किया जाकर घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त की गई है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया -
रामबाई सिंह गोंड़ रिश्ते में हमारी बड़का दाई (बड़ी मां) लगती है, जो जादू-टोना करना जानती थी। कुछ दिन पहले हमसे बोली थी कि अब तीन आदमी सुरेश, फूलसिंह और रामकृपाल बचे हैं, इनमें से किसी एक की मृत्यु एक माह के अंदर हो जाएगी। पिछले वर्ष बुद्धू सिंह (सुरेश सिंह गोंड़ के पिता) की मृत्यु हो गई थी और लगभग एक माह पहले रामकृपाल (फूल सिंह के पिता) की मृत्यु हो जाने से हमें पूरी शंका हो गई कि बड़का दाई ही ऐसा कर रही है। घर में अन्य लोगों की भी तबियत खराब रहती थी, तो हम लोग सोचे कि अब हम दोनों ही बचे हैं तो बड़का दाई हमको भी जादू-टोना से मार देगी।
हम दोनों ने मिलकर बड़का दाई को मार डालने की योजना बनाकर दिनांक 02/08/2026 को समय लगभग 09.00 बजे सुबह उसके घर जान से मारने की नियत से जा रहे थे, तो बड़का दाई रामबाई अपने घर में ताला लगाकर रोपा लगाने जा रही थी, जो अपने घर से थोड़ी दूरी में कोमल सिंह के घर के पीछे खेल मैदान में मिल गई। हमने कहा कि चल बड़का दाई हमारे घर में जो जादू-टोना कर रखा है उसे ठीक कर, तो वह बोली कि मैं नहीं जाऊंगी, बोली कि अब तुम दोनों की बारी है। तब हम लोगों ने डंडे एवं लात-घूसों से रामबाई को छाती, पेट, पसलियों तथा जबड़ों में मारते रहे, जब तक वह मर नहीं गई। मरने के बाद मैं सिर तरफ पकड़ा और फूलसिंह पैर पकड़कर उठाकर उसे उसके घर के सामने बनी परछी के नीचे छोड़कर अपने घर भाग गए।
उक्त कार्यवाही श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जगनाथ मरकाम, श्रीमान एसडीओपी महोदय श्री नवीन तिवारी के निर्देशन में उक्त हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी जैतहरी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, उपनिरीक्षक सुरेश अहिरवार, उपनिरीक्षक अमर लाल यादव, सउनि जय सिंह, प्र.आर. राजकुमार मार्को, आर. मनीष तोमर, आर. विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    15 hrs ago
  • अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो, विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....
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    अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं 
अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो,   विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....
    user_Chandan Singh Maravi
    Chandan Singh Maravi
    Farmer बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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