1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई। पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई। किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी? यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई। पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई। किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से
उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी? यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
- 1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई। पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई। किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी? यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।2
- बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- Post by Akash Chakarwarti1
- स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।4
- अनूपपुर पुलिस द्वारा जादू-टोना के शक में की गई बुजुर्ग महिला की हत्या का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार अनूपपुर। थाना जैतहरी पुलिस ने जादू-टोना के शक में बुजुर्ग महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त की गई है। दिनांक 03/08/2026 को फरियादी कोमल सिंह निवासी ग्राम केरहा भेलमा, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर ने थाना में सूचना दी कि उसके घर के पास रहने वाली रामबाई गोंड़ जो रिश्ते में उसकी सास लगती है, जिनके पति की वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई थी, अकेले घर में रहती थी। उनका अपने परिवार से पुराना विवाद भी चलता था। फरियादी ने बताया कि दिनांक 02/08/2026 को सुबह लगभग 09.00 बजे वह अपने घर में खाना बना रहा था, तभी घर के सामने मैदान से हल्ला-गोहार सुनाई दी। छत से आकर देखा तो रामबाई के भतीजे सुरेश गोंड़ और फूल सिंह गोंड़, रामबाई के साथ मारपीट कर रहे थे और मारपीट के बाद उसे उठाकर उसके घर की तरफ ले जा रहे थे। वह दोनों के भय के कारण रामबाई को बचाने नहीं गया और दिन में अपने काम से अचलपुर चला गया। आज दिनांक 03/08/2026 को सुबह लगभग 06.00 बजे उठा तो देखा कि रामबाई अपने घर में नहीं दिख रही है, तब उसने गुलाब सिंह को बताया कि कल सुरेश और फूलसिंह ने रामबाई के साथ मारपीट की है और वह आज दिख नहीं रही है। तब गुलाब और भीखम सिंह उपसरपंच के घर गए और घटना के बारे में बताया। उपसरपंच ने कहा कि आस-पास के लोगों को इकट्ठा कर लो, मैं आ रहा हूं। उपसरपंच तथा अन्य लोगों के साथ रामबाई के घर आए तो देखा कि रामबाई घर के सामने परछी के नीचे खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थी। तब उपसरपंच ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर थाना जैतहरी में अपराध क्रमांक 260/26 धारा 103(1), 3(5) B.N.S. कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी सुरेश सिंह गोंड़ पिता बुद्धू सिंह गोंड़ उम्र 25 वर्ष एवं फूल सिंह गोंड़ पिता स्व. रामकृपाल सिंह उम्र 34 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम केरहा भेलमा, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर (म.प्र.) को गिरफ्तार किया जाकर घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त की गई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया - रामबाई सिंह गोंड़ रिश्ते में हमारी बड़का दाई (बड़ी मां) लगती है, जो जादू-टोना करना जानती थी। कुछ दिन पहले हमसे बोली थी कि अब तीन आदमी सुरेश, फूलसिंह और रामकृपाल बचे हैं, इनमें से किसी एक की मृत्यु एक माह के अंदर हो जाएगी। पिछले वर्ष बुद्धू सिंह (सुरेश सिंह गोंड़ के पिता) की मृत्यु हो गई थी और लगभग एक माह पहले रामकृपाल (फूल सिंह के पिता) की मृत्यु हो जाने से हमें पूरी शंका हो गई कि बड़का दाई ही ऐसा कर रही है। घर में अन्य लोगों की भी तबियत खराब रहती थी, तो हम लोग सोचे कि अब हम दोनों ही बचे हैं तो बड़का दाई हमको भी जादू-टोना से मार देगी। हम दोनों ने मिलकर बड़का दाई को मार डालने की योजना बनाकर दिनांक 02/08/2026 को समय लगभग 09.00 बजे सुबह उसके घर जान से मारने की नियत से जा रहे थे, तो बड़का दाई रामबाई अपने घर में ताला लगाकर रोपा लगाने जा रही थी, जो अपने घर से थोड़ी दूरी में कोमल सिंह के घर के पीछे खेल मैदान में मिल गई। हमने कहा कि चल बड़का दाई हमारे घर में जो जादू-टोना कर रखा है उसे ठीक कर, तो वह बोली कि मैं नहीं जाऊंगी, बोली कि अब तुम दोनों की बारी है। तब हम लोगों ने डंडे एवं लात-घूसों से रामबाई को छाती, पेट, पसलियों तथा जबड़ों में मारते रहे, जब तक वह मर नहीं गई। मरने के बाद मैं सिर तरफ पकड़ा और फूलसिंह पैर पकड़कर उठाकर उसे उसके घर के सामने बनी परछी के नीचे छोड़कर अपने घर भाग गए। उक्त कार्यवाही श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जगनाथ मरकाम, श्रीमान एसडीओपी महोदय श्री नवीन तिवारी के निर्देशन में उक्त हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी जैतहरी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, उपनिरीक्षक सुरेश अहिरवार, उपनिरीक्षक अमर लाल यादव, सउनि जय सिंह, प्र.आर. राजकुमार मार्को, आर. मनीष तोमर, आर. विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।4
- 59 फरियादें, मौके पर फैसले: जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाही पर जांच के आदेश 59 फरियादें, मौके पर फैसले: जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाही पर जांच के आदेश रोजगार सहायक पर भेदभाव के आरोप की जांच, मजदूरी भुगतान, छात्रवृत्ति और अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को आमजन के लिए राहत का मंच बन गई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की 59 शिकायतों को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त किसी भी शिकायत को लंबित नहीं रखा जाएगा और हर प्रकरण का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई में पेयजल, सड़क, बिजली, अवैध कब्जा, मजदूरी भुगतान, आम रास्ता, छात्रवृत्ति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधूरे विकास कार्यों से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। प्रत्येक शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों से जवाब तलब करते हुए निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे चर्चित मामला शहपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत करौंदी का रहा, जहां ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक पर आवास प्लस सर्वे सहित विभिन्न योजनाओं में भेदभावपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की। शिकायत को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा मुकुटपुर निवासी विशाल शर्मा की बीएसएनएल कार्य में लगी जेसीबी मशीन के लंबित भुगतान, मुडकी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाकर आम रास्ता बहाल कराने, छात्रा आराधना चंदेल की छात्रवृत्ति एवं आवास योजना की समस्या तथा बरबसपुर निवासी राजेन्द्र सिंह मरावी की तीन माह से लंबित मजदूरी भुगतान जैसी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में स्वास्थ्य सेवा की अनूठी पहल इस बार जनसुनवाई में शिकायतों के साथ स्वास्थ्य की भी चिंता की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित सभी आवेदकों एवं अधिकारी-कर्मचारियों का रक्तचाप, मधुमेह सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस पहल की लोगों ने सराहना की। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने की औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय और राहत दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का संवेदनशीलता के साथ निराकरण कर शासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करें।1
- अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो, विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....1