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1 hr ago
user_Akash Chakarwarti
Akash Chakarwarti
Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Akash Chakarwarti
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    Post by Akash Chakarwarti
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी में घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला इलाज, परिजनों ने जमकर किया हंगामा
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    मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी में घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला इलाज, परिजनों ने जमकर किया हंगामा
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पालतू मुर्गे को पकडऩे के चक्कर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरे वृद्ध ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर निकाला बाहर, लेकिन नहीं बच सकी जान पालतू मुर्गे को पकडऩे के चक्कर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरे वृद्ध ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर निकाला बाहर, लेकिन नहीं बच सकी जान नारायणगंज विकासखंड के ग्राम देवरीकला बवलिया में पालतू मुर्गे को पकडऩे के प्रयास में 60 वर्षीय गुलजार सिंह की कुएं में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी अनुसार मुर्गे को पकड़ते समय संतुलन बिगडऩे से वे 30 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में जा गिरे। हादसा देखकर ज्ञान सिंह, सचिन, राजू और घनश्याम भवेदी समेत अन्य ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने कुएं में कूदकर और रस्सी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद वृद्ध को बाहर निकाल लिया। हालांकि अत्यधिक पानी पी लेने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। निवास पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। गांव में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। 00000000000000000000000
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    पालतू मुर्गे को पकडऩे के चक्कर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरे वृद्ध
ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर निकाला बाहर, लेकिन नहीं बच सकी जान
पालतू मुर्गे को पकडऩे के चक्कर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरे वृद्ध
ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर निकाला बाहर, लेकिन नहीं बच सकी जान
नारायणगंज विकासखंड के ग्राम देवरीकला बवलिया में पालतू मुर्गे को पकडऩे के प्रयास में 60 वर्षीय गुलजार सिंह की कुएं में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी अनुसार मुर्गे को पकड़ते समय संतुलन बिगडऩे से वे 30 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में जा गिरे। हादसा देखकर ज्ञान सिंह, सचिन, राजू और घनश्याम भवेदी समेत अन्य ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने कुएं में कूदकर और रस्सी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद वृद्ध को बाहर निकाल लिया।
हालांकि अत्यधिक पानी पी लेने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। निवास पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। गांव में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत नैनपुर में कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न मिठाई बांटी, आतिशबाजी कर जताई खुशी जिला अध्यक्ष बोले– जनता ने विकास पर लगाया मुहर
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    दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत
नैनपुर में कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
मिठाई बांटी, आतिशबाजी कर जताई खुशी
जिला अध्यक्ष बोले– जनता ने विकास पर लगाया मुहर
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    Mandla, Madhya Pradesh•
    21 hrs ago
  • 1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई। पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई। किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी? यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
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    1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप
डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई।
पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई।
किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। 
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी?
यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा

बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश
डिंडौरी, 4 अगस्त।
जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बीजाडांडी में एकीकृत कृषि क्लस्टर का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न बीजाडांडी में एकीकृत कृषि क्लस्टर का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न प्रशिक्षण में सिखाए गए जीवामृत व जैविक खाद बनाने के गुर विकासखंड बीजाडांडी स्थित स्वरागिनी महिला आजीविका सीटीसी में एकीकृत कृषि क्लस्टर के तहत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चयनित 17 ग्रामों के 900 किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक खेती व जैविक खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करना था। मास्टर ट्रेनर कृषि सखी श्रीमती प्रभा तेकाम और रजनी मरावी द्वारा लगभग 20 दीदियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में सीनियर व विलेज सीआरपी को एकीकृत कृषि मॉडल, उत्पादक समूहों के गठन और उपज की उचित मूल्य पर खरीद-बिक्री की जानकारी दी गई। साथ ही, प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, मित्र कीटों के संरक्षण और प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई। इस दौरान प्रतिभागियों को जीवामृत बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर अश्वगंधा व सहजन के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में आजीविका मिशन के ब्लाक प्रबंधक साहेब लाल सूर्यवंशी, एसएडीओ संगीता श्रीवास्तव सहित कृषि, उद्यानिकी व आत्मा परियोजना के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। 00000000000000000000000000000
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    बीजाडांडी में एकीकृत कृषि क्लस्टर का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न
बीजाडांडी में एकीकृत कृषि क्लस्टर का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न
प्रशिक्षण में सिखाए गए जीवामृत व जैविक खाद बनाने के गुर
विकासखंड बीजाडांडी स्थित स्वरागिनी महिला आजीविका सीटीसी में एकीकृत कृषि क्लस्टर के तहत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चयनित 17 ग्रामों के 900 किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक खेती व जैविक खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करना था।
मास्टर ट्रेनर कृषि सखी श्रीमती प्रभा तेकाम और रजनी मरावी द्वारा लगभग 20 दीदियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में सीनियर व विलेज सीआरपी को एकीकृत कृषि मॉडल, उत्पादक समूहों के गठन और उपज की उचित मूल्य पर खरीद-बिक्री की जानकारी दी गई। साथ ही, प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, मित्र कीटों के संरक्षण और प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान प्रतिभागियों को जीवामृत बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर अश्वगंधा व सहजन के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में आजीविका मिशन के ब्लाक प्रबंधक साहेब लाल सूर्यवंशी, एसएडीओ संगीता श्रीवास्तव सहित कृषि, उद्यानिकी व आत्मा परियोजना के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो, विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....
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    अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं 
अतरिया व कूकड़ाटोला (Gadasarai) से कॉलेज पहुंच मार्ग पुलिया रास्ता को ठीक= करवाएं जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो,   विद्यार्थियों को सही शिक्षा प्राप्त हो.....
    user_Chandan Singh Maravi
    Chandan Singh Maravi
    Farmer बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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