बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।4
- सीईओ जिला पंचायत ने जनसुनवाई में सुनी लोगों की समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश शहडोल -कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत पोंगरी निवासी बब्बू बैगा ने प्राथमिक शाला बैगान टोला के नवीन भवन निर्माण, शहडोल नंबर 8/6 निवासी सुभाष गुप्ता ने राशन दिलाए जाने, ग्राम मौहार टोला निवासी रामसुहान गौतम ने रास्ते से अतिक्रमण हटाए जाने, शहडोल निवासी विजयपाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने तथा पुरानी बस्ती शहडोल निवासी देवदास चौधरी ने गरीबी रेखा राशन कार्ड में नाम जुड़वाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रेषित करते हुए शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अन्तोनिआ एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, पहली कार्यसमिति का सर्वसम्मति से गठन मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत पंजीयन के बाद मंदिर प्रबंधन में नई व्यवस्था लागू, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा पारदर्शी संचालन कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। मां काली मंदिर सिंहपुर में नई व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगा दान और आय-व्यय का हिसाब लोक न्यास बना मां काली मंदिर सिंहपुर, पारदर्शी प्रबंधन की शुरुआत शहडोल के मां काली मंदिर सिंहपुर में ऐतिहासिक फैसला, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा संचालन मां काली मंदिर सिंहपुर के विकास को नई दिशा, पहली ट्रस्ट कार्यसमिति ने संभाली जिम्मेदारी एंकर शहडोल जिले के सिंहपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत "मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल" का विधिवत पंजीयन कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रस्ट की पहली कार्यसमिति का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया है। अब मंदिर की आय-व्यय का संचालन ऑनलाइन बैंक खाते और QR स्कैनर के माध्यम से किया जाएगा। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंजीयक लोक न्यास, सोहागपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल का मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत विधिवत पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रमाणपत्र 27 जुलाई 2026 को जारी किया गया। सदस्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 जुलाई 2026 को प्रथम सामान्य सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से पहली कार्यसमिति का गठन किया गया। कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। पंजीयक लोक न्यास द्वारा जारी आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर के नाम से अविलंब बैंक खाता खोला जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए QR स्कैनर स्थापित किया जाए। अब मंदिर की समस्त आय-व्यय ऑनलाइन बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से संचालित होगी, जिससे आर्थिक लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। आदेश में तहसीलदार सोहागपुर एवं नायब तहसीलदार सिंहपुर को भी मंदिर ट्रस्ट के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर के धार्मिक, सामाजिक एवं विकास कार्यों को संस्थागत और व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।4
- सावन के प्रथम सोमवार को शिव मंदिर में भक्तों लगी भीड़ हर्ष के साथ बनाया सावन का सोमवार1
- दतिया में कांग्रेस की 'ऐतिहासिक' जीत पर शहडोल में जश्न* अजय अवस्थी बोले— "भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ स्पष्ट जनादेश" शहडोल।दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की प्रचंड जीत का असर शहडोल में भी देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में गांधी चौक पर इस शानदार विजय का जोरदार जश्न मनाया गया। जश्न के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी जताई और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर जीत की बधाई दी। इस दौरान पूरा गांधी चौक कांग्रेस समर्थित नारों से गूंज उठा। "जनता का भरोसा और विकास की जीत": अजय अवस्थी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा दतिया की प्रबुद्ध जनता ने लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास पर मुहर लगाते हुए घनश्याम सिंह जी को विजयी बनाया है। यह जीत महज एक प्रत्याशी की नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता की आकांक्षाओं और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आया एक स्पष्ट जनादेश है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और दतिया का यह परिणाम भविष्य की राजनीति का स्पष्ट संकेत है। कांग्रेस हमेशा की तरह किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखेगी। विभिन्न संगठनों की रही मौजूदगी इस अवसर पर ब्लॉक एवं मंडल कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI), महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी जीत से क्षेत्र के विकास को एक नया आयाम मिलेगा। 3
- 59 फरियादें, मौके पर फैसले: जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाही पर जांच के आदेश 59 फरियादें, मौके पर फैसले: जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाही पर जांच के आदेश रोजगार सहायक पर भेदभाव के आरोप की जांच, मजदूरी भुगतान, छात्रवृत्ति और अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को आमजन के लिए राहत का मंच बन गई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की 59 शिकायतों को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त किसी भी शिकायत को लंबित नहीं रखा जाएगा और हर प्रकरण का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई में पेयजल, सड़क, बिजली, अवैध कब्जा, मजदूरी भुगतान, आम रास्ता, छात्रवृत्ति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधूरे विकास कार्यों से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। प्रत्येक शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों से जवाब तलब करते हुए निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे चर्चित मामला शहपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत करौंदी का रहा, जहां ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक पर आवास प्लस सर्वे सहित विभिन्न योजनाओं में भेदभावपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की। शिकायत को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा मुकुटपुर निवासी विशाल शर्मा की बीएसएनएल कार्य में लगी जेसीबी मशीन के लंबित भुगतान, मुडकी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाकर आम रास्ता बहाल कराने, छात्रा आराधना चंदेल की छात्रवृत्ति एवं आवास योजना की समस्या तथा बरबसपुर निवासी राजेन्द्र सिंह मरावी की तीन माह से लंबित मजदूरी भुगतान जैसी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में स्वास्थ्य सेवा की अनूठी पहल इस बार जनसुनवाई में शिकायतों के साथ स्वास्थ्य की भी चिंता की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित सभी आवेदकों एवं अधिकारी-कर्मचारियों का रक्तचाप, मधुमेह सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस पहल की लोगों ने सराहना की। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने की औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय और राहत दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का संवेदनशीलता के साथ निराकरण कर शासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करें।1
- बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग उमरिया तपस गुप्ता बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में एक युवा बाघ का शव मिलने से वन विभाग सतर्क हो गया है। बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। वन विभाग ने मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद विसरा नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वन विभाग के अनुसार, 3 अगस्त की दोपहर नियमित गश्त के दौरान मानपुर बफर परिक्षेत्र के बीट मानपुर में गश्ती दल को एक बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आसपास के पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और विस्तृत निरीक्षण शुरू किया। देर शाम होने के कारण शव को रातभर कड़ी निगरानी में घटनास्थल पर ही रखा गया। अगले दिन 4 अगस्त को जांच अभियान और तेज कर दिया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से आसपास के जंगल में सघन तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई ताकि किसी फंदे, हथियार या अन्य संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही हाथियों की मदद से भी आसपास के जंगल का व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय सेंगर ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया। परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया अवैध शिकार की आशंका मजबूत नहीं मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ की अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष है, जबकि उसका लिंग स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक विसरा नमूने एकत्र कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित मानक कार्यप्रणाली के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान NTCA के प्रतिनिधि अक्षय दलवी, नायब तहसीलदार, जनप्रतिनिधि तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। तब तक वन विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।1