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Rajan Singh
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- सीतापुर जिले मे राम कृष्ण बाजपेई के नेतृत्व मे सामाजिक कार्यकर्ताओ की सेवार्थ एक बड़ी पहल गौ सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है, इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए जनपद के नंदी गौशाला में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा हरे चारे का प्रबंध किया गया। पिछले कई दिनों से जारी इस मुहिम के तहत हर रविवार को गौवंश के लिए हरे चारे एवं पौष्टिक आहार की व्यवस्था की जा रही है ।2
- Post by Rajan Singh1
- सीतापुर में कोतवाली नगर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक विचाराधीन बंदी न्यायालय अभिरक्षा से फरार हो गया। जिला जेल से पेशी पर लाए गए बंदी को पॉक्सो कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। पेशी के दौरान वापस आते ही बंदी पुलिस अभिरक्षा से चकमा देकर फरार हो गया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। फरार बंदी की पहचान रोहित मारुति पुत्र स्वर्गीय रामू निवासी मछली मंडी, कोतवाली नगर क्षेत्र के रूप में हुई है। कोतवाली नगर इलाके से आरोपी को 21 जनवरी 2026 को नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप में गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। बताया जा रहा है कि रोहित मारुति पर पहले से ही चोरी के कई पुराने मुकदमे दर्ज हैं।1
- आदिवासी महिला पर हुए दुष्कर्म के मामले पुलिस के हथकंडों पर हाथ किसका* *🚨पत्रकार उमेश चौधरी 🚨* *निर्भीकता से कोई समझौता नहीं* खबर/मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर मजदूरी करने वाली एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे बहाने से बुलाकर बेहोश किया और फिर एक होटल में ले जाकर जबरन शारीरिक शोषण किया। होश में आने पर आरोपी ने उसके पति और उसे जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह डर के कारण चुप रही।बताया गया कि घटना के समय पीड़िता का पति बाहर मजदूरी कर रहा था। पति के लौटने के बाद जब दोनों ने आरोपी से बात की तो उन्हें जातिसूचक गालियां और धमकियां दी गईं। इसके बाद दंपति ने रामनगर थाने में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया।पीड़िता और उसके पति ने अब पुलिस अधीक्षक से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला पुलिस की संवेदनशीलता और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- लखीमपुर खीरी। दबंग ने पहले शटर बंद कर दुकान के अंदर पीटने का प्रयास किया लेकिन युवक किसी तरह भाग निकला। दबंग ने सड़क पर कॉलर पकड़ कर युवक को घसीटा। घसीटने के बाद लात घुसो थप्पड़ों से जमकर की धुनाई। फिर भी दबंग का दिल नहीं भरा तो युवक को रोड पर घसीट घसीट कर पीटता रहा,* *चारों तरफ खड़ी भीड़ बनी तमाशाबीन,* *पीड़ित का आरोप पुलिस ने कार्रवाई नहीं सिर्फ खानापूर्ति कर पल्ला झाड़ लिया। दबंग जान से मारने की कोशिश कर रहा है। पुलिसिया कार्यवाही से पीड़ित परेशान, मझगई थाना क्षेत्र के ग्रामपंचायत छेदुई पतियां का मामला। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- दुधवा रोड पर खाद्य सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियां, फूड विभाग फेर रहा नजरें पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर के दुधवा रोड पर संचालित होटलों में मानक के विपरीत भोजन परोसे जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है, लेकिन हैरत की बात यह है कि अब तक फूड विभाग की नजर इन पर नहीं पड़ी। नगर की प्रमुख सड़क पर दर्जनों होटल व ढाबे संचालित हो रहे हैं, जहां न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इन होटलों में घटिया गुणवत्ता का खाना परोसकर ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके अलावा यहां आने वाले ग्राहकों से खुलेआम मनमाने ढंग से कीमत वसूली की जा रही है। यही हाल दुधवा रोड पर ग्राम वंशीनगर में स्थित महक फैमिली रेस्टोरेंट का है। यहां एक साधारण रोटी के 20 रुपये वसूले जा रहे हैं और वही रोटी मक्खन लगाकर 25 रुपये की दी जा रही है, जबकि अन्य होटलों पर मक्खन की एक टिक्की 15 रुपये की होती है, जो कम से कम चार रोटियों में लग जाती है। पलिया नगर के किसी भी होटल में इतना अधिक पैसा नहीं लिया जाता है। हर होटल में 10 रुपये की रोटी दी जाती है और मक्खन लगाकर वही 15 रुपये की होती है। पलिया में सबसे मसहूर और स्वादिष्ट खाना परोसने वाले मिलन होटल पर भी 10 रुपये की सादा और 15 रुपये की मक्खन रोटी दी जाती है और अरहर की हाफ दाल 60 रुपये की मिलती है, लेकिन महक फैमिली रेस्टोरेंट पर दाल भी 120, 150 रुपये में दी जाती है, जो प्योर अरहर की होती भी नहीं है। इसके अलावा एक क्वाटर चावल की कीमत 30 रुपये वसूली जा रही है, जबकि अन्य होटलों पर क्वाटर चावल की कीमत 15 रुपये होती है। कुल मिलाकर यहां पर खुलेआम जनता से लूट की जा रही है और फूड विभाग मौन साधे हुए है। बता दें कि दुधवा राष्ट्रीय उद्यान को जाने वाले इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक गुजरते हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाकर होटल संचालक जमकर लूट कर रहे हैं। पर्यटक भी मजबूरी में महंगे दाम चुकाने को विवश हैं, क्योंकि आसपास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। फूड विभाग की निष्क्रियता के चलते होटल संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे नियमों को ताक पर रखकर कारोबार कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दुधवा रोड पर संचालित सभी होटलों की सघन जांच कराई जाए, खाद्य गुणवत्ता की जांच हो तथा मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यटकों और आम लोगों को राहत मिल सके।1
- डायल-112 सेवा को मिली नई रफ्तार, सीतापुर पुलिस के बेड़े में शामिल हुईं 10 नई मोटरसाइकिलें सीतापुर। जनपद में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से 10 नई मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्हें जनपदीय डायल-112 स्क्वाड में शामिल किया गया।1
- सीतापुर के थाना सदरपुर में रास्ते को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट दोनों पक्ष गंभीर रूप से घायल पुलिस कर रही मामले की जांच1
- मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी): जनपद लखीमपुर खीरी के कस्बा मोहम्मदी में डिजिटल लेन-देन के नाम पर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से आए एक शातिर ठग ने QR कोड का सहारा लेकर जनसेवा केंद्र संचालक से सरेआम ₹15 हजार की ठगी कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के गुरेला चौराहा (बरवर रोड) का है। यहाँ आकाश नामक युवक जनसेवा केंद्र चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। पीड़ित के अनुसार, 03 फरवरी 2026 की दोपहर करीब 3:20 बजे एक अज्ञात युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचा। उस समय दुकान पर अन्य ग्राहक भी मौजूद थे। इसी भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी ने बातचीत में उलझाते हुए दो अलग-अलग QR कोड दिखाए और पैसे ट्रांसफर करने को कहा। व्यापारिक विश्वास में आकर आकाश ने पहले QR कोड पर ₹10 हजार और दूसरे QR कोड पर ₹5 हजार ट्रांसफर कर दिए। जैसे ही कुल ₹15 हजार का ट्रांजैक्शन पूरा हुआ, आरोपी बिना कोई नकद राशि दिए अपनी गाड़ी स्टार्ट कर मौके से फरार हो गया। घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी जिस वाहन से आया था, उस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई है, लेकिन वाहन की पहचान न हो पाने से पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचना चुनौती बन गया है। पीड़ित दुकानदार ने कोतवाली मोहम्मदी में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दी है। आकाश का कहना है कि यदि डिजिटल लेन-देन में इस तरह की घटनाएं बढ़ती रहीं तो छोटे दुकानदार और जनसेवा केंद्र संचालक ऑनलाइन सेवाओं से दूरी बनाने को मजबूर हो जाएंगे। इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं— बिना नंबर की गाड़ियां सड़कों पर कैसे बेखौफ घूम रही हैं? डिजिटल भुगतान की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? और क्या अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है? फिलहाल मोहम्मदी पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। वहीं, यह घटना क्षेत्र के व्यापारियों के लिए सतर्क रहने का बड़ा संदेश भी बनकर सामने आई है।1