कछार में वर्षों से फल-फूल रहा गोतस्करी का धंधा, कार्रवाई में जुटी पुलिस कई थाना क्षेत्रों में बंटे कछार का फायदा उठा रहे तस्कर, सामूहिक जिम्मेदारी की आड़ में कार्रवाई से बच निकलने का आरोप। हंडिया। धोकरी-लीलापुर कछार क्षेत्र में गोतस्करी का धंधा लंबे समय से चलने का आरोप है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस धंधे में स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों के साथ ही बाहरी लोगों का भी नेटवर्क जुड़ा है। कछार क्षेत्र के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बंटे होने का फायदा भी गोतस्करों को मिलने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सामूहिक जिम्मेदारी की व्यवस्था के कारण गोतस्करी में शामिल लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। धोकरी-लीलापुर कछार का इलाका उतरांव, हंडिया और सरायइनायत थाना क्षेत्रों में विभाजित है। कछार के कई हिस्से रात के समय सुनसान रहते हैं। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर गोतस्कर रात में सक्रिय हो जाते हैं। गोवंशों को सुनसान स्थानों पर ले जाकर उन्हें वाहनों में लादकर दूसरे स्थानों पर भेजे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ स्थानों पर गोवंश काटे जाने और मौके पर अवशेष छोड़कर मांस ले जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। पहले रेकी, फिर सुनसान स्थानों पर वाहनों में लोड करने का आरोप। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोतस्करी में शामिल लोग पहले गांवों और कछार क्षेत्र में घूमकर गोवंशों की रेकी करते हैं। इसके बाद रमईपुर, बड़ेरा, संग्रामपट्टी और जमशेदपुर समेत अन्य गांवों के सुनसान इलाकों को चिह्नित कर गोवंशों को वाहनों में लादकर बाहर भेजे जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ स्थानों पर बाहर से आने वाले लोग गोवंशों को काटकर मांस ले जाते हैं और अवशेष वहीं छोड़ देते हैं। कई थानों की सीमा बना तस्करों के लिए सहूलियत। कछार का इलाका तीन थाना क्षेत्रों में बंटा होने के कारण पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की जानकारी होने पर संबंधित थाना क्षेत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट होने में समय लग जाता है। इसी बीच तस्कर मौके से निकल जाते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से कछार क्षेत्र में संयुक्त निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्पेशल टीम गठित कर हो कार्रवाई। ग्रामीणों ने गोतस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उतरांव, हंडिया और सरायइनायत पुलिस की संयुक्त स्पेशल टीम गठित करने की मांग की है। टीम को कछार क्षेत्र में नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और सूचना तंत्र मजबूत करने की जिम्मेदारी दिए जाने की मांग है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तीनों थाना क्षेत्रों की संयुक्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कछार में सक्रिय नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
कछार में वर्षों से फल-फूल रहा गोतस्करी का धंधा, कार्रवाई में जुटी पुलिस कई थाना क्षेत्रों में बंटे कछार का फायदा उठा रहे तस्कर, सामूहिक जिम्मेदारी की आड़ में कार्रवाई से बच निकलने का आरोप। हंडिया। धोकरी-लीलापुर कछार क्षेत्र में गोतस्करी का धंधा लंबे समय से चलने का आरोप है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस धंधे में स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों के साथ ही बाहरी लोगों का भी नेटवर्क जुड़ा है। कछार क्षेत्र के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बंटे होने का फायदा भी गोतस्करों को मिलने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सामूहिक जिम्मेदारी की व्यवस्था के कारण गोतस्करी में शामिल लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। धोकरी-लीलापुर कछार का इलाका उतरांव, हंडिया और सरायइनायत थाना क्षेत्रों में विभाजित है। कछार के कई हिस्से रात के समय सुनसान रहते हैं। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर गोतस्कर रात में सक्रिय हो जाते हैं। गोवंशों को सुनसान स्थानों पर ले जाकर उन्हें वाहनों में लादकर दूसरे स्थानों पर भेजे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ स्थानों पर गोवंश काटे जाने और मौके पर अवशेष छोड़कर मांस ले जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। पहले रेकी, फिर सुनसान स्थानों पर वाहनों में लोड करने का आरोप। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोतस्करी में शामिल लोग पहले गांवों और कछार क्षेत्र में घूमकर गोवंशों की रेकी करते हैं। इसके बाद रमईपुर, बड़ेरा, संग्रामपट्टी और जमशेदपुर समेत अन्य गांवों के सुनसान इलाकों को चिह्नित कर गोवंशों को वाहनों में लादकर बाहर भेजे जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ स्थानों पर बाहर से आने वाले लोग गोवंशों को काटकर मांस ले जाते हैं और अवशेष वहीं छोड़ देते हैं। कई थानों की सीमा बना तस्करों के लिए सहूलियत। कछार का इलाका तीन थाना क्षेत्रों में बंटा होने के कारण पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की जानकारी होने पर संबंधित थाना क्षेत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट होने में समय लग जाता है। इसी बीच तस्कर मौके से निकल जाते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से कछार क्षेत्र में संयुक्त निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्पेशल टीम गठित कर हो कार्रवाई। ग्रामीणों ने गोतस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उतरांव, हंडिया और सरायइनायत पुलिस की संयुक्त स्पेशल टीम गठित करने की मांग की है। टीम को कछार क्षेत्र में नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और सूचना तंत्र मजबूत करने की जिम्मेदारी दिए जाने की मांग है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तीनों थाना क्षेत्रों की संयुक्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कछार में सक्रिय नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
- Post by Raju Yadav1
- कछार में वर्षों से फल-फूल रहा गोतस्करी का धंधा, कार्रवाई में जुटी पुलिस कई थाना क्षेत्रों में बंटे कछार का फायदा उठा रहे तस्कर, सामूहिक जिम्मेदारी की आड़ में कार्रवाई से बच निकलने का आरोप। हंडिया। धोकरी-लीलापुर कछार क्षेत्र में गोतस्करी का धंधा लंबे समय से चलने का आरोप है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस धंधे में स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों के साथ ही बाहरी लोगों का भी नेटवर्क जुड़ा है। कछार क्षेत्र के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बंटे होने का फायदा भी गोतस्करों को मिलने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सामूहिक जिम्मेदारी की व्यवस्था के कारण गोतस्करी में शामिल लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। धोकरी-लीलापुर कछार का इलाका उतरांव, हंडिया और सरायइनायत थाना क्षेत्रों में विभाजित है। कछार के कई हिस्से रात के समय सुनसान रहते हैं। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर गोतस्कर रात में सक्रिय हो जाते हैं। गोवंशों को सुनसान स्थानों पर ले जाकर उन्हें वाहनों में लादकर दूसरे स्थानों पर भेजे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ स्थानों पर गोवंश काटे जाने और मौके पर अवशेष छोड़कर मांस ले जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। पहले रेकी, फिर सुनसान स्थानों पर वाहनों में लोड करने का आरोप। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोतस्करी में शामिल लोग पहले गांवों और कछार क्षेत्र में घूमकर गोवंशों की रेकी करते हैं। इसके बाद रमईपुर, बड़ेरा, संग्रामपट्टी और जमशेदपुर समेत अन्य गांवों के सुनसान इलाकों को चिह्नित कर गोवंशों को वाहनों में लादकर बाहर भेजे जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ स्थानों पर बाहर से आने वाले लोग गोवंशों को काटकर मांस ले जाते हैं और अवशेष वहीं छोड़ देते हैं। कई थानों की सीमा बना तस्करों के लिए सहूलियत। कछार का इलाका तीन थाना क्षेत्रों में बंटा होने के कारण पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की जानकारी होने पर संबंधित थाना क्षेत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट होने में समय लग जाता है। इसी बीच तस्कर मौके से निकल जाते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से कछार क्षेत्र में संयुक्त निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्पेशल टीम गठित कर हो कार्रवाई। ग्रामीणों ने गोतस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उतरांव, हंडिया और सरायइनायत पुलिस की संयुक्त स्पेशल टीम गठित करने की मांग की है। टीम को कछार क्षेत्र में नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और सूचना तंत्र मजबूत करने की जिम्मेदारी दिए जाने की मांग है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तीनों थाना क्षेत्रों की संयुक्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कछार में सक्रिय नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल होगा।1
- गोवध के मामले में तीन वांछित गिरफ्तार, चापड़ व गोवंश की खाल बरामद हंडिया। थाना हंडिया पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम से संबंधित मामले में तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तीन चापड़, दो लकड़ी के ठीहे, गोवंश की खाल तथा मांस बेचकर प्राप्त शेष 880 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, चौरा बड़ैरा निवासी नागेश कुमार त्रिपाठी की गाय तीन सितंबर को खूंटे से बंधी अवस्था में गायब हो गई थी। खोजबीन के दौरान उसके अवशेष बजहा मिश्रान क्षेत्र में झाड़ियों के पास स्थित कुएं के निकट मिले। तहरीर के आधार पर छह सितंबर को हंडिया थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस ने सात सितंबर को बजहा मिश्रान के पास से सागर शुक्ला उर्फ छोटू, रचना शुक्ला उर्फ रंजना और अनीता शुक्ला को गिरफ्तार किया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आयुध अधिनियम की धारा भी बढ़ाई गई है। नामजद अभियुक्त रज्जन शुक्ला और अंकित शुक्ला की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त हंडिया के नेतृत्व में थाना हंडिया पुलिस टीम ने की। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की।1
- प्रयागराज में बड़ा फर्जीवाड़ा: टैगोर टाउन स्थित प्राइम प्राइम इलेक्ट्रॉराइड शोरूम पर जनता को ठगने और भारी वित्तीय धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रयागराज में बड़ा फर्जीवाड़ा: टैगोर टाउन स्थित प्राइम प्राइम इलेक्ट्रॉराइड शोरूम पर जनता को ठगने और भारी वित्तीय धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।1
- प्रयागराज के हंडिया में गाय चोरी और गौकशी का पर्दाफाश, मां-बेटी समेत तीन गिरफ्तार प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र में गाय चोरी और गौकशी के आरोप में पुलिस ने मां-बेटी और बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से छोटे-बड़े चाकू भी बरामद किए हैं। पीड़ित के अनुसार करीब 75 हजार रुपये की गाय चोरी के बाद जंगल में उसके अवशेष मिले थे।1
- गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है । गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है ।1
- मेजा के सिलौधी कला ग्राम पंचायत के नयी गढी सोनवर्षी में सम्पर्क मार्ग के लिये भारतीय किसान यूनियन किसान संगठन ने एक दिवसीय धरने के बाद सौपा ज्ञापन। कल से शुरू होगा रोड का काम ।3
- प्रयागराज सराय इनायत थाना क्षेत्र सरपतीपुर गांव में महिला के साथ किया गया मारपीट सरायइनायत थाने मैं प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग1